फर्जी UPSC टॉपर की हेकड़ी निकली , जांच में खुला सच तो पुलिस ने किया गिरफ्तार! बिहार की मशहूर एक कहावत है! एक बिहारी सब पर भारी लेकिन यह भारीपन तभी मायने रखता है जब उसके पीछे मेहनत, ईमानदारी और सच्चाई हो। वरना झूठ की बनाई हुई पहचान ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाती।यह घटना सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के लिए एक आईना है! जो बताता है कि झूठ की नींव पर खड़ा कोई भी महल ज्यादा समय तक खड़ा नहीं रह सकता।साथ ही यह घटना समाज के लिए एक गहरा संदेश भी छोड़ती है की सम्मान और सफलता पाने का रास्ता हमेशा सच्चाई और मेहनत से होकर जाता है, झूठ और दिखावे से नहीं। कुछ समय के लिए भले ही झूठ की चमक लोगों को प्रभावित कर दे, लेकिन सच्चाई देर सवेर सामने आ ही जाती है। आइए अब आपको पुरी खबर विस्तार से बताते हैँ! मामला शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड के फुलचोढ़ गांव निवासी रंजीत यादव का है। उसने सोशल मीडिया और आसपास के लोगों के बीच यह दावा किया कि उसने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में करीब 470वीं रैंक हासिल की है। यह खबर फैलते ही इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई और कई जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उसे बधाई देने उसके घर पहुंच गए।बताया जाता है कि स्थानीय लोगों के साथ साथ कुछ जनप्रतिनिधियों और थाना पुलिस ने भी उसे बधाई दी। यहां तक कि थाने में बुलाकर माला पहनाकर मिठाई खिलाई गई और उसे जिले का गौरव बताया गया। एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि जांच के बाद आरोपी को शहर के कॉलेज मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। लेकिन बिहार में एक बार फिर ऐसी घटना सामने आई है जिसने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। कभी खुद को UPSC टॉपर बताकर सम्मान और वाहवाही बटोरने वाला युवक अब सलाखों के पीछे है। पुलिस जांच में जब सच्चाई सामने आई तो उसके झूठ का पूरा साम्राज्य ढह गया और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जाता है कि युवक ने खुद को UPSC परीक्षा का टॉपर बताकर समाज में बड़ी पहचान बना ली थी। जगह जगह कार्यक्रमों में उसे बुलाया जाता था, मंच पर सम्मानित किया जाता था और लोग उसे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानने लगे थे। इस दौरान उसने खूब भौकाल भी बनाया और अपने झूठ के सहारे समाज में प्रतिष्ठा हासिल करता रहा। लेकिन कहते हैं ना कि झूठ ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सकता। जब उसके दावों पर लोगों को शक हुआ तो मामले की जांच शुरू हुई। जांच में धीरे धीरे परतें खुलती चली गईं और पता चला कि उसका UPSC से कोई लेना देना ही नहीं है। जिस सफलता की कहानी वह लोगों को सुनाता था, वह पूरी तरह झूठ और दिखावे पर आधारित थी। जैसे ही यह सच सामने आया, लोगों में हैरानी और आक्रोश दोनों देखने को मिला। जिन लोगों ने उसे मंचों पर सम्मानित किया था, वे भी खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगे। आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। बिहार के लोगों के बीच अक्सर कहा जाता है! एक बिहारी सब पर भारी” लेकिन इस घटना ने उस कहावत को भी शर्मिंदा कर दिया। मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ने वाले युवाओं के बीच इस तरह का फर्जीवाड़ा समाज के लिए एक गलत संदेश देता है। हालांकि इस पूरे मामले ने एक बड़ा सबक भी दिया है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। झूठ और दिखावे से कुछ समय के लिए तालियां तो मिल सकती हैं, लेकिन सच्चाई सामने आते ही वही तालियां सवालों में बदल जाती हैं। अब पुलिस की गिरफ्त में आए इस युवक की हेकड़ी भी उतर चुकी है। जो कभी मंचों पर सम्मान लेकर गर्व महसूस करता था, आज वही कानून के शिकंजे में है! यह घटना हम सभी के लिए एक सीख है कि हमें किसी की उपलब्धि पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। साथ ही युवाओं को भी समझना होगा कि असली सम्मान सिर्फ मेहनत, ईमानदारी और संघर्ष से ही मिलता है, झूठ और दिखावे से नहीं। क्योंकि आखिर में सच ही जीतता है और झूठ का नकाब एक दिन जरूर उतर जाता है।
फर्जी UPSC टॉपर की हेकड़ी निकली , जांच में खुला सच तो पुलिस ने किया गिरफ्तार! बिहार की मशहूर एक कहावत है! एक बिहारी सब पर भारी लेकिन यह भारीपन तभी मायने रखता है जब उसके पीछे मेहनत, ईमानदारी और सच्चाई हो। वरना झूठ की बनाई हुई पहचान ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाती।यह घटना सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के लिए एक आईना है! जो बताता है कि झूठ की नींव पर खड़ा कोई भी महल ज्यादा समय तक खड़ा नहीं रह सकता।साथ ही यह घटना समाज के लिए एक गहरा संदेश भी छोड़ती है की सम्मान और सफलता पाने का रास्ता हमेशा सच्चाई और मेहनत से होकर जाता है, झूठ और दिखावे से नहीं। कुछ समय के लिए भले ही झूठ की चमक लोगों को प्रभावित कर दे, लेकिन सच्चाई देर सवेर सामने आ ही जाती है। आइए अब आपको पुरी खबर विस्तार से बताते हैँ! मामला शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड के फुलचोढ़ गांव निवासी रंजीत यादव का है। उसने सोशल मीडिया और आसपास के लोगों के बीच यह दावा किया कि उसने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में करीब 470वीं रैंक हासिल की है। यह खबर फैलते ही इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई और कई जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उसे बधाई देने उसके घर पहुंच गए।बताया जाता है कि स्थानीय लोगों के साथ साथ कुछ जनप्रतिनिधियों और थाना पुलिस ने भी उसे बधाई दी। यहां तक कि थाने में बुलाकर माला पहनाकर मिठाई खिलाई गई और उसे जिले का गौरव बताया गया। एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि जांच के बाद आरोपी को शहर के कॉलेज मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। लेकिन बिहार में एक बार फिर ऐसी घटना सामने आई है जिसने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। कभी खुद को UPSC टॉपर बताकर सम्मान और वाहवाही बटोरने वाला युवक अब सलाखों के पीछे है। पुलिस जांच में जब सच्चाई सामने आई तो उसके झूठ का पूरा साम्राज्य ढह गया और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जाता है कि युवक ने खुद को UPSC परीक्षा का टॉपर बताकर समाज में बड़ी पहचान बना ली थी। जगह जगह कार्यक्रमों में उसे बुलाया जाता था, मंच पर सम्मानित किया जाता था और लोग उसे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानने लगे थे। इस दौरान उसने खूब भौकाल भी बनाया और अपने झूठ के सहारे समाज में प्रतिष्ठा हासिल करता रहा। लेकिन कहते हैं ना कि झूठ ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सकता। जब उसके दावों पर लोगों को शक हुआ तो मामले की जांच शुरू हुई। जांच में धीरे धीरे परतें खुलती चली गईं और पता चला कि उसका UPSC से कोई लेना देना ही नहीं है। जिस सफलता की कहानी वह लोगों को सुनाता था, वह पूरी तरह झूठ और दिखावे पर आधारित थी। जैसे ही यह सच सामने आया, लोगों में हैरानी और आक्रोश दोनों देखने को मिला। जिन लोगों ने उसे मंचों पर सम्मानित किया था, वे भी खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगे। आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। बिहार के लोगों के बीच अक्सर कहा जाता है! एक बिहारी सब पर भारी” लेकिन इस घटना ने उस कहावत को भी शर्मिंदा कर दिया। मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ने वाले युवाओं के बीच इस तरह का फर्जीवाड़ा समाज के लिए एक गलत संदेश देता है। हालांकि इस पूरे मामले ने एक बड़ा सबक भी दिया है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। झूठ और दिखावे से कुछ समय के लिए तालियां तो मिल सकती हैं, लेकिन सच्चाई सामने आते ही वही तालियां सवालों में बदल जाती हैं। अब पुलिस की गिरफ्त में आए इस युवक की हेकड़ी भी उतर चुकी है। जो कभी मंचों पर सम्मान लेकर गर्व महसूस करता था, आज वही कानून के शिकंजे में है! यह घटना हम सभी के लिए एक सीख है कि हमें किसी की उपलब्धि पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। साथ ही युवाओं को भी समझना होगा कि असली सम्मान सिर्फ मेहनत, ईमानदारी और संघर्ष से ही मिलता है, झूठ और दिखावे से नहीं। क्योंकि आखिर में सच ही जीतता है और झूठ का नकाब एक दिन जरूर उतर जाता है।
- Post by हेमन्त कुमार सिंह1
- अल्लाह की इबादत रहमत और बरकतों का रमजान मुबारक का महीना है। मंगलवार को 26 वां रोजा बीत गया है । जैसे-जैसे रमजान मुबारक खत्म होने जा रहा है। वैसे-वैसे ईद मुबारक नजदीक आ रहा है। ईद मुबारक की तैयारी में लोग जुट गए हैं। हाफिज मोहम्मद इकबाल ने बताया कि 29 वां रमजान मुबारक 20 मार्च शुक्रवार की शाम ईद की चांद दीदार होने की उम्मीद है । इसलिए इस बार 21 मार्च शनिवार को ईद उल फितर यानी ईद मुबारक पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा । 20 मार्च शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज अदा किया जाएगा । नवादा जिला के हिसुआ प्रखंड के तहत मंझवे के जामा मस्जिद में 21 मार्च शनिवार की सुबह 8:00 बजे ईद उल फितर यानी ईद की नमाज अदा किया जाएगा ।1
- भाई को क्या हो गया है1
- Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)1
- गया शहर के एम एस वाई रिसोर्ट में बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के गुजरात से आये श्रद्धालुओ द्वारा चार दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा हेतु जलार्पण करने रुक्मिणी सरोवर में सैकड़ों के संख्या में श्रद्धालु गाजा बाजा के साथ पहुंचे। जहाँ पर विधिवत पूजा अर्चना कर एम एस वाई रिसोर्ट खटकाचक पहुंचे। यहाँ पर प्रभु चरण स्वामी जी के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा किया जा रहा है सैकड़ो की संख्या में गुजरात से आए हुए श्रद्धालु कथा का आनंद ले रहे हैं। आपको बता दे की बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था एक प्रमुख वैश्विक हिंदू आध्यात्मिक और सामाजिक संगठन है। इस संस्था का उद्देश्य आस्था नैतिकता और निस्वार्थ सेवा का बढ़ावा देना है।1
- Post by News Of Nawada1
- गांवों में मची तैयार की धूम लोग बड़े उत्साह से ले रहे भाग1
- सबको बहुत मजा आएगा1