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✍️ पारुल सिरोही👉 D.S. न्यूज 🎤 अमित छबड़िया भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन मंत्री को किया नजरबंद
CH. PARUL SIROHI
✍️ पारुल सिरोही👉 D.S. न्यूज 🎤 अमित छबड़िया भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन मंत्री को किया नजरबंद
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- ✍️ पारुल सिरोही👉 D.S. न्यूज 🎤 अमित छबड़िया भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन मंत्री को किया नजरबंद1
- मेरठ में एक महिला ने प्रॉपर्टी डीलर और उसके भाई पर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि फ्लैट बेचने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए, लेकिन न तो फ्लैट का बैनामा किया गया और न ही रुपये लौटाए गए। आरोप है कि पैसे मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और एक झूठा मुकदमा भी दर्ज कराया गया। शिकायतकर्ता महिला ने अपनी पढ़ाई बीडीएस कालका डेंटल कॉलेज, मेरठ से की थी। कॉलेज में उनकी मुलाकात अंकित शर्मा से हुई थी। अंकित ने उन्हें अपने भाई सुभाष शर्मा से मिलवाया, जो प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। सुभाष शर्मा 125, पंचवटी एन्क्लेव, शताब्दीनगर, परतापुर, मेरठ का निवासी है। शुरुआती दौर में सुभाष ने शिकायतकर्ता को एक फ्लैट किराए पर दिलवाया था। जब महिला ने मकान खरीदने की इच्छा जताई, तो सुभाष ने उन्हें शताब्दीनगर, मेरठ के सेक्टर-4बी स्थित मकान नंबर ए-38 को 25 लाख रुपये में बेचने की पेशकश की। महिला ने सुभाष की बातों पर विश्वास करते हुए अपने, अपने पति और परिवार के सदस्यों के खातों से कुल 25 लाख रुपये सुभाष के भाई अंकित शर्मा और सुभाष के पार्टनर प्रताप मिश्रा के खातों में ट्रांसफर कर दिए। पैसे भेजने के बाद शिकायतकर्ता ने सुभाष और अंकित से बैनामे की तारीख पूछी। सुभाष ने एक सप्ताह के भीतर बैनामा कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी बैनामा नहीं हुआ। जब शिकायतकर्ता ने बार-बार बैनामे के बारे में पूछा, तो सुभाष टालमटोल करता रहा। काफी समय बीत जाने के बाद जब शिकायतकर्ता ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी, तो आरोप है कि सुभाष और अंकित ने उनके खिलाफ एक झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि सुभाष ने उन्हें और उनके पति को धमकी दी है कि यदि उन्होंने दोबारा अपने रुपये मांगे तो उन्हें जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा। इन धमकियों के बाद से शिकायतकर्ता और उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है। महिला ने बताया कि उन्होंने पहले भी इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पल्लवपुरम थाना पुलिस द्वारा उनके और उनके पति के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे में दबिश दी जा रही है। शिकायतकर्ता ने सुभाष, अंकित और प्रताप मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और उनके खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।1
- योगी आदित्यनाथ आज मेरठ में सुने उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस1
- खबर फिल्मी1
- gram Pratapur Hai Jila meerut is Gaon Mein Jo sabhasad Hai vah Kam Nahin Karvate aap dekh sakte hain ki sadken Aliya bahut hi ghatiya tarike se kam ho rakha hai yahan per jo bhi hai please main appeal Karunga Nagar Nigam se Yahan ki chijon ko thoda sa Dhyan den aapki ATI Kripa Hogi Yahan Ki Gaon ki halat bahut jyada kharab hai. is Sadak Ke Karan Kafi nuksan hota hai logon ka Bajar Pathar gharon Mein Jaate Hain Logon ke Lagte Hain Tyre ke niche Aakar ganoganoon ka truck jata hai yahan se nikal ke1
- मुजफ्फरनगर जनपद के शाहपुर विकास खंड स्थित कमालपुर ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के एक दिव्यांग व्यक्ति ने वर्तमान ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में धांधली और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि शिकायत करने के बाद से उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। पीड़ित दिव्यांग व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान द्वारा मनमाने तरीके से विकास कार्य कराए जा रहे हैं और सरकारी योजनाओं के तहत आवंटित धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इन अनियमितताओं को लेकर उसने कई बार अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने ग्राम प्रधान की इन कथित मनमानियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ लखनऊ से लेकर सहारनपुर कमिश्नर तक के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया है। पीड़ित का दावा है कि लिखित शिकायतें देने के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम प्रधान को जैसे ही शिकायत की जानकारी मिली, उसने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि प्रधान उसे शिकायत वापस न लेने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता है। दिव्यांग होने के कारण वह अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। इस मामले को लेकर गांव में ग्रामीणों के बीच चर्चाएं गर्म हैं। पीड़ित ने मुख्यमंत्री और जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों से कमालपुर में हुए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने तथा उसे और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।3
- मुजफ्फरनगर पहुंचे संगीत सोम ठाकुर पूरन सिंह को लेकर कहीं बड़ी बात1
- भारतीय किसान यूनियन (किसान सभा) की मेरठ जनपद कार्यकारिणी ने 22 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित आगमन के अवसर पर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा का आयोजन किया था। यह पदयात्रा किसान-मजदूरों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर गंग नहर (सरधना) से सालावा खेल विश्वविद्यालय तक निकाली जानी थी। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री को किसानों और मजदूरों की गंभीर समस्याओं से अवगत कराते हुए एक विधिवत ज्ञापन सौंपना था। पदयात्रा जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव के नेतृत्व में आयोजित की जा रही थी। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पदयात्रा शुरू करने के लिए सरधना नहर पर एकत्र हुए। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पदयात्रा रोके जाने के बाद जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वहीं पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज त्यागी भी धरना स्थल पर पहुंचे। मामला बिगड़ता देख उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सरधना ने तहसीलदार को मौके पर भेजा। पुलिस प्रशासन और तहसीलदार सरधना के अथक प्रयासों से स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया गया। इसके बाद संगठन की ओर से किसान-मजदूरों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन तहसीलदार सरधना को सौंपा गया। इस दौरान धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में मुंफरीद, सरफराज अंसारी, साबिर अंसारी, शराजुद्दीन, चेयरमैन सहरोज मलिक, रहीश खान, प्रमुख गुप्ता, मनोज पाल, वसीम, अश्वनी, अमित चौधरी सहित बड़ी संख्या में संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन में प्रमुख रूप से सरधना क्षेत्र की फैक्ट्रियों में आरडीएफ कचरे को जलाए जाने से फैल रहे भीषण प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया, जिससे किसान-मजदूर और आम नागरिक गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, खेतों में आवारा पशुओं के आतंक से फसलों के नष्ट होने और किसानों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। तीसरी प्रमुख समस्या मेरठ जनपद में नकली कीटनाशक दवाइयों की खुलेआम बिक्री थी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।1