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जयस ने दिया 4 सितंबर की घटना पर कार्रवाई के लिए SP को ज्ञापन
प्रकाश दोसावत
जयस ने दिया 4 सितंबर की घटना पर कार्रवाई के लिए SP को ज्ञापन
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- जयस ने दिया 4 सितंबर की घटना पर कार्रवाई के लिए SP को ज्ञापन1
- मंदसौर में SC/ST वर्ग के साथ भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार पर रोक की मांग, SP को सौंपा ज्ञापन* *मंदसौर, 04 सितंबर 2026।* समता मूलक समाज संघर्ष समिति एवं अनुसूचित जाति/जनजाति विकास परिषद जिला मंदसौर ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और उत्पीड़न की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिला अध्यक्ष एफ.सी. चौहान और युवा जिला अध्यक्ष मुकेश सूर्यवंशी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों को शोक, विवाह, मृत्यु संस्कार जैसे सामाजिक आयोजनों में शामिल होने से रोका जा रहा है। तथाकथित "शुद्धिकरण" जैसी अमानवीय प्रथाएं, श्मशान घाट, सार्वजनिक रास्ते और सामुदायिक भवनों के उपयोग से वंचित करने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि इस तरह की घटनाएं संविधान में दिए गए समानता और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन हैं और सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ती हैं। *पुलिस अधीक्षक से 7 प्रमुख मांगें रखी गईं -* 1. भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार की शिकायतों पर तत्काल FIR और निष्पक्ष जांच हो। 2. "शुद्धिकरण" और सामाजिक आयोजनों में बाधा डालने वालों पर SC/ST एक्ट सहित कठोर कानूनों में कार्रवाई हो। 3. श्मशान, कब्रिस्तान और सार्वजनिक मार्गों पर सभी को समान अधिकार मिले। 4. ग्राम पंचायतों के सार्वजनिक भवनों का उपयोग सभी जाति वर्ग के लिए सुनिश्चित हो। 5. सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशीलता से शिकायतें सुनने के निर्देश दिए जाएं। 6. संवेदनशील गांवों में जागरूकता और निगरानी अभियान चलाया जाए। 7. आगामी विवाह सीजन को देखते हुए उन गांवों को चिन्हित किया जाए जहां दलित दूल्हों को घोड़ी पर बैठने और बारात निकालने से रोका जाता है, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की शिकायत शाखा ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसकी एक प्रतिलिपि कलेक्टर महोदय मंदसौर को भी भेजी गई है। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- MP - यह मुंबई मेट्रो-3 का एयरपोर्ट टर्मिनस 1 स्टेशन है.. 😍 एयरपोर्ट तक सीधी अंडरग्राउंड टनल... मेट्रो से उतरने के बाद कहीं भी कैब लेने की ज़रूरत नहीं। चर्चगेट से सिर्फ़ 20 मिनट में एयरपोर्ट पहुँच जाते हैं। कृपया चमचों को भी दिखाये, विकास इसे कहते है । यह मुंबई मेट्रो-3 का एयरपोर्ट टर्मिनस 1 स्टेशन है.. एयरपोर्ट तक सीधी अंडरग्राउंड टनल... मेट्रो से उतरने के बाद कहीं भी कैब लेने की ज़रूरत नहीं। चर्चगेट से सिर्फ़ 20 मिनट में एयरपोर्ट पहुँच जाते हैं। कृपया चमचों को भी दिखाये, विकास इसे कहते है ।1
- सालमगढ मे बड़े धूमधाम से कृष्णा जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया गया सालमगढ मे बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है कृष्णा जन्माष्टमी का पावन पर्व श्री चारभुजा मंदिर,राम मंदिर, सांवलियाजी सेठ मंदिर को लाइटीग से सजाया गया श्री चारभुजा नाथ मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया, सांवलियाजी सेठ मंदिर पर ग्रामीणों द्वारा मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया दलोट रोड भैरवनाथ मंदिर के पास शिवालय पर मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन हेंताश चौधरी द्वारा रखा गया1
- NEWS:-श्री कृष्ण जन्माष्टमी विश्व हिन्दू परिषद स्थापना दिवस पर नगर में निकला 15वाँ भव्य चल समारोह,लवजिहाद की झांकी रही आकर्षण का केंद्र। मनासा।विश्व हिंदू परिषद श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मनासा नगर में 15वाँ विशाल चल समारोह रामपुरा नाके थाना वाले बालाजी से बजरंगदल जिला संयोजक दुर्गेश धनगर, प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन यजुर्वेदी, जिला गौ रक्षा प्रमुख राहुल कुशवाहा, विशेष संपर्क प्रमुख जगपाल फरक्या, प्रखंड मंत्री मंगल सिंह देवड़ा,प्रखंड संयोजक अनिल कुशवाह सहित प्रखंड कार्यकारिणी की उपस्थिति में पूजा अर्चना कर बजरंग दल जिला संयोजक दुर्गेश धनगर का विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस पर उद्बोधन हुआ तत्पश्चात विशाल चल समारोह की शुरुआत हुई चल समारोह का नगर में विभिन्न सामाजिक संगठन, राजनीतिक,धार्मिक संगठनो द्वारा भव्य स्वागत किया गया,समारोह में झांकिया,अखाड़े,महापुरुष,लवजिहादकी झांकी आदि आकर्षण के केंद्र रहे,समापन्न अन्नपूर्णा मंदिर पर हुआ। बजरंगदल जिला संयोजक दुर्गेश धनगर ने अपने उद्बोधन में बताया कि विश्व हिंदू परिषद विश्व का सबसे बड़ा हिंदू संगठन है जिसकी स्थापना 1964 में पूज्य स्वामी चिन्मयानन्द जी के मुंबई स्थित सांदीपनी आश्रम में 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर हुई थी। इसका उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, हिंदू धर्म की रक्षा और हिंदू समाज के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर काम करना है। विहिप ने 62 वर्षों में कई प्रमुख उपलब्धियां प्राप्त की हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार है: 1. संत संपर्क : 1966 में प्रयाग में सम्पन्न प्रथम हिन्दू सम्मेलन में सभी सम्प्रदायों के प्रमुख धर्माचार्यों व संतों ने एक मंच पर उपस्थित होकर घोषणा की 'धर्मान्तरण को रोककर, भिन्न-भिन्न कारणों से मुसलमान ईसाई बने हिन्दुओं को पुनः वापस हिन्दू धर्म में लाने का संकल्प लिया गया। 1969 में उडुपि में संत सम्मेलन हुआ जिसमें पूज्य संतों ने एक स्वर में घोषणा की हिन्दू धर्म शास्त्रों में छुआ-छूत का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने यह नारा भी दिया कि "हिन्दवाः सोदराः सर्वे न हिन्दू पतितो भवेत्, मम दीक्षा हिन्दू रक्षा मम मंत्र समानता" 1970 में असम के जोरहट शहर में हुआ पूर्वोत्तर राज्यों की हिन्दू सम्मेलन में जन जाति बंधुओं के बीच देश भर के साधू संतों ने नागा रानी गाईन्डिल्यू के साथ ये उद्धघोषणा की वनवासी बन्धु हिन्दू समाज का अनन्य हिस्सा हैं। इसके बाद मिशनरियों, अलगाववादियों के षड्यंत्रों पर विराम लगना प्रारम्भ हुआ। 2. गौरक्षा विहिप ने भारत में गौरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है। इस प्रयास के अंतर्गत, संगठन ने गोहत्या के विरोध में कानूनों को सख्ती से लागू करने के लिए अभियान चलाया है, जिसके परिणाम स्वरुप देश में गौवंश पर कड़े कानून बने हैं। गायों की रक्षा के लिए गौशालाओं की स्थापना की है। गौवंश आधारित खेती और भारतीय नस्ल की गाय का प्रचार-प्रसार बडे पैमाने पर किया जा रहा है। अवैध धर्मातरण को रोकना तथा धर्मांतरितों को स्वधर्म में वापस लाना : विहिप ने अभी तक लगभग 40 लाख से अधिक भाई बहनों को धर्म परिवर्तन से ब है तथा 9 लाख से ज्यादा हिन्दू भाईयों-बहनों को स्वधर्म में वापस लाए हैं तथा पिछले साल में 8 हजार बहनों को लव जिहाद के षड्यंत्र से बचाया है। 4 सेवा कार्य : विहिप के सेवा विभाग द्वारा संचालित 4500 सेवा प्रकल्प चलते हैं। जिनमें 31 प्रांतों के 93 स्थानों पर 840 संस्कार शालाएं संचालित है जिनमें 17000 बच्चे पढ़ते हैं। अनसुचित जनजातीय क्षेत्रों में छात्रावास संचालित होते हैं। बाढ़, भूकंप, और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय विहिप के कार्यकर्ता तन-मन-धन से राहत-सेवा कार्य करते हैं। राम जन्मभूमि आंदोलन : विहिप ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की मुक्ति के लिए व्यापक आंदोलन चलाया। इस आंदोलन के कारण 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढाँचे को हिंदू समाज ने ध्वस्त कर दिया। 2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने श्री राम जन्म भूमि के पक्ष में निर्णय दिया। श्रीराम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण हेतू श्रीराम जन्मभूमि निधि समर्पण अभियान के द्वारा पांच लाख गांव के लगभग साढ़े बारह करोड़ परिवारों से निधि एकत्र की गई। 22 जनवरी 2024 का रामलला विग्रह का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। उसी दिन दुनिया भर के लाखों मंदिरों में भव्य कार्यक्रम भी सम्पन्न हुए। 6. धार्मिक यात्रायें : 1995 में जम्मू कश्मीर में अंतकियों ने अमरनाथ यात्रा को बंद करने की धमकी देते हुए कहा था कि अगर कोई आऐगा तो वापस नहीं जाएगा। संतों के आह्वान पर विश्व हिन्दू परिषद ने इस चुनौती को स्वीकार किया और 51000 बजरंग दल के कार्यकर्ता एक लाख अन्य शिव भक्तों के साथ इस दुर्गम यात्रा पर आए। आज लाखों शिव भक्त अमरनाथ यात्रा पर आते हैं। कश्मीर में आतंकियों के भय से बूढ़ा अमरनाथ यात्रा बंद हो गई थी जो बजरंगदल के नेतृत्व में शुरू हुई।।।। कार्यक्रम में जिला गौरक्षा राहुल कुशवाह, जिला विशेष संपर्क जगपाल फरक्या प्रखंड उपाध्यक्ष जगदीश बैरागी प्रखंड सह मंत्री लक्की शर्मा, प्रखंड संयोजक अनिल कुशवाह द्ध सहसंयोजक रोहित सिंह गहलोत सावन चौहान प्रखंड गो रक्षा प्रमुख रोहित कुशवाह, विद्यार्थी प्रमुख दिनेश सेन,अमित सोनी,विनोद जगोलिया,पूरनमल शर्मा,मोहित बिड़ला,अक्षत बैरागी,संदीप नायक,राहुल प्रजापत,अमित सोनी,लोकेश कुशवाह,युवराज राठौर सहित प्रखंड,खंड के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।। कार्यक्रम का संचालन प्रखंड मंत्री मंगल सिंह देवड़ा ने किया आभार प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन यजुर्वेदी ने माना।।3
- एक कहानी..... जन्माष्टमी का मेला.1
- नीमच हुआ कृष्णमय, 1450 विद्यार्थियों ने निकाली भव्य जन्माष्टमी शोभायात्रा नीमच। जन्माष्टमी के पर्व पर नीमच में भक्ति, संस्कृति और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर की सड़कों पर निकली भव्य शोभायात्रा ने माहौल को पूरी तरह कृष्णमय कर दिया। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सीबीएसई एवं सैनिक स्कूल के करीब 1450 विद्यार्थियों ने उत्साह और उमंग के साथ जन्माष्टमी शोभायात्रा में हिस्सा लिया। शोभायात्रा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित 10 आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। बाल कृष्ण, माखन चोरी, रासलीला, कालिया नाग वध, पूतना वध, सांदीपनि आश्रम और सुदामा मिलन जैसे प्रसंगों का विद्यार्थियों ने जीवंत मंचन कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं तरंगिणी म्यूजिक ग्रुप, लेजिम गर्ल्स, दुर्गा वाहिनी और आरएसएस थीम की टुकड़ी ने शोभायात्रा में जोश और आकर्षण बढ़ाया। खाटू श्याम बाबा सहित विभिन्न संदेशपरक झांकियां भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यालय की उपप्राचार्य प्रतिभा शर्मा के अनुसार, शोभायात्रा विद्यालय परिसर से शुरू होकर विकासनगर, जैन मंदिर, समता चौराहा, गायत्री मंदिर रोड, हेमू कलानी चौराहा, कमल चौक, फव्वारा चौक, बारादरी और फोर जीरो चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। पूरे मार्ग में लोगों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। जन्माष्टमी पर निकली इस भव्य शोभायात्रा ने नीमच में धर्म, संस्कृति और भारतीय परंपराओं की जीवंत तस्वीर पेश कर दी।1
- शामगढ़ के जूनापानी तालाब के अंदर विद्युत पोल की केबल टूटने पर विद्युत विभाग के कर्मचारी भारी बारिश में भी अपना कर्तव्य निभाते हुए नजर आए कार्य करते हुए दिखाई दिए1