बिहार के बांका जिले के बाराहाट प्रखंड स्थित चंगेरी गांव में पिछले 15 दिनों से भीषण पेयजल संकट छाया हुआ है। गांव के वार्ड संख्या 2, 3 और 4 में मोटर खराब होने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ गई है, जिससे लगभग 3,000 लोग प्रभावित हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या के चलते ग्रामीणों को पानी के लिए हैंडपंपों पर घंटों लंबी कतारें लगानी पड़ रही हैं। इस स्थिति पर गुरुवार को आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों ने इस समस्या का स्थायी समाधान सुझाते हुए कहा है कि यदि वार्ड संख्या 3 में जल मीनार (ओवरहेड टैंक) का निर्माण कराया जाए, तो पेयजल संकट से निजात मिल सकती है। 15 दिनों से सूखे पड़े नलों के बीच, गांव के लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब इस गंभीर समस्या का समाधान होगा और उन्हें कब राहत मिलेगी।
बिहार के बांका जिले के बाराहाट प्रखंड स्थित चंगेरी गांव में पिछले 15 दिनों से भीषण पेयजल संकट छाया हुआ है। गांव के वार्ड संख्या 2, 3 और 4 में मोटर खराब होने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ गई है, जिससे लगभग 3,000 लोग प्रभावित हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या के चलते ग्रामीणों को पानी के लिए हैंडपंपों पर घंटों लंबी कतारें लगानी पड़ रही हैं। इस स्थिति पर गुरुवार को आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों ने इस समस्या का स्थायी समाधान सुझाते हुए कहा है कि यदि वार्ड संख्या 3 में जल मीनार (ओवरहेड टैंक) का निर्माण कराया जाए, तो पेयजल संकट से निजात मिल सकती है। 15 दिनों से सूखे पड़े नलों के बीच, गांव के लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब इस गंभीर समस्या का समाधान होगा और उन्हें कब राहत मिलेगी।
- बिहार के बांका जिले के बाराहाट प्रखंड स्थित चंगेरी गांव में पिछले 15 दिनों से भीषण पेयजल संकट छाया हुआ है। गांव के वार्ड संख्या 2, 3 और 4 में मोटर खराब होने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ गई है, जिससे लगभग 3,000 लोग प्रभावित हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या के चलते ग्रामीणों को पानी के लिए हैंडपंपों पर घंटों लंबी कतारें लगानी पड़ रही हैं। इस स्थिति पर गुरुवार को आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों ने इस समस्या का स्थायी समाधान सुझाते हुए कहा है कि यदि वार्ड संख्या 3 में जल मीनार (ओवरहेड टैंक) का निर्माण कराया जाए, तो पेयजल संकट से निजात मिल सकती है। 15 दिनों से सूखे पड़े नलों के बीच, गांव के लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब इस गंभीर समस्या का समाधान होगा और उन्हें कब राहत मिलेगी।1
- PVC सीलिंग डिजाइन, POP जिप्सम सीलिंग डिजाइन, और फूलों के बॉर्डर मोल्डिंग कार्य के लिए सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, आर्मी स्टोन सीलिंग डिजाइन का काम भी किया जाता है। दीवार पीवीसी कवर और भारत में पीवीसी सीलिंग डिजाइन कार्य से संबंधित जानकारी या सेवाओं के लिए 8238762228 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- बांका पुलिस ने अमरपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित बलिया डबल मर्डर कांड का मात्र 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने पुरानी रंजिश के कारण इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस ने तकनीकी, मानवीय और पारंपरिक अनुसंधान के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र से दबोचा। पुलिस के अनुसार, यह सनसनीखेज घटना 5 जुलाई 2026 की शाम करीब 4:30 बजे हुई थी, जब अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया-पड़ुतल्लो मार्ग पर मोटरसाइकिल से जा रहे धर्मराय गांव निवासी गुंजन कुमार सिंह (34 वर्ष) और सिट्टू कुमार (33 वर्ष) की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार, एसडीपीओ बांका और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और एफएसएल की विशेष टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद मृतक सिट्टू कुमार की बहन के फर्दबयान के आधार पर अमरपुर थाना कांड संख्या 393/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत अनुसंधान शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ बांका के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। इस टीम ने लगातार तकनीकी इनपुट, मोबाइल लोकेशन, मानवीय सूचना और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सोमनाथ सिंह उर्फ सोम कुमार सिंह, जो सुबोध सिंह का पुत्र और अमरपुर थाना क्षेत्र के अठमाहा, बांका का निवासी है, को बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी सोमनाथ सिंह ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुरानी रंजिश के कारण इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है, उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत पहले से मामले दर्ज हैं। बांका पुलिस का दावा है कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, जिससे जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके।1
- महागामा थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। इस घटना को पांच आरोपियों ने झाड़ू का बहाना बनाकर अंजाम दिया था। महागामा में महिला के साथ हुए यौन शोषण के इस मामले में, पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।1
- तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित स्टेट हाईवे-22 पर शिव मार्केट के समीप भारी जलजमाव के कारण स्थानीय लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है। बुधवार को यह मुख्य सड़क तालाब जैसी स्थिति में दिखी, जिसके चलते दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ और राहगीरों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नालों की वर्षों से सफाई न होने के कारण हल्की बारिश में भी सड़क पर पानी जमा हो जाता है। इस स्थिति के कारण आए दिन बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं, वहीं वाहनों से पड़ने वाले छींटों को लेकर विवाद की स्थितियां भी बन जाती हैं। दीपक कुमार, जितेंद्र कुमार और संजय साह नामक व्यक्तियों ने इस समस्या के लिए नगर पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाया है और इसके स्थायी समाधान की मांग की है। इस मामले पर नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली प्रिया ने बताया है कि संबंधित एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि शिव मार्केट के पास जल निकासी की समुचित व्यवस्था कर पानी को जल्द से जल्द हटाया जाए।1
- महाराष्ट्र की भाजपा सरकार पर एक बड़े घोटाले का आरोप सामने आया है। बताया गया है कि यह कथित घोटाला विशेष रूप से बारिश के मौसम से जुड़ा है। इस मामले को लेकर पोस्ट में दावा किया गया है कि लोग इसे जानकर हैरान रह जाएंगे।1
- अपने वाहन के इंजन को सुरक्षित बनाए रखने और अपनी यात्रा को चिंतामुक्त अनुभव में बदलने के लिए शुद्ध पेट्रोल का चुनाव करने की सलाह दी गई है। यह सुझाव इंजन की सुरक्षा और एक तनाव-मुक्त सफर के लिए शुद्ध ईंधन के महत्व पर जोर देता है।1
- बांका में जिला पदाधिकारी के निर्देश पर नोडल शिक्षकों को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए डायट, बांका में सभी नोडल शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता और कुशल युवा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। इस नई पहल के तहत, अब हर नोडल शिक्षक अपने विद्यालय में छात्रों को इन योजनाओं के बारे में सूचित करेंगे। साथ ही, स्कूल के नोटिस बोर्ड पर योजनाओं के पंपलेट और नोडल शिक्षक का मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित किया जाएगा। पासआउट छात्रों की सूची डीआरसीसी को उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक युवा इन सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि योजना के क्रियान्वयन की हर महीने समीक्षा की जाएगी। इस समीक्षा में यह देखा जाएगा कि किस स्कूल से कितने छात्र डीआरसीसी पहुंचे और कितने छात्रों ने योजनाओं का लाभ उठाया। इस पूरी रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।1