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गुमला के चैनपुर में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत बुधवार को अल्बर्ट एक्का चौक पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान रसिका क्लब, गुमला के कलाकारों ने लोक संगीत और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया।
Sachin public news
गुमला के चैनपुर में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत बुधवार को अल्बर्ट एक्का चौक पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान रसिका क्लब, गुमला के कलाकारों ने लोक संगीत और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया।
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- झारखंड के लोहरदगा में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण किसी भी समय एक बड़ा हादसा हो सकता है। शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या के बावजूद पार्किंग के लिए समुचित स्थान उपलब्ध नहीं है, जिससे सड़कों पर भीड़ और अव्यवस्था का माहौल बना रहता है। यह स्थिति राहगीरों और वाहन चालकों, दोनों के लिए खतरा बनी हुई है।1
- सिमडेगा जिले के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से राज हॉस्पिटल, सिमडेगा में कई नई और अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं का शुभारंभ किया गया है। इस संबंध में अस्पताल परिसर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में वरिष्ठ चिकित्सक और राज हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. भानु प्रताप साहू ने विस्तृत जानकारी दी। डॉ. साहू ने बताया कि अब अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, आधुनिक अल्ट्रासाउंड सुविधा, ऑर्थोपेडिक सर्जरी, जनरल सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के साथ-साथ न्यूरो एवं यूरोलॉजी विभाग की सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इन नई सुविधाओं के शुरू होने से सिमडेगा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को गंभीर या विशेष उपचार के लिए रांची, राउरकेला या अन्य बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवा, आईसीयू एवं क्रिटिकल केयर, डिजिटल एक्स-रे, पैथोलॉजी, नवजात शिशु एवं बाल रोग विभाग की सुविधाएं पहले से ही संचालित हैं। इसके अतिरिक्त, बच्चों के लिए एनआईसीयू (NICU) एवं पीआईसीयू (PICU) जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। डॉ. भानु प्रताप साहू ने जोर देकर कहा कि राज हॉस्पिटल का मुख्य उद्देश्य कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण और समुचित इलाज मुहैया कराना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई चिकित्सा सेवाओं से जिले के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और समय पर उपचार संभव हो सकेगा। प्रेस वार्ता के दौरान अस्पताल की विभिन्न सेवाओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी साझा की गई।1
- एक गांव में सरकारी योजनाएं आज तक नहीं पहुंच पाई हैं। इस गांव में अभी तक बिजली, पानी और सड़क जैसी कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण आज भी रात के समय उजाले के लिए लकड़ियां जलाकर काम चलाते हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों ऐसे गांवों तक सरकार की योजनाएं नहीं पहुंच पा रही हैं।1
- झारखंड के चंदवा प्रखंड स्थित एस्सार पावर प्लांट क्षेत्र में बुधवार को हजारों ग्रामीण ट्रैक्टर और हल लेकर उन खेतों में उतर आए, जिनकी जमीन पहले प्लांट को दी गई थी। अनगड़ा, चतरो, अरधे, तुपी और चकला गांव की संयुक्त ग्राम सभा ने पेसा कानून 2025 के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए उड़ीसा एलॉय स्टील प्राइवेट लिमिटेड को दी गई 540 एकड़ जमीन वापस लेने की घोषणा की है। ग्रामीणों के अनुसार, यह जमीन 2005-06 में एस्सार पावर झारखंड लिमिटेड को 21 सूत्री इकरारनामे के तहत दी गई थी। 2014 में कोल ब्लॉक रद्द होने के बाद कंपनी बंद हो गई। एनसीएलटी के आदेश पर 3 मार्च 2025 को यह प्लांट उड़ीसा एलॉय स्टील को सौंपा गया, लेकिन नई कंपनी ने पुराने इकरारनामे को मानने से इनकार कर दिया और 31 मार्च 2025 से रैयतों का गुजारा भत्ता भी रोक दिया। इसके बाद 17 जून 2025 को लातेहार प्रशासन ने कंपनी को 15 दिन में नौकरी और वेतन बहाल करने का निर्देश दिया था, जिसे कंपनी ने ठुकरा दिया, जिससे सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर पहुँच गए। इन परिस्थितियों में, 27 मई 2026 को सरहुलिया महुआ में पांचों गांव के ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में एक संयुक्त ग्राम सभा हुई, जिसमें सर्वसम्मति से तीन प्रमुख फैसले लिए गए: इकरारनामा स्थगित कर कंपनी को जमीन से बेदखल किया जाए; प्लांट की सभी संपत्तियां ग्राम सभा के नियंत्रण में ली जाएं; और जब्त जमीन-संसाधनों से ग्राम कोष बनाकर रैयतों को रोजगार दिया जाए। ग्राम प्रधानों ने उपायुक्त लातेहार को एक स्मार पत्र सौंपकर 10 दिनों के भीतर हस्तक्षेप की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण स्वयं खेती शुरू कर देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन और नौकरी, दोनों चली गई हैं, अब खेती ही उनका आखिरी सहारा है। प्रशासन और कंपनी की चुप्पी से क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है।4
- झारखंड के लातेहार जिले में टेंडर आवंटन में भारी अनियमितता के आरोप लगे हैं, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता सौरभ श्रीवास्तव ने उपायुक्त (DC) और उप विकास आयुक्त (DDC) से मुलाकात कर मामले की जांच की मांग की है। अनियमितता के इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए, उपायुक्त ने जांच टीम का गठन कर दिया है और इस तथाकथित लातेहार टेंडर घोटाले की जांच शुरू कर दी गई है।1
- लातेहार में किसान सभा और माकपा कार्यकर्ताओं ने टोरी-चंदवा में फ्लाई ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर उदयपुरा से जिला उपायुक्त कार्यालय तक चिलचिलाती धूप में एक पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का नेतृत्व माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य समिति सदस्य अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने किया। अपनी पीड़ा से मुक्ति पाने और टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर लगातार लगने वाले जाम से निजात नहीं मिलने पर किसानों ने सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। पदयात्रा के दौरान किसानों और माकपा कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी की तस्वीरें तथा पार्टी के झंडे थे। पोस्टरों पर स्पष्ट नारे लिखे थे कि इन 'माननीय' मंत्रियों द्वारा 03 अप्रैल 2021 को टोरी आरओबी का शिलान्यास करने के पांच साल बाद भी कार्य शुरू कराने में असफलता दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने टोरी-चंदवा NH 99 NEW 22 पर स्थित टोरी रेलवे क्रॉसिंग के जाम से मुक्ति के लिए तुरंत फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण कार्य शुरू करने और अन्यथा किसानों को इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की। उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर यह पदयात्रा एक सभा में बदल गई, जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव रसीद मियां ने की। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम को पलामू प्रमंडल की आम जनता की बड़ी समस्या बताया, जिससे लोग घंटों फंसे रहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीमार नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों को जाम में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और ग्रामीण असमय अपनी जान गंवा रहे हैं। विप्लव ने कहा कि शिलान्यास के पांच साल बाद भी कार्य शुरू न होना दुर्भाग्यपूर्ण है और जाम से निजात पाने के लिए किसानों को इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है। अयुब खान और रसीद मियां ने भी कहा कि यदि जाम से मुक्ति नहीं मिल सकती तो इच्छा मृत्यु दे दी जाए। बाद में, माकपा के शिष्टमंडल, जिसमें प्रकाश विप्लव, अयुब खान और रसीद मियां शामिल थे, ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार से मुलाकात कर किसानों के हस्ताक्षरित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से किसान अत्यधिक पीड़ित हैं और यह समस्या अब 'ला-इलाज' हो चुकी है। ज्ञापन के अनुसार, इस जनहित से जुड़े मामले पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग लापरवाही बरत रहे हैं। किसानों ने इस दर्द और समस्या से मुक्ति के लिए इच्छा मृत्यु देने का अनुरोध दोहराया। इस पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों महिला-पुरुष किसान शामिल थे।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केरसई मंडल के अंतर्गत करंगागुड़ी और ठेठईटांगर में संगठनात्मक बैठकें आयोजित कीं, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती, बूथ सशक्तिकरण और जनसंपर्क अभियान के संबंध में मार्गदर्शन दिया। इन बैठकों में केरसई, कुरडेग, बोलबा, कोनपला, ठेठईटांगर और बांसजोर मंडल के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत जिलाध्यक्ष दीपक पुरी के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने कहा कि भाजपा संगठन अपने समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और सेवा भावना के कारण लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने पर जोर दिया। अपने संबोधन में अर्जुन मुंडा ने भाजपा को केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मजबूत बूथ ही मजबूत संगठन और लोकतंत्र की पहचान है। मुंडा ने कार्यकर्ताओं से नियमित जनसंपर्क बनाए रखने और समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने के साथ-साथ केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करने का आह्वान किया। बैठक में सदस्यता अभियान, बूथ समिति के गठन और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक, जिला संगठन प्रभारी सुबोध सिंह गुड्डू, रवि गुप्ता, मुकेश श्रीवास्तव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- लातेहार में किसान सभा और माकपा कार्यकर्ताओं ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कार्य में हो रही देरी के विरोध में उदयपुरा से जिला उपायुक्त कार्यालय तक पदयात्रा की। इस दौरान सैकड़ों महिला-पुरुष किसानों ने, जो चिलचिलाती धूप में मार्च कर रहे थे, यह मांग उठाई कि यदि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से उन्हें मुक्ति नहीं दिलाई जा सकती, तो सरकार उन्हें सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति दे। इस पदयात्रा का नेतृत्व माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य समिति सदस्य अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने किया। किसान और माकपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की तस्वीरें तथा पार्टी के झंडे लिए हुए थे। उनके पोस्टरों पर लिखा था कि 03 अप्रैल 2021 को हुए शिलान्यास के पाँच वर्ष बाद भी टोरी-चंदवा में फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण शुरू कराने में संबंधित मंत्री और सरकारें विफल रही हैं। पोस्टरों में तत्काल कार्य शुरू करने और NH 99 NEW 22 पर स्थित टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम से मुक्ति या इच्छा मृत्यु की अनुमति देने जैसे नारे लिखे हुए थे। पदयात्रा लातेहार समाहरणालय पहुँचकर एक सभा में बदल गई, जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव रसीद मियां ने की। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम को पलामू प्रमंडल की आम जनता की एक गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि जाम में घंटों फंसे रहने के कारण बीमार नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और ग्रामीण असमय अपनी जान गँवा रहे हैं। विप्लव ने केंद्र और राज्य सरकार की उदासीनता को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, जिसके चलते पाँच साल बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ और किसानों को इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है। अयुब खान और रसीद मियां ने भी यही दोहराया कि यदि जाम से निजात नहीं मिल सकती, तो इच्छा मृत्यु दे दी जाए। बाद में, पार्टी के एक शिष्टमंडल ने, जिसमें प्रकाश विप्लव, अयुब खान और रसीद मियां शामिल थे, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार से मिलकर किसानों के हस्ताक्षरयुक्त एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से किसान "काफी पीड़ित और तंग आ चुके हैं" तथा यह समस्या "ला-इलाज" हो गई है। ज्ञापन में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और एनएच विभाग को जनहित से जुड़े इस मामले में "लापरवाह" बताया गया और अंत में टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम समस्या से मुक्ति के लिए सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है। इस पदयात्रा और सभा में सैकड़ों महिला-पुरुषों समेत कई अन्य लोग शामिल थे।1
- लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत मुरपा पंचायत के जिपूवा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभार्थी सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने लातेहार उपायुक्त को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि योजना की जारी सूची में कई वास्तविक जरूरतमंद और आवासहीन परिवारों को शामिल नहीं किया गया है, जबकि पूर्व में लाभ प्राप्त कर चुके या पहले से सूचीबद्ध लोगों के नाम दोबारा दर्ज कर दिए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव महेश मुंडा ने लगभग 30 ग्रामीणों से ₹500-₹500 की राशि ली है। वहीं, बिचौलियों के तौर पर नामित बबलू यादव, उमेश प्रजापति और सत्येंद्र यादव पर भी किसी से ₹3000 तो किसी से ₹5000 तक वसूलने का आरोप है। ग्रामीण यह भी बताते हैं कि कई पात्र परिवार आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, बावजूद इसके कि वे सभी मानदंडों को पूरा करते हैं, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण संजू देवी ने बताया कि वर्ष 2025 में आवास योजना में नाम जोड़ने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए थे, लेकिन आज तक उन्हें कोई लाभ नहीं मिला, और इस संबंध में पंचायत सेवक फंड नहीं होने की बात कहते हैं। इस गंभीर आरोप के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची का फिर से सत्यापन करने, वास्तविक पात्र और जरूरतमंद परिवारों को शामिल करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन सौंपने वाले ग्रामीणों में वीरेंद्र यादव, विनोद यादव, गोपाल यादव, लालू यादव, प्रकाश गंजू, धनंजय गंजू, जगन्नाथ यादव, बंधन साव, महेंद्र यादव, संजू देवी, शांति देवी, ललिता देवी, गीता देवी, सुमन देवी, सुगिया देवी, जसोईया देवी और प्रतिमा देवी सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।1