बेटी दिवस पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा किया गया बेटियों का सम्मान* *बेटी दिवस पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा किया गया बेटियों का सम्मान* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच ने बेटियों को पुष्पमाला पहनाकर दी बेटी दिवस की शुभकामनाएं* उमरिया- बेटी दिवस के अवसर पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा बेटियों के सम्मान और उनके प्रति समाज में सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बेटियों को पुष्पमाला पहनाकर उनका सम्मान किया गया तथा उन्हें बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर बेटियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और बेटियों के प्रति सम्मान का खूबसूरत संदेश दिया। बेटियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बेटियों को समाज की शक्ति बताते हुए उनके सम्मान, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का संदेश दिया। हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने में कहा कि बेटियां परिवार और समाज की पहचान हैं। बेटियों का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक दिन बेटियों के अधिकार, सम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने का प्रयास किया जाना चाहिए। हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना चाहिए। बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और समाज की जिम्मेदारी है कि उन्हें प्रोत्साहन एवं सम्मान का वातावरण मिले। कार्यक्रम के दौरान नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, रोहनी श्याम, मीनू सिंह सहित हिंदू मुस्लिम एकता मंच के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बेटियों के सम्मान के साथ सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया गया।
बेटी दिवस पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा किया गया बेटियों का सम्मान* *बेटी दिवस पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा किया गया बेटियों का सम्मान* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच ने बेटियों को पुष्पमाला पहनाकर दी बेटी दिवस की शुभकामनाएं* उमरिया- बेटी दिवस के अवसर पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा बेटियों के सम्मान और उनके प्रति समाज में सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बेटियों को पुष्पमाला पहनाकर उनका सम्मान किया गया तथा उन्हें बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर बेटियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और बेटियों के प्रति सम्मान का खूबसूरत संदेश दिया। बेटियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बेटियों को समाज की शक्ति बताते हुए उनके सम्मान, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने
का संदेश दिया। हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने में कहा कि बेटियां परिवार और समाज की पहचान हैं। बेटियों का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक दिन बेटियों के अधिकार, सम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने का प्रयास किया जाना चाहिए। हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना चाहिए। बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और समाज की जिम्मेदारी है कि उन्हें प्रोत्साहन एवं सम्मान का वातावरण मिले। कार्यक्रम के दौरान नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, रोहनी श्याम, मीनू सिंह सहित हिंदू मुस्लिम एकता मंच के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बेटियों के सम्मान के साथ सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया गया।
- पुलिस अधीक्षक के निर्देशन की उमरिया में थाना प्रभारी द्वारा दुकान तारों को रोड पर सामान न रखने संबंध मे दी गई समझाइस l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता की खास रिपोर्ट l उमरिया जिला मुख्यालय अंतर्गत श्रीमान पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना यातायात प्रभारी उमरिया द्वारा उमरिया शहर के अंदर समस्त दुकान दारो को दुकान के बाहर समान न रखने की समझाइस दी गई है क्योंकि दुकान के बाहर सामान रखने के कारण शहर का मार्ग संकीर्ण हो जाता है जिस शहर का यातायात बाधित हो जाता है एवं लोगों को निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ता है रोड पर सामान ना रखने के कारण सड़क पर यातायात बाधित नहीं होगा एवं किसी भी प्रकार की दुर्घटना को भी रोका जा सकता है। रोड पर सामान रखने के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है l फिलहाल पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीमान विजय भगवानी अच्छी पहल की गई है यह पहल सराहनीय पहल रहेगी, भविष्य में यदि दुकानदारों द्वारा दुकान के बाहर सामान रखा जाता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- नगर परिषद मानपुर में आंगन मिलन उत्सव की हकीकत: वार्ड 13 की आंगनवाड़ी 4 माह से अधूरी, नौनिहाल स्कूल के एक कमरे में कैद नगर परिषद मानपुर में आंगन मिलन उत्सव की हकीकत: वार्ड 13 की आंगनवाड़ी 4 माह से अधूरी, नौनिहाल स्कूल के एक कमरे में कैद मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश भर में आंगनवाड़ियों को सशक्त बनाने के लिए *'आंगन मिलन उत्सव'* चला रही है। लेकिन *नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र गोवर्दे-4* की जमीनी हकीकत सरकारी दावों के बिल्कुल उलट है। यहां पुराना आंगनवाड़ी भवन जर्जर बताकर तोड़ दिया गया। नया भवन 4 महीने से अधूरा पड़ा है। मजबूरी में आंगनवाड़ी केंद्र पास के सरकारी स्कूल के *एक ही कमरे में संचालित* हो रहा है, जहां मासूम नौनिहाल एक कमरे में बैठने को मजबूर हैं। *वार्ड पार्षद शिवराम शुक्ला ने लगाए गंभीर आरोप* वार्ड पार्षद *श्री शिवराम शुक्ला* ने कहा - "मैं वार्ड 13 का पार्षद शिवराम शुक्ला बोल रहा हूं। हमारी गोवर्दे-4 आंगनवाड़ी का निर्माण कार्य पिछले 4 माह से अधूरा है। पुराना भवन जर्जर था, जो टूट गया। अभी केंद्र स्कूल के एक कमरे में चल रहा है। एक तरफ सरकार आंगन मिलन उत्सव मना रही है, क्या यही असली सच्चाई है? नया भवन 4 महीने से बनकर तैयार पड़ा है, लेकिन पूरा नहीं किया जा रहा। साफ दिख रहा है कि संबंधित ठेकेदार पर विभाग मेहरबान है।" स्थानीय लोगों का कहना है कि 7 साल से एक ही कुर्सी पर जमे परियोजना अधिकारी के संरक्षण के कारण ठेकेदार बेखौफ है। *वार्डवासियों की मांग:* *आंगनवाड़ी भवन का निर्माण 15 दिन में पूरा कराया जाए*। *ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर भुगतान रोका जाए।* *7 साल से जमे परियोजना अधिकारी का तबादला कर उच्च स्तरीय जांच हो।* फिलहाल नौनिहाल बच्चे एक कमरे में घुटन भरे माहौल में बैठने को मजबूर हैं और आंगन मिलन उत्सव सिर्फ कागजों में सिमटा नजर आ रहा है।1
- चिल्हारी में अधर में लटका सीसी सड़क निर्माण, कीचड़-पानी से ग्रामीण बेहाल अधूरी सड़क बनी मुसीबत, नाली जाम होने से जलभराव; नवरात्रि से पहले हजारों श्रद्धालुओं की राह मुश्किल ग्रामीणों ने जिम्मेदारों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी -उमरिया । उमरिया जिले के जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत चिल्हारी में सीसी सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। निर्माण कार्य बंद होने के बाद सड़क पर जगह-जगह गंदा पानी और कीचड़ जमा हो गया है, जिससे आम लोगों के साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधूरी सड़क बनी ग्रामीणों के लिए आफत ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण शुरू होने के समय उन्हें बताया गया था कि सड़क का निर्माण पूरा कराया जाएगा, लेकिन काम बीच में ही बंद कर दिया गया। अब अधूरी सड़क और जमा पानी के कारण रोजाना आवागमन मुश्किल हो गया है। बारिश के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। सड़क पर गंदगी और पानी जमा रहने से लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी हो रही है। नाली की सफाई नहीं, जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त ग्रामीणों के मुताबिक गांव की नालियों की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। इसके कारण पानी की निकासी बाधित है और गंदा पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। नवरात्रि से पहले बड़ी चुनौती कुछ ही दिनों बाद नवरात्रि का पर्व शुरू होने वाला है। ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु माता मंदिर में दर्शन के लिए इसी मार्ग से आवागमन करेंगे। ऐसे में सड़क की मौजूदा स्थिति श्रद्धालुओं के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है। ग्रामीणों में नाराजगी, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर समस्या के समाधान में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि समस्या की जानकारी जिम्मेदारों तक पहुंचाने के बावजूद सड़क निर्माण पूरा कराने और जलनिकासी की व्यवस्था सुधारने की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के अधिकारियों से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कर अधूरे सीसी सड़क निर्माण को पूरा कराया जाए, नालियों की सफाई कराई जाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि नवरात्रि से पहले ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।2
- बारिश ने बढ़ाया जोहिला डैम का दबाव, चार गेटों से पानी की निकासी उमरिया जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई है। लगातार बारिश का असर संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम पर भी दिखाई दे रहा है। डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद परियोजना प्रबंधन ने चार गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार जोहिला डैम के चारों गेट करीब दो-दो मीटर तक खोले गए हैं। गेट खुलने के बाद डैम से पानी बाहर छोड़ा जा रहा है। लगातार बारिश के बीच डैम से पानी की निकासी का नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के अधिकारी मनोज त्रिपाठी ने बताया कि बारिश के कारण डैम में पानी की आवक बढ़ी है। वर्तमान में चार गेट खोले गए हैं और प्रत्येक गेट करीब दो मीटर तक खुला है। डैम के गेट और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। जलस्तर पर लगातार नजर बारिश का दौर जारी रहने के कारण परियोजना प्रबंधन की ओर से डैम के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की टीम गेटों की स्थिति और पानी की आवक पर निगरानी बनाए हुए है, ताकि जलस्तर को नियंत्रित रखा जा सके। तीन दिनों से हो रही बारिश ने जिले के मौसम का मिजाज बदल दिया है। लगातार बारिश के चलते खेतों और निचले इलाकों में भी पानी बढ़ने लगा है। ऐसे में जोहिला डैम से पानी की निकासी शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों की नजर डैम के जलस्तर पर बनी हुई है। बारिश बढ़ी तो बढ़ सकती है निकासी यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है और डैम में पानी की आवक और बढ़ती है, तो पानी की निकासी की स्थिति में बदलाव किया जा सकता है। फिलहाल चार गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है और अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। जोहिला डैम संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के लिए महत्वपूर्ण जलस्रोत है। बारिश के मौसम में डैम के जलस्तर और गेटों की निगरानी बेहद अहम हो जाती है। फिलहाल परियोजना प्रबंधन के अनुसार चार गेट दो-दो मीटर खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।1
- *शाही मस्जिद हटाने के विरोध में उतरे मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पुलिस पर पथराव किया है।* इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण नजर आ रही है। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात है और स्थिति पर नजर रख रहा है। जानकारी के मुताबिक भीड़ को तितर बितर करने के लिए लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़ें जा चुके हैं। इसके बावजूद भी कुछ लोग पुलिस पर पथराव करने में लगे हुए हैं। तस्वीरों में पथराव की स्थिति साफ तौर पर दिखाई दे रही है। *👉🏻इसी तरह की सवेंदनशील स्थिति बड़े हनुमान जी को हटाने पर बनी थी पर तब पुलिस पर पथराव नहीं हुआ था।*1
- धुरवार टोल प्लाजा पर हाइवे यातायात पुलिस चौकी का हुआ भव्य शुभारंभ, हादसों पर लगेगी लगाम शहडोल: जिले में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. दिनांक 27 सितंबर 2026 को बुढ़ार रोड स्थित धुरवार टोल प्लाजा पर नई हाइवे यातायात पुलिस चौकी का औपचारिक शुभारंभ किया गया. इस चौकी का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक शहडोल, डॉ. संजय कुमार अग्रवाल द्वारा किया गया. प्रमुख बिंदु: उद्घाटनकर्ता: इस नई पुलिस चौकी का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ. उद्देश्य: इस चौकी की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बुढ़ार रोड एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करना और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना है. आपातकालीन सहायता: यातायात नियमों के कड़ाई से पालन कराने के साथ-साथ किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी. गरिमामयी उपस्थिति: इस उद्घाटन समारोह के अवसर पर यातायात थाना प्रभारी अमित विश्वकर्मा, रक्षित निरीक्षक अनिरुद्ध मीणा, शहडोल के अन्य अधिकारी एवं पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे. यह नई यातायात पुलिस चौकी क्षेत्र के वाहन चालकों और आम नागरिकों के लिए सफर को सुरक्षित बनाने में बेहद मददगार साबित होगी. अजय पाल3
- बेटी दिवस पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा किया गया बेटियों का सम्मान* *बेटी दिवस पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा किया गया बेटियों का सम्मान* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच ने बेटियों को पुष्पमाला पहनाकर दी बेटी दिवस की शुभकामनाएं* उमरिया- बेटी दिवस के अवसर पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा बेटियों के सम्मान और उनके प्रति समाज में सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बेटियों को पुष्पमाला पहनाकर उनका सम्मान किया गया तथा उन्हें बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर बेटियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और बेटियों के प्रति सम्मान का खूबसूरत संदेश दिया। बेटियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बेटियों को समाज की शक्ति बताते हुए उनके सम्मान, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का संदेश दिया। हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने में कहा कि बेटियां परिवार और समाज की पहचान हैं। बेटियों का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक दिन बेटियों के अधिकार, सम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने का प्रयास किया जाना चाहिए। हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना चाहिए। बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और समाज की जिम्मेदारी है कि उन्हें प्रोत्साहन एवं सम्मान का वातावरण मिले। कार्यक्रम के दौरान नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, रोहनी श्याम, मीनू सिंह सहित हिंदू मुस्लिम एकता मंच के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बेटियों के सम्मान के साथ सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया गया।2
- *शाही मस्जिद हटाने के विरोध में उतरे मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पुलिस पर पथराव किया है।* इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण नजर आ रही है। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात है और स्थिति पर नजर रख रहा है। जानकारी के मुताबिक भीड़ को तितर बितर करने के लिए लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़ें जा चुके हैं। इसके बावजूद भी कुछ लोग पुलिस पर पथराव करने में लगे हुए हैं। तस्वीरों में पथराव की स्थिति साफ तौर पर दिखाई दे रही है। *👉🏻इसी तरह की सवेंदनशील स्थिति बड़े हनुमान जी को हटाने पर बनी थी पर तब पुलिस पर पथराव नहीं हुआ था।*1
- कारोपानी आज केवल हिरणों का प्राकृतिक आवास नहीं, बल्कि ’’प्रकृति संरक्षण, स्थानीय सहभागिता और पर्यटन की संभावनाओं के संगम की जीवंत कहानी’’ है *सफलता की कहानी* *कारोपानी प्राकृतिक हिरण पार्क: जहां आज भी दौड़ती है विरासत* *डिंडौरी, 28 सितंबर 2026* प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में डिंडौरी जिले का कारोपानी प्राकृतिक हिरण पार्क एक अनूठी पहचान बना रहा है। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के समीप स्थित कारोपानी क्षेत्र में काले हिरण प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण करते दिखाई देते हैं। हरियाली, खुले पठारी मैदान और प्राकृतिक परिवेश इस क्षेत्र की सुंदरता को और बढ़ाते हैं। कारोपानी की विशेषता यह है कि यहां वन्यजीवों को कृत्रिम बाड़े में सीमित रखने के बजाय उनके प्राकृतिक परिवेश को संरक्षित किया गया है। खुले मैदानों में हिरणों के झुंड का विचरण इस क्षेत्र को विशिष्ट बनाता है। यहां बड़ी संख्या में काले हिरण मौजूद हैं, जो कारोपानी की प्राकृतिक पहचान और जैव विविधता को समृद्ध करते हैं। *ग्रामीणों की सहभागिता से संरक्षण को मिला संबल* कारोपानी में वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों द्वारा हिरणों के प्रति अपनापन और संरक्षण की भावना ने इनके सुरक्षित विचरण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य का यह उदाहरण बताता है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से वन्यजीव संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। *पर्यटन की संभावनाओं का नया द्वार* जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के समीप स्थित होने के कारण कारोपानी में प्रकृति एवं वन्यजीव आधारित पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। खुले मैदानों में हिरणों को स्वच्छंद रूप से दौड़ते देखना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। प्राकृतिक परिवेश, वन्यजीव और ग्रामीण जीवन का संगम कारोपानी को डिंडौरी के पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। कारोपानी आज केवल हिरणों का प्राकृतिक आवास नहीं, बल्कि ’’प्रकृति संरक्षण, स्थानीय सहभागिता और पर्यटन की संभावनाओं के संगम की जीवंत कहानी’’ है। यहां दौड़ते हिरण डिंडौरी की उस प्राकृतिक विरासत का संदेश देते हैं, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।3