नाहरगढ़ बस स्टैंड पर स्थित सार्वजनिक शौचालय बदहाली का शिकार हो चुका है और देखरेख के अभाव में रामभरोसे चल रहा है। शौचालय में निकासी न होने और जलभराव के कारण भीषण गंदगी तथा दुर्गंध फैली हुई है, जिससे बस स्टैंड पर रुकना भी मुश्किल हो गया है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव और फैली अव्यवस्था के कारण यहां आने-जाने वाले यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नाहरगढ़ क्षेत्र का एक प्रमुख आवागमन केंद्र है, जहां से रोजाना अजमेर, पुष्कर तथा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के गुना तक के लिए दर्जनों रोडवेज व प्राइवेट बसें संचालित होती हैं। दिनभर यात्रियों की चहल-पहल रहने के साथ-साथ रात्रि विश्राम करने वाले बस चालकों और परिचालकों को भी शौचालय के अभाव में काफी सहना पड़ रहा है। इस गंदगी और कुव्यवस्था का सबसे ज्यादा खामियाजा लंबी दूरी की यात्रा करने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और दैनिक यात्रियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। इस मामले में नाहरगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी गौरव चौधरी का कहना है कि बस स्टैंड स्थित शौचालय की स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सफाई और मरम्मत का कार्य पूर्ण करवाकर यात्रियों को राहत प्रदान की जाएगी।
नाहरगढ़ बस स्टैंड पर स्थित सार्वजनिक शौचालय बदहाली का शिकार हो चुका है और देखरेख के अभाव में रामभरोसे चल रहा है। शौचालय में निकासी न होने और जलभराव के कारण भीषण गंदगी तथा दुर्गंध फैली हुई है, जिससे बस स्टैंड पर रुकना भी मुश्किल हो गया है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव और फैली अव्यवस्था के कारण यहां आने-जाने वाले यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नाहरगढ़ क्षेत्र का एक प्रमुख आवागमन केंद्र है, जहां से रोजाना अजमेर, पुष्कर तथा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के गुना तक के लिए दर्जनों रोडवेज व प्राइवेट बसें संचालित होती हैं। दिनभर यात्रियों की चहल-पहल रहने के साथ-साथ रात्रि विश्राम करने वाले बस चालकों और परिचालकों को भी शौचालय के अभाव में काफी सहना पड़ रहा है। इस गंदगी और कुव्यवस्था का सबसे ज्यादा खामियाजा लंबी दूरी की यात्रा करने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और दैनिक यात्रियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। इस मामले में नाहरगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी गौरव चौधरी का कहना है कि बस स्टैंड स्थित शौचालय की स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सफाई और मरम्मत का कार्य पूर्ण करवाकर यात्रियों को राहत प्रदान की जाएगी।
- बारां के किशनगंज से पत्रकार अमित राज भार्गव (9024259955) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार बिना हेलमेट के घूमना भारी पड़ सकता है। रिपोर्ट में लोगों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की गई है तथा वाहन चलाते समय हेलमेट लगाने का आग्रह किया गया है।1
- दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विशाल छात्र आंदोलन के दौरान युवाओं की बुलंद आवाज गूंजी। इस राष्ट्रीय मंच से 'शाहाबाद जंगल बचाओ जन आंदोलन' के नेतृत्वकर्ता गब्बर यादव ने शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि जीवन में जितना महत्व शिक्षा का है, उतना ही अस्तित्व के लिए प्रकृति और पर्यावरण भी जरूरी हैं। राजस्थान के बारां जिले की शाहाबाद तहसील के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए गब्बर यादव ने नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार "एक पेड़ मां के नाम" का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान के एकमात्र सघन शाहाबाद जंगल में पावर प्लांट के लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों को काटने का आदेश दे चुकी है। गब्बर यादव ने आगाह किया कि पावर प्लांट के लिए कूनो नदी से अत्यधिक जल खींचने से हजारों किसानों की फसलें बर्बाद होंगी और कूनो नेशनल पार्क के अस्तित्व व विदेशी चीतों के जीवन पर गंभीर संकट मंडराएगा। कार्यक्रम के दौरान अभिजीत दिपके और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए गब्बर यादव ने देश के क्रांतिकारी युवाओं से शाहाबाद के 'स्वर्ग जैसे जंगल' को बचाने के लिए आने वाले समय में एक विशाल जनआंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।1
- बारां के शेरगढ़ धाम बरसाना में 1 अगस्त को प्रभु कल्याणराय की 5 किलोमीटर भव्य परिक्रमा निकाली जाएगी। इस आयोजन को लेकर अंतिम तैयारियों की बैठक संपन्न हो गई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने बारां जिला मुख्यालय पर जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अनिल बैरवा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और युवाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और अंत में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए आजाद समाज पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पीयूष वर्मा ने जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे "जलियांवाला बाग जैसी घटना" करार दिया और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। वहीं, भीम आर्मी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अजय डागर ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों, लगातार हो रहे पेपर लीक और युवाओं की अनदेखी पर सवाल उठाए। आजाद समाज पार्टी के पूर्व विधायक प्रत्याशी रूपसिंह अंबेडकर ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला हैं और इसके जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान सोनू जाटव, प्रेम शंकर शांत, राकेश गोडाला, रोहित मेघवाल, रामनरेश बैरवा, राजेंद्र मेघवाल, संदीप बैरवा, हिमांशु पालरिया, चंद्र मोहन बैरवा, हर गोविंद और एडवोकेट देश राज मेहरा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- बारां जिले के कस्बाथाना स्थित मुख्य बस स्टैंड पर बदहाल व्यवस्था और गंदगी के चलते आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही वाले इस मुख्य बस स्टैंड के आसपास कई दुकानदारों द्वारा नालियों पर अतिक्रमण कर उन्हें बंद कर दिया गया है। नालियां बंद होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे दिन सड़क पर फिसलन बनी रहती है। सड़क पर फैली इस गंदगी और फिसलन के कारण गिरकर एक व्यक्ति का पैर भी टूट चुका है। इसके बावजूद बस स्टैंड की बदहाल व्यवस्था और हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ है तथा वहां गंदगी का साम्राज्य बना हुआ है।1
- पत्रकार अमित राज भार्गव की एक खास रिपोर्ट के अनुसार, उज्ज्वल योजना पर भारी महंगाई की मार पड़ रही है। इस बढ़ती महंगाई के कारण ग्रामीण लोग एक बार फिर से चूल्हे की ओर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।1
- चलेट गांव के पास हरिश्चंद्र सागर परियोजना की मुख्य नहर में दो दिन पहले गिरे एक गोवंश की डूबने से मौत हो गई। समय पर शव नहीं निकाले जाने की वजह से आसपास के पूरे इलाके में तेज दुर्गंध फैल गई, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को प्रशासन और परियोजना कर्मचारियों ने संयुक्त अभियान चलाकर मृत गोवंश को नहर से बाहर निकाला, जिससे लोगों को दुर्गंध की समस्या से राहत मिली। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि नहर के किनारे पक्के घाट या रैंप बनाए जाएं ताकि भविष्य में बेजुबान पशुओं की जान बचाई जा सके।1