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दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विशाल छात्र आंदोलन के दौरान युवाओं की बुलंद आवाज गूंजी। इस राष्ट्रीय मंच से 'शाहाबाद जंगल बचाओ जन आंदोलन' के नेतृत्वकर्ता गब्बर यादव ने शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि जीवन में जितना महत्व शिक्षा का है, उतना ही अस्तित्व के लिए प्रकृति और पर्यावरण भी जरूरी हैं। राजस्थान के बारां जिले की शाहाबाद तहसील के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए गब्बर यादव ने नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार "एक पेड़ मां के नाम" का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान के एकमात्र सघन शाहाबाद जंगल में पावर प्लांट के लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों को काटने का आदेश दे चुकी है। गब्बर यादव ने आगाह किया कि पावर प्लांट के लिए कूनो नदी से अत्यधिक जल खींचने से हजारों किसानों की फसलें बर्बाद होंगी और कूनो नेशनल पार्क के अस्तित्व व विदेशी चीतों के जीवन पर गंभीर संकट मंडराएगा। कार्यक्रम के दौरान अभिजीत दिपके और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए गब्बर यादव ने देश के क्रांतिकारी युवाओं से शाहाबाद के 'स्वर्ग जैसे जंगल' को बचाने के लिए आने वाले समय में एक विशाल जनआंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।

8 hrs ago
user_भुवनेश भार्गव
भुवनेश भार्गव
पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
8 hrs ago

दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विशाल छात्र आंदोलन के दौरान युवाओं की बुलंद आवाज गूंजी। इस राष्ट्रीय मंच से 'शाहाबाद जंगल बचाओ जन आंदोलन' के नेतृत्वकर्ता गब्बर यादव ने शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि जीवन में जितना महत्व शिक्षा का है, उतना ही अस्तित्व के लिए प्रकृति और पर्यावरण भी जरूरी हैं। राजस्थान के बारां जिले की शाहाबाद तहसील के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए गब्बर यादव ने नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार "एक पेड़ मां के नाम" का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान के एकमात्र सघन शाहाबाद जंगल में पावर प्लांट के लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों को काटने का आदेश दे चुकी है। गब्बर यादव ने आगाह किया कि पावर प्लांट के लिए कूनो नदी से अत्यधिक जल खींचने से हजारों किसानों की फसलें बर्बाद होंगी और कूनो नेशनल पार्क के अस्तित्व व विदेशी चीतों के जीवन पर गंभीर संकट मंडराएगा। कार्यक्रम के दौरान अभिजीत दिपके और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए गब्बर यादव ने देश के क्रांतिकारी युवाओं से शाहाबाद के 'स्वर्ग जैसे जंगल' को बचाने के लिए आने वाले समय में एक विशाल जनआंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।

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  • दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विशाल छात्र आंदोलन के दौरान युवाओं की बुलंद आवाज गूंजी। इस राष्ट्रीय मंच से 'शाहाबाद जंगल बचाओ जन आंदोलन' के नेतृत्वकर्ता गब्बर यादव ने शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि जीवन में जितना महत्व शिक्षा का है, उतना ही अस्तित्व के लिए प्रकृति और पर्यावरण भी जरूरी हैं। राजस्थान के बारां जिले की शाहाबाद तहसील के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए गब्बर यादव ने नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार "एक पेड़ मां के नाम" का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान के एकमात्र सघन शाहाबाद जंगल में पावर प्लांट के लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों को काटने का आदेश दे चुकी है। गब्बर यादव ने आगाह किया कि पावर प्लांट के लिए कूनो नदी से अत्यधिक जल खींचने से हजारों किसानों की फसलें बर्बाद होंगी और कूनो नेशनल पार्क के अस्तित्व व विदेशी चीतों के जीवन पर गंभीर संकट मंडराएगा। कार्यक्रम के दौरान अभिजीत दिपके और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए गब्बर यादव ने देश के क्रांतिकारी युवाओं से शाहाबाद के 'स्वर्ग जैसे जंगल' को बचाने के लिए आने वाले समय में एक विशाल जनआंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
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    दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विशाल छात्र आंदोलन के दौरान युवाओं की बुलंद आवाज गूंजी। इस राष्ट्रीय मंच से 'शाहाबाद जंगल बचाओ जन आंदोलन' के नेतृत्वकर्ता गब्बर यादव ने शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि जीवन में जितना महत्व शिक्षा का है, उतना ही अस्तित्व के लिए प्रकृति और पर्यावरण भी जरूरी हैं।

राजस्थान के बारां जिले की शाहाबाद तहसील के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए गब्बर यादव ने नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार "एक पेड़ मां के नाम" का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान के एकमात्र सघन शाहाबाद जंगल में पावर प्लांट के लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों को काटने का आदेश दे चुकी है। गब्बर यादव ने आगाह किया कि पावर प्लांट के लिए कूनो नदी से अत्यधिक जल खींचने से हजारों किसानों की फसलें बर्बाद होंगी और कूनो नेशनल पार्क के अस्तित्व व विदेशी चीतों के जीवन पर गंभीर संकट मंडराएगा।

कार्यक्रम के दौरान अभिजीत दिपके और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए गब्बर यादव ने देश के क्रांतिकारी युवाओं से शाहाबाद के 'स्वर्ग जैसे जंगल' को बचाने के लिए आने वाले समय में एक विशाल जनआंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
    user_भुवनेश भार्गव
    भुवनेश भार्गव
    पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
    8 hrs ago
  • बारां के शेरगढ़ धाम बरसाना में 1 अगस्त को प्रभु कल्याणराय की 5 किलोमीटर भव्य परिक्रमा निकाली जाएगी। इस आयोजन को लेकर अंतिम तैयारियों की बैठक संपन्न हो गई है।
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    बारां के शेरगढ़ धाम बरसाना में 1 अगस्त को प्रभु कल्याणराय की 5 किलोमीटर भव्य परिक्रमा निकाली जाएगी। इस आयोजन को लेकर अंतिम तैयारियों की बैठक संपन्न हो गई है।
    user_विरेन्द्र कुमारशर्मा
    विरेन्द्र कुमारशर्मा
    अटरू, बारां, राजस्थान•
    1 hr ago
  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने बारां जिला मुख्यालय पर जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अनिल बैरवा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और युवाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और अंत में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए आजाद समाज पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पीयूष वर्मा ने जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे "जलियांवाला बाग जैसी घटना" करार दिया और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। वहीं, भीम आर्मी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अजय डागर ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों, लगातार हो रहे पेपर लीक और युवाओं की अनदेखी पर सवाल उठाए। आजाद समाज पार्टी के पूर्व विधायक प्रत्याशी रूपसिंह अंबेडकर ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला हैं और इसके जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान सोनू जाटव, प्रेम शंकर शांत, राकेश गोडाला, रोहित मेघवाल, रामनरेश बैरवा, राजेंद्र मेघवाल, संदीप बैरवा, हिमांशु पालरिया, चंद्र मोहन बैरवा, हर गोविंद और एडवोकेट देश राज मेहरा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने बारां जिला मुख्यालय पर जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अनिल बैरवा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और युवाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और अंत में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

धरने को संबोधित करते हुए आजाद समाज पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पीयूष वर्मा ने जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे "जलियांवाला बाग जैसी घटना" करार दिया और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। वहीं, भीम आर्मी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अजय डागर ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों, लगातार हो रहे पेपर लीक और युवाओं की अनदेखी पर सवाल उठाए। आजाद समाज पार्टी के पूर्व विधायक प्रत्याशी रूपसिंह अंबेडकर ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला हैं और इसके जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान सोनू जाटव, प्रेम शंकर शांत, राकेश गोडाला, रोहित मेघवाल, रामनरेश बैरवा, राजेंद्र मेघवाल, संदीप बैरवा, हिमांशु पालरिया, चंद्र मोहन बैरवा, हर गोविंद और एडवोकेट देश राज मेहरा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_मातृभूमि न्यूज़ अंता
    मातृभूमि न्यूज़ अंता
    Local News Reporter अंता, बारां, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • छबड़ा के निकट भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और गोशाला खाटूश्याम पहाड़ी पर शनिवार, 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के अवसर पर धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का आयोजन हुआ। बाबा श्याम के दरबार में पूजन, अर्चन, भजन, कीर्तन, आरती और वंदन के बाद श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर देवशयनी एकादशी मनाई। इस दौरान स्थानीय भक्तों ने मंदिर में नृत्य कर आनंद उठाया और खाटूश्याम की परिक्रमा कर देश में सुख, शांति, समृद्धि तथा हरियाली की कामना की। योग केंद्र के तत्वावधान में भगवान लक्ष्मीनारायण के प्रतीक स्वरूप केले के पौधों का विधिवत पूजन कर पौधरोपण किया गया। बाबा खाटूश्याम मंदिर से परिक्रमा मार्ग तक 108 हजारे के पौधे रोपे गए, जिनके पुष्प भविष्य में बाबा खाटूश्याम के चरणों में अर्पित किए जाएंगे। वहीं खाटूश्याम गोशाला की पहाड़ी पर अलडू, सागवान एवं देशी नीम के बीजों की सीड बॉल बनाकर गड्ढों में डाली गई। ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र के संचालक स्वामी ध्यान गगन ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक रविवार, ग्यारस एवं विशेष पर्वों पर दर्शन के लिए आने वाले श्याम भक्त प्रसाद स्वरूप एक पौधा अवश्य साथ लाएं और उसे पहाड़ी या परिक्रमा मार्ग पर रोपित कर इस हरित अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने "एक पौधा स्वयं के लिए और एक पौधा धरती माता के नाम" लगाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम दो पौधे लगाकर उनका संरक्षण करे, तो हरियाले राजस्थान का सपना साकार हो सकता है। इस अवसर पर रामदयाल मीना और हेमराज नागर सहित उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
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    छबड़ा के निकट भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और गोशाला खाटूश्याम पहाड़ी पर शनिवार, 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के अवसर पर धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का आयोजन हुआ। बाबा श्याम के दरबार में पूजन, अर्चन, भजन, कीर्तन, आरती और वंदन के बाद श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर देवशयनी एकादशी मनाई। इस दौरान स्थानीय भक्तों ने मंदिर में नृत्य कर आनंद उठाया और खाटूश्याम की परिक्रमा कर देश में सुख, शांति, समृद्धि तथा हरियाली की कामना की।

योग केंद्र के तत्वावधान में भगवान लक्ष्मीनारायण के प्रतीक स्वरूप केले के पौधों का विधिवत पूजन कर पौधरोपण किया गया। बाबा खाटूश्याम मंदिर से परिक्रमा मार्ग तक 108 हजारे के पौधे रोपे गए, जिनके पुष्प भविष्य में बाबा खाटूश्याम के चरणों में अर्पित किए जाएंगे। वहीं खाटूश्याम गोशाला की पहाड़ी पर अलडू, सागवान एवं देशी नीम के बीजों की सीड बॉल बनाकर गड्ढों में डाली गई।

ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र के संचालक स्वामी ध्यान गगन ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक रविवार, ग्यारस एवं विशेष पर्वों पर दर्शन के लिए आने वाले श्याम भक्त प्रसाद स्वरूप एक पौधा अवश्य साथ लाएं और उसे पहाड़ी या परिक्रमा मार्ग पर रोपित कर इस हरित अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने "एक पौधा स्वयं के लिए और एक पौधा धरती माता के नाम" लगाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम दो पौधे लगाकर उनका संरक्षण करे, तो हरियाले राजस्थान का सपना साकार हो सकता है। इस अवसर पर रामदयाल मीना और हेमराज नागर सहित उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
    user_Alakh Jyoti Yog Present
    Alakh Jyoti Yog Present
    Yoga instructor Chhabra, Baran•
    14 hrs ago
  • चलेट गांव के पास हरिश्चंद्र सागर परियोजना की मुख्य नहर में दो दिन पहले गिरे एक गोवंश की डूबने से मौत हो गई। समय पर शव नहीं निकाले जाने की वजह से आसपास के पूरे इलाके में तेज दुर्गंध फैल गई, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को प्रशासन और परियोजना कर्मचारियों ने संयुक्त अभियान चलाकर मृत गोवंश को नहर से बाहर निकाला, जिससे लोगों को दुर्गंध की समस्या से राहत मिली। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि नहर के किनारे पक्के घाट या रैंप बनाए जाएं ताकि भविष्य में बेजुबान पशुओं की जान बचाई जा सके।
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    चलेट गांव के पास हरिश्चंद्र सागर परियोजना की मुख्य नहर में दो दिन पहले गिरे एक गोवंश की डूबने से मौत हो गई। समय पर शव नहीं निकाले जाने की वजह से आसपास के पूरे इलाके में तेज दुर्गंध फैल गई, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रविवार को प्रशासन और परियोजना कर्मचारियों ने संयुक्त अभियान चलाकर मृत गोवंश को नहर से बाहर निकाला, जिससे लोगों को दुर्गंध की समस्या से राहत मिली। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि नहर के किनारे पक्के घाट या रैंप बनाए जाएं ताकि भविष्य में बेजुबान पशुओं की जान बचाई जा सके।
    user_Pradeep Nagar
    Pradeep Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    1 hr ago
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