पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड अंतर्गत करकटा हाई स्कूल परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-1 की सहायिका के चयन हेतु आयोजित ग्राम सभा को दस्तावेजों के अभाव के कारण स्थगित कर दिया गया है। इस कार्यक्रम में सीडीपीओ रेनू बाला, 20 सूत्री अध्यक्ष अशोक सिंह, पंचायत समिति सदस्य सतेश्वर मेहता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्राम सभा के दौरान सहायिका चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन आवेदन करने वाले किसी भी अभ्यर्थी के आवश्यक दस्तावेज पूर्ण नहीं पाए गए, जिसके कारण चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई और किसी का चयन नहीं हो सका। पंचायत समिति सदस्य सतेश्वर मेहता ने बताया कि सीडीपीओ रेनू बाला ने सभा में स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों के दस्तावेज अधूरे होने के कारण सहायिका चयन प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित किया जाता है। सीडीपीओ ने यह भी कहा कि जल्द ही नए सिरे से ग्राम सभा आयोजित कर सहायिका चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्राम सभा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, और चयन प्रक्रिया स्थगित होने के बाद अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेजों को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अगली बैठक में चयन प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड अंतर्गत करकटा हाई स्कूल परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-1 की सहायिका के चयन हेतु आयोजित ग्राम सभा को दस्तावेजों के अभाव के कारण स्थगित कर दिया गया है। इस कार्यक्रम में सीडीपीओ रेनू बाला, 20 सूत्री अध्यक्ष अशोक सिंह, पंचायत समिति सदस्य सतेश्वर मेहता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्राम सभा के दौरान सहायिका चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन आवेदन करने वाले किसी भी अभ्यर्थी के आवश्यक दस्तावेज पूर्ण नहीं पाए गए, जिसके कारण चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई और किसी का चयन नहीं
हो सका। पंचायत समिति सदस्य सतेश्वर मेहता ने बताया कि सीडीपीओ रेनू बाला ने सभा में स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों के दस्तावेज अधूरे होने के कारण सहायिका चयन प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित किया जाता है। सीडीपीओ ने यह भी कहा कि जल्द ही नए सिरे से ग्राम सभा आयोजित कर सहायिका चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्राम सभा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, और चयन प्रक्रिया स्थगित होने के बाद अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेजों को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अगली बैठक में चयन प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
- पलामू उपायुक्त के निर्देशानुसार, एक प्रशिक्षु झारखंड प्रशासनिक अधिकारी ने विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की विधि व्यवस्था की जांच की।1
- गढ़वा जिले के कुशमाहा गांव में लाखों रुपये की लागत से बनी एक पानी टंकी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी टंकी का निर्माण होने के बावजूद उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस स्थिति पर लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और योजना के क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं, यह पूछते हुए कि आखिर यह विकास कार्य है या भ्रष्टाचार का मामला। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनकी गहरी नाराजगी इस बात से भी स्पष्ट होती है कि वे कहते हैं, 'यहां के अधिकारियों ने हमें लूट कर बर्बाद कर दिया, अब कैसे पियेंगे पानी यहां के ग्रामीणों ने'।1
- ग्रामीणों ने धूल, प्रदूषण और टूटी सड़कों को अपनी रोज़मर्रा की गंभीर समस्या बताया है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। इसी निराशा के चलते, ग्रामीण संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उनकी आवाज़ कब सुनी जाएगी।1
- धुरकी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत टाटीदीरी स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में बकरीद पर्व के अवसर पर एक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारे, प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना था। विद्यालय के निर्देशक डॉ. यासिन अंसारी ने उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए बकरीद को त्याग, समर्पण, इंसानियत और कुर्बानी का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार दूसरों की खुशियों में शामिल होने, जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। डॉ. अंसारी ने यह भी रेखांकित किया कि सभी धर्म मानवता और भाईचारे का संदेश देते हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार साह ने अपने संबोधन में कहा कि बकरीद का पर्व समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक मूल्यों का भी केंद्र होता है, और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में पारस्परिक सम्मान, सहयोग तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। प्रधानाध्यापक ने सभी को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहार लोगों को जोड़ने का कार्य करते हैं, और सभी को मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे की सहायता करने तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। इस सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी और मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर मुखिया सगुनी राम, शिक्षक दिनेश कुमार, मनी भारती, रोहित कुमार, रुपांजली कुमारी, अर्पना कुमारी, कुर्बान अंसारी, राजेन्द्र प्रसाद यादव, लक्ष्मण साव, लेयकत अंसारी, शमशेर अंसारी, विजय साव, राधेश्याम पासवान, पंकज गुप्ता, जानकी सिंह, श्रवन राम, प्रदीप राम, उमेश राम समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।1
- पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सेमरी टोला पाखलटाड़ गांव में जल-नल योजना का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड के अन्य गांवों में जहां यह योजना पूरी हो चुकी है, वहीं पाखलटाड़ टोले को इससे वंचित रखा गया है। गर्मी के दिनों में गांव के लोग पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर हैं और वहीं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। चापाकलों की स्थिति भी बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को नहाने और अन्य दैनिक कार्य भी नदी में ही करने पड़ते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विधायक जी और एसडीएम सर से जल्द से जल्द जांच कराकर सेमरी टोला पाखलटाड़ में जल-नल योजना का काम शुरू करवाने की गुहार लगाई है।3
- झारखंड के कोयला खनन क्षेत्रों में धूल और प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हैं। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर पर्याप्त वृक्षारोपण नहीं किया गया है, और जो पेड़ पहले हरे-भरे थे, वे भी धूल की मोटी परत से काले पड़ चुके हैं। यह सब 'जनहित विकास' के नाम पर हो रहे प्रदूषण और कोयला खदानों के कारण बिगड़ते पर्यावरण की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करता है।1
- गढ़वा जिले के रामासाऊ फील्ड इलाके में शुक्रवार सुबह एक युवक का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने जब अपने दैनिक कार्यों के लिए घरों से निकलना शुरू किया, तभी उनकी नज़र इस शव पर पड़ी, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले के हर पहलू की गहराई से जांच में जुटी हुई है। इसके साथ ही, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी तथ्यों की भी जांच कर रही है, ताकि घटना की सच्चाई का पता चल सके। इस घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे आत्महत्या मान रहे हैं, वहीं कई लोगों के मन में हत्या की आशंका भी बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने अभी तक किसी भी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि यह आत्महत्या है या हत्या, या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है।1