अवैध वेंडरों का प्रखंड में कब्जा विद्यालय वेंडरों का मामला पहुंचा राज्य तक रामगढ़वा - सरकारी स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत खाद्य सामग्री मुहैया कराने वाले वेंडरो और प्रखंड के समग्र शिक्षा राशि वेंडरों का शिकायत मुख्य सचिव तक पहुंच चुका है! क्या है आरोप -शिकायतकर्ता अमरेंद्र कुमार एवं शिवेंद्र कुमार ने बताया कि रक्सौल अनुमंडलीय लोक शिकायत में गुरुवार को सुनवाई थी, प्रखंड क्षेत्र के कुछ अवैध वेंडरों के द्वारा समग्र शिक्षा राशि के निकासी की जाती है जबकि रामगढ़वा प्रखंड में दुकान ही नहीं है बात गजब की तो यह है कि वही वेंडर फिर एमडीएम का भी काम करते हैं! आखिर प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी की मिली भगत नहीं है तो और क्या है, शिकायतकर्ता के आवेदन के अनुसार दूसरे प्रखंड के भी वेंडर यहां काम करते हैं! इन्हीं शिकायतकर्ता के आवेदन पर डीपीओ मोतिहारी को भी जांच मिला है, उसके बाद मुख्य सचिव को भी आवेदन देकर जांच की मांग की है , अगर सचमुच में जांच हुआ तो प्रखंड में कई अवैध वेंडर या कहे तो प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के सगे संबंधी वेंडर के रूप में कार्य कर रहे है, परंतु अभी तक कोई भी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इन वेंडरों को नहीं रोक पाए है! शिकायतकर्ता की बात अगर सही में सच हुआ तो कई नकाबपोश लोगों के चेहरा उजागर हो सकता है, क्या कहते हैं पदाधिकारी -प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने बताया की सभी प्रधानाध्यापकों से अपने-अपने विद्यालय के वेंडरों की सूची की मांग की गई है! एमडीएम वेंडर की जांच हम लोग के क्षेत्र में नहीं है इसके लिए एमडीएम प्रभारी को निर्देशित किया गया है!
अवैध वेंडरों का प्रखंड में कब्जा विद्यालय वेंडरों का मामला पहुंचा राज्य तक रामगढ़वा - सरकारी स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत खाद्य सामग्री मुहैया कराने वाले वेंडरो और प्रखंड के समग्र शिक्षा राशि वेंडरों का शिकायत मुख्य सचिव तक पहुंच चुका है! क्या है आरोप -शिकायतकर्ता अमरेंद्र कुमार एवं शिवेंद्र कुमार ने बताया कि रक्सौल अनुमंडलीय लोक शिकायत में गुरुवार को सुनवाई थी, प्रखंड क्षेत्र के कुछ अवैध वेंडरों के द्वारा समग्र शिक्षा राशि के निकासी की जाती है जबकि रामगढ़वा प्रखंड में दुकान ही नहीं है बात गजब की तो यह है कि वही वेंडर फिर एमडीएम का भी काम करते हैं! आखिर प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी की मिली भगत नहीं है तो और क्या है, शिकायतकर्ता के आवेदन के अनुसार दूसरे प्रखंड के भी वेंडर यहां काम करते हैं! इन्हीं शिकायतकर्ता के आवेदन पर डीपीओ मोतिहारी को भी जांच मिला है, उसके बाद मुख्य सचिव को भी आवेदन देकर जांच की मांग की है , अगर सचमुच में जांच हुआ तो प्रखंड में कई अवैध वेंडर या कहे तो प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के सगे संबंधी वेंडर के रूप में कार्य कर रहे है, परंतु अभी तक कोई भी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इन वेंडरों को नहीं रोक पाए है! शिकायतकर्ता की बात अगर सही में सच हुआ तो कई नकाबपोश लोगों के चेहरा उजागर हो सकता है, क्या कहते हैं पदाधिकारी -प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने बताया की सभी प्रधानाध्यापकों से अपने-अपने विद्यालय के वेंडरों की सूची की मांग की गई है! एमडीएम वेंडर की जांच हम लोग के क्षेत्र में नहीं है इसके लिए एमडीएम प्रभारी को निर्देशित किया गया है!
- 1. **मझौलिया शुगर इंडस्ट्रीज ने 'टीबी मुक्त भारत' अभियान के तहत 10 मरीजों को वितरित किए पोषण किट** 2. **बहुअरवा राम जानकी मठ के तालाब में डूबने से 12 वर्षीय किशोर की मौत** 3. **बसवरिया पराउटोला पंचायत में वृहद पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प** 4. **निजी खर्च से जर्जर सड़क की मरम्मत कर समाजसेवी साजिद आलम बने मिसाल, ग्रामीणों ने की सराहना** 5. **अनिश्चितकालीन हड़ताल से बेतिया-लौरिया की सफाई व्यवस्था चरमराई, कचरे का अंबार** 6. **75.52 लाख की लागत से बेतिया में बनेंगे पांच सार्वजनिक शौचालय और 12 मूत्रालय, महापौर ने दिए गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश**1
- सुरक्षा गार्ड पर कार्रवाई की मांग को लेकर आशाओं का हल्ला बोल, अनुमंडलीय अस्पताल में धरना-प्रदर्शन बिहार राज्य आशा संघ (एटक) के बैनर तले शनिवार को नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटरों ने दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को अस्पताल परिसर में तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने एक आशा कार्यकर्ता और उसके साथ आए मरीज के साथ मारपीट की। इस घटना में दो माह की गर्भवती महिला को गंभीर चोटें आईं, जिससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया गया। साथ ही महिला के माथे पर गंभीर चोट लगी, जबकि बीच-बचाव करने पहुंची आशा कार्यकर्ता के साथ भी मारपीट की गई। धरना दे रहे आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा दोषी सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसी के पक्ष में शिकारपुर थाना में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए दोषी सुरक्षा गार्ड को तत्काल सेवा से हटाने तथा आशा कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे को अविलंब वापस लेने की मांग की। धरना को संबोधित करते हुए बिहार राज्य आशा संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति, एटक नेता फिरोज भारती, आशा नेत्री रंजना, सुन्दरम मिश्रा, चंदा देवी, मीना देवी, बिन्दु मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की भी मांग की।1
- आ रहा है हमारा आस्था और विश्वास का महापर्व छठ पूजा जो साल के नवंबर महीने में आता है आस्था का महापर्व छठ पूजा आनेवाला है1
- चेहल्लुम पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट । 31.07.2026. जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने कहा चेहल्लुम पर्व की तैयारी में किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए। 31.07.2026.1
- तीन सूत्री मांगों को लेकर सफाई कर्मी ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ की नाराबाजी तीन सूत्री मांगों को लेकर सफाई कर्मी ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ की नाराबाजी #BelsandNews #BiharNews #SafaiKarmiHadtal #BiharLocalBodiesEmployeesFederation #SafaiKaramchariStrike #IndefiniteStrike #BelsandNagarPanchayat #WorkersRights #JusticeForWorkers #Belsand #SitamarhiNews #BiharGovernment #NagarPanchayatBelsand1
- 21 साल पुराने दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला: महिला दोषी को 7 साल 1 माह की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना भी बेतिया व्यवहार न्यायालय ने 21 साल पुराने चर्चित दुष्कर्म मामले में अहम फैसला सुनाते हुए महिला अभियुक्त को दोषी करार दिया है। मुफस्सिल थाना कांड संख्या 232/2005 से जुड़े इस मामले में विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता की अदालत ने अभियुक्त हसीना खातून को 7 वर्ष 1 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अनन्य विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना के समय पीड़िता अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि हसीना खातून ने उसे बहला-फुसलाकर एक कमरे में पहुंचाया, जहां पहले से मौजूद मुख्य अभियुक्त नेयाज आलम ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य अभियुक्त नेयाज आलम की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त हो गई, जबकि महिला अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा जारी रहा। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर हसीना खातून को दोषी मानते हुए 7 वर्ष 1 माह के कठोर कारावास और 10,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ करीब दो दशक पुराने इस बहुचर्चित मामले का न्यायिक पटाक्षेप हो गया।1
- Virat Kohli Mumbai mein apni nai flat kharidi hai ab vah London mein nahin rahenge1
- श्री राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर संसद भवन के परागण में नाट्य रूपांतरण पेश करते हुए सांसद पप्पू यादव, एवं राहुल गाँधी #bihar #pappuyadav #rahulgandhi #rammandir1
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