आशाओं ने की मानदेय बढ़ाने और स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग अल्मोड़ा। मानदेय वृद्धि, नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को नगर के गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के जल्द समाधान की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि 31 अगस्त 2021 को खटीमा वार्ता में सरकार ने आशाओं को 11,500 रुपये मासिक मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन करीब पांच साल बीतने के बाद भी यह प्रस्ताव लागू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आशाएं 24 घंटे मातृ-शिशु सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं में जुटी रहती हैं, इसके बावजूद उन्हें दैनिक मजदूर से भी कम भुगतान किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने दरज़ामंत्री कुंदन लटवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में वर्ष 2021 के प्रस्ताव को तत्काल लागू करने, आशाओं को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने और सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन पेंशन की नीति बनाने की मांग की गई। आशाओं ने कहा कि जब तक स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक सेवामुक्त होने वाली आशाओं को 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाए। इसके अलावा महीनों से लंबित भुगतान जारी करने, पल्स पोलियो अभियान और प्रशिक्षण के लिए 500 रुपये प्रतिदिन का भत्ता देने तथा सरकारी अस्पतालों में आशाओं के साथ होने वाली बदसलूकी पर रोक लगाने की मांग भी की गई। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगी।
आशाओं ने की मानदेय बढ़ाने और स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग अल्मोड़ा। मानदेय वृद्धि, नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को नगर के गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के जल्द समाधान की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि 31 अगस्त 2021 को खटीमा वार्ता में सरकार ने आशाओं को 11,500 रुपये मासिक मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन करीब पांच साल बीतने के बाद भी यह प्रस्ताव लागू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आशाएं 24 घंटे मातृ-शिशु सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं में जुटी रहती हैं, इसके बावजूद उन्हें दैनिक मजदूर से भी कम भुगतान किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने दरज़ामंत्री कुंदन लटवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में वर्ष 2021 के प्रस्ताव को तत्काल लागू करने, आशाओं को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने और सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन पेंशन की नीति बनाने की मांग की गई। आशाओं ने कहा कि जब तक स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक सेवामुक्त होने वाली आशाओं को 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाए। इसके अलावा महीनों से लंबित भुगतान जारी करने, पल्स पोलियो अभियान और प्रशिक्षण के लिए 500 रुपये प्रतिदिन का भत्ता देने तथा सरकारी अस्पतालों में आशाओं के साथ होने वाली बदसलूकी पर रोक लगाने की मांग भी की गई। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगी।
- आशाओं ने की मानदेय बढ़ाने और स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग अल्मोड़ा। मानदेय वृद्धि, नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को नगर के गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के जल्द समाधान की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि 31 अगस्त 2021 को खटीमा वार्ता में सरकार ने आशाओं को 11,500 रुपये मासिक मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन करीब पांच साल बीतने के बाद भी यह प्रस्ताव लागू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आशाएं 24 घंटे मातृ-शिशु सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं में जुटी रहती हैं, इसके बावजूद उन्हें दैनिक मजदूर से भी कम भुगतान किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने दरज़ामंत्री कुंदन लटवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में वर्ष 2021 के प्रस्ताव को तत्काल लागू करने, आशाओं को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने और सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन पेंशन की नीति बनाने की मांग की गई। आशाओं ने कहा कि जब तक स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक सेवामुक्त होने वाली आशाओं को 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाए। इसके अलावा महीनों से लंबित भुगतान जारी करने, पल्स पोलियो अभियान और प्रशिक्षण के लिए 500 रुपये प्रतिदिन का भत्ता देने तथा सरकारी अस्पतालों में आशाओं के साथ होने वाली बदसलूकी पर रोक लगाने की मांग भी की गई। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगी।1
- • नैनीताल बैंक का रिकॉर्ड प्रदर्शन: नेटवर्थ में 26.86% का सुधार, एमडी सुशी कुमार लाल ने साझा किए आंकड़े नैनीताल। द नैनीताल बैंक लिमिटेड की 104वीं वार्षिक आम बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के शानदार वित्तीय नतीजे घोषित किए गए। बैंक के परिचालन लाभ में 30.66% की वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर 116.33 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, शुद्ध लाभ भी 24.96% की बढ़त के साथ 63.24 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। एमडी एवं सीईओ सुशी कुमार लाल के अनुसार, बैंक का कुल व्यवसाय 6.75% बढ़कर 14,118.02 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, नेटवर्थ में 26.86% का सुधार हुआ है और शुद्ध एनपीए घटकर महज 0.27% रह गया है। बैंक ने डिजिटल बैंकिंग को मजबूत करने के लिए 'नैनी नियो' ऐप और साउंड बॉक्स जैसी नई सुविधाएँ भी शुरू की हैं।1
- लेजर होटल्स ग्रुप का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया।। नैनीताल के प्रतिष्ठित होटल नैनी रिट्रीट में मंगलवार को लेजर होटल्स ग्रुप का 37 वां स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर लेजर ग्रुप की उपलब्धियों का बखान किया गया और होटल समूह द्वारा पर्वतीय क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा देने स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान किए जाने में सहयोग दिए जाने की बात कही गई। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित जीत किए। जिनमें कुमाऊंनी और लोक गीतों की धूम रही। साथ ही कुमाऊनी व्यंजन परोसे गए। केक काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अतिथियों का कुमाऊनी परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। समारोह में नगर के होटल और पर्यटन कारोबारियों समेत होटल कर्मचारियों, पर्यटक भी शामिल हुए। इस अवसर पर नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट, महासचिव वेद साह, कमल बोरा, महाप्रबंधक डीएस जीना, यूएस राणा, हरीश सिंह परिहार,धीरज उप्रेती, संजय,सुरेश,पवन और श्याम समेत अन्य लोग मौजूद थे।2
- छात्रसंघ चुनाव को लेकर नैनीताल पुलिस मुस्तैद, की जा रही है सघन निगरानी और चेकिंग SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में छात्रसंघ चुनाव को सकुशल एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने हेतु नैनीताल पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं डायवर्जन प्वाइंटों पर पुलिस बल तैनात कर सघन निगरानी एवं चेकिंग की जा रही है। डिग्री कॉलेज तिराहा, कुल्यालपुरा चौराहा, तिकोनिया, नरीमन तिराहा काठगोदाम, कॉलटैक्स तिराहा सहित प्रमुख डायवर्जन प्वाइंटों पर पुलिस मुस्तैद है।1
- बागेश्वर और दुगनाकुरी में एबीवीपी तो कपकोट, कांडा, गरुड़ डिग्री कालेज में NSUI बागेश्वर और दुगनाकुरी में एबीवीपी तो कपकोट, कांडा, गरुड़ डिग्री कालेज में NSUI के बने अध्यक्ष. 1- सबसे पहले राजकीय महाविद्यालय कांडा का रिजल्ट जहाँ NSUI का दबदबा रहा. लक्ष्मी - अध्यक्ष कुमकुम - उपाध्यक्ष राजकुमार - छात्र उपाध्यक्ष दीया- सचिव चांदनी - संयुक्त सचिव राधिका - कोषाध्यक्ष विनीता कांडपाल - विश्वविद्यालय प्रतिनिधि 2- सुमित्रानंदन पंत राजकीय महाविद्यालय गरुड़ , से सभी सभी पद पर भी NSUI की जीत. अध्यक्ष - अंजली कबडोला उपाध्यक्ष - पूजा सचिव - जगदीश प्रसाद सहसचिव - ललिता गोश्वमी विश्वविद्यालय प्रतिनिधि - जया कोहली. 3- राजकीय महाविद्यालय कपकोट में भी NSUI का ही दबदबा रहा. यहां अध्यक्ष तेज सिंह (NSUI) 4- राजकीय महाविद्यालय दुगनाकुरी में एबीवीपी का रहा दबदबा. अध्यक्ष - अंजली आर्य. 5 - बागेश्वर पं. बद्री दत्त पांडे कैम्पस में अध्यक्ष पद पर ABVP के उमेश शाही पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जबकि बांकी पदों पर चुनाव हुए जिसमें अधिकतर पदों पर NSUI की जीत हुई. उपाध्यक्ष (छात्र) • गजेन्द्र साह – 607 वोट • कपिल कुमार – 310 वोट उपाध्यक्ष (छात्रा) • कोमल बिष्ट – 576 वोट • बबीता आर्या – 358 वोट महासचिव • अखिल परिहार – 512 वोट • ललित कुमार – 427 वोट संयुक्त सचिव • पूजा मट्ट – 379 वोट • रिया कोहली – 295 वोट • प्रिया भंडारी – 249 वोट कोषाध्यक्ष • अनामिका सिरसवाल – 427 वोट • रोलिका साह – 427 वोट 👉 दोनों प्रत्याशियों को बराबर वोट मिलने से मुकाबला टाई रहा। सांस्कृतिक सचिव • विनय कुमार – 549 वोट • नेहा दानू – 371 वोट विश्वविद्यालय प्रतिनिधि • नीरज जोशी – 746 वोट • दीया नगरकोटी – 226 वोट1
- गरुड़ डिग्री कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में NSUI की अंजली कबडोला विजयी गरुड़ डिग्री कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में NSUI की अंजली कबडोला विजयी1