रियांबड़ी के लुगिया गांव स्थित भगवान चारभुजा नाथ मंदिर की स्थापना का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर दो दिवसीय धार्मिक आयोजन आयोजित किया गया। आयोजन के पहले दिन बुधवार सुबह विशेष पूजा के साथ कथा का शुभारंभ हुआ, जो दिनभर और पूरी रात भक्तिमय वातावरण में जारी रही। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर भजन-कीर्तन किए और भगवान चारभुजा नाथ के जयकारे लगाए। गुरुवार सुबह विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष हवन और पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इस दौरान भगवान चारभुजा नाथ का अभिषेक और विशेष श्रृंगार भी किया गया। हवन में ग्रामीणों ने आहुतियां देकर क्षेत्र में अच्छी वर्षा, किसानों की समृद्ध फसल, परिवारों की सुख-शांति और गांव में खुशहाली की प्रार्थना की। ग्रामीणों के अनुसार यह मंदिर पिछले वर्ष बनकर तैयार हुआ था और इस आयोजन में गांव के सभी समाजों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को बल मिला। पूजा-अर्चना और हवन के समापन के बाद श्रद्धालुओं से खचाखच भरे मंदिर परिसर में लोगों ने भगवान के दर्शन किए और अंत में महाप्रसाद ग्रहण किया।
रियांबड़ी के लुगिया गांव स्थित भगवान चारभुजा नाथ मंदिर की स्थापना का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर दो दिवसीय धार्मिक आयोजन आयोजित किया गया। आयोजन के पहले दिन बुधवार सुबह विशेष पूजा के साथ कथा का शुभारंभ हुआ, जो दिनभर और पूरी रात भक्तिमय वातावरण में जारी रही। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर भजन-कीर्तन किए और भगवान चारभुजा नाथ के जयकारे लगाए। गुरुवार सुबह विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष हवन और पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इस दौरान भगवान चारभुजा नाथ का अभिषेक और विशेष श्रृंगार भी किया गया। हवन में ग्रामीणों ने आहुतियां देकर क्षेत्र में अच्छी वर्षा, किसानों की समृद्ध फसल, परिवारों की सुख-शांति और गांव में खुशहाली की प्रार्थना की। ग्रामीणों के अनुसार यह मंदिर पिछले वर्ष बनकर तैयार हुआ था और इस आयोजन में गांव के सभी समाजों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को बल मिला। पूजा-अर्चना और हवन के समापन के बाद श्रद्धालुओं से खचाखच भरे मंदिर परिसर में लोगों ने भगवान के दर्शन किए और अंत में महाप्रसाद ग्रहण किया।
- नागौर के जसवंताबाद ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलो-अप कैंप में प्रशासन ने आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी। इस शिविर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रजापत समाज के चार भाइयों—चेतनराम प्रजापत, धर्माराम प्रजापत, चेनाराम प्रजापत और हनुमानराम प्रजापत के बीच तीन दशक से अधिक समय से चले आ रहे भूमि बंटवारे के विवाद का आपसी सहमति से समाधान रहा। प्रशासन की मौजूदगी में चारों भाइयों ने अपनी भूमि का बंटवारा स्वीकार कर लिया, जिसके बाद तीन दशक पुराना यह विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया। शिविर के दौरान राजस्व, पेयजल सहित विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की सुनवाई की गई। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करना है और न्यायालय में विचाराधीन मामलों को भी आपसी सहमति से हल कराने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर में ग्रामीणों द्वारा पेयजल संकट का मुद्दा उठाए जाने पर अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया और अन्य प्राप्त आवेदनों का भी नियमानुसार समाधान किया। इस दौरान सहायक विकास अधिकारी जगदीश सैनी, नायब तहसीलदार प्रेमकुमार ढेबाना, प्रशासक संतोष देवी बाना, प्रतिनिधि रामअवतार बाना, ग्राम सेवक आकाश तिवाड़ी, पटवारी चेनाराम, भू-निरीक्षक सुरेश पारीक और कनिष्ठ सहायक सुखाराम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के बाद चारों भाइयों और ग्रामीणों ने एक ही छत के नीचे सभी सेवाएं मिलने पर प्रशासन का आभार जताया और राज्य सरकार की इस पहल को अत्यंत लाभकारी बताया।1
- मेड़ता क्षेत्र में मानसून की असमान बारिश देखने को मिल रही है। बारिश के इस ढर्रे के कारण कहीं खेत पानी से लबालब भर चुके हैं, तो वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर किसान अब भी बादलों के आने और बरसने का इंतजार कर रहे हैं।1
- मेड़ता सिटी के बागावास वार्ड नंबर 2 में जल निकासी की व्यवस्था न होने, बारिश का पानी जमा होने और कच्ची सड़क होने की वजह से रास्ते पर भारी पानी और कीचड़ फैल गया है। इस बदहाली के कारण स्थानीय निवासियों को आवाजाही में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इस समस्या को लेकर नगर पालिका में शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। पालिका की ओर से केवल यह कहकर टालमटोल किया जा रहा है कि आगे से साहब फाइल पास कर देंगे तो सड़क बन जाएगी।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर राजस्थान से दिल्ली आए रवि अग्रवाल नामक एक NEET छात्र का इंस्टाग्राम वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्र ने ऑन-कैमरा यह दावा किया है कि वह छात्रों की मांगों के समर्थन में दिल्ली आया था, लेकिन वहां का माहौल पूरी तरह से राजनीतिक और अलग निकला। कई छात्रों और आलोचकों का कहना है कि इस आंदोलन की शुरुआत निष्पक्ष रूप से परीक्षा सुधारों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुई थी। हालांकि, अब जंतर-मंतर पर चल रहे "कॉकरोच जनता पार्टी" (CJP) और छात्रों के इस मंच पर विपक्षी दलों के बड़े नेताओं, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और बाहरी असामाजिक तत्वों ने कब्ज़ा कर लिया है, जिसके कारण असली मेडिकल छात्र वहां से दूरी बना रहे हैं। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष भी आमने-सामने आ गए हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थकों का आरोप है कि कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत विपक्ष युवाओं के भविष्य की आड़ में "फर्जी आंदोलन" और "डिजिटल दंगा" भड़काने की साजिश रच रहा है। सरकार का कहना है कि वह संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर सड़कों पर अराजकता का माहौल बनाना चाहता है।1
- संसार की रीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि लोग चार सिक्कों के गिरने की खनक तो तुरंत सुन लेते हैं, लेकिन यदि कोई व्यक्ति चीख-चीख कर रो भी दे तो भी कोई उसका हाल पूछने नहीं आता। इसके साथ ही 'जय राजपूताना, जय मारवाड़, जय राजस्थान' के नारे लगाते हुए लोगों से लाइक, फॉलो, सब्सक्राइब करने और समर्थन देने का आग्रह किया गया है। साथ ही जैसा खेड़ा और बड़ा खेड़ा में स्थित 'श्री मालदीव मानगढ़ जी महाराज' का जयकारा भी लगाया गया है।4
- रियांबड़ी के लुगिया गांव स्थित भगवान चारभुजा नाथ मंदिर की स्थापना का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर दो दिवसीय धार्मिक आयोजन आयोजित किया गया। आयोजन के पहले दिन बुधवार सुबह विशेष पूजा के साथ कथा का शुभारंभ हुआ, जो दिनभर और पूरी रात भक्तिमय वातावरण में जारी रही। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर भजन-कीर्तन किए और भगवान चारभुजा नाथ के जयकारे लगाए। गुरुवार सुबह विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष हवन और पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इस दौरान भगवान चारभुजा नाथ का अभिषेक और विशेष श्रृंगार भी किया गया। हवन में ग्रामीणों ने आहुतियां देकर क्षेत्र में अच्छी वर्षा, किसानों की समृद्ध फसल, परिवारों की सुख-शांति और गांव में खुशहाली की प्रार्थना की। ग्रामीणों के अनुसार यह मंदिर पिछले वर्ष बनकर तैयार हुआ था और इस आयोजन में गांव के सभी समाजों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को बल मिला। पूजा-अर्चना और हवन के समापन के बाद श्रद्धालुओं से खचाखच भरे मंदिर परिसर में लोगों ने भगवान के दर्शन किए और अंत में महाप्रसाद ग्रहण किया।1
- राजस्थान के अजमेर में सरकारी कार्यालयों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी फलुद हार्दिक रमेशचंद को गुजरात से गिरफ्तार कर अजमेर लाया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।1