मझौली के पथरौला चौकी जोगीपहाड़ी क्षेत्र में रास्ते के एक पुराने विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जिसके चलते दबंगों द्वारा एक परिवार के घर में आग लगाने का मामला सामने आया है। इस घटना से आक्रोशित पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने मड़वास रोड पर चक्काजाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। बाद में मड़वास थाना प्रभारी की समझाइश के बाद जाम समाप्त कराया गया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि रास्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। आरोपियों द्वारा जबरन रास्ता देने का दबाव बनाया जा रहा था, जबकि पीड़ित पक्ष का कहना था कि बाइक और पैदल आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह पहले से मौजूद है। आरोपियों की मांग थी कि उन्हें सड़क के लिए रास्ता चाहिए। पीड़ित परिजनों ने बताया कि वे बाड़ी हटाकर रास्ता देने के लिए समय मांग रहे थे, लेकिन आरोपी इस बात पर राजी नहीं हुए। पीड़ितों के अनुसार, घटना वाले दिन सुबह करीब 6 बजे आरोपी पक्ष के लोग पहुंचे और पहले घर में तोड़फोड़ की। विरोध करने पर मारपीट की गई और फिर घर में आग लगा दी गई, जिससे पूरा घर जलकर खाक हो गया। घर में रखे नकदी, अनाज और अन्य सामान भी जल गए। इसके अलावा, दो दिन पहले लगाए गए चंदन के पेड़ को भी काटकर ले जाने का आरोप है। पीड़ित अवध लाल साकेत और अवधेश साकेत ने बताया कि 18 जून से ही लगातार लड़ाई-झगड़ा, मारपीट और तोड़फोड़ हो रही थी। उन्होंने कुल्हाड़ी से हमले और बकरी के पैर तोड़ने का भी आरोप लगाया, साथ ही कहा कि पुलिस ने न तो मेडिकल कराया और न ही रिपोर्ट लिखी। इस पूरी घटना में पथरौला पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित परिवार ने कहा कि वे कई दिनों से पथरौला चौकी के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आवेदन लेने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया और उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया जाता था, जिसके कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और यह घटना घटित हुई। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि जब लगातार विवाद और मारपीट की जानकारी पुलिस को थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान डायल 112 मौके पर पहुंची, लेकिन केवल फोटो खींचकर वापस चली गई। ग्राम पंचायत दादर के सरपंच रामदयाल कोल ने भी पुलिस की लापरवाही को स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें लिखित और मौखिक रूप से जानकारी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया और आरोपियों का ही पक्ष ले रही थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। चक्काजाम के डेढ़ घंटे बाद पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर जाम को खुलवाया। पुलिस ने 12 आरोपियों — सूर्यमणि पिता महेश साकेत, सूरज पिता महेश साकेत, हनुमान पिता गणेश साकेत, हीरामणि पिता श्यामलाल साकेत, भईया लाल पिता श्यामलाल साकेत, आरती पति सूर्यमणि साकेत, बतसिया पति महेश साकेत, कोयल पति हनुमान साकेत, बाबी पति सूरज साकेत, कमलेशिया पति गणेश साकेत, करुणा पति भईया लाल साकेत और शांती पति हीरामणि साकेत — को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296(3), 115(2), 125, 326(छ), 324(4), 351(3), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। मड़वास थाना प्रभारी अतर सिंह कुशवाह ने बताया कि सभी पर मारपीट, घर में आगजनी और धारदार हथियार से हमला करने को लेकर मामला दर्ज किया गया है।
मझौली के पथरौला चौकी जोगीपहाड़ी क्षेत्र में रास्ते के एक पुराने विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जिसके चलते दबंगों द्वारा एक परिवार के घर में आग लगाने का मामला सामने आया है। इस घटना से आक्रोशित पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने मड़वास रोड पर चक्काजाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। बाद में मड़वास थाना प्रभारी की समझाइश के बाद जाम समाप्त कराया गया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि रास्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। आरोपियों द्वारा जबरन रास्ता देने का दबाव बनाया जा रहा था, जबकि पीड़ित पक्ष का कहना था कि बाइक और पैदल आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह पहले से मौजूद है। आरोपियों की मांग थी कि उन्हें सड़क के लिए रास्ता चाहिए। पीड़ित परिजनों ने बताया कि वे बाड़ी हटाकर रास्ता देने के लिए समय मांग रहे थे, लेकिन आरोपी इस बात पर राजी नहीं हुए। पीड़ितों के अनुसार, घटना वाले दिन सुबह करीब 6 बजे आरोपी पक्ष के लोग पहुंचे और पहले घर में तोड़फोड़ की। विरोध करने पर मारपीट की गई और फिर घर में आग लगा दी गई, जिससे पूरा घर जलकर खाक हो गया। घर में रखे नकदी, अनाज और अन्य सामान भी जल गए। इसके अलावा, दो दिन पहले लगाए गए चंदन के पेड़ को भी काटकर ले जाने का आरोप है। पीड़ित अवध लाल साकेत और अवधेश साकेत ने बताया कि 18 जून से ही लगातार लड़ाई-झगड़ा, मारपीट और तोड़फोड़ हो रही थी। उन्होंने कुल्हाड़ी से हमले और बकरी के पैर तोड़ने का भी आरोप लगाया, साथ ही कहा कि पुलिस ने न तो मेडिकल कराया और न ही रिपोर्ट लिखी। इस पूरी घटना में पथरौला पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित परिवार ने कहा कि वे कई दिनों से पथरौला चौकी के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आवेदन लेने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया और उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया जाता था, जिसके कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और यह घटना घटित हुई। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि जब लगातार विवाद और मारपीट की जानकारी पुलिस को थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान डायल 112 मौके पर पहुंची, लेकिन केवल फोटो खींचकर वापस चली गई। ग्राम पंचायत दादर के सरपंच रामदयाल कोल ने भी पुलिस की लापरवाही को स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें लिखित और मौखिक रूप से जानकारी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया और आरोपियों का ही पक्ष ले रही थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। चक्काजाम के डेढ़ घंटे बाद पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर जाम को खुलवाया। पुलिस ने 12 आरोपियों — सूर्यमणि पिता महेश साकेत, सूरज पिता महेश साकेत, हनुमान पिता गणेश साकेत, हीरामणि पिता श्यामलाल साकेत, भईया लाल पिता श्यामलाल साकेत, आरती पति सूर्यमणि साकेत, बतसिया पति महेश साकेत, कोयल पति हनुमान साकेत, बाबी पति सूरज साकेत, कमलेशिया पति गणेश साकेत, करुणा पति भईया लाल साकेत और शांती पति हीरामणि साकेत — को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296(3), 115(2), 125, 326(छ), 324(4), 351(3), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। मड़वास थाना प्रभारी अतर सिंह कुशवाह ने बताया कि सभी पर मारपीट, घर में आगजनी और धारदार हथियार से हमला करने को लेकर मामला दर्ज किया गया है।
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- ऑपरेटर महासंघ ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर संगठन से जुड़ने और समर्थन करने का आह्वान किया है। महासंघ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि किसी को भी कहीं कोई समस्या या परेशानी आती है, तो सभी को मिलकर उसका समाधान करने के लिए अवश्य आगे आना चाहिए।1
- पूरा मध्य प्रदेश योगमय हो गया है, जहाँ राज्य के हर जिले से 'स्वस्थ भारत' के निर्माण का संकल्प लिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा स्थित पद्मधर कॉलोनी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लगभग 12 घंटे तक कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रभावित परिवार ने इस पर गहरी आपत्ति जताते हुए इसे पूरी तरह से एक राजनीतिक साजिश बताया है। खबर में यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्रवाई समाप्त होने के बाद जब मीडिया ने टीम से सवाल पूछे, तो ED की टीम ने उन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सवालों से बचती नजर आई।1
- रीवा के ईको पार्क में प्रमोद शर्मा और उनके साथ आए लोगों को भीड़ ने दौड़ा दिया, जब वे अपनी नेतागीरी चमकाने वहाँ पहुँचे थे। इस दौरान, जैसे ही नेता जी की नज़र लठ्ठों पर पड़ी, उन्हें तुरंत मौके से भागते हुए देखा गया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भाजपा मंडल गुढ़ ने मंडल अध्यक्ष एड. अनंत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुढ़ के प्राचीन गढ़ी प्रांगण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रीवा जिले के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी.एल. मिश्रा मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे, जबकि भाजपा मंडल गुढ़ के अध्यक्ष एड. अनंत कुमार गुप्ता ने इसकी अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में रीवा जिला दवा विक्रेता संघ के सचिव शशि मिश्रा और पूर्व सरपंच सुरेंद्र यादव शामिल थे। इस योगाभ्यास में भाजपा मंडल गुढ़ के पदाधिकारियों, विद्यालय परिवार के सदस्यों, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शासकीय महाविद्यालय गुढ़ के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योगाभ्यास का संचालन विद्यालय के योग शिक्षक सौरभ मिश्रा और राजेश चंद्र अवधिया ने कराया। मुख्य अतिथि डॉ. बी.एल. मिश्रा ने योग की महत्ता बताते हुए इसके शारीरिक और मानसिक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार है। कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दिए गए उद्बोधन का सीधा प्रसारण भी उपस्थित जनों को सुनाया गया, और उनसे प्रधानमंत्री के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष एड. अनंत कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष रावेंद्र मिश्रा, बी.के. पाण्डेय, सूर्यप्रकाश मिश्रा, हीरालाल नामदेव, हरीश प्रसाद मिश्रा, राज बहोर कुशवाहा, श्रीमती रेखा मिश्रा, विनोद तिवारी, विजय विश्वकर्मा, रक्षारानी पटेल, शैलेन्द्र बंसल, दिलीप दुबे, रामायण प्रसाद मिश्रा, डॉ. जितेंद्र त्रिपाठी, डॉ. निशा सिंह, दीपा कोल, राम मनोहर पटेल, यशोदा उपाध्याय, अखिलेश सिंह, संध्या मिश्रा, निशा नामदेव, जितेंद्र सिंह, रामजीत सिंह बहरोलिया, एड. हीरालाल वर्मा, संतोष सिंह, इश्तहाक खान, विनय त्रिपाठी, जगन्नाथ दुबे, डॉ. राजेश शर्मा, दीपक सोनी, नरेश मिश्रा, सूर्यकांत त्रिपाठी, अशोक चिकवा, बाबूलाल सोंधिया, नीरज गुप्ता, नितिन पाण्डेय सहित लगभग 200 लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इसी तरह, मंडल महसाव में भी मंडल अध्यक्ष विश्वजीत चौरसिया के नेतृत्व में योगाभ्यास किया गया, जिसमें रामभजन साकेत, अवधेश प्रसाद तिवारी, नटवरलाल चौरसिया, रामदास पटेल, डिगनलाल चौरसिया, महेश चौरसिया, लोकेश्वर तिवारी, शिवराज चौरसिया, रामप्रसाद चौरसिया, रामवरण चौरसिया, बैजनाथ साकेत, केदारनाथ चौरसिया और राजाराम साकेत ने भाग लिया।1
- सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जोगनी स्थित खाखन पुल के पास NH-39 पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सिंगरौली से सीधी की ओर जा रहा एक कोयला लोड ट्रक दो बाइक सवारों को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर खाई में पलट गया। इस दुर्घटना में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि ट्रक का चालक भी वाहन के अंदर काफी देर तक फंसा रहा। घटना की सूचना मिलने पर जियावन पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद फंसे हुए चालक सहित सभी घायलों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।1