*स्लीमनाबाद में एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए फूटा जनआक्रोश; हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीण, रेलवे ने दिया लिखित आश्वासन* स्लीमनाबाद/कटनी: लंबे समय से चली आ रही रेल स्टॉपेज की मांग को लेकर आज स्लीमनाबाद स्टेशन पर जनआक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्राम विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद आंदोलन में सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अपडाउनर्स और ग्रामीण जुटना शुरू हो गए थे। आंदोलनकारियों की स्पष्ट मांग थी कि स्लीमनाबाद में प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए, जिसके अभाव में क्षेत्रवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। *प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग* आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के स्टॉपेज की मांग पुरजोर तरीके से रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्लीमनाबाद एक महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन ट्रेनों के न रुकने से व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को मजबूरन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। *रेलवे अधिकारियों का लिखित आश्वासन और 'ब्रेकिंग न्यूज़'* आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर डीआरएम कार्यालय से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराते हुए आश्वस्त किया कि उनकी मांगें प्रक्रिया में हैं। इस दौरान एक आधिकारिक पत्र भी सौंपा गया जिसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं: * रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (11753/54): इस ट्रेन के प्रायोगिक ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी होगी। * इंटरसिटी ट्रेनें: जबलपुर-अंबिकापुर और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के ठहराव का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को अग्रसारित (Forward) कर दिया गया है। अधिकारियों के इस लिखित भरोसे के बाद समिति ने फिलहाल आंदोलन को विराम देने का निर्णय लिया। *क्षेत्रीय नेतृत्व की रही सक्रिय उपस्थिति* इस बड़े प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप त्रिपाठी, अमरदीप साहू, दीपक तिवारी, सरपंच कल्लू दास बैरागी, मदन सिंह, जगदेव पटेल, महेंद्र दुबे, रामानुज पांडे, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सीताराम दुबे, अमित गर्ग और विजय साहू सहित दीनू पांडे, संटु अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, संतोष सिंह, विक्की जैन, अजय विश्वकर्मा, बिंदेश्वरी पटेल, गंगाधर बढ़गैया, अविनाश तिवारी, मंगल सिंह, माधुरी जैन, अजय नामदेव, जितेंद्र सिंह, विपिन सिंह और लालू खान जैसे अनेक गणमान्य नागरिक व भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
*स्लीमनाबाद में एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए फूटा जनआक्रोश; हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीण, रेलवे ने दिया लिखित आश्वासन* स्लीमनाबाद/कटनी: लंबे समय से चली आ रही रेल स्टॉपेज की मांग को लेकर आज स्लीमनाबाद स्टेशन पर जनआक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्राम विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद आंदोलन में सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अपडाउनर्स और ग्रामीण जुटना शुरू हो गए थे। आंदोलनकारियों की स्पष्ट मांग थी कि स्लीमनाबाद में प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए, जिसके अभाव में क्षेत्रवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। *प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग* आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के स्टॉपेज की मांग पुरजोर तरीके से रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्लीमनाबाद एक महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन ट्रेनों के न रुकने से व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को मजबूरन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। *रेलवे अधिकारियों का लिखित आश्वासन और 'ब्रेकिंग न्यूज़'* आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर डीआरएम कार्यालय से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराते हुए आश्वस्त किया कि उनकी मांगें प्रक्रिया में हैं। इस दौरान एक आधिकारिक पत्र भी सौंपा गया जिसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं: * रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (11753/54): इस ट्रेन के प्रायोगिक ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी होगी। * इंटरसिटी ट्रेनें: जबलपुर-अंबिकापुर और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के ठहराव का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को अग्रसारित (Forward) कर दिया गया है। अधिकारियों के इस लिखित भरोसे के बाद समिति ने फिलहाल आंदोलन को विराम देने का निर्णय लिया। *क्षेत्रीय नेतृत्व की रही सक्रिय उपस्थिति* इस बड़े प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप त्रिपाठी, अमरदीप साहू, दीपक तिवारी, सरपंच कल्लू दास बैरागी, मदन सिंह, जगदेव पटेल, महेंद्र दुबे, रामानुज पांडे, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सीताराम दुबे, अमित गर्ग और विजय साहू सहित दीनू पांडे, संटु अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, संतोष सिंह, विक्की जैन, अजय विश्वकर्मा, बिंदेश्वरी पटेल, गंगाधर बढ़गैया, अविनाश तिवारी, मंगल सिंह, माधुरी जैन, अजय नामदेव, जितेंद्र सिंह, विपिन सिंह और लालू खान जैसे अनेक गणमान्य नागरिक व भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- रेलवे स्टेशन सलीमाबाद में ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जी की रेल प्रशासन को विगत 15 वर्षों रेल्वे आवेदन निवेदन का क्रम चलता रहा ग्रामीणों का धैर्य टूट जाने के बाद आंदोलन का एकमात्र सहारा लेते हुए झरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विरोध दर्ज कराती हुई वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने के हाथों में ज्ञापन सोपा गया जिसमें समिति के सदस्यों ने एक माह का समय रेल शासन को दिया है संतोषजनक निराकरण नहीं होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है रेल प्रशासन के उच्च अधिकारी डीआरएम गम के प्रतिनिधि नितिन सोने ने हर संभव मदद का भरोसा दिल आया है और रीवा इतवारी का स्टॉपेज 15 दिवस के भीतर देने का आश्वासन दिया है बाकी अन्य ट्रेनों की मांग को पूर्व में ही रेल मंत्रालय के समक्ष डीआरएम कार्यालय की उचित सहमति के साथ भेज दिया गया है जो जल्द ही तीनों के ठहराव के संबंध में निराकरण से क्षेत्र वासियों को अवगत कराने की बात कही है इस मौके पर सतना से ईश्वर चंद्र त्रिपाठी सलीमानाबाद से पंडित प्रदीप त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य दीपक तिवारी ठाकुर मदन सिंह अमरदीप साहू राजाराम गुप्ता धरवारा से अमित गर्ग1
- रीठी बायपास के पास अवैध प्लाटिंग का खेल धड़ल्ले से जारी, प्रशासन मौन कटनी – कटनी शहर के रीठी बायपास क्षेत्र में इन दिनों अवैध प्लाटिंग का खेल तेजी से फैलता नजर आ रहा है। मुख्य सड़क से लगी कृषि भूमि को बिना वैधानिक अनुमति के छोटे-छोटे प्लॉटों में काटकर बेचा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन अब तक इस पर सख्त कार्रवाई करता दिखाई नहीं दे रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भू - माभिया खेतों को प्लॉट में बदल रहे हैं। न तो कॉलोनी का नक्शा स्वीकृत है और न ही सड़क, नाली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कोई व्यवस्था की जा रही है। इसके बावजूद लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर जमीन की खरीद-फरोख्त कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगहों पर जेसीबी से सड़कें बनाकर कॉलोनी का रूप दिया जा रहा है, जबकि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के विपरीत है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में यहां बड़ी संख्या में अवैध मकान खड़े हो सकते हैं। सूत्रो के अनुसार, बिना भूमि कन्वर्जन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की अनुमति के यह प्लाटिंग की जा रही है। मामले में राजस्व विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों के मिलीभगत की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना अनुमति की प्लाटिंग से खरीदारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि ऐसी कॉलोनियों को भविष्य में वैधता मिलना मुश्किल होता है और प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर सकता है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रीठी बायपास क्षेत्र में हो रही अवैध प्लाटिंग की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को ठगी से बचाया जा सके और शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।2
- स्लीमनाबाद में फूटा जनआक्रोश: एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग पर हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, रेलवे ने दिया लिखित आश्वासन स्लीमनाबाद/कटनी। लंबे समय से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर स्लीमनाबाद रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को जनआक्रोश का बड़ा विस्फोट देखने को मिला। ग्राम विकास संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में ग्रामीण, अपडाउनर्स, छात्र और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि स्टेशन परिसर में जुट गए। देखते ही देखते पूरा स्टेशन आंदोलनकारियों से भर गया और ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग जोरदार तरीके से उठने लगी। ग्रामीणों का कहना था कि स्लीमनाबाद क्षेत्र का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद यहां महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है, जिससे व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूर के स्टेशनों तक जाना पड़ता है। इन प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के स्लीमनाबाद स्टेशन पर नियमित ठहराव की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि इन ट्रेनों के रुकने से पूरे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। रेलवे अधिकारियों को मौके पर बुलाना पड़ा आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए जबलपुर डीआरएम कार्यालय से वरिष्ठ रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों और समिति के पदाधिकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को लिखित आश्वासन पत्र सौंपा, जिसमें बताया गया कि— रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (11753/54) के स्लीमनाबाद में प्रायोगिक ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और इसकी अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी। जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी तथा जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के ठहराव का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को अग्रसारित कर दिया गया है और इस पर सकारात्मक विचार चल रहा है। रेलवे के इस लिखित आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने फिलहाल आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया, हालांकि समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठहराव शुरू नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद इस प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप त्रिपाठी, अमरदीप साहू, दीपक तिवारी, सरपंच कल्लू दास बैरागी, मदन सिंह, जगदेव पटेल, महेंद्र दुबे, रामानुज पांडे, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सीताराम दुबे, अमित गर्ग और विजय साहू सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इसके अलावा दीनू पांडे, संटु अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, संतोष सिंह, विक्की जैन, अजय विश्वकर्मा, बिंदेश्वरी पटेल, गंगाधर बढ़गैया, अविनाश तिवारी, मंगल सिंह, माधुरी जैन, अजय नामदेव, जितेंद्र सिंह, विपिन सिंह और लालू खान समेत सैकड़ों ग्रामीण और अपडाउनर्स आंदोलन में शामिल रहे। ✍️ संवाददाता: बंटी नामदेव1
- Post by Saurabh Singh1
- कटनी: मंगलवार को कटनी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक परिवार ने अपनी समस्या का समाधान न होने पर आत्महत्या की धमकी दे दी। जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार लंबे समय से अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंच रहा था, लेकिन समाधान नहीं होने से नाराज होकर उन्होंने जनसुनवाई में जमकर विरोध जताया।1
- नगर परिषद बरही के वार्ड क्रमांक 12, 13, 14 एवं 15 अंतर्गत आने वाले छिदिया एवं हीरापुर क्षेत्र के रहवासी आज नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। रोड में ना तो पानी का छिड़काव हो रहा है और ना ही पक्की सड़क का निर्माण, जिससे हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है। धूल-मिट्टी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को दमा, टीवी, एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनजीवन पूरी तरह नरकीय हो चुका है और लोग रोज़ाना ट्रकों से निकलने वाले धूल में जी रहे हैं। स्थानीय नागरिक इस गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर महोदय की जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्यवाही न होने पर वार्ड वासियों में गहरा रोष और मायूसी है। जनता का कहना है कि यदि शीघ्र पानी का नियमित छिड़काव और पक्की सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो मजबूरन उन्हें आवाज़ बुलंद करनी पड़ेगी। प्रशासन से दरख़्वास्त है कि इस जनहित के मामले पर फ़ौरी तौर पर ध्यान देते हुए रोड का कार्य या पानी छिड़काव का काम किया जाए ताकि छिदिया एवं हीरापुर के लोगों को इस अज़ाब से निजात मिल सके।3
- नई दिल्ली/तेहरान | 11 मार्च, 2026 मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में युद्ध की भीषण आग के बीच वहां फंसे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर संकट गहरा गया है। ताज़ा हालातों ने उन परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है जिनके अपने शिक्षा या रोज़गार के लिए वहां मौजूद हैं। सबसे मर्मस्पर्शी खबर कश्मीर के अनंतनाग से आई है, जहां एक पिता अपनी बेटी की जान की सलामती के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है। हॉस्टल के पास गिरे मिसाइल, फोन पर फूट-फूट कर रोई बेटी अनंतनाग के रहने वाले बिलाल अहमद भट्ट की बेटी वर्तमान में ईरान की राजधानी तेहरान में MBBS की पढ़ाई कर रही है। 9 मार्च की रात 3 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब बिलाल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उनकी बेटी बिलख रही थी। उसने कांपती आवाज़ में कहा— "अब्बू, मेरे हॉस्टल के पास मिसाइलें गिरने की आवाज़ आ रही है, ज़ोरदार बमबारी हो रही है। पूरा हॉस्टल हिल रहा है। पता नहीं आज की रात बचूंगी या नहीं... मुझे बचा लो!" बिलाल कहते हैं कि ऐसी फोन कॉल सिर्फ उनके घर नहीं, बल्कि ईरान में रह रहे हजारों भारतीय छात्रों के घरों में आ रही हैं। तेहरान के आसमान में बारूद की गंध और धमाकों की गूंज ने छात्रों को दहशत में डाल दिया है। 90 लाख भारतीयों को बचाना बड़ी चुनौती मिडिल ईस्ट में छिड़ी इस जंग ने भारत सरकार के सामने अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती खड़ी कर दी है। आंकड़े: खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल मिलाकर करीब 90 लाख भारतीय वहां निवास करते हैं। बड़ी समस्या: एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन (निकासी अभियान) चलाना बेहद जटिल हो गया है। दूतावास की भूमिका: भारतीय दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित स्थानों या बंकरों में रहने की सलाह दी जा रही है। छात्रों की वतन वापसी की आस ईरान में फंसे ज्यादातर छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। कई छात्र 5 मार्च की अपनी परीक्षाएं पूरी होने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन युद्ध के अचानक बढ़ने से वे वहीं फंस गए। अब परिजनों की केवल एक ही मांग है— 'ऑपरेशन गंगा' या 'वंदे भारत' की तर्ज पर सरकार जल्द से जल्द सुरक्षित कॉरिडोर बनाकर इन बच्चों को वापस लाए। ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़1
- स्लीमनाबाद रेल्वे स्टेशन ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विगत 15 वर्षों से रेल प्रशासन को दी गई मांग पर उचित विचार न किए पर आक्रोशित होकर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें जिला पंचायत सदस्य पंडित प्रदीप त्रिपाठी ईश्वर चंद्र त्रिपाठी दीपक तिवारी अमरदीप साहू कटनी से विंधेश्वरी पटेल मंगल सिंह धरवारा शिव सरपंच अमित गर्ग आदि भारी जन सैलाब रेल रुको आंदोलन में उमर पाड़ा वही रेल प्रशासन की ओर से वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने डीआरएम तथा जीएमसी प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होकर ज्ञापन को प्राप्त किया और इतवारी को 15 दिन में आरंभ करने तथा निर्दोषी ट्रेनों के ठहराव के लिए 15 दोनों का समय मांगा है1