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पन्ना में विदेश भेजकर नौकरी दिलाने के नाम पर ₹12.65 लाख की ठगी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बृजपुर थाना क्षेत्र के दो युवकों से ठगी के मामले में उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आशु चौधरी और दिल्ली के करावल नगर से आदिल उर्फ अली को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने फर्जी वीजा लगे पासपोर्ट देकर पीड़ितों को विदेश भेजने की तैयारी कराई थी, लेकिन अहमदाबाद एयरपोर्ट पर जांच के दौरान वीजा फर्जी निकला। पुलिस ने ₹9.50 लाख नगद, 14 पासपोर्ट, 4 स्मार्टफोन और करीब ₹10 लाख कीमत की हुंडई वेन्यू कार बरामद की है। पुलिस अब गिरोह के बैंक खातों और अन्य संभावित एजेंटों की भूमिका की जांच कर रही है! .....👉 #Panna #PannaNews #MPNews #MadhyaPradesh #PannaPolice #FraudCase #FakeVisa #CyberCrime #BreakingNews #HindiNews #CrimeNews

8 hrs ago
user_Rafi siddiqui
Rafi siddiqui
Awadhi Restaurant पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

पन्ना में विदेश भेजकर नौकरी दिलाने के नाम पर ₹12.65 लाख की ठगी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बृजपुर थाना क्षेत्र के दो युवकों से ठगी के मामले में उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आशु चौधरी और दिल्ली के करावल नगर से आदिल उर्फ अली को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने फर्जी वीजा लगे पासपोर्ट देकर पीड़ितों को विदेश भेजने की तैयारी कराई थी, लेकिन अहमदाबाद एयरपोर्ट पर जांच के दौरान वीजा फर्जी निकला। पुलिस ने ₹9.50 लाख नगद, 14 पासपोर्ट, 4 स्मार्टफोन और करीब ₹10 लाख कीमत की हुंडई वेन्यू कार बरामद की है। पुलिस अब गिरोह के बैंक खातों और अन्य संभावित एजेंटों की भूमिका की जांच कर रही है! .....👉 #Panna #PannaNews #MPNews #MadhyaPradesh #PannaPolice #FraudCase #FakeVisa #CyberCrime #BreakingNews #HindiNews #CrimeNews

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  • मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन *मुआवजा और पुनर्वास की मांग पर पानी में चिता पर लेटकर जताया विरोध, बोले अमित भटनागर—“न्याय दो या मार दो”* *एंकर:+* पन्ना/अजयगढ़। केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित मझगाय, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग से प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और आदिवासी महिलाएं बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पानी में चिताओं पर लेटकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने कहा कि प्रभावितों ने कभी विकास का विरोध नहीं किया, बल्कि ग्रामसभा, पारदर्शिता, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की थी। आंदोलनकारियों का आरोप है कि कई परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा और पुनर्वास राशि नहीं मिली है। उनका कहना है कि कई गांवों में पानी पहुंच चुका है और कुछ मकान लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। प्रभावित किसानों ने सिंचित भूमि को रिकॉर्ड में असिंचित किए जाने से मुआवजा प्रभावित होने का भी आरोप लगाया। आंदोलनकारियों के अनुसार पहले पुनर्वास पैकेज ₹5 लाख था, जबकि जुलाई के चिता आंदोलन के बाद ₹12.50 लाख पैकेज की घोषणा की गई थी। इसके बावजूद कई परिवार पुराने पैकेज की राशि के लिए भी इंतजार कर रहे हैं। अमित भटनागर ने कहा कि बिना उचित मुआवजा और पुनर्वास के घरों को डूब क्षेत्र में छोड़ना गंभीर मानवीय और कानूनी सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि निषेधात्मक कार्रवाई और मुकदमों के बावजूद प्रभावित परिवार लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि घर, जमीन और गांव डूब रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि सरकार विकास कर रही है तो विस्थापितों के भविष्य की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा। चिता आंदोलन में विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित लोग एक मंच पर नजर आए। मझगाय बांध, केन-बेतवा, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग के प्रभावितों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। प्रदर्शनकारियों ने “न्याय दो या मार दो” का नारा लगाते हुए अपना आक्रोश जताया। आंदोलनकारियों ने डूब क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का तत्काल सत्यापन कराने की मांग की। साथ ही लंबित मुआवजा, मकान एवं परिसंपत्तियों का उचित मूल्यांकन और सिंचित-असिंचित भूमि संबंधी शिकायतों के निराकरण की मांग की। अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई किसी अधिकारी के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रभावितों के अधिकार और सम्मानजनक पुनर्वास के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक विस्थापितों को न्याय, मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलता, चिता आंदोलन जारी रहेगा। *Bite अमित भटनागर*
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    मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन
मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन
*मुआवजा और पुनर्वास की मांग पर पानी में चिता पर लेटकर जताया विरोध, बोले अमित भटनागर—“न्याय दो या मार दो”*
*एंकर:+* पन्ना/अजयगढ़। केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित मझगाय, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग से प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा।
भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और आदिवासी महिलाएं बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल हुईं।
प्रदर्शनकारियों ने पानी में चिताओं पर लेटकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने कहा कि प्रभावितों ने कभी विकास का विरोध नहीं किया, बल्कि ग्रामसभा, पारदर्शिता, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की थी।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि कई परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा और पुनर्वास राशि नहीं मिली है।
उनका कहना है कि कई गांवों में पानी पहुंच चुका है और कुछ मकान लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
प्रभावित किसानों ने सिंचित भूमि को रिकॉर्ड में असिंचित किए जाने से मुआवजा प्रभावित होने का भी आरोप लगाया।
आंदोलनकारियों के अनुसार पहले पुनर्वास पैकेज ₹5 लाख था, जबकि जुलाई के चिता आंदोलन के बाद ₹12.50 लाख पैकेज की घोषणा की गई थी।
इसके बावजूद कई परिवार पुराने पैकेज की राशि के लिए भी इंतजार कर रहे हैं।
अमित भटनागर ने कहा कि बिना उचित मुआवजा और पुनर्वास के घरों को डूब क्षेत्र में छोड़ना गंभीर मानवीय और कानूनी सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि निषेधात्मक कार्रवाई और मुकदमों के बावजूद प्रभावित परिवार लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।
महिलाओं ने कहा कि घर, जमीन और गांव डूब रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि सरकार विकास कर रही है तो विस्थापितों के भविष्य की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा।
चिता आंदोलन में विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित लोग एक मंच पर नजर आए।
मझगाय बांध, केन-बेतवा, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग के प्रभावितों ने अपनी समस्याएं साझा कीं।
प्रदर्शनकारियों ने “न्याय दो या मार दो” का नारा लगाते हुए अपना आक्रोश जताया।
आंदोलनकारियों ने डूब क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का तत्काल सत्यापन कराने की मांग की।
साथ ही लंबित मुआवजा, मकान एवं परिसंपत्तियों का उचित मूल्यांकन और सिंचित-असिंचित भूमि संबंधी शिकायतों के निराकरण की मांग की।
अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई किसी अधिकारी के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रभावितों के अधिकार और सम्मानजनक पुनर्वास के लिए है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक विस्थापितों को न्याय, मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलता, चिता आंदोलन जारी रहेगा।
*Bite अमित भटनागर*
    user_Ajay Dwivedi
    Ajay Dwivedi
    Local News Reporter पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अतिवृष्टि से फसलों की हानि एवं मुवावजे को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन क्षेत्र में अतिवृष्टि से किसने की फैसले क्षतिग्रस्त हो गई है किसान दाने-दाने को मोहताज हो गया है जिसको लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देवेंद्र नगर मिलन कुशवाहा के नेतृत्व में एवं देवेंद्र नगर की विभिन्न समस्याओं को लेकर महा महिम राज्यपाल के नाम पर देवेंद्र नगर तहसीलदार को सोपा ज्ञापन
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    अतिवृष्टि से फसलों की हानि एवं मुवावजे को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन 
क्षेत्र में अतिवृष्टि से किसने की फैसले क्षतिग्रस्त हो गई है किसान दाने-दाने को मोहताज हो गया है जिसको लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देवेंद्र नगर मिलन कुशवाहा के नेतृत्व में एवं देवेंद्र नगर की विभिन्न समस्याओं को लेकर महा महिम राज्यपाल के नाम पर देवेंद्र नगर तहसीलदार को सोपा ज्ञापन
    user_Sandeep shukla
    Sandeep shukla
    पत्रकारिता Devendranagar, Panna•
    7 hrs ago
  • सही तो कहा था भारतवासियों के लिए पंडित श्री जवाहरलाल नेहरू जी ने लेकिन अंध भक्तों को अभी तक समझ नहीं आया सही तो कहा था भारतवासियों के लिए पंडित श्री जवाहरलाल नेहरू जी ने लेकिन अंध भक्तों को अभी तक समझ नहीं आया
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    सही तो कहा था भारतवासियों के लिए पंडित श्री जवाहरलाल नेहरू जी ने लेकिन अंध भक्तों को अभी तक समझ नहीं आया
सही तो कहा था भारतवासियों के लिए पंडित श्री जवाहरलाल नेहरू जी ने लेकिन अंध भक्तों को अभी तक समझ नहीं आया
    user_Arun Lodhi
    Arun Lodhi
    Media and information sciences faculty अमनगंज, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • रिपोर्ट — भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना, मध्यप्रदेश। हेडलाइन — इंस्टाग्राम की प्रेम कहानी बनी खूनी साजिश की वजह! बृजपुर के कथित प्रेमी हत्या काण्ड का पन्ना पुलिस ने किया खुलासा, प्रेमिका का मामा निकला प्रेमी का कातिल, इंस्टाग्राम प्रेम के दर्दनाक अंत का मास्टर माइंड को पन्ना पुलिस ने भेजा सलाखों के पीछे। एंकर — पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र में सामने आए अंधे हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। लापता युवक संदीप गौड़ का शव जंगल में दो बड़े पत्थरों के बीच दबा मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए हुई दोस्ती और कथित प्रेम प्रसंग इस वारदात की वजह बना। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग बालिका को पुलिस अभिरक्षा में लेकर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। वहीं, एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। मामला बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मनकी से जुड़ा है। 10 सितंबर को माया गौड़ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनका पुत्र संदीप गौड़ 9 सितंबर को मोटरसाइकिल लेकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर युवक की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान 12 सितंबर को लुहरहाई-सिलधरा रोड से कुछ दूरी पर जंगल में दो बड़े पत्थरों के बीच संदीप का शव दबा मिला। शव के ऊपर भी पत्थर रखे गए थे। पोस्टमार्टम और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले में हत्या की धारा बढ़ाई और जांच तेज कर दी। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान सामने आया कि संदीप की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए दूसरे गांव की एक लड़की से दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच मोबाइल फोन और इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत होती थी। बताया जा रहा है कि लड़की के मामा को इस संबंध की जानकारी हो गई थी और उन्होंने संदीप से बातचीत करने के लिए लड़की को मना किया था। पुलिस जांच के अनुसार घटना वाली रात संदीप अपने दो दोस्तों के साथ लड़की के गांव पहुंचा था। दोस्तों को गांव के बाहर छोड़ने के बाद वह लड़की के बताए स्थान पर पहुंचा। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान पहले से बनाई गई योजना के तहत लड़की के मामा नीरज उर्फ नत्थु गौड़ ने अपने साथी राजबहादुर गौड़ के साथ मिलकर संदीप को पकड़ लिया और उसे जंगल की ओर ले गए। आरोप है कि वहां पत्थर से हमला कर संदीप की हत्या कर दी गई और शव को पत्थरों के बीच छिपाकर ऊपर से पत्थर रख दिए गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नीरज उर्फ नत्थु गौड़ को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से मृतक का मोबाइल फोन और कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल किया गया रक्तरंजित पत्थर जब्त किया गया है। एक नाबालिग बालिका को भी पुलिस अभिरक्षा में लेकर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। वहीं मामले का एक अन्य आरोपी राजबहादुर गौड़ फरार है, जिसकी तलाश जारी है। इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती आखिरकार एक परिवार के लिए मातम और एक युवक की जिंदगी के अंत का कारण बन गई। हालांकि पुलिस ने मामले का खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन फरार आरोपी की गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम में प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल बृजपुर पुलिस की जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
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    रिपोर्ट — भागीरथ विश्वकर्मा
जिला पन्ना, मध्यप्रदेश।
हेडलाइन —
इंस्टाग्राम की प्रेम कहानी बनी खूनी साजिश की वजह! 
बृजपुर के कथित प्रेमी हत्या काण्ड का पन्ना पुलिस ने किया खुलासा, प्रेमिका का मामा निकला प्रेमी का कातिल, 
इंस्टाग्राम प्रेम के दर्दनाक अंत का मास्टर माइंड को पन्ना पुलिस ने भेजा सलाखों के पीछे।
एंकर —
पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र में सामने आए अंधे हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। लापता युवक संदीप गौड़ का शव जंगल में दो बड़े पत्थरों के बीच दबा मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए हुई दोस्ती और कथित प्रेम प्रसंग इस वारदात की वजह बना।
मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग बालिका को पुलिस अभिरक्षा में लेकर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। वहीं, एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।
मामला बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मनकी से जुड़ा है। 10 सितंबर को माया गौड़ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनका पुत्र संदीप गौड़ 9 सितंबर को मोटरसाइकिल लेकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर युवक की तलाश शुरू की।
तलाश के दौरान 12 सितंबर को लुहरहाई-सिलधरा रोड से कुछ दूरी पर जंगल में दो बड़े पत्थरों के बीच संदीप का शव दबा मिला। शव के ऊपर भी पत्थर रखे गए थे।
पोस्टमार्टम और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले में हत्या की धारा बढ़ाई और जांच तेज कर दी।
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान सामने आया कि संदीप की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए दूसरे गांव की एक लड़की से दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच मोबाइल फोन और इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत होती थी।
बताया जा रहा है कि लड़की के मामा को इस संबंध की जानकारी हो गई थी और उन्होंने संदीप से बातचीत करने के लिए लड़की को मना किया था।
पुलिस जांच के अनुसार घटना वाली रात संदीप अपने दो दोस्तों के साथ लड़की के गांव पहुंचा था। दोस्तों को गांव के बाहर छोड़ने के बाद वह लड़की के बताए स्थान पर पहुंचा।
पुलिस का दावा है कि इसी दौरान पहले से बनाई गई योजना के तहत लड़की के मामा नीरज उर्फ नत्थु गौड़ ने अपने साथी राजबहादुर गौड़ के साथ मिलकर संदीप को पकड़ लिया और उसे जंगल की ओर ले गए।
आरोप है कि वहां पत्थर से हमला कर संदीप की हत्या कर दी गई और शव को पत्थरों के बीच छिपाकर ऊपर से पत्थर रख दिए गए।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नीरज उर्फ नत्थु गौड़ को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से मृतक का मोबाइल फोन और कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल किया गया रक्तरंजित पत्थर जब्त किया गया है।
एक नाबालिग बालिका को भी पुलिस अभिरक्षा में लेकर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। वहीं मामले का एक अन्य आरोपी राजबहादुर गौड़ फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती आखिरकार एक परिवार के लिए मातम और एक युवक की जिंदगी के अंत का कारण बन गई। हालांकि पुलिस ने मामले का खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन फरार आरोपी की गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम में प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल बृजपुर पुलिस की जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
    user_भागीरथ विश्वकर्मा
    भागीरथ विश्वकर्मा
    Farmer Amanganj, Panna•
    10 hrs ago
  • भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन पर एम्बुलेंस लौटाने का आरोप (साक्ष्य संलग्न) भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन पर एम्बुलेंस लौटाने का आरोप (साक्ष्य संलग्न) GOVT ITOT BOYS HOSTEL BHOPAL भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT भोपाल हॉस्टल में हाहाकार, दूषित खाने से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन ने वापस लौटाई एम्बुलेंस!भोपाल, 15 सितंबर 2026गोविंदपुरा स्थित Govt IToT (Government Institute for Training of Trainers) भोपाल के बॉयज हॉस्टल में इस समय छात्रों की जान आफ़त में है। कॉलेज प्रशासन की घोर लापरवाही और हॉस्टल में चल रहे अवैध मेस घोटाले के कारण लगभग 20 छात्र गंभीर फूड पॉइजनिंग (Mass Food Poisoning) का शिकार हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कइयों की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है। 🔴 बदनामी के डर से वापस लौटाई एम्बुलेंस, तड़पते रहे छात्रपीड़ित छात्रों का आरोप है कि रात में जब छात्रों की तबीयत बिगड़ी और एम्बुलेंस बुलाई गई, तो कॉलेज प्रबंधन ने अपनी बदनामी और घोटाले को छुपाने के लिए एम्बुलेंस को गेट से ही वापस लौटा दिया। प्रबंधन ने दावा किया कि वे खुद प्राइवेट में इलाज कराएंगे, लेकिन बाद में साफ़ मुकर गए। गंभीर रूप से बीमार छात्र बिना किसी स्ट्रेचर या मेडिकल सपोर्ट के, तड़पती हालत में खुद गाड़ियों का इंतज़ाम कर अस्पताल पहुँचे। इतने बड़े कैंपस में छात्रों के लिए कोई डॉक्टर या प्राथमिक उपचार (First Aid) तक की व्यवस्था नहीं है। 🔴 हॉस्टल में 'अवैध मेस घोटाला', वार्डन पर कमीशनखोरी का आरोपछात्रों ने सीधे तौर पर हॉस्टल वार्डन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। हॉस्टल में नियम के मुताबिक कोई आधिकारिक मेस नहीं है। वार्डन के दबाव में बाहर के किसी अनधिकृत वेंडर से घटिया और बासी खाना मंगवाया जाता है। इसी दूषित भोजन को खाने से लड़कों को उल्टियां और दस्त शुरू हो गए और देखते ही देखते 20 छात्र बीमार पड़ गए। 🔴 आए दिन light गुल, शौचालय के लिए 'बारिश का पानी' भरने को मजबूर छात्रहॉस्टल की दुर्दशा यहीं खत्म नहीं होती। छात्रों ने बताया कि हॉस्टल में आए दिन बिजली की समस्या रहती है और कोई पावर बैकअप (जनरेटर) नहीं है। पिछले 2 दिनों से हॉस्टल में न बिजली है और न पानी। छात्र शौचालय जाने और नहाने जैसी बुनियादी ज़रूरतों के लिए छतों से गिर रहे बारिश के पानी को बाल्टियों में भरने को मजबूर हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में हॉस्टल में न तो वाई-फाई (Wi-Fi) है और न ही लाइब्रेरी चालू हालत में है। 🔴 सुरक्षा भी खतरे में: रात में शराब पीकर रहता है सिक्योरिटी गार्डछात्रों की सुरक्षा का आलम यह है कि रात की ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड भारी मात्रा में शराब पीकर ड्यूटी करता है। जब छात्र अपनी शिकायतें लेकर जाते हैं, तो वह लड़कों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करता है। 🔴 छात्रों ने दी चेतावनी: "DGT दिल्ली और जिला प्रशासन तुरंत करे FIR"पीड़ित छात्रों ने केंद्रीय महानिदेशक (DGT दिल्ली) और भोपाल कलेक्टर को आधिकारिक शिकायत भेजकर मांग की है कि:इस जानलेवा लापरवाही के ज़िम्मेदार हॉस्टल वार्डन और कॉलेज मैनेजमेंट के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर उन्हें सस्पेंड किया जाए।हॉस्टल में तुरंत डॉक्टर, स्थायी पावर बैकअप, साफ पानी और सरकारी मेस की व्यवस्था बहाल हो।छात्रों का कहना है कि यदि किसी भी साथी छात्र की जान को कुछ भी नुकसान पहुँचा, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।📸 मीडिया बंधुओं के लिए नोट: बीमार छात्रों के अस्पताल के पर्चे, अस्पताल में भर्ती लड़कों के विज़ुअल्स, और हॉस्टल में बारिश का पानी भरते हुए छात्रों के वीडियो और फोटो साक्ष्य के रूप में संलग्न (Attached) हैं।
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    भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन पर एम्बुलेंस लौटाने का आरोप (साक्ष्य संलग्न)
भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन पर एम्बुलेंस लौटाने का आरोप (साक्ष्य संलग्न)
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भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT भोपाल हॉस्टल में हाहाकार, दूषित खाने से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन ने वापस लौटाई एम्बुलेंस!भोपाल, 15 सितंबर 2026गोविंदपुरा स्थित Govt IToT (Government Institute for Training of Trainers) भोपाल के बॉयज हॉस्टल में इस समय छात्रों की जान आफ़त में है। कॉलेज प्रशासन की घोर लापरवाही और हॉस्टल में चल रहे अवैध मेस घोटाले के कारण लगभग 20 छात्र गंभीर फूड पॉइजनिंग (Mass Food Poisoning) का शिकार हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कइयों की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है।
🔴 बदनामी के डर से वापस लौटाई एम्बुलेंस, तड़पते रहे छात्रपीड़ित छात्रों का आरोप है कि रात में जब छात्रों की तबीयत बिगड़ी और एम्बुलेंस बुलाई गई, तो कॉलेज प्रबंधन ने अपनी बदनामी और घोटाले को छुपाने के लिए एम्बुलेंस को गेट से ही वापस लौटा दिया। प्रबंधन ने दावा किया कि वे खुद प्राइवेट में इलाज कराएंगे, लेकिन बाद में साफ़ मुकर गए। गंभीर रूप से बीमार छात्र बिना किसी स्ट्रेचर या मेडिकल सपोर्ट के, तड़पती हालत में खुद गाड़ियों का इंतज़ाम कर अस्पताल पहुँचे। इतने बड़े कैंपस में छात्रों के लिए कोई डॉक्टर या प्राथमिक उपचार (First Aid) तक की व्यवस्था नहीं है।
🔴 हॉस्टल में 'अवैध मेस घोटाला', वार्डन पर कमीशनखोरी का आरोपछात्रों ने सीधे तौर पर हॉस्टल वार्डन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। हॉस्टल में नियम के मुताबिक कोई आधिकारिक मेस नहीं है। वार्डन के दबाव में बाहर के किसी अनधिकृत वेंडर से घटिया और बासी खाना मंगवाया जाता है। इसी दूषित भोजन को खाने से लड़कों को उल्टियां और दस्त शुरू हो गए और देखते ही देखते 20 छात्र बीमार पड़ गए।
🔴 आए दिन light गुल, शौचालय के लिए 'बारिश का पानी' भरने को मजबूर छात्रहॉस्टल की दुर्दशा यहीं खत्म नहीं होती। छात्रों ने बताया कि हॉस्टल में आए दिन बिजली की समस्या रहती है और कोई पावर बैकअप (जनरेटर) नहीं है। पिछले 2 दिनों से हॉस्टल में न बिजली है और न पानी। छात्र शौचालय जाने और नहाने जैसी बुनियादी ज़रूरतों के लिए छतों से गिर रहे बारिश के पानी को बाल्टियों में भरने को मजबूर हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में हॉस्टल में न तो वाई-फाई (Wi-Fi) है और न ही लाइब्रेरी चालू हालत में है।
🔴 सुरक्षा भी खतरे में: रात में शराब पीकर रहता है सिक्योरिटी गार्डछात्रों की सुरक्षा का आलम यह है कि रात की ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड भारी मात्रा में शराब पीकर ड्यूटी करता है। जब छात्र अपनी शिकायतें लेकर जाते हैं, तो वह लड़कों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करता है।
🔴 छात्रों ने दी चेतावनी: "DGT दिल्ली और जिला प्रशासन तुरंत करे FIR"पीड़ित छात्रों ने केंद्रीय महानिदेशक (DGT दिल्ली) और भोपाल कलेक्टर को आधिकारिक शिकायत भेजकर मांग की है कि:इस जानलेवा लापरवाही के ज़िम्मेदार हॉस्टल वार्डन और कॉलेज मैनेजमेंट के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर उन्हें सस्पेंड किया जाए।हॉस्टल में तुरंत डॉक्टर, स्थायी पावर बैकअप, साफ पानी और सरकारी मेस की व्यवस्था बहाल हो।छात्रों का कहना है कि यदि किसी भी साथी छात्र की जान को कुछ भी नुकसान पहुँचा, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।📸 मीडिया बंधुओं के लिए नोट: बीमार छात्रों के अस्पताल के पर्चे, अस्पताल में भर्ती लड़कों के विज़ुअल्स, और हॉस्टल में बारिश का पानी भरते हुए छात्रों के वीडियो और फोटो साक्ष्य के रूप में संलग्न (Attached) हैं।
    user_BALKISHUN VISHWAKARMA
    BALKISHUN VISHWAKARMA
    Lawyer राजनगर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • dekhiaega aage hai tum khana panchayat dekh sakte hain aap log isiliye like Karen follow Karen subscribe Karen aapki support se Banega hai aur
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    user_Anmol Kori
    Anmol Kori
    Artist अमनगंज, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान! शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान! *जब सिस्टम ने नहीं सुनी, तो निजी पहल से मिली सड़क को राहत!* *टैक्स जनता दे, सड़क भी जनता ही बनवाए?* *देवेंद्रनगर में NH-39 की बदहाल पर प्रशासन की चुप्पी, निजी पहल से मिली राहगीरों को राहत* एंकर-- पन्ना जिले के देवेंद्रनगर से निकालने वाला रोड NH-39 के गड्ढों से परेशान जनता के लिए रिसॉर्ट संचालक भाइयों ने अपने खर्च पर कराया लेवलिंग का काम नगर से गुजरने वाले NH-39 की बदहाल सड़क और जगह-जगह बने गड्ढों ने लंबे समय से राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रखी थी। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए। सड़क पर बने गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में जब लोगों को राहत की उम्मीद सरकारी व्यवस्था से थी, तब एक निजी पहल सामने आई। देवेंद्रनगर के अन्वी रिसॉर्ट संचालक आशीष अग्रवाल और उनके छोटे भाई आयुष अग्रवाल ने नगरहित में पहल करते हुए अपने खर्च पर जेसीबी लगवाकर NH-39 के खराब हिस्से की लेवलिंग कराई। सड़क के इस हिस्से को समतल किए जाने के बाद फिलहाल वाहनों की आवाजाही में कुछ राहत देखने को मिल रही है। महीनों से परेशान थे लोग, शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद NH-39 की स्थिति लगातार खराब होती गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सतह के कारण बाइक सवारों के साथ-साथ बस और अन्य बड़े वाहनों के चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर जिम्मेदार विभाग के समक्ष शिकायतें भी की गईं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद आशीष अग्रवाल और आयुष अग्रवाल ने स्वयं आगे आकर सड़क के एक हिस्से को जेसीबी की मदद से समतल कराने का निर्णय लिया। *दुकानदार बोले—*‘जिस काम की उम्मीद व्यवस्था से थी, वह निजी व्यक्ति ने कर दिया’ स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए। उनका कहना है कि नागरिकों से विभिन्न प्रकार के टैक्स और शुल्क लिए जाते हैं, लेकिन बदहाल सड़क, धूल और गड्ढों जैसी मूलभूत समस्याओं से उन्हें खुद जूझना पड़ रहा है। एक दुकानदार ने कहा कि “सड़क की हालत सुधारने की जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था की है। अगर लोगों को राहत देने के लिए निजी व्यक्ति को अपने खर्च से सड़क समतल करानी पड़े, तो यह सोचने का विषय है कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था कितनी प्रभावी है।” धूल, गड्ढे और बदहाल सड़क से कब मिलेगी स्थायी राहत? जेसीबी से की गई लेवलिंग से फिलहाल एक हिस्से में आवागमन आसान हुआ है, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल अब भी कायम है कि NH-39 की स्थायी मरम्मत आखिर कब होगी? जनता का कहना है कि अस्थायी राहत के बजाय सड़क की गुणवत्ता के साथ स्थायी सुधार किया जाना चाहिए, ताकि बारिश के बाद दोबारा वही स्थिति न बने। एक तरफ सरकारी तंत्र से सड़क सुधार की उम्मीद, दूसरी तरफ निजी व्यक्ति की पहल—देवेंद्रनगर की यह तस्वीर व्यवस्था के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल—क्या मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जनता को निजी पहल का इंतजार करना पड़ेगा? स्थानीय लोगों की निगाह अब जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर है। लोगों को उम्मीद है कि NH-39 की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। फिलहाल जनता की नाराजगी साफ है और लोग व्यवस्था से यही सवाल पूछ रहे हैं—“क्या यही सुशासन है?” *वइट:-अशोक विश्वकर्मा दुकानदार*
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    शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान!
शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान!
*जब सिस्टम ने नहीं सुनी, तो निजी पहल से मिली सड़क को राहत!*
*टैक्स जनता दे, सड़क भी जनता ही बनवाए?*
*देवेंद्रनगर में NH-39 की बदहाल पर प्रशासन की चुप्पी, निजी पहल से मिली राहगीरों को राहत*
एंकर-- पन्ना जिले के देवेंद्रनगर से  निकालने वाला रोड  NH-39 के गड्ढों से परेशान जनता के लिए रिसॉर्ट संचालक भाइयों ने अपने खर्च पर कराया लेवलिंग का काम
नगर से गुजरने वाले NH-39 की बदहाल सड़क और जगह-जगह बने गड्ढों ने लंबे समय से राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रखी थी। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए। सड़क पर बने गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में जब लोगों को राहत की उम्मीद सरकारी व्यवस्था से थी, तब एक निजी पहल सामने आई।
देवेंद्रनगर के अन्वी रिसॉर्ट संचालक आशीष अग्रवाल और उनके छोटे भाई आयुष अग्रवाल ने नगरहित में पहल करते हुए अपने खर्च पर जेसीबी लगवाकर NH-39 के खराब हिस्से की लेवलिंग कराई। सड़क के इस हिस्से को समतल किए जाने के बाद फिलहाल वाहनों की आवाजाही में कुछ राहत देखने को मिल रही है।
महीनों से परेशान थे लोग, शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद 
NH-39 की स्थिति लगातार खराब होती गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सतह के कारण बाइक सवारों के साथ-साथ बस और अन्य बड़े वाहनों के चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर जिम्मेदार विभाग के समक्ष शिकायतें भी की गईं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद आशीष अग्रवाल और आयुष अग्रवाल ने स्वयं आगे आकर सड़क के एक हिस्से को जेसीबी की मदद से समतल कराने का निर्णय लिया।
*दुकानदार बोले—*‘जिस काम की उम्मीद व्यवस्था से थी, वह निजी व्यक्ति ने कर दिया’
स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए। उनका कहना है कि नागरिकों से विभिन्न प्रकार के टैक्स और शुल्क लिए जाते हैं, लेकिन बदहाल सड़क, धूल और गड्ढों जैसी मूलभूत समस्याओं से उन्हें खुद जूझना पड़ रहा है।
एक दुकानदार ने कहा कि “सड़क की हालत सुधारने की जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था की है। अगर लोगों को राहत देने के लिए निजी व्यक्ति को अपने खर्च से सड़क समतल करानी पड़े, तो यह सोचने का विषय है कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था कितनी प्रभावी है।”
धूल, गड्ढे और बदहाल सड़क से कब मिलेगी स्थायी राहत?
जेसीबी से की गई लेवलिंग से फिलहाल एक हिस्से में आवागमन आसान हुआ है, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल अब भी कायम है कि NH-39 की स्थायी मरम्मत आखिर कब होगी?
जनता का कहना है कि अस्थायी राहत के बजाय सड़क की गुणवत्ता के साथ स्थायी सुधार किया जाना चाहिए, ताकि बारिश के बाद दोबारा वही स्थिति न बने।
एक तरफ सरकारी तंत्र से सड़क सुधार की उम्मीद, दूसरी तरफ निजी व्यक्ति की पहल—देवेंद्रनगर की यह तस्वीर व्यवस्था के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल—क्या मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जनता को निजी पहल का इंतजार करना पड़ेगा?
स्थानीय लोगों की निगाह अब जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर है। लोगों को उम्मीद है कि NH-39 की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। फिलहाल जनता की नाराजगी साफ है और लोग व्यवस्था से यही सवाल पूछ रहे हैं—“क्या यही सुशासन है?”
*वइट:-अशोक विश्वकर्मा दुकानदार*
    user_Ajay Dwivedi
    Ajay Dwivedi
    Local News Reporter पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • पन्ना में विदेश भेजकर नौकरी दिलाने के नाम पर ₹12.65 लाख की ठगी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बृजपुर थाना क्षेत्र के दो युवकों से ठगी के मामले में उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आशु चौधरी और दिल्ली के करावल नगर से आदिल उर्फ अली को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने फर्जी वीजा लगे पासपोर्ट देकर पीड़ितों को विदेश भेजने की तैयारी कराई थी, लेकिन अहमदाबाद एयरपोर्ट पर जांच के दौरान वीजा फर्जी निकला। पुलिस ने ₹9.50 लाख नगद, 14 पासपोर्ट, 4 स्मार्टफोन और करीब ₹10 लाख कीमत की हुंडई वेन्यू कार बरामद की है। पुलिस अब गिरोह के बैंक खातों और अन्य संभावित एजेंटों की भूमिका की जांच कर रही है! .....👉 #Panna #PannaNews #MPNews #MadhyaPradesh #PannaPolice #FraudCase #FakeVisa #CyberCrime #BreakingNews #HindiNews #CrimeNews
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    पन्ना में विदेश भेजकर नौकरी दिलाने के नाम पर ₹12.65 लाख की ठगी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बृजपुर थाना क्षेत्र के दो युवकों से ठगी के मामले में उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आशु चौधरी और दिल्ली के करावल नगर से आदिल उर्फ अली को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने फर्जी वीजा लगे पासपोर्ट देकर पीड़ितों को विदेश भेजने की तैयारी कराई थी, लेकिन अहमदाबाद एयरपोर्ट पर जांच के दौरान वीजा फर्जी निकला। पुलिस ने ₹9.50 लाख नगद, 14 पासपोर्ट, 4 स्मार्टफोन और करीब ₹10 लाख कीमत की हुंडई वेन्यू कार बरामद की है। पुलिस अब गिरोह के बैंक खातों और अन्य संभावित एजेंटों की भूमिका की जांच कर रही है!

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    user_Rafi siddiqui
    Rafi siddiqui
    Awadhi Restaurant पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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