बरेली के मकान नंबर 127 में पिछले 30 सालों से रह रहे ऑल इंडिया मुस्लिम मैरिज पार्टी के संगठन मंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रवक्ता मुख्तार अहमद सैलानी ने अपने मकान पर धोखाधड़ी से कब्जा करने और जबरन घर खाली कराने का आरोप लगाया है। मुख्तार अहमद के अनुसार, वर्ष 1990 की इस संपत्ति का आधा हिस्सा उनके दो चाचाओं ने उनके नाम किया था, जिसके लिए उनके बॉस और पत्नी ने भी पैसे दिए थे। आरोप है कि वर्ष 2024 में उनके ममेरे भाई ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से इस मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। पीड़ित का कहना है कि पुलिस थाने में शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने दूसरी पार्टी के साथ मिलीभगत करके कोई कार्रवाई नहीं की और उनके खिलाफ ही गलत मामला दर्ज कर दिया। पुलिस ने अपने बयान में कहा कि मुख्तार अहमद मकान के कागजात नहीं दिखा सके, जबकि उनके पास शादी के कागजात मौजूद थे। मुख्तार अहमद का आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी देकर मकान से बेदखल कर दिया गया है। उन्होंने इस फर्जी रजिस्ट्री को चुनौती देते हुए न्याय पाने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन से सहयोग की माँग की है।
बरेली के मकान नंबर 127 में पिछले 30 सालों से रह रहे ऑल इंडिया मुस्लिम मैरिज पार्टी के संगठन मंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रवक्ता मुख्तार अहमद सैलानी ने अपने मकान पर धोखाधड़ी से कब्जा करने और जबरन घर खाली कराने का आरोप लगाया है। मुख्तार अहमद के अनुसार, वर्ष 1990 की इस संपत्ति का आधा हिस्सा उनके दो चाचाओं ने उनके नाम किया था, जिसके लिए उनके बॉस और पत्नी ने भी पैसे दिए थे। आरोप है कि वर्ष 2024 में उनके ममेरे भाई ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से इस मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा
ली। पीड़ित का कहना है कि पुलिस थाने में शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने दूसरी पार्टी के साथ मिलीभगत करके कोई कार्रवाई नहीं की और उनके खिलाफ ही गलत मामला दर्ज कर दिया। पुलिस ने अपने बयान में कहा कि मुख्तार अहमद मकान के कागजात नहीं दिखा सके, जबकि उनके पास शादी के कागजात मौजूद थे। मुख्तार अहमद का आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी देकर मकान से बेदखल कर दिया गया है। उन्होंने इस फर्जी रजिस्ट्री को चुनौती देते हुए न्याय पाने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन से सहयोग की माँग की है।
- बरेली के मकान नंबर 127 में पिछले 30 सालों से रह रहे ऑल इंडिया मुस्लिम मैरिज पार्टी के संगठन मंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रवक्ता मुख्तार अहमद सैलानी ने अपने मकान पर धोखाधड़ी से कब्जा करने और जबरन घर खाली कराने का आरोप लगाया है। मुख्तार अहमद के अनुसार, वर्ष 1990 की इस संपत्ति का आधा हिस्सा उनके दो चाचाओं ने उनके नाम किया था, जिसके लिए उनके बॉस और पत्नी ने भी पैसे दिए थे। आरोप है कि वर्ष 2024 में उनके ममेरे भाई ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से इस मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। पीड़ित का कहना है कि पुलिस थाने में शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने दूसरी पार्टी के साथ मिलीभगत करके कोई कार्रवाई नहीं की और उनके खिलाफ ही गलत मामला दर्ज कर दिया। पुलिस ने अपने बयान में कहा कि मुख्तार अहमद मकान के कागजात नहीं दिखा सके, जबकि उनके पास शादी के कागजात मौजूद थे। मुख्तार अहमद का आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी देकर मकान से बेदखल कर दिया गया है। उन्होंने इस फर्जी रजिस्ट्री को चुनौती देते हुए न्याय पाने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन से सहयोग की माँग की है।2
- दिल्ली के जंतर-मंतर से छात्रों की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पहली तस्वीर में कुछ छात्र आपस में हंसते, मज़ाक करते और मोबाइल से वीडियो बनाते दिख रहे हैं, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की तथा बल प्रयोग के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिसमें कई छात्र भागते, रोते और अपने दोस्तों को संभालते नज़र आ रहे हैं। इन दो तस्वीरों के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोस्तों के बीच दो पल मुस्कुरा लेने से किसी छात्र की मांग या भविष्य की चिंता खत्म हो जाती है। सोशल मीडिया इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है, जहाँ कुछ लोग सिर्फ हंसी वाले वीडियो दिखा रहे हैं तो कुछ केवल पुलिस कार्रवाई के दृश्य। ऐसे में किसी आंदोलन को कुछ सेकंड की वायरल क्लिप से आंकने के बजाय पूरा संदर्भ सामने रखना आवश्यक माना गया है। अपने भविष्य, पढ़ाई और रोज़गार जैसे मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुने जाने की ज़रूरत पर बल दिया गया है। लोकतंत्र में संवाद को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह मामले में पारदर्शिता रखे, घटनाक्रम पर स्पष्ट जानकारी दे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वालों की सुरक्षा व अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पीड़िता ने अपने साथ हुई खौफनाक दास्तान को अपने शब्दों में बयां करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। पीड़िता ने बताया कि उसे ब्लैकमेल करके मंदिर में शादी रचाई गई और इसके बाद दोस्तों से भी उसे प्रताड़ित करवाया गया। अपने साथ हुए इस पूरे अत्याचार की आपबीती सुनाते हुए पीड़िता ने न्याय की मांग की है।1
- भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने बदायूं के मालवीय आवास गृह पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरने के बाद संगठन ने सिटी मजिस्ट्रेट और बेसिक शिक्षा अधिकारी को 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर स्कूलों में हो रही मनमानी और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग की। पंचायत को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सतीश साहू ने कहा कि जनपद में बिना मान्यता के भारी संख्या में अवैध स्कूल संचालित हो रहे हैं। वहीं सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जहाँ 100 बच्चों पर केवल 2 शिक्षक ही तैनात हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संगठन ने निजी स्कूलों पर कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों से कॉपी-किताब, हर साल एडमिशन फीस, स्कूल ड्रेस, ट्यूशन, बिल्डिंग किराया और बिजली-पंखा के नाम पर मनमानी वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चा उसी स्कूल में पढ़ता है तो हर साल एडमिशन फीस क्यों ली जाती है। संगठन ने मांग की कि सभी स्कूलों में एक जैसी किताबें और एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू की जाएं। इस दौरान अमरोहा के जिला अध्यक्ष अपनी टीम के साथ बदायूं पहुंचे और बीएसए कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। धरने में सूं.धव. अगरास, धव.क्षे. इस्लामनगर में सेवारत सहायक अध्यापक लोकेश कुमार ने भी ज्ञापन देकर एमडीएम (मिड-डे मील) में गड़बड़ी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी 2026 तक उन्होंने 4,88,000 रुपये से अधिक की लागत से अपनी सैलरी और गोल्ड लोन लेकर एमडीएम चलाया, लेकिन द्वेष भावना के चलते ग्राम प्रधान द्वारा यह राशि 22 जुलाई 2026 तक नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने कोई सहयोग नहीं किया फिर भी उसे एमडीएम से 2 लाख रुपये का चेक जारी हुआ। लोकेश कुमार ने अपनी लागत दिलाने की मांग की और चेतावनी दी कि कोई अप्रिय घटना होने पर ग्राम प्रधान दिवाकर शर्मा, रामवीर सिंह राणा और उनके साथी जिम्मेदार होंगे। इस अवसर पर यार्वेंद्र यादव, अमनदीप, सोनू यादव, विवेक कुमार, अंकुर सिद्धू, पीतम सिंह, अरशद खान, इरशाद खान, अनावर, शराफत खान, महेंद्र पाल, नूरुद्दीन, सर्वेश, शरीफ अब्बासी और भगवानदास समेत अन्य लोग मौजूद रहे।4
- बरेली जिले के थाना इज्जत नगर क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ पीड़ित ने क्षेत्र के दबंगों के ऊपर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। दबंगों की हरकतों से परेशान होकर पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से न्याय की माँग करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है।1
- बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र के एक गांव में सड़क की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने आवाज उठाई है। स्थानीय निवासियों ने गांव के रास्ते की बदहाली की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए सड़क का बुरा हाल दिखाया है और रास्ते की दुर्दशा पर नाराजगी जताई है।1
- ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री व प्रवक्ता मुख्तार अहमद ने देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की माँग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो देश में भयंकर गृह युद्ध का रूप देखने को मिल सकता है, जो राष्ट्र के लिए अत्यंत हानिकारक होगा। पार्टी का कहना है कि यह केवल उनकी अपनी माँग नहीं है, बल्कि पूरे भारत की आम जनता की आवाज है। मुख्तार अहमद ने प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र यादव से अपने संवैधानिक पदों से तत्काल इस्तीफा देने की माँग की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अब इन पदों के काबिल नहीं रह गई है। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश में बुलडोजर नीति, बेरोजगारी, खराब आर्थिक स्थिति, शिक्षा नीति तथा ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर लोगों को डराया जा रहा है, जिससे लोग खौफ के मारे कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी तानाशाही सरकार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नेताओं को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। राष्ट्रपति महोदय से अपील करते हुए कहा गया है कि वे किसी के दबाव में आए बिना देश और जनता की सुरक्षा तथा खुशहाली के हित में यह सख्त कदम उठाएं। बयान के अंत में 'जय संविधान, जय भारत, जय हिंदुस्तान' का नारा भी दिया गया है।1
- बरेली के भोजीपुरा क्षेत्र स्थित धौरा टांडा में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ 65 वर्षीय किराना व्यापारी सियाराम श्रीवास्तव की अज्ञात हमलावरों ने चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक का शव विवियापुर रोड के किनारे खून से लथपथ हालत में मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। मृतक धौरा टांडा के वार्ड नंबर 1 के निवासी थे और चुन्नी लाल के पुत्र थे। परिजनों के अनुसार, सियाराम रोजाना की तरह सुबह करीब 6 बजे किसी काम से घर से निकले थे। कुछ घंटों बाद विवियापुर रोड से गुजर रहे एक ई-रिक्शा (टुकटुक) सवार राहगीर की नजर सड़क किनारे पड़े शव पर पड़ी, जिसके शरीर पर चाकुओं के कई गहरे घाव थे। मृतक के परिवार में उनके पांच विवाहित बच्चे हैं और इस घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है। शुरुआती पूछताछ में परिजनों ने किसी पुरानी रंजिश से साफ इनकार किया है, हालांकि मृतक के बेटे ने पुलिस को जानकारी दी है कि हाल ही में उनका परिवार एक मकान से जुड़ा पुराना मुकदमा जीता है। सूचना मिलते ही भोजीपुरा थाना पुलिस तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। मामले में सीओ हाइवे देवेश सिंह ने बताया कि मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों से तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संपत्ति विवाद समेत हर एंगल से तफ्तीश करते हुए अज्ञात हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।1