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ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री व प्रवक्ता मुख्तार अहमद ने देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की माँग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो देश में भयंकर गृह युद्ध का रूप देखने को मिल सकता है, जो राष्ट्र के लिए अत्यंत हानिकारक होगा। पार्टी का कहना है कि यह केवल उनकी अपनी माँग नहीं है, बल्कि पूरे भारत की आम जनता की आवाज है। मुख्तार अहमद ने प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र यादव से अपने संवैधानिक पदों से तत्काल इस्तीफा देने की माँग की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अब इन पदों के काबिल नहीं रह गई है। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश में बुलडोजर नीति, बेरोजगारी, खराब आर्थिक स्थिति, शिक्षा नीति तथा ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर लोगों को डराया जा रहा है, जिससे लोग खौफ के मारे कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी तानाशाही सरकार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नेताओं को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। राष्ट्रपति महोदय से अपील करते हुए कहा गया है कि वे किसी के दबाव में आए बिना देश और जनता की सुरक्षा तथा खुशहाली के हित में यह सख्त कदम उठाएं। बयान के अंत में 'जय संविधान, जय भारत, जय हिंदुस्तान' का नारा भी दिया गया है।

4 hrs ago
user_Mukhtar ahmad Ahmad
Mukhtar ahmad Ahmad
बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री व प्रवक्ता मुख्तार अहमद ने देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की माँग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो देश में भयंकर गृह युद्ध का रूप देखने को मिल सकता है, जो राष्ट्र के लिए अत्यंत हानिकारक होगा। पार्टी का कहना है कि यह केवल उनकी अपनी माँग नहीं है, बल्कि पूरे भारत की आम जनता की आवाज है। मुख्तार अहमद ने प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र यादव से अपने संवैधानिक पदों से तत्काल इस्तीफा देने की माँग की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अब इन पदों के काबिल नहीं रह गई है। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश में बुलडोजर नीति, बेरोजगारी, खराब आर्थिक स्थिति, शिक्षा नीति तथा ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर लोगों को डराया जा रहा है, जिससे लोग खौफ के मारे कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी तानाशाही सरकार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नेताओं को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। राष्ट्रपति महोदय से अपील करते हुए कहा गया है कि वे किसी के दबाव में आए बिना देश और जनता की सुरक्षा तथा खुशहाली के हित में यह सख्त कदम उठाएं। बयान के अंत में 'जय संविधान, जय भारत, जय हिंदुस्तान' का नारा भी दिया गया है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बरेली के मकान नंबर 127 में पिछले 30 सालों से रह रहे ऑल इंडिया मुस्लिम मैरिज पार्टी के संगठन मंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रवक्ता मुख्तार अहमद सैलानी ने अपने मकान पर धोखाधड़ी से कब्जा करने और जबरन घर खाली कराने का आरोप लगाया है। मुख्तार अहमद के अनुसार, वर्ष 1990 की इस संपत्ति का आधा हिस्सा उनके दो चाचाओं ने उनके नाम किया था, जिसके लिए उनके बॉस और पत्नी ने भी पैसे दिए थे। आरोप है कि वर्ष 2024 में उनके ममेरे भाई ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से इस मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। पीड़ित का कहना है कि पुलिस थाने में शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने दूसरी पार्टी के साथ मिलीभगत करके कोई कार्रवाई नहीं की और उनके खिलाफ ही गलत मामला दर्ज कर दिया। पुलिस ने अपने बयान में कहा कि मुख्तार अहमद मकान के कागजात नहीं दिखा सके, जबकि उनके पास शादी के कागजात मौजूद थे। मुख्तार अहमद का आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी देकर मकान से बेदखल कर दिया गया है। उन्होंने इस फर्जी रजिस्ट्री को चुनौती देते हुए न्याय पाने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन से सहयोग की माँग की है।
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    बरेली के मकान नंबर 127 में पिछले 30 सालों से रह रहे ऑल इंडिया मुस्लिम मैरिज पार्टी के संगठन मंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रवक्ता मुख्तार अहमद सैलानी ने अपने मकान पर धोखाधड़ी से कब्जा करने और जबरन घर खाली कराने का आरोप लगाया है। मुख्तार अहमद के अनुसार, वर्ष 1990 की इस संपत्ति का आधा हिस्सा उनके दो चाचाओं ने उनके नाम किया था, जिसके लिए उनके बॉस और पत्नी ने भी पैसे दिए थे। आरोप है कि वर्ष 2024 में उनके ममेरे भाई ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से इस मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली।

पीड़ित का कहना है कि पुलिस थाने में शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने दूसरी पार्टी के साथ मिलीभगत करके कोई कार्रवाई नहीं की और उनके खिलाफ ही गलत मामला दर्ज कर दिया। पुलिस ने अपने बयान में कहा कि मुख्तार अहमद मकान के कागजात नहीं दिखा सके, जबकि उनके पास शादी के कागजात मौजूद थे। मुख्तार अहमद का आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी देकर मकान से बेदखल कर दिया गया है। उन्होंने इस फर्जी रजिस्ट्री को चुनौती देते हुए न्याय पाने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन से सहयोग की माँग की है।
    user_Mukhtar ahmad Ahmad
    Mukhtar ahmad Ahmad
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    41 min ago
  • दिल्ली के जंतर-मंतर से छात्रों की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पहली तस्वीर में कुछ छात्र आपस में हंसते, मज़ाक करते और मोबाइल से वीडियो बनाते दिख रहे हैं, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की तथा बल प्रयोग के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिसमें कई छात्र भागते, रोते और अपने दोस्तों को संभालते नज़र आ रहे हैं। इन दो तस्वीरों के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोस्तों के बीच दो पल मुस्कुरा लेने से किसी छात्र की मांग या भविष्य की चिंता खत्म हो जाती है। सोशल मीडिया इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है, जहाँ कुछ लोग सिर्फ हंसी वाले वीडियो दिखा रहे हैं तो कुछ केवल पुलिस कार्रवाई के दृश्य। ऐसे में किसी आंदोलन को कुछ सेकंड की वायरल क्लिप से आंकने के बजाय पूरा संदर्भ सामने रखना आवश्यक माना गया है। अपने भविष्य, पढ़ाई और रोज़गार जैसे मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुने जाने की ज़रूरत पर बल दिया गया है। लोकतंत्र में संवाद को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह मामले में पारदर्शिता रखे, घटनाक्रम पर स्पष्ट जानकारी दे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वालों की सुरक्षा व अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे।
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    दिल्ली के जंतर-मंतर से छात्रों की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पहली तस्वीर में कुछ छात्र आपस में हंसते, मज़ाक करते और मोबाइल से वीडियो बनाते दिख रहे हैं, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की तथा बल प्रयोग के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिसमें कई छात्र भागते, रोते और अपने दोस्तों को संभालते नज़र आ रहे हैं।

इन दो तस्वीरों के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोस्तों के बीच दो पल मुस्कुरा लेने से किसी छात्र की मांग या भविष्य की चिंता खत्म हो जाती है। सोशल मीडिया इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है, जहाँ कुछ लोग सिर्फ हंसी वाले वीडियो दिखा रहे हैं तो कुछ केवल पुलिस कार्रवाई के दृश्य। ऐसे में किसी आंदोलन को कुछ सेकंड की वायरल क्लिप से आंकने के बजाय पूरा संदर्भ सामने रखना आवश्यक माना गया है।

अपने भविष्य, पढ़ाई और रोज़गार जैसे मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुने जाने की ज़रूरत पर बल दिया गया है। लोकतंत्र में संवाद को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह मामले में पारदर्शिता रखे, घटनाक्रम पर स्पष्ट जानकारी दे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वालों की सुरक्षा व अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे।
    user_भारत vision live news
    भारत vision live news
    Court reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पीड़िता ने अपने साथ हुई खौफनाक दास्तान को अपने शब्दों में बयां करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। पीड़िता ने बताया कि उसे ब्लैकमेल करके मंदिर में शादी रचाई गई और इसके बाद दोस्तों से भी उसे प्रताड़ित करवाया गया। अपने साथ हुए इस पूरे अत्याचार की आपबीती सुनाते हुए पीड़िता ने न्याय की मांग की है।
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    उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पीड़िता ने अपने साथ हुई खौफनाक दास्तान को अपने शब्दों में बयां करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। पीड़िता ने बताया कि उसे ब्लैकमेल करके मंदिर में शादी रचाई गई और इसके बाद दोस्तों से भी उसे प्रताड़ित करवाया गया। अपने साथ हुए इस पूरे अत्याचार की आपबीती सुनाते हुए पीड़िता ने न्याय की मांग की है।
    user_Jalal News 901
    Jalal News 901
    Media and information sciences faculty बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • बरेली के विकासखंड भोजीपुरा स्थित ग्राम मांडा का मुख्य संपर्क मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। सड़क पर फैले कीचड़, गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में हालात इतने खराब हैं कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे विद्यालय जाते हैं और मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दोपहिया वाहन अक्सर फिसल रहे हैं और कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान अबरार ने रेलवे के डीआरएम (DRM) को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। प्रधान का कहना है कि सैकड़ों लोगों की आवाजाही वाले इस प्रमुख मार्ग पर पत्र भेजने के बावजूद अभी तक रेलवे की तरफ से कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से गड्ढों को भरवाकर सड़क का स्थायी डामरीकरण कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि जल्द समाधान न होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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    बरेली के विकासखंड भोजीपुरा स्थित ग्राम मांडा का मुख्य संपर्क मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। सड़क पर फैले कीचड़, गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में हालात इतने खराब हैं कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे विद्यालय जाते हैं और मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दोपहिया वाहन अक्सर फिसल रहे हैं और कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान अबरार ने रेलवे के डीआरएम (DRM) को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। प्रधान का कहना है कि सैकड़ों लोगों की आवाजाही वाले इस प्रमुख मार्ग पर पत्र भेजने के बावजूद अभी तक रेलवे की तरफ से कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से गड्ढों को भरवाकर सड़क का स्थायी डामरीकरण कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि जल्द समाधान न होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
    user_जितेन्द्र पाल
    जितेन्द्र पाल
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने बदायूं के मालवीय आवास गृह पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरने के बाद संगठन ने सिटी मजिस्ट्रेट और बेसिक शिक्षा अधिकारी को 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर स्कूलों में हो रही मनमानी और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग की। पंचायत को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सतीश साहू ने कहा कि जनपद में बिना मान्यता के भारी संख्या में अवैध स्कूल संचालित हो रहे हैं। वहीं सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जहाँ 100 बच्चों पर केवल 2 शिक्षक ही तैनात हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संगठन ने निजी स्कूलों पर कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों से कॉपी-किताब, हर साल एडमिशन फीस, स्कूल ड्रेस, ट्यूशन, बिल्डिंग किराया और बिजली-पंखा के नाम पर मनमानी वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चा उसी स्कूल में पढ़ता है तो हर साल एडमिशन फीस क्यों ली जाती है। संगठन ने मांग की कि सभी स्कूलों में एक जैसी किताबें और एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू की जाएं। इस दौरान अमरोहा के जिला अध्यक्ष अपनी टीम के साथ बदायूं पहुंचे और बीएसए कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। धरने में सूं.धव. अगरास, धव.क्षे. इस्लामनगर में सेवारत सहायक अध्यापक लोकेश कुमार ने भी ज्ञापन देकर एमडीएम (मिड-डे मील) में गड़बड़ी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी 2026 तक उन्होंने 4,88,000 रुपये से अधिक की लागत से अपनी सैलरी और गोल्ड लोन लेकर एमडीएम चलाया, लेकिन द्वेष भावना के चलते ग्राम प्रधान द्वारा यह राशि 22 जुलाई 2026 तक नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने कोई सहयोग नहीं किया फिर भी उसे एमडीएम से 2 लाख रुपये का चेक जारी हुआ। लोकेश कुमार ने अपनी लागत दिलाने की मांग की और चेतावनी दी कि कोई अप्रिय घटना होने पर ग्राम प्रधान दिवाकर शर्मा, रामवीर सिंह राणा और उनके साथी जिम्मेदार होंगे। इस अवसर पर यार्वेंद्र यादव, अमनदीप, सोनू यादव, विवेक कुमार, अंकुर सिद्धू, पीतम सिंह, अरशद खान, इरशाद खान, अनावर, शराफत खान, महेंद्र पाल, नूरुद्दीन, सर्वेश, शरीफ अब्बासी और भगवानदास समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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    भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने बदायूं के मालवीय आवास गृह पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरने के बाद संगठन ने सिटी मजिस्ट्रेट और बेसिक शिक्षा अधिकारी को 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर स्कूलों में हो रही मनमानी और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग की। पंचायत को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सतीश साहू ने कहा कि जनपद में बिना मान्यता के भारी संख्या में अवैध स्कूल संचालित हो रहे हैं। वहीं सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जहाँ 100 बच्चों पर केवल 2 शिक्षक ही तैनात हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

संगठन ने निजी स्कूलों पर कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों से कॉपी-किताब, हर साल एडमिशन फीस, स्कूल ड्रेस, ट्यूशन, बिल्डिंग किराया और बिजली-पंखा के नाम पर मनमानी वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चा उसी स्कूल में पढ़ता है तो हर साल एडमिशन फीस क्यों ली जाती है। संगठन ने मांग की कि सभी स्कूलों में एक जैसी किताबें और एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू की जाएं। इस दौरान अमरोहा के जिला अध्यक्ष अपनी टीम के साथ बदायूं पहुंचे और बीएसए कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा।

धरने में सूं.धव. अगरास, धव.क्षे. इस्लामनगर में सेवारत सहायक अध्यापक लोकेश कुमार ने भी ज्ञापन देकर एमडीएम (मिड-डे मील) में गड़बड़ी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी 2026 तक उन्होंने 4,88,000 रुपये से अधिक की लागत से अपनी सैलरी और गोल्ड लोन लेकर एमडीएम चलाया, लेकिन द्वेष भावना के चलते ग्राम प्रधान द्वारा यह राशि 22 जुलाई 2026 तक नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने कोई सहयोग नहीं किया फिर भी उसे एमडीएम से 2 लाख रुपये का चेक जारी हुआ। लोकेश कुमार ने अपनी लागत दिलाने की मांग की और चेतावनी दी कि कोई अप्रिय घटना होने पर ग्राम प्रधान दिवाकर शर्मा, रामवीर सिंह राणा और उनके साथी जिम्मेदार होंगे।

इस अवसर पर यार्वेंद्र यादव, अमनदीप, सोनू यादव, विवेक कुमार, अंकुर सिद्धू, पीतम सिंह, अरशद खान, इरशाद खान, अनावर, शराफत खान, महेंद्र पाल, नूरुद्दीन, सर्वेश, शरीफ अब्बासी और भगवानदास समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
    user_भूपेंद्र शर्मा
    भूपेंद्र शर्मा
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बरेली जिले के थाना इज्जत नगर क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ पीड़ित ने क्षेत्र के दबंगों के ऊपर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। दबंगों की हरकतों से परेशान होकर पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से न्याय की माँग करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है।
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    बरेली जिले के थाना इज्जत नगर क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ पीड़ित ने क्षेत्र के दबंगों के ऊपर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। दबंगों की हरकतों से परेशान होकर पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से न्याय की माँग करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है।
    user_(JK Media News Update) (Hungama Times News)
    (JK Media News Update) (Hungama Times News)
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बरेली के परसा खेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यहां सफाई केवल कागजों में ही दिखाई जा रही है। हकीकत में लंबे समय से नाले और नालियां गंदगी व झाड़ियों से अटी पड़ी हैं। कई स्थानों पर झाड़ियों और मिट्टी का जमाव इतना ज्यादा हो गया है कि नाले-नालियों के ऊपर पगडंडी बन गई है। नियमित सफाई न होने से जल निकासी बाधित हो रही है, जिससे बरसात के दौरान जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ने की आशंका है। इसके साथ ही इलाके में मच्छरों का प्रकोप बहुत बढ़ गया है और कोई मच्छर मार दवाई नहीं डाली जा रही है। औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद मूलभूत सफाई व्यवस्था की अनदेखी उद्योगों और आम लोगों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि परसा खेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया का स्थलीय निरीक्षण कराकर नाले-नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए। इसके अलावा सफाई कार्य में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
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    बरेली के परसा खेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यहां सफाई केवल कागजों में ही दिखाई जा रही है। हकीकत में लंबे समय से नाले और नालियां गंदगी व झाड़ियों से अटी पड़ी हैं। कई स्थानों पर झाड़ियों और मिट्टी का जमाव इतना ज्यादा हो गया है कि नाले-नालियों के ऊपर पगडंडी बन गई है।

नियमित सफाई न होने से जल निकासी बाधित हो रही है, जिससे बरसात के दौरान जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ने की आशंका है। इसके साथ ही इलाके में मच्छरों का प्रकोप बहुत बढ़ गया है और कोई मच्छर मार दवाई नहीं डाली जा रही है। औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद मूलभूत सफाई व्यवस्था की अनदेखी उद्योगों और आम लोगों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि परसा खेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया का स्थलीय निरीक्षण कराकर नाले-नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए। इसके अलावा सफाई कार्य में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
    user_मनोज कुमार पत्रकार
    मनोज कुमार पत्रकार
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री व प्रवक्ता मुख्तार अहमद ने देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की माँग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो देश में भयंकर गृह युद्ध का रूप देखने को मिल सकता है, जो राष्ट्र के लिए अत्यंत हानिकारक होगा। पार्टी का कहना है कि यह केवल उनकी अपनी माँग नहीं है, बल्कि पूरे भारत की आम जनता की आवाज है। मुख्तार अहमद ने प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र यादव से अपने संवैधानिक पदों से तत्काल इस्तीफा देने की माँग की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अब इन पदों के काबिल नहीं रह गई है। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश में बुलडोजर नीति, बेरोजगारी, खराब आर्थिक स्थिति, शिक्षा नीति तथा ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर लोगों को डराया जा रहा है, जिससे लोग खौफ के मारे कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी तानाशाही सरकार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नेताओं को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। राष्ट्रपति महोदय से अपील करते हुए कहा गया है कि वे किसी के दबाव में आए बिना देश और जनता की सुरक्षा तथा खुशहाली के हित में यह सख्त कदम उठाएं। बयान के अंत में 'जय संविधान, जय भारत, जय हिंदुस्तान' का नारा भी दिया गया है।
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    ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री व प्रवक्ता मुख्तार अहमद ने देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की माँग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो देश में भयंकर गृह युद्ध का रूप देखने को मिल सकता है, जो राष्ट्र के लिए अत्यंत हानिकारक होगा। पार्टी का कहना है कि यह केवल उनकी अपनी माँग नहीं है, बल्कि पूरे भारत की आम जनता की आवाज है।

मुख्तार अहमद ने प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र यादव से अपने संवैधानिक पदों से तत्काल इस्तीफा देने की माँग की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अब इन पदों के काबिल नहीं रह गई है। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश में बुलडोजर नीति, बेरोजगारी, खराब आर्थिक स्थिति, शिक्षा नीति तथा ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर लोगों को डराया जा रहा है, जिससे लोग खौफ के मारे कुछ बोल नहीं पा रहे हैं।

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी तानाशाही सरकार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नेताओं को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। राष्ट्रपति महोदय से अपील करते हुए कहा गया है कि वे किसी के दबाव में आए बिना देश और जनता की सुरक्षा तथा खुशहाली के हित में यह सख्त कदम उठाएं। बयान के अंत में 'जय संविधान, जय भारत, जय हिंदुस्तान' का नारा भी दिया गया है।
    user_Mukhtar ahmad Ahmad
    Mukhtar ahmad Ahmad
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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