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उत्तर प्रदेश के बरेली में टैक्सी ड्राइवर एसोसिएशन को भारतीय किसान यूनियन अमर टिकैत का पूर्ण समर्थन मिल गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष एफ. एच. चौधरी के निर्देश पर यूनियन ने टैक्सी चालकों की समस्याओं और उनके अधिकारों की लड़ाई में हमेशा साथ खड़े रहने का फैसला किया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हाजी आरिफ ने इस संबंध में कहा कि उनका संगठन हर वर्ग के मेहनतकश लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से टैक्सी चालकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उनके हितों की रक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
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उत्तर प्रदेश के बरेली में टैक्सी ड्राइवर एसोसिएशन को भारतीय किसान यूनियन अमर टिकैत का पूर्ण समर्थन मिल गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष एफ. एच. चौधरी के निर्देश पर यूनियन ने टैक्सी चालकों की समस्याओं और उनके अधिकारों की लड़ाई में हमेशा साथ खड़े रहने का फैसला किया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हाजी आरिफ ने इस संबंध में कहा कि उनका संगठन हर वर्ग के मेहनतकश लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से टैक्सी चालकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उनके हितों की रक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
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- भारत-अमेरिका डील में किसानों के हितों की रक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) हरपाल गुट ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। 'राष्ट्रीय देश बचाओ मोर्चा' के आह्वान पर आयोजित इस देशव्यापी आंदोलन के तहत संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 21 जुलाई को बड़ी संख्या में किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर रेल रोको आंदोलन और धरना प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह के निर्देश पर जिला मुख्यालय पहुंचे किसान नेताओं ने अपनी प्रमुख मांगें उठाईं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता महेंद्र पाल गंगवार ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपालों की लापरवाही के कारण खतौनी में हिस्सों की भारी गड़बड़ी हुई है, जिसे लेखपालों को घर-घर जाकर दुरुस्त करना चाहिए। इसके साथ ही, नई 'फार्मर रजिस्ट्री/आईडी' व्यवस्था के तहत खाद वितरण में आ रही दिक्कतों पर रोष जताते हुए उन्होंने पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की ताकि फसलों के इस सीजन में किसानों को खाद के लिए दर-दर न भटकना पड़े। साथ ही ओसवाल और बजाज चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान को ब्याज सहित जल्द से जल्द दिलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शन में शामिल अन्य किसान नेता छेदालाल गंगवार ने शिक्षा व्यवस्था में निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ाया जाए, जहां पोषाहार और खेलकूद की व्यवस्था है। इसके विपरीत, निजी स्कूल ढाई से तीन साल के बच्चों का दाखिला कर अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं और महंगी किताबों के नाम पर कमीशनखोरी कर रहे हैं, जिससे गरीब और देहाती परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कठोर जांच और कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने साफ किया कि अगर इन सभी मुद्दों पर जल्द ही प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया, तो आगामी 21 जुलाई को दिल्ली में आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान छेदालाल, रामधुन, रामकिशोर दिवाकर, मोहम्मद इसरार, राम औतार, कुंवर सेन, नरेश चंद, रामचंद्र, चंद्रपाल, भगवानदास आदि मौजूद रहे।1
- बदायूं के करीब नगर थाना क्षेत्र के कदर नगर उर्फ़ कादर चौक गांव में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में परिजनों का हंगामा लगातार जारी है। दोपहर से ही परिजन मृतक की डेड बॉडी को लेकर चौकी पर धरने पर बैठे थे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि उन्हें न्याय देने की जगह बदायूं पुलिस ने उन पर ही लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के लाठीचार्ज करते ही मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद पुलिस खुद बॉडी को उठाकर पीड़ित परिवार के घर ले गई और शव को वहां भेज दिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार का गुस्सा बदायूं पुलिस पर लगातार फूट रहा है। उनका कहना है कि पुलिस इंसाफ देने के बजाय पीड़ित परिवार पर ही लाठियां बरसा रही है। पूरा परिवार सुबह से ही अनशन पर बैठा हुआ है, लेकिन बदायूं एसएसपी अभी तक पीड़ित परिवार से मिलने मौके पर नहीं पहुंची हैं। लाठीचार्ज के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति और ज्यादा बढ़ गई है। मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात है और पीड़ित परिवार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा हुआ है।3
- बरेली में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बहेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता, त्वरित सूझबूझ और तत्परता के चलते महिला को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। जानकारी के अनुसार, बहेड़ी निवासी मीना नाम की महिला अचानक एसएसपी कार्यालय के बाहर पहुंची और खुद पर डीजल उड़ेल लिया। इससे पहले कि वह आग लगा पाती, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति को भांप लिया और उसे तुरंत पकड़कर सुरक्षित कर लिया। पीड़ित महिला का आरोप है कि उस पर और उसके बेटे पर जानलेवा हमला हुआ था, लेकिन कई बार शिकायत करने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की। घटना के तुरंत बाद पुलिस महिला को एसपी साउथ अंशिका वर्मा के कार्यालय लेकर पहुंची, जहां अधिकारियों ने उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना। इसके बाद उसे महिला थाना पुलिस की सुपुर्दगी में देकर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ऑफिस के बाहर दिनांक 14.07.26 को एक महिला ने स्वयं के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालने का प्रयास किया, जिसे वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल रोक दिया। इस घटना के बाद पुलिस टीम द्वारा महिला की काउंसलिंग की जा रही है। सीओ सिटी प्रथम (CO City 1st) के अनुसार, वर्तमान में शांति व्यवस्था संबंधी कोई समस्या नहीं है।1
- बरेली में बारादरी पुलिस ने 19 साल के एक साइबर शातिर को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी दूसरे राज्यों के लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाता था। पुलिस ने इस आरोपी को उसके मोबाइल फोन के साथ दबोचा है। यह शातिर अपराधी साइबर फ्रॉड के जरिए जुटाए गए पैसों से अपना बैंक खाता भरता था।1
- बरेली में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग को लेकर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसान एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने एक बाइक रैली निकाली और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। किसान नेता डॉ. रवि नागर ने देश बचाओ मोर्चा की ओर से प्रस्तावित इस समझौते का कड़ा विरोध करते हुए इसे किसानों का "डेथ वारंट" करार दिया। उनका आरोप है कि यह समझौता भारतीय कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और करोड़ों लोगों की आजीविका पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों के लिए बल्कि देश की खाद्य और आर्थिक संप्रभुता के लिए भी एक गंभीर खतरा साबित होगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों ने ज्ञापन के जरिए केंद्र सरकार से मांग की है कि इस समझौते को तत्काल प्रभाव से वापस लेकर आम जनता और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। डॉ. रवि नागर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों की अनदेखी की, तो देश बचाओ मोर्चा पूरे देश में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस महानिदेशक, उ.प्र. पुलिस के निर्देशन में चलाए गए 'ऑपरेशन Cy-वज्र' के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत बरेली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 41 अभियोग पंजीकृत किए हैं और कुल 58 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर साइबर फ्रॉड का सफल अनावरण किया है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई और साइबर अपराधियों की धरपकड़ के संबंध में बरेली के एसपी क्राइम, श्री मनीष कुमार सोनकर ने बाइट जारी कर पूरे मामले की जानकारी साझा की है।2
- उत्तर प्रदेश के आगरा में एक शख्स की पत्नी अपने बॉयफ्रेंड के साथ होटल के कमरे में मिली है। पत्नी के होटल में होने की जानकारी मिलने पर पति लाव-लश्कर के साथ वहां पहुंच गया और उसने कमरे के अंदर से पत्नी का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस महिला पर आरोप है कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहना चाहती थी और इसी वजह से उसने अपने पति से जानबूझकर बिगाड़ किया। इतना ही नहीं, महिला ने अपने पति के खिलाफ डोमेस्टिक वायलेंस (घरेलू हिंसा) का केस भी दर्ज करा दिया था। इस विवाद को लेकर पुलिस थाने में भी समझौता कराने की कोशिश की गई, लेकिन वहां भी दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका।1