Shuru
Apke Nagar Ki App…
कल शुक्रवार, 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जा रहा है… एक ऐसा दिन, जो हमें याद दिलाता है उस नन्हीं सी चिड़िया की, जो कभी हमारे जीवन का अहम हिस्सा हुआ करती थी — गौरैया। विश्व गौरैया दिवस हर साल 20 मार्च को मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस नन्हीं चिड़िया के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके। कभी हमारे घर-आंगन की रौनक रही गौरैया आज तेजी से गायब हो रही है। इस वीडियो में जानिए: ✔️ गौरैया क्यों हो रही है खत्म ✔️ इसके पीछे के बड़े कारण ✔️ और कैसे हम इसे फिर से अपने घरों में ला सकते हैं आइए इस विश्व गौरैया दिवस पर हम सब मिलकर एक संकल्प लें — “गौरैया बचाओ, पर्यावरण बचाओ”
RUBY JOURNALIST
कल शुक्रवार, 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जा रहा है… एक ऐसा दिन, जो हमें याद दिलाता है उस नन्हीं सी चिड़िया की, जो कभी हमारे जीवन का अहम हिस्सा हुआ करती थी — गौरैया। विश्व गौरैया दिवस हर साल 20 मार्च को मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस नन्हीं चिड़िया के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके। कभी हमारे घर-आंगन की रौनक रही गौरैया आज तेजी से गायब हो रही है। इस वीडियो में जानिए: ✔️ गौरैया क्यों हो रही है खत्म ✔️ इसके पीछे के बड़े कारण ✔️ और कैसे हम इसे फिर से अपने घरों में ला सकते हैं आइए इस विश्व गौरैया दिवस पर हम सब मिलकर एक संकल्प लें — “गौरैया बचाओ, पर्यावरण बचाओ”
More news from बिहार and nearby areas
- विश्व गौरैया दिवस हर साल 20 मार्च को मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस नन्हीं चिड़िया के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके। कभी हमारे घर-आंगन की रौनक रही गौरैया आज तेजी से गायब हो रही है। इस वीडियो में जानिए: ✔️ गौरैया क्यों हो रही है खत्म ✔️ इसके पीछे के बड़े कारण ✔️ और कैसे हम इसे फिर से अपने घरों में ला सकते हैं आइए इस विश्व गौरैया दिवस पर हम सब मिलकर एक संकल्प लें — “गौरैया बचाओ, पर्यावरण बचाओ”1
- Post by JMBNEWS1
- पटना/बख्तियारपुर। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्र की शुरुआत घट स्थापना यानी कलश स्थापना से होती है और भक्त नौ दिनों तक व्रत, दुर्गा पाठ, आरती तथा अखंड ज्योत के साथ मां की उपासना करते हैं। नवरात्र के अवसर पर बख्तियारपुर से सटे करौटा में स्थित मां जगदंबा मंदिर करौटा में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ रही है। राजधानी पटना से करीब 40 किलोमीटर पूर्व स्थित इस मंदिर की महत्ता काफी प्रसिद्ध है। खासकर मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष पूजा का महत्व माना जाता है, जिसके कारण हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता की पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्र के दौरान भक्तों की संख्या और भी बढ़ जाती है। स्थानीय मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से मां से मनोकामना मांगते हैं, उनकी इच्छा माता जरूर पूरी करती हैं। खासकर संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्ति यहां मन्नत मांगने आते हैं। कई भक्तों का कहना है कि उनकी मनोकामना पूरी होने के बाद वे हर वर्ष माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। इसी कारण बिहार के विभिन्न जिलों से लोग यहां पहुंचकर माता का आशीर्वाद लेते हैं। नवरात्र के पहले दिन मंदिर में विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई और सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार देखी गई। कई श्रद्धालु दुर्गा पाठ और हवन भी करा रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष नवरात्र में माता की सवारी पालकी मानी जा रही है, जिसे शुभ माना जाता है, जबकि विदाई हाथी पर होगी। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर काफी प्राचीन है। पहले यहां चारों ओर खेत हुआ करते थे और पीपल के पेड़ के पास काले पत्थर की माता की मूर्ति स्थापित थी, जिसकी ग्रामीण कुल देवी के रूप में पूजा करते थे। समय के साथ मंदिर का विस्तार हुआ और परिसर में भगवान विष्णु-लक्ष्मी, भगवान शिव तथा हनुमान जी के मंदिर भी बनाए गए हैं। यहां श्रद्धालुओं के सहयोग से एक धर्मशाला का निर्माण भी कराया गया है, जहां विवाह और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। मंदिर के सेवक अरविंद कुमार उर्फ मास्टर साहब के अनुसार यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है और इसकी स्थापना के समय के बारे में स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थानीय मान्यता के अनुसार यह स्थान आंशिक शक्तिपीठ के रूप में भी जाना जाता है। नवरात्र के दौरान खासकर सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचकर माता की पूजा-अर्चना और हवन करते हैं। दूर से दिखने वाला मंदिर का ऊंचा गुंबद भी इस स्थान की पहचान बन चुका है और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।1
- जमानत मिलने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार के कट्टर समर्थक जेपी सिंह ने बताया कि..1
- दुबाहा पंचायत का एक यूट्यूब बर नया चैनल बनाया है सब्सक्राइब करें, लाइक करें, कमेंट करें, शेयर करें आप लोग सहायता करें1
- बिहार दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन, समस्तीपुर द्वारा पटेल मैदान में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.1
- बिहार, समस्तीपुर मोहिउद्दीननगर में चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर निकाली गई भव्य कलश शोभा यात्रा, कुंवारी कन्या समेत हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद इस मौके पर 5 दिवसीय शिव महापुराण कथा का भी होगा शुभारंभ जी हां मिली जानकारी के अनुसार समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड अंतर्गत सिवैसिंहपुर पंचायत स्थित नंदनी गांव के दुर्गा मंदिर परिसर में पहली बार आयोजित होने वाले चैती दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर, आयोजित 5 दिवसीय शिव महापुराण कथा को लेकर भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है। कलश यात्रा की अगुवाई मुख्य यजमान प्रो. मुकुंद कुमार एवं नीरू कुमारी की नेतृत्व में 501 कुंवारी कन्याओं ने कलश शोभा यात्रा में भाग लिया। यह यात्रा पूरे गाजे बाजे, और घोड़े के साथ यह शोभायात्रा निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना रहा । जबकि कलश यात्रा दुर्गा मंदिर प्रांगण से निकलते हुए बाया नदी के किनारे बाबा जलेश्वर स्थान के समीप, आचार्य संजय झा के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ गंगा जल को कलश में डाला गया । इसी उपरांत उक्त सभी कन्याओं ने कलश लेकर लगभग 2 किलोमीटर की नगर भ्रमण यात्रा करते हुए महायज्ञ स्थल पर विराम दी । इस अवसर पर वृंदावन से पधारे कथा वाचक आचार्य दिवाकर कृष्ण द्वारा 5 दिवसीय शिव महापुराण कथा का भी आयोजन किया जा रहा है, जो शुक्रवार से प्रारम्भ होकर बुधवार तक चलेगा। वैसे कथा श्रवण के लिए सभी क्षेत्र वासी आमंत्रित हैं। जबकि कथा श्रवण के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है इसे देखते हुए आयोजकों द्वारा सुरक्षा के दृष्टि कोण से सुरक्षा की पुख्ता इंतजाम किए जा चुके हैं। वहीं धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे इलाके में भक्ति और आस्था का माहौल है। कार्यक्रम में शामिल भक्त नवल ठाकुर, दिनेश ठाकुर, यंत्री राय, जूली कुमारी, सुमन कुमार, राजा महतो, पिंकी देवी, बिट्टू कुमार, मंटू भारती सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- इस वीडियो में जानिए चैत्र नवरात्रि 2026 कब से शुरू हो रही है, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, मां दुर्गा के 9 स्वरूप, पूजा विधि और इस पर्व का महत्व। इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगी। नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है और अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। वीडियो को अंत तक जरूर देखें और जय माता दी लिखकर कमेंट करें 🙏1