औरैया जिले में दिबियापुर पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक मोबाइल छिनैती कांड का सफल खुलासा हुआ है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक टाटा हैरियर कार भी बरामद की गई है। यह घटना 22 जून को अजय कुमार पाण्डेय से मारपीट कर मोबाइल छीनने के रूप में सामने आई थी, जिसके बाद पीड़ित की तहरीर पर थाना दिबियापुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 24 जून की रात केंजरी नहर पुल के पास तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इटावा निवासी गौरव यादव, योगेन्द्र यादव और प्रदीप यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने आपसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूली है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले मारपीट की साजिश रची और फिर मोबाइल छीनकर फरार हो गए थे। बरामदगी और मिले साक्ष्यों के आधार पर इस मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2) बढ़ाई गई है। इस पूरे खुलासे में प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश, स्वाट/सर्विलांस प्रभारी समिन चौधरी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही है। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक औरैया आलोक मिश्रा ने दी है।
औरैया जिले में दिबियापुर पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक मोबाइल छिनैती कांड का सफल खुलासा हुआ है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक टाटा हैरियर कार भी बरामद की गई है। यह घटना 22 जून को अजय कुमार पाण्डेय से मारपीट कर मोबाइल छीनने के रूप में सामने आई थी, जिसके बाद पीड़ित की तहरीर पर थाना दिबियापुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 24 जून की रात केंजरी नहर पुल
के पास तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इटावा निवासी गौरव यादव, योगेन्द्र यादव और प्रदीप यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने आपसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूली है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले मारपीट की साजिश रची और फिर मोबाइल छीनकर फरार हो गए थे। बरामदगी और मिले साक्ष्यों के आधार पर इस मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2) बढ़ाई गई है। इस पूरे खुलासे में प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश, स्वाट/सर्विलांस प्रभारी समिन चौधरी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही है। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक औरैया आलोक मिश्रा ने दी है।
- औरैया जनपद में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध-विरोधी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। दिबियापुर थाना पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए मारपीट कर मोबाइल छीनने की एक बड़ी घटना का सफल अनावरण किया है। इस कार्रवाई में, चकबंदी अधिकारी बिधूना अजय कुमार पाण्डेय से हुई मोबाइल छिनैती और मारपीट की वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से छीना गया रियलमी मोबाइल बरामद कर लिया है। इसके साथ ही, घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक और टाटा हैरियर कार को भी जब्त किया गया है। खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने एक महिला सहकर्मी के कहने पर चकबंदी अधिकारी को पीटने और उनका मोबाइल छीनने की पूरी साजिश रची थी।1
- औरैया जिले के थाना दिबियापुर क्षेत्र में हुई एक छिनैती की घटना का दिबियापुर पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने सफल अनावरण किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से छीना गया एक मोबाइल फोन, घटना में इस्तेमाल की गई एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक टाटा हैरियर कार भी बरामद की गई है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा जानकारी दी गई है।1
- सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बम्हौरी में एक बौद्ध कथा कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका उद्घाटन समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने किया। इस दौरान आयोजकों और ग्रामीणों ने जिलाध्यक्ष का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल बना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने इस बात पर ज़ोर दिया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सद्भावना, भाईचारा और एकता की भावना को मज़बूत करते हैं। उन्होंने बताया कि बौद्ध कथा जैसे कार्यक्रम लोगों को अपने पूर्वजों के इतिहास और उनके संघर्षों से परिचित कराते हैं, जिससे समाज में जागरूकता बढ़ती है और नई पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ पाती है। गौतम ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से बाबा साहब के बताए शिक्षा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा, “शिक्षित व्यक्ति कभी गरीब नहीं रह सकता, इसलिए अपने बच्चों को अवश्य शिक्षित करें, चाहे इसके लिए एक समय का भोजन ही क्यों न छोड़ना पड़े।” इसके अतिरिक्त, उन्होंने लोगों से सामाजिक और राजनीतिक रूप से जागरूक रहने की अपील करते हुए बताया कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति सजग होना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में मजबूत भागीदारी से ही समाज का वास्तविक विकास संभव है। कार्यक्रम में नन्नू यादव, अजय यादव, मूलचंद पाल, रवि राजपूत, स्नेह लता दोहरे, राम रतन और मनीष कठेरिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण उपस्थित रहे। आयोजन के समापन पर अतिथियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।2
- औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर बाल श्रम उन्मूलन एवं समग्र शिक्षा अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके अंतर्गत, ग्राम मिश्रीपुर ऊँचा के 11 वर्षीय अमन कुमार, जो बाल श्रम में संलिप्त थे, को मुक्त कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तुरंत अमन कुमार का प्राथमिक विद्यालय गपकापुर, विकासखंड भाग्यनगर में कक्षा 5 में नामांकन कराया। शिक्षा में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए अमन को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, पेन-पेंसिल और विद्यालयी ड्रेस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही, विद्यालय प्रशासन को बालक की नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति और समुचित मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करना प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और बच्चों से श्रम कराना उनके अधिकारों का हनन है, जो उनके भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रम में संलिप्त दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को सूचित करें, ताकि ऐसे बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और विकास के अवसर मिल सकें। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग जनपद में विद्यालय से बाहर रहने वाले और बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालयों में नामांकित करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है, जिसका उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। अमन कुमार के विद्यालय में नामांकन को बाल श्रम उन्मूलन और शिक्षा के सार्वभौमिक अधिकार को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया गया है। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने अमन के परिवार के भरण-पोषण के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को नियमानुसार राशन कार्ड बनवाकर राशन आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को अमन की मां के लिए विधवा पेंशन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। जब छात्र अमन ने बताया कि उसके पास कोई मोबाइल नहीं है, तो जिलाधिकारी ने तुरंत उसे एक नया मोबाइल उपलब्ध कराया और छात्र का नंबर अपने मोबाइल में दर्ज किया।1
- औरैया जिले में दिबियापुर पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक मोबाइल छिनैती कांड का सफल खुलासा हुआ है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक टाटा हैरियर कार भी बरामद की गई है। यह घटना 22 जून को अजय कुमार पाण्डेय से मारपीट कर मोबाइल छीनने के रूप में सामने आई थी, जिसके बाद पीड़ित की तहरीर पर थाना दिबियापुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 24 जून की रात केंजरी नहर पुल के पास तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इटावा निवासी गौरव यादव, योगेन्द्र यादव और प्रदीप यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने आपसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूली है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले मारपीट की साजिश रची और फिर मोबाइल छीनकर फरार हो गए थे। बरामदगी और मिले साक्ष्यों के आधार पर इस मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2) बढ़ाई गई है। इस पूरे खुलासे में प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश, स्वाट/सर्विलांस प्रभारी समिन चौधरी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही है। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक औरैया आलोक मिश्रा ने दी है।2
- मध्य दिल्ली के करोल बाग इलाके में हुई ₹90 लाख से अधिक की चोरी का दिल्ली पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। दिल्ली पुलिस की जिला मध्य टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस चोरी की घटना को एक मोबाइल फोन की दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, घटना के बाद पुलिस ने स्पेशल स्टाफ और करोल बाग थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया था। जांच के दौरान, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण सुरागों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई, जिसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान चोरी की गई रकम में से ₹84 लाख नकद और कई मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है, और आरोपियों से गहन पूछताछ कर अन्य संभावित जानकारियां जुटाई जा रही हैं। दिल्ली पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से एक बड़ी चोरी की वारदात का सफल अनावरण हुआ है।1
- औरैया के बिधूना क्षेत्र के बंथरा गांव निवासी 55 वर्षीय राज नारायण दुबे ने अपनी बहन सुमन देवी को अपना घर और जमीन दान कर दी, जिसके बाद उनके भाई धर्मेंद्र नारायण दुबे और भाभी बिट्टी देवी सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों ने उन्हें, उनकी बहन और भांजे राम दत्त त्रिवेदी को झूठे आपराधिक मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने या जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया है। राज नारायण दुबे ने बताया कि उनके कोई संतान नहीं है, और उनकी देखरेख उनकी बहन सुमन देवी और भांजा राम दत्त त्रिवेदी, जो क्योंटरा, औरैया के निवासी हैं, करते आ रहे हैं। इसी कारण उन्होंने होशोहवास में और अपनी स्वेच्छा से यह संपत्ति अपनी बहन के नाम की है। पीड़ित राज नारायण ने जानकारी दी कि 24 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे जब वह अपनी बहन के साथ घर पर थे, तब धर्मेंद्र नारायण और उनकी पत्नी बिट्टी देवी ने उन्हें और सुमन देवी को देखकर भद्दी-भद्दी गालियां दीं। जब राज नारायण ने बताया कि सुमन देवी और उनका परिवार ही उनकी शुरुआत से देखरेख करता आया है, इसलिए उन्होंने अपनी संपत्ति उन्हें दी है, तो इस बात पर दोनों पति-पत्नी ने उन पर और उनकी बहन पर मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह वे दोनों घर के अंदर भाग गए और अपने भांजे को फोन पर घटना की सूचना दी। इस घटना के बाद, पीड़ित राज नारायण दुबे ने अपने भांजे राम दत्त त्रिवेदी के साथ मिलकर उसी दिन 24 जून 2026 की रात करीब 10 बजे बिधूना थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी। उन्होंने सभी विपक्षीगणों, जिनमें उनके भाई धर्मेंद्र नारायण दुबे, भाभी बिट्टी देवी, संदीप दुबे और श्याम बाबू दुबे (रानेपुर कंचोसी, कानपुर देहात) शामिल हैं, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने और अपनी, अपनी बहन सुमन देवी और भांजे राम दत्त त्रिवेदी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। राज नारायण दुबे ने अपनी जान का खतरा बताते हुए कहा है कि उन्हें डर है कि उनके मकान और जमीन के लालच में आकर विपक्षीगण उनके, उनकी बहन या भांजे के खिलाफ कोई झूठा आपराधिक मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवा सकते हैं या उनकी हत्या करवा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनके या उनकी बहन सुमन और भांजे राम दत्त त्रिवेदी के साथ कोई भी आकस्मिक घटना होती है, तो इसके लिए विपक्षीगण ही जिम्मेदार होंगे।1
- औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर बाल श्रम उन्मूलन एवं समग्र शिक्षा अभियान के तहत एक 11 वर्षीय बालक, अमन कुमार, को बाल श्रम से मुक्त कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से अमन के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी, जिसने बताया कि वह पढ़-लिखकर अपने गांव, परिवार और देश का नाम रोशन करेगा। जानकारी के अनुसार, अमन कुमार पुत्र स्वर्गीय अरविन्द कुमार, जो ग्राम मिश्रीपुर ऊँचा, जनपद औरैया का निवासी है, आर्थिक अभाव के कारण बाल श्रम करने को मजबूर था। जिलाधिकारी बृजेश कुमार को इस मामले की जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अमन कुमार का प्राथमिक विद्यालय गपकापुर, विकासखंड भाग्यनगर में कक्षा-5 में तुरंत नामांकन कराया। उसे शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए गए, जिसके तहत अमन को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, पेन-पेंसिल और विद्यालयी ड्रेस जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि उसकी शिक्षा में कोई आर्थिक बाधा न आए। जिलाधिकारी ने अमन के परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी ध्यान दिया और जिला पूर्ति अधिकारी को नियमानुसार राशन कार्ड बनवाकर परिवार को राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी को अमन की मां से आवश्यक प्रपत्र प्राप्त कर विधवा पेंशन दिलाने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान, जब अमन ने जिलाधिकारी को बताया कि उसके पास मोबाइल फोन नहीं है, तो जिलाधिकारी ने तत्काल उसे एक नया मोबाइल उपलब्ध कराया और उसका नंबर अपने फोन में सुरक्षित किया। जिलाधिकारी की इस मानवीय और संवेदनशील पहल की जनपदभर में सराहना हो रही है। बृजेश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से किसी भी परिस्थिति में श्रम कराना न केवल उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके भविष्य के साथ भी अन्याय है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रम करते दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन अथवा संबंधित विभाग को दें, ताकि ऐसे बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा एवं विकास के अवसर दिए जा सकें।1