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किरौला में धार्मिक आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला, राम जानकी मंदिर से 101 मीटर लंबी चुन
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किरौला में धार्मिक आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला, राम जानकी मंदिर से 101 मीटर लंबी चुन
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- लोकल न्यूज़ बीना *हाईकोर्ट में बोलीं बीना विधायक निर्मला सप्रे—“मैं कांग्रेस में हूं”, सिंघार से मांगे गए सबूत* *दल-बदल मामले में सुनवाई • 20 अप्रैल को अगली तारीख • सोशल मीडिया पोस्ट को कोर्ट ने नहीं माना पुख्ता आधार* सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे से जुड़े दल-बदल मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान विधायक ने कोर्ट के समक्ष स्पष्ट कहा कि वे अब भी कांग्रेस पार्टी में हैं। इस पर कोर्ट ने बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए याचिकाकर्ता एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को तय की गई है। क्या है मामला दरअसल, बीना से विधायक निर्मला सप्रे ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। आरोप है कि 5 मई 2024 को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इसको लेकर उमंग सिंघार ने विधानसभा स्पीकर के समक्ष याचिका दायर कर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। जब इस पर निर्णय नहीं हुआ, तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट में क्या हुआ 31 मार्च 2026 को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान विधायक पक्ष के वकील ने दावा किया कि निर्मला सप्रे अभी भी कांग्रेस की सदस्य हैं, इसलिए उनकी सदस्यता समाप्त करने का प्रश्न ही नहीं उठता। वहीं, शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि सोशल मीडिया पर मौजूद सामग्री को पुख्ता साक्ष्य नहीं माना जा सकता। कोर्ट की अहम टिप्पणी: हाईकोर्ट ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट या दावों के आधार पर किसी व्यक्ति की राजनीतिक स्थिति तय नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ता को ठोस और प्रमाणिक साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। कोर्ट ने उमंग सिंघार को 9 अप्रैल तक पार्टी व्हिप सहित अन्य दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसी दिन विधानसभा स्पीकर के समक्ष भी मामले में अहम सुनवाई प्रस्तावित है। यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण हो गया है। अगली सुनवाई में पेश किए जाने वाले साक्ष्य पर ही विधायक की सदस्यता का भविष्य निर्भर करेगा।1
- बीना रिफाइनरी में कार्यरत प्राइवेट कंपनियों के मजदूरों ने आज सुबह एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे जबरन 12-12 घंटे काम कराया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार 8 घंटे की ड्यूटी निर्धारित है।1
- अशोकनगर। तहसीलदार अशोकनगर के प्रकरण क्रमांक 0068/अ.68/2025-26 में पारित आदेश के क्रम में ग्राम टकनेरी स्थित शासकीय सर्वे क्रमांक 23 रकबा 0.251 हेक्टेयर भूमि पर से अतिक्रामक बृजमोहन पुत्र नारायणसिंह जाति कुशवाह द्वारा कॉलोनी का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया था। जिसे आज मौके से हटाया गया। उक्त शासकीय भूमि का बाजार मूल्य लगभग 13500000 ( एक करोड़ पैंतीस लाख) रुपए है l3
- मौसम खराब होने के कारण किसान अपनी फसल जल्दी घर पर सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं बादल के कारण बंदे थोड़ी-थोड़ी गिर रही हैं जिससे किसान काफी परेशान हो रहे हैं कुछ गली फसल भी कटवा रहे हैं किसान जाना है कि मौसम ने एकदम करवट ली है इससे हार्वेस्टर और तेरे सर की काफी दिक्कत आ रही है जिससे समय पर कतई नहीं हो पा रही है मौसम के चलते हुए सभी किसान अपनी फसल काटने के लिए हार्वेस्टर को तलाश कर रहे हैं जिससे कॉपी किस जो की फसल अभी भी खड़ी हुई है1
- आपके आने से जिंदगी कितनी खूबसूरत है दिल में बसी है जो आपकी सूरत है दूर नहीं जाना हमसे कभी भूलकर भी हमें हर कदम पर आपकी जरूरत है🤩😍😄👌3
- Post by रीड न्यूज मीडिया एजेंसी1
- देश का आम नागरिक पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान है ---भूपेंद्र सिंह मोहासा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मकरोनिया ने पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत एवं रसोई गैस एवं बिजली की मूल्य वृद्धि को लेकर सौंपा ज्ञापन रसोई गैस और बिजली की दरों को बढ़ाना जनता के साथ धोखा -सुरेंद्र चौधरी सागर। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मकरोनिया द्वारा पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, अनियमित आपूर्ति और उत्पन्न हो रही किल्लत के विरोध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए तथा शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की। जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों और विदेश नीति का बखान करती है, वहीं दूसरी ओर देश का आम नागरिक पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस आमजन के जीवन की बुनियादी आवश्यकताएं हैं, जिनकी उपलब्धता में कमी और मूल्य वृद्धि ने आम लोगों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने बिजली दरों में वृद्धि को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से जनविरोधी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर “सबका साथ, सबका विकास” का नारा देती है, लेकिन दूसरी ओर लगातार बढ़ती बिजली दरें आम जनता और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही हैं।उन्होंने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि का सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों एवं औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ेगा, जिससे उत्पादन लागत बढ़ेगी और महंगाई में और इजाफा होगा। यह स्थिति प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिक दोनों के लिए चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए तथा आमजन को राहत देने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी गैस सिलेंडर की कमी के कारण घर-घर की रसोई प्रभावित हो रही है और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही होटलों, कैंटीनों और विवाह स्थलों पर कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से वहां कार्यरत हजारों मजदूरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति चिंताजनक हो गई है। उन्होंने सरकार से इस गंभीर स्थिति पर तत्काल हस्तक्षेप करने और व्यवस्था सुधारने की मांग की।कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति सुचारू नहीं की गई और बिजली दरों में राहत नहीं दी गई, तो कांग्रेस पार्टी व्यापक जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी और सड़कों पर उतरकर जनता की आवाज बुलंद करेगी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी,पूर्व शहर अध्यक्ष राजकुमार पचौरी,आर आर पाराशर, राकेश राय, एड राजेश दुबे, सतेन्द्र दुबे, युवा जिलाध्यक्ष संदीप चौधरी,पार्षद सीमा कमल चौधरी, पार्षद ऋचा सिंह,एड कमलेश सिंह ठाकुर, मनोज पवार,हेमंत लारिया,आनंद सोलंकी,दीपक दुबे, मनोज राय,कमल जैन,मदन सेन, मोतीलाल कुर्मी, हरगोविंद कुर्मी,राजा बुंदेला ,पीयूष अवस्थी, दुर्गेश अहिरवार,हीरालाल चौधरी, महेश सेन, महेश अहिरवार, गुड्डू रैकवार, वीरेंद्र जैन,राजू डिक्स,अजय अहिरवार, एम्पायर मसाब,प्रीतम अहिरवार,प्रेम अहिरवार, धर्मेन्द्र रजक,अजय बमदेले, साहित्य पांडे, सुनील चौधरी, पप्पू सेन, राजेन्द्र साहनी, राजेन्द्र अहिरवार, कपूर अहिरवार, सुरेश यादव,शंकर अहिरवार, कल्याण अहिरवार, पूरनसिंह सहित अनेक कांग्रेस जन उपस्थित थे।4
- लोकल न्यूज बीना बीना मंडी में अवैध निर्माण का खुलासा, कार्रवाई पर भी उठे गंभीर सवाल छुट्टी के दिन बिना अनुमति खड़ी हुई टीन शेड दुकानें • जेसीबी बिना काम लौटने से बढ़ा विवाद • सुरक्षा व्यवस्था पर उठे प्रश्न 🗞️ बीना | संवाददाता बीना की कृषि उपज मंडी में अवैध निर्माण का मामला सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, छुट्टी के दिन बिना किसी अनुमति के टीन शेड की दुकानों का निर्माण कर लिया गया, जिससे मंडी की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की पोल खुल गई। मंडी जैसे सरकारी संस्थानों में सुरक्षा के नाम पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद इस तरह का अवैध निर्माण होना लापरवाही को दर्शाता है। मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, अवैध निर्माण हटाने के लिए बुलाई गई जेसीबी मशीन बिना कोई कार्य किए ही वापस लौट गई, जबकि भुगतान की बात सामने आ रही है। इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें जिम्मेदारी तय करने और समय पर कार्रवाई न होने जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।1