सहरसा: बंधक युवकों को छुड़ाने गई पुलिस पर हमला, महिलाओं ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के हिंदूपुर गांव (वार्ड नंबर 8) में दो युवकों को छुड़ाने पहुंची डायल 112 की पुलिस टीम पर स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने हमला कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ न केवल धक्का-मुक्की की गई, बल्कि उन्हें थप्पड़ और चप्पलों से पीटा भी गया। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर डायल 112 की टीम को सूचना मिली कि हिंदूपुर गांव में दो युवकों को ग्रामीणों ने एक घर में बंधक बना रखा है। युवकों की पहचान कहरा प्रखंड के सिरादेय पट्टी निवासी भैरव कुमार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। ग्रामीणों का आरोप था कि ये दोनों युवक बिना अनुमति के गांव के एक घर में घुसकर मोबाइल से फोटो खींच रहे थे। इसी बात से नाराज होकर लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। पुलिस पर कैसे हुआ हमला? जब डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, तो भीड़ उग्र हो गई। महिलाओं का गुस्सा: वीडियो में देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में महिलाएं पुलिस अधिकारी (ASI) और जवानों को घेरकर उन पर हमला कर रही हैं। बदसलूकी: पुलिसकर्मियों की वर्दी खींची गई, उन्हें थप्पड़ मारे गए और गांव की गलियों में दौड़ाया गया। रेस्क्यू: भारी विरोध के बावजूद, पुलिस टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला और थाने ले आई। पुलिस की सख्त कार्रवाई इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है: FIR दर्ज: मामले में 5 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी और पूर्व वार्ड सदस्य निर्मल यादव उर्फ ढालो को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। छापेमारी: वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारी का बयान: "पुलिस टीम केवल अपना कर्तव्य निभाने गई थी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। हमलावरों को चिह्नित कर लिया गया है और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" — स्थानीय पुलिस प्रशासन
सहरसा: बंधक युवकों को छुड़ाने गई पुलिस पर हमला, महिलाओं ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के हिंदूपुर गांव (वार्ड नंबर 8) में दो युवकों को छुड़ाने पहुंची डायल 112 की पुलिस टीम पर स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने हमला कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ न केवल धक्का-मुक्की की गई, बल्कि उन्हें थप्पड़ और चप्पलों से पीटा भी गया। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर डायल 112 की टीम को सूचना मिली कि हिंदूपुर गांव में दो युवकों को ग्रामीणों ने एक घर में बंधक बना रखा है। युवकों की पहचान कहरा प्रखंड के सिरादेय पट्टी निवासी भैरव कुमार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। ग्रामीणों का आरोप था कि ये दोनों युवक बिना अनुमति के गांव के एक घर में घुसकर मोबाइल से फोटो खींच रहे थे। इसी बात से नाराज होकर लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। पुलिस पर कैसे हुआ हमला? जब डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, तो भीड़ उग्र हो गई। महिलाओं का गुस्सा: वीडियो में देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में महिलाएं पुलिस अधिकारी (ASI) और जवानों को घेरकर उन पर हमला कर रही हैं। बदसलूकी: पुलिसकर्मियों की वर्दी खींची गई, उन्हें थप्पड़ मारे गए और गांव की गलियों में दौड़ाया गया। रेस्क्यू: भारी विरोध के बावजूद, पुलिस टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला और थाने ले आई। पुलिस की सख्त कार्रवाई इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है: FIR दर्ज: मामले में 5 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी और पूर्व वार्ड सदस्य निर्मल यादव उर्फ ढालो को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। छापेमारी: वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारी का बयान: "पुलिस टीम केवल अपना कर्तव्य निभाने गई थी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। हमलावरों को चिह्नित कर लिया गया है और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" — स्थानीय पुलिस प्रशासन
- Post by Amit Kumar1
- विधायक पप्पू खान ने दिए होली का शुभकामना बिहार शरीफ1
- "होली के रंग में रंगे नजर आए कांग्रेस नेता राहुल गांधी। दिल्ली में समर्थकों और आम लोगों के बीच पहुंचकर उन्होंने जमकर गुलाल लगाया और सभी को होली की शुभकामनाएं दीं। राहुल गांधी ने कहा, होली प्रेम, भाईचारे और एकता का पर्व है। वंदे भारत न्यूज़, बिहार शरीफ नालंदा।"1
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- होली से पहले बिहारशरीफ में बड़ा धमाका! 95.78 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ धंधेबाज दबोचा गया। Nalanda Police Bihar Police1
- एंकर, नालंदा जिले में होली का उत्सव हर साल एक खास और अनोखे अंदाज़ में मनाया जाता है। यहां होली की शुरुआत रंगों से नहीं बल्कि कीचड़ से होती है। सुबह होते ही सड़कों और गलियों में लोग कीचड़ के साथ होली खेलते नजर आते हैं और पूरे इलाके में उत्साह और मस्ती का माहौल बन जाता है। नालंदा की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। होली के दिन सुबह से ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग सड़कों पर उतर आते हैं और एक-दूसरे को कीचड़ लगाकर होली की शुरुआत करते हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप, होली के गीत और लोगों की हंसी-ठिठोली से पूरा माहौल उत्सवमय हो जाता है। लोगों का मानना है कि कीचड़ से होली खेलने की यह परंपरा सिर्फ मस्ती ही नहीं बल्कि आपसी भाईचारे और अपनापन का भी प्रतीक है। इस दौरान हर कोई जाति, वर्ग और उम्र की सीमाओं को भूलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटता है। दोपहर बाद माहौल पूरी तरह बदल जाता है। लोग स्नान कर नए कपड़े पहनते हैं और फिर रंग व गुलाल के साथ पारंपरिक होली खेलते हैं। घर-घर में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं और लोग एक-दूसरे के घर जाकर अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हैं। नालंदा की यह अनोखी होली न केवल जिले की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और उत्साह का भी प्रतीक है। यही वजह है कि इस खास परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से लोग नालंदा पहुंचते हैं और इस अनोखे उत्सव का आनंद लेते हैं।1
- स्वर्गीय मीरा देवी लोगों को या संदेश दिए की होली पाखंडों के लिए है इसलिए आप लोग अच्छी तरह से समझिए कि जिस दिन किसी का मृत्यु होता है वह दिन शोक मनाया जाता है लेकिन वहां पर होली के दिन खुशी मनाया जाता है1
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