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रानी दु शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मण्डला के छात्राए द्वारा आदिवासी परम्परा पर शानदार प्रस्तूती दी
Dr Gouri Singh Parte
रानी दु शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मण्डला के छात्राए द्वारा आदिवासी परम्परा पर शानदार प्रस्तूती दी
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- बस स्टैंड के पास तेज रफ्तार कार की टक्कर से स्कूटी सवार युवक गंभीर रूप से घायल, स्थानीय लोगों ने पहुंचाया जिला अस्पताल।1
- *“गरीब के घर पर सौदा”: पीएम आवास की किश्त पर रिश्वत, ग्राम पंचायत साले में लोकायुक्त की दबिश* लोकेशन -- बरघाट/सिवनी संवाददाता - मोहित यादव जिला ब्यूरो चीफ़ सिवनी *9584667143* सिवनी/बरघाट। गरीबों को पक्की छत देने के उद्देश्य से चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वत का खेल सामने आने से एक बार फिर सिस्टम की संवेदनहीनता उजागर हुई है। बरघाट जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत साले में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पदस्थ रोजगार सहायक ओमेंद्र परिधि को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार, रोजगार सहायक ओमेंद्र परिधि पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त जारी करने के एवज में ग्राम पंचायत के उप सरपंच वहाब खान एवं एक हितग्राही से कुल 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। योजना से जुड़ा हितग्राही लंबे समय से किश्त के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहा था, लेकिन हर बार उसे टाल दिया जाता रहा। रिश्वत की मांग से मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर उप सरपंच वहाब खान ने पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में दर्ज कराई।शिकायत की सत्यता की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी रोजगार सहायक ने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 5,000 रुपये स्वीकार किए, मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम बरामद की और आवश्यक पंचनामा तैयार किया।इसके बाद आरोपी को लेकर लोकायुक्त टीम बरघाट स्थित रेस्ट हाउस पहुंची, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई से पूरे जनपद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ऐसी कार्रवाई पहले होती, तो गरीबों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए रिश्वत नहीं देनी पड़ती। यह मामला साबित करता है कि “गरीब के घर पर सौदा” सिर्फ एक हेडलाइन नहीं, बल्कि उस सच की तस्वीर है, जहां छोटी सी रिश्वत भी बड़े भ्रष्टाचार की कहानी कह देती है।1
- कबीरधाम जिले के पंडरिया वन परिक्षेत्र (पश्चिम) अंतर्गत पाढ़ी और गांगापुर गांव के आसपास बीते दो दिनों से एक जंगली हाथी के विचरण से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि लगभग 10 वर्ष का यह नर हाथी अपने झुंड से भटककर वन क्षेत्र से निकलकर रहवासी इलाकों तक पहुँच गया है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में गन्ने की फसल बड़ी मात्रा में लगी हुई है, जो हाथी का पसंदीदा भोजन है। इसी कारण हाथी लगातार खेतों के आसपास मंडरा रहा है और फसलों को नुकसान पहुँचा रहा है। खेतों में गन्ने की फसल रौंदे जाने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। कुछ ग्रामीण हाथी को खेतों से भगाने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं बच्चों और युवाओं में इसे देखने की उत्सुकता भी बनी हुई है। वन विभाग ने इसे बेहद खतरनाक स्थिति बताते हुए लोगों को हाथी के नजदीक न जाने की सख्त हिदायत दी है, क्योंकि डरा या उत्तेजित हाथी किसी भी समय हमला कर सकता है। वन विभाग के अनुसार, सप्ताह पहले 5 से 6 हाथियों का एक झुंड अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र से बाहर निकला था, लेकिन एक हाथी रास्ता भटककर कवर्धा जिले की ओर आ गया। यह हाथी फिलहाल डरा हुआ बताया जा रहा है और पिछले दो से तीन दिनों से गांगापुर एवं पाढ़ी गांव के आसपास विचरण कर रहा था लेकिन बीते गुरुवार रात हाथी इलाका छोड़कर तरेगांव वन परिक्षेत्र की ओर जला गया है वन अमला हाथी का लोकेशन तलाश रही है फिलहाल हाथी के पैर के निशान तरेगांव की ओर दिखा रहा है लेकिन कहा है इसका फिलहाल पता नहीं चला है। वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि हाथी की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं और गांव-गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि हाथी से दूरी बनाए रखें, समूह में न जाएं और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- नरसिंहपुर: खाकी का मानवीय चेहरा! सड़क पर घायल छात्रा को देख रुके ASP संदीप भूरिया, अपनी ही गाड़ी से पहुँचाया अस्पताल नरसिंहपुर। अक्सर सख्त दिखने वाली पुलिस जब अपनी संवेदनशीलता दिखाती है, तो समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है। ऐसा ही एक वाक्या आज नरसिंहपुर में देखने को मिला, जहाँ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री संदीप भूरिया ने प्रोटोकॉल किनारे रख एक घायल छात्रा की मदद कर मानवीय संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की। घटनास्थल पर मसीहा बनकर पहुँचे ASP मिली जानकारी के अनुसार, एएसपी श्री संदीप भूरिया अपने शासकीय वाहन से विभागीय कार्य हेतु नगर क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक दुर्घटना पर पड़ी, जहाँ स्कूटी से जा रही एक छात्रा का वाहन अचानक फिसल गया था घटना की गंभीरता को देखते हुए श्री भूरिया ने तत्काल अपना वाहन रुकवाया। उन्होंने एम्बुलेंस का इंतजार कर समय गंवाने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाया और घायल छात्रा को अपने ही शासकीय वाहन में बिठाकर तत्काल जिला अस्पताल पहुँचाया। जिला अस्पताल में एएसपी ने अपनी मौजूदगी में छात्रा का प्राथमिक उपचार करवाया। चिकित्सकों के अनुसार, छात्रा को मामूली चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद जब छात्रा पूरी तरह सामान्य हो गई, तो पुलिस की देखरेख में उसे उसके परिजनों के साथ सुरक्षित घर रवाना किया गया पुलिस के इस मददगार स्वरूप को देखकर वहां मौजूद लोग और छात्रा के परिजन भावुक हो गए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस का यह संवेदनशील व्यवहार न केवल सराहनीय है, बल्कि इससे आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान भी मजबूत होता है।3
- बसंत पंचमी के महान पर्व मे उमरार डैम, संतोषी माता के मंदिर मे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल मेले व भंडारे का आयोजन किया गया, श्रद्धालू दूर, दूर से आकर दरसन और मेले का लाभ प्राप्त किए1
- नरसिंहपुर - अभद्र भाषा का प्रयोग कर स्कूली छात्राओं पर कॉमेंट करने वाले दो मनचलों का पुलिस ने निकाला बीच बाजार जुलूस1
- मारपीट का वीडियो वायरल… फिर भी नहीं लिखी FIR! क्या पीड़ितों को मिलेगा इंसाफ? पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार।1
- झारखंड के देवघर जिले में आज (22 जनवरी 2026) सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। जसीडीह-मधुपुर रेलखंड पर रोहिणी-नावाडीह रेलवे फाटक (गुमटी नंबर 27) के पास गोंडा से आसनसोल जा रही ट्रेन नंबर 13510 गोंडा-आसनसोल एक्सप्रेस ने पटरी पर फंसे चावल (धान) से लदे ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। फाटक जाम होने या बंद न होने के कारण ट्रक पटरी पर अटक गया था। टक्कर से ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके साथ खड़ी दो बाइक भी चपेट में आ गईं, जिसमें 2 बाइक सवार घायल हुए हैं। गनीमत रही कि ट्रेन नहीं पलटी और कोई यात्री घायल नहीं हुआ। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रेन की टक्कर और अफरा-तफरी का मंजर साफ दिख रहा है। रेलवे ने जांच शुरू कर दी है।vr हादसा देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र में रोहिणी-नावाडीह रेलवे फाटक पर हुआ। सुबह के समय ट्रैफिक अधिक होने से फाटक बंद नहीं हो सका या सिग्नल नहीं दिया गया। चावल से भरा ट्रक (ट्रक नंबर JH 15 EX 8874) फाटक क्रॉस करने की कोशिश में पटरी पर फंस गया। इसी बीच डाउन लाइन पर गोंडा-आसनसोल एक्सप्रेस आ गई और ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गेटमैन पंकज कुमार ने बताया कि ट्रैफिक के कारण फाटक बंद नहीं हो सका। ट्रक चालक और खलासी मौके से फरार हो गए टक्कर से ट्रक के साथ खड़ी दो मोटरसाइकिलें भी चपेट में आईं, जिसमें 2 बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- *कुरई जनपद में प्रशासनिक भूचाल: सचिवों और रोजगार सहायकों का कलमबंद आंदोलन, प्रभारी सीईओ पर अभद्र भाषा के गंभीर आरोप* कुरई - कुरई जनपद पंचायत में आज उस समय हालात बेकाबू हो गए जब सचिव संघ और रोजगार सहायकों ने प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर एवं एपीओ संजय डेहरिया पर अभद्र भाषा के उपयोग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए खुला मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने एक सुर में कहा कि अब अपमान और दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिवों और रोजगार सहायकों का आरोप है कि प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर तथा एपीओ संजय डेहरिया द्वारा लगातार अपशब्दों का प्रयोग, अनावश्यक टारगेट थोपना और कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना संसाधन और जमीनी हकीकत को समझे केवल दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है। “सम्मान से काम चाहिए, तानाशाही नहीं” आक्रोशित कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक प्रभारी सीईओ अर्जुन सिंह ठाकुर और एपीओ संजय डेहरिया को उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक समस्त सचिव एवं रोजगार सहायक कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मान, गरिमा और कार्यस्थल की मर्यादा के लिए है। जनहित कार्यों पर पड़ सकता है असर कलम बंद हड़ताल के चलते जनपद क्षेत्र में चल रही कई महत्वपूर्ण योजनाएं, पंचायत कार्य, रोजगार गारंटी से जुड़े काम और विकास गतिविधियां ठप होने की आशंका है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन की चुप्पी, बढ़ता आक्रोश मामले में अब तक न तो प्रभारी सीईओ और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रशासन की चुप्पी से कर्मचारियों का गुस्सा और भड़कता नजर आ रहा है। अब सवाल यह है… क्या कर्मचारियों के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? क्या प्रशासन कर्मचारियों की गरिमा बचाने के लिए ठोस कदम उठाएगा? फिलहाल कुरई जनपद पंचायत में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सभी की नजरें अब जिला प्रशासन और शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।2