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बसंत पंचमी के महान पर्व मे उमरार डैम, संतोषी माता के मंदिर मे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल मेले व भंडारे का आयोजन किया गया, श्रद्धालू दूर, दूर से आकर दरसन और मेले का लाभ प्राप्त किए
पत्रकारिता
बसंत पंचमी के महान पर्व मे उमरार डैम, संतोषी माता के मंदिर मे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल मेले व भंडारे का आयोजन किया गया, श्रद्धालू दूर, दूर से आकर दरसन और मेले का लाभ प्राप्त किए
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- *हिंदू मुस्लिम एकता मंच ने एकता की मिसाल पेश करते हुए आपसी भाईचारे के साथ मनाई होली* हिन्दू मुस्लिम एकता मंच की ओर से होली का पर्व आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि होली रंगों का नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का त्योहार है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और शांति का संदेश देते हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी ने मिलकर देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे गंगा-जमुनी तहज़ीब की सच्ची मिसाल बताया। हिन्दू मुस्लिम एकता मंच ने बता दिया कि धर्म से ऊपर इंसानियत है। इस अवसर पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच के सदस्यों ने घर घर जाकर हिन्दू भाइयों को रंग गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। जिसमें अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह जी, जेल अधीक्षक डी. के. सारस जी, मो. नईम जी, सईद मंसूरी जी इत्यादि लोगों के साथ मिलकर मनाई होली तथा सभी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर, संयोजक राजेंद्र कोल, हनीफ अहमद खान, मो. मंसूर, कृष्णकांत तिवारी, मौसिम खान, किशन कुशवाहा, सागर मिश्रा, रिंकू, संतोष कुशवाहा आदि हिन्दू मुस्लिम एकता मंच के सदस्य उपस्थित रहे।2
- हिन्दू मुस्लिम एकता मंच की ओर से होली का पर्व आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि होली रंगों का नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का त्योहार है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और शांति का संदेश देते हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी ने मिलकर देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे गंगा-जमुनी तहज़ीब की सच्ची मिसाल बताया। हिन्दू मुस्लिम एकता मंच ने बता दिया कि धर्म से ऊपर इंसानियत है। इस अवसर पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच के सदस्यों ने घर घर जाकर हिन्दू भाइयों को रंग गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। जिसमें अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह जी, जेल अधीक्षक डी. के. सारस जी, मो. नईम जी, सईद मंसूरी जी इत्यादि लोगों के साथ मिलकर मनाई होली तथा सभी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर, संयोजक राजेंद्र कोल, हनीफ अहमद खान, मो. मंसूर, कृष्णकांत तिवारी, मौसिम खान, किशन कुशवाहा, सागर मिश्रा, रिंकू, संतोष कुशवाहा आदि हिन्दू मुस्लिम एकता मंच के सदस्य उपस्थित रहे।4
- *कैलाश वॉटर पार्क के सामने बौना नज़र आ रहा प्रधान मुख्य वन संरक्षक का आदेश* बांधवगढ़ नेशनल पार्क के सेंसेटिव जोन में स्थापित कैलाश वॉटर पार्क अपने नियमानुसार पुनः शुरू हुआ भोपाल के प्रधान मुख्य वन्य संरक्षक के आदेश का नहीं हुआ कोई असर आखिर किसकी सह पर फिर शुरू हुआ कैलाश वॉटर पार्क या किसी विशेष आदेश का किया जा रहा पालन *कैलाश वॉटर पार्क नियमों की उड़ा रहा धज्जियां* बांधवगढ़ नेशनल पार्क में स्थापित कैलाश वाटर पार्क निर्माण से लेकर अब तक वन्यजीवों के संरक्षण के नियमों का खुला उलंघन करते चला आ रहा है आखिर जब नेशनल पार्क से एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं होती है तो इस वॉटर पार्क का निर्माण कैसे संभव हुआ किस किस कार्यालय से अनुमति के बाद इस वॉटर पार्क के निर्माण कराया गया अब यह वॉटर पार्क वन्यजीवों के लिए संकट बन गया है वन्यजीवो की स्वतंत्रता के आड़े आ रहा यह वॉटर जो सेंसेटिव जोन की शांति को भंग कर रहा है *कैलाश वॉटर पार्क से निकलने वाला वो वेस्ट वॉटर बन रहा जीवों के लिए खतरा* यहां से निकलने वाला प्रदूषित पानी वन्य जीवों के लिए हो घातक है क्या संरक्षित जीवों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा कैलाश वॉटर पार्क जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी चिंता का विषय है *वन्य जीवों के साथ साथ शैलानियों के लिए भी खतरनाक है कैलाश वॉटर पार्क* कैलाश वॉटर पार्क केवल वन्यजीवों के लिए ही खतरा नहीं है बल्कि उन शैलानियों के भी खतरा है जो अपने परिवार के साथ बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघ का दीदार करने पहुंचते है *अब सवाल यह है कि किसकी जिम्मेदारी है वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त आदेशों के पालन करवाने की*1
- Post by Sumit Singh Chandel1
- बरही। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय पहल और क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। नगर परिषद बरही के अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल एवं परिषद सदस्यों द्वारा दिनांक 4 फरवरी 2026 को खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन पर रेलवे महाप्रबंधक शोभा उपाध्याय के आगमन के अवसर पर चोपन के लिए रेल सेवा प्रारंभ किए जाने की मांग को लेकर सौंपे गए ज्ञापन का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। रेल प्रशासन एवं भारतीय रेल द्वारा चोपन से भोपाल के मध्य साप्ताहिक रेल सेवा का शुभारंभ कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इस नई ट्रेन का ठहराव खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन पर भी निर्धारित किया गया है, जिससे बरही नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय क्षेत्र के विकास और यातायात सुविधाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विद्यार्थियों, व्यापारियों और कर्मचारियों को होगा सीधा लाभ नई रेल सेवा प्रारंभ होने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। व्यापारियों को माल परिवहन एवं आवागमन में सहूलियत मिलेगी, वहीं नौकरीपेशा कर्मचारियों को नियमित यात्रा में राहत मिलेगी। ग्रामीण अंचलों के नागरिकों को भी अब लंबी दूरी तय करने के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। लंबे समय से क्षेत्र की जनता चोपन से भोपाल रेल संपर्क की मांग कर रही थी। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद से ही इस विषय पर सकारात्मक संकेत मिलने लगे थे, जिसके परिणामस्वरूप अब यह रेल सेवा प्रारंभ हो गई है। ट्रेन के ठहराव की सूचना मिलते ही क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया और नागरिकों ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार नगर परिषद अध्यक्ष श्री पीयूष अग्रवाल एवं परिषद के समस्त सदस्यों ने इस महत्वपूर्ण रेल सौगात के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह रेल सेवा न केवल आवागमन की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी। जनप्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी क्षेत्र के विकास हेतु इसी प्रकार सकारात्मक निर्णय लिए जाते रहेंगे।1
- शहडोल जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही खत्म हुई शुगर टेस्ट करने वाली स्ट्रिप, लैंसेट डिवाइस, मरीजों के जान के साथ खुली खिलवाड़ की जा रहा है इसका जवाब दीजिए सिविल सर्जन, CMHO साहब जी,प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ,मुख्यमंत्री जी इसका जवाब दीजिए कि शहडोल जिला में लाखों करोड़ों का बजट आता है किन्तु किसके जेब में जाता है ?मरीजों के सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है शहडोल जिला अस्पताल में ,1
- ग्राम बडेरा। नल जल योजना का किया जा रहा दुरुपयोग। जरूरत मंदो को नहीं मिल पा रहा पानी । ग्रामवाशी एक एक बूंद पानी के लिए मोहताज। लगातार चलता रहता है। बोरवेल। मछली पालन के लिए किया जा रहा पानी का उपयोग। ग्रामवासियों का कहना है। की पानी का टोटल दुर्पयोग किया जाता है। ग्राम पंचायत बडेरा। जनपद पंचायत बड़वारा2
- अनूपपुर में कानून व्यवस्था पर सवाल अनूपपुर। जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुना कॉलोनी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों द्वारा खुलेआम मारपीट, गाली-गलौज और दबंगई किए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि घटना के दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे, फिर भी हालात पर तुरंत नियंत्रण नहीं हो सका। घटना का कथित विवरण स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना जमुना-कोतमा इलाके की बताई जा रही है, जहां पिछले कुछ समय से असामाजिक गतिविधियों में बढ़ोतरी की शिकायतें मिलती रही हैं। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति के साथ मारपीट होती दिख रही है, जबकि आसपास अफरा-तफरी का माहौल नजर आता है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पुलिस की उपस्थिति के बावजूद आरोपियों के हौसले बुलंद दिखाई दिए। हालांकि, वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि प्रशासन द्वारा अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है। लोगों में आक्रोश और भय घटना के बाद क्षेत्र के रहवासियों और व्यापारियों में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि यदि पुलिस की मौजूदगी में इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय निवासियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि क्षेत्र में आए दिन छोटे-बड़े विवाद सामने आते रहते हैं, लेकिन प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं। पुलिस व्यवस्था पर सवाल इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि पुलिस की भूमिका केवल घटना के बाद एफआईआर दर्ज करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित गश्त, निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान आवश्यक है। प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार घटना को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। यदि वीडियो वास्तविक पाया जाता है और पुलिस की मौजूदगी में मारपीट की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने की मांग उठ रही है। आगे क्या? अब निगाहें जिला पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। क्या आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर त्वरित गिरफ्तारी की जाएगी? क्या ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर विभागीय जांच होगी? यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र में कानून के प्रति लोगों का विश्वास और कमजोर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई और आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।1