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शहडोल जिला अस्पताल का हालत है बड़ी बुरी अवस्था में जिला अस्पताल हुई बड़ी लापरवाही शहडोल जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही खत्म हुई शुगर टेस्ट करने वाली स्ट्रिप, लैंसेट डिवाइस, मरीजों के जान के साथ खुली खिलवाड़ की जा रहा है इसका जवाब दीजिए सिविल सर्जन, CMHO साहब जी,प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ,मुख्यमंत्री जी इसका जवाब दीजिए कि शहडोल जिला में लाखों करोड़ों का बजट आता है किन्तु किसके जेब में जाता है ?मरीजों के सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है शहडोल जिला अस्पताल में ,

2 hrs ago
user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार (दैनिक संवाद ज्योति स्थानीय संपादक)
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार (दैनिक संवाद ज्योति स्थानीय संपादक)
ज्योतिषी सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

शहडोल जिला अस्पताल का हालत है बड़ी बुरी अवस्था में जिला अस्पताल हुई बड़ी लापरवाही शहडोल जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही खत्म हुई शुगर टेस्ट करने वाली स्ट्रिप, लैंसेट डिवाइस, मरीजों के जान के साथ खुली खिलवाड़ की जा रहा है इसका जवाब दीजिए सिविल सर्जन, CMHO साहब जी,प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ,मुख्यमंत्री जी इसका जवाब दीजिए कि शहडोल जिला में लाखों करोड़ों का बजट आता है किन्तु किसके जेब में जाता है ?मरीजों के सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है शहडोल जिला अस्पताल में ,

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  • शहडोल जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही खत्म हुई शुगर टेस्ट करने वाली स्ट्रिप, लैंसेट डिवाइस, मरीजों के जान के साथ खुली खिलवाड़ की जा रहा है इसका जवाब दीजिए सिविल सर्जन, CMHO साहब जी,प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ,मुख्यमंत्री जी इसका जवाब दीजिए कि शहडोल जिला में लाखों करोड़ों का बजट आता है किन्तु किसके जेब में जाता है ?मरीजों के सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है शहडोल जिला अस्पताल में ,
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    शहडोल जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही 
खत्म हुई शुगर टेस्ट करने वाली स्ट्रिप, लैंसेट डिवाइस, मरीजों के जान के साथ खुली खिलवाड़ की जा रहा है  इसका जवाब दीजिए सिविल सर्जन, CMHO साहब जी,प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ,मुख्यमंत्री जी इसका जवाब दीजिए  कि शहडोल जिला में लाखों करोड़ों का बजट आता है किन्तु किसके जेब में जाता है ?मरीजों के सुविधा  के लिए कोई व्यवस्था नहीं है शहडोल जिला अस्पताल में ,
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार (दैनिक संवाद ज्योति स्थानीय संपादक)
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार (दैनिक संवाद ज्योति स्थानीय संपादक)
    ज्योतिषी सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। होली के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा स्थानीय गांधी चौक में ऑर्गेनिक गुलाल का विशेष स्टॉल लगाया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को रासायनिक रंगों से होने वाले दुष्प्रभावों से बचाते हुए प्राकृतिक और सुरक्षित होली मनाने के लिए प्रेरित करना है। स्टॉल पर वन विभाग द्वारा निर्मित हर्बल एवं ऑर्गेनिक गुलाल उपलब्ध कराया गया, जिसे प्राकृतिक तत्वों से तैयार किया गया है। यह गुलाल न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित है, बल्कि पर्यावरण को भी किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता। इस अवसर पर वनरक्षक सोहागपुर रामनरेश विश्वकर्मा एवं वनरक्षक बुढार सलीम खान ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे इस होली पर रासायनिक रंगों के स्थान पर ऑर्गेनिक गुलाल का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि केमिकल युक्त रंग त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक हो सकते हैं, जबकि प्राकृतिक रंग पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। गांधी चौक में लगे इस स्टॉल पर लोगों ने उत्साहपूर्वक ऑर्गेनिक गुलाल की खरीदारी की और वन विभाग की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम हैं। वन विभाग की यह पहल संदेश देती है कि त्योहारों की खुशियां प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर भी मनाई जा सकती हैं। यदि हर नागरिक पर्यावरण हितैषी विकल्प अपनाए, तो त्योहारों की रौनक के साथ-साथ प्रकृति की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
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    राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। होली के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा स्थानीय गांधी चौक में ऑर्गेनिक गुलाल का विशेष स्टॉल लगाया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को रासायनिक रंगों से होने वाले दुष्प्रभावों से बचाते हुए प्राकृतिक और सुरक्षित होली मनाने के लिए प्रेरित करना है।
स्टॉल पर वन विभाग द्वारा निर्मित हर्बल एवं ऑर्गेनिक गुलाल उपलब्ध कराया गया, जिसे प्राकृतिक तत्वों से तैयार किया गया है। यह गुलाल न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित है, बल्कि पर्यावरण को भी किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता।
इस अवसर पर वनरक्षक सोहागपुर रामनरेश विश्वकर्मा एवं वनरक्षक बुढार सलीम खान ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे इस होली पर रासायनिक रंगों के स्थान पर ऑर्गेनिक गुलाल का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि केमिकल युक्त रंग त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक हो सकते हैं, जबकि प्राकृतिक रंग पूरी तरह सुरक्षित होते हैं।
गांधी चौक में लगे इस स्टॉल पर लोगों ने उत्साहपूर्वक ऑर्गेनिक गुलाल की खरीदारी की और वन विभाग की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम हैं।
वन विभाग की यह पहल संदेश देती है कि त्योहारों की खुशियां प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर भी मनाई जा सकती हैं। यदि हर नागरिक पर्यावरण हितैषी विकल्प अपनाए, तो त्योहारों की रौनक के साथ-साथ प्रकृति की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
    user_राहुल सिंह राणा
    राहुल सिंह राणा
    Newspaper advertising department सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Ashok Sondhiya
    1
    Post by Ashok Sondhiya
    user_Ashok Sondhiya
    Ashok Sondhiya
    Paan shop Sohagpur, Shahdol•
    10 hrs ago
  • Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    1
    Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Budar, Shahdol•
    13 hrs ago
  • #umaria #mp
    1
    #umaria #mp
    user_Thakur Brijbhan Singh M P
    Thakur Brijbhan Singh M P
    Nowrozabad, Umaria•
    12 hrs ago
  • *कैलाश वॉटर पार्क के सामने बौना नज़र आ रहा प्रधान मुख्य वन संरक्षक का आदेश* बांधवगढ़ नेशनल पार्क के सेंसेटिव जोन में स्थापित कैलाश वॉटर पार्क अपने नियमानुसार पुनः शुरू हुआ भोपाल के प्रधान मुख्य वन्य संरक्षक के आदेश का नहीं हुआ कोई असर आखिर किसकी सह पर फिर शुरू हुआ कैलाश वॉटर पार्क या किसी विशेष आदेश का किया जा रहा पालन *कैलाश वॉटर पार्क नियमों की उड़ा रहा धज्जियां* बांधवगढ़ नेशनल पार्क में स्थापित कैलाश वाटर पार्क निर्माण से लेकर अब तक वन्यजीवों के संरक्षण के नियमों का खुला उलंघन करते चला आ रहा है आखिर जब नेशनल पार्क से एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं होती है तो इस वॉटर पार्क का निर्माण कैसे संभव हुआ किस किस कार्यालय से अनुमति के बाद इस वॉटर पार्क के निर्माण कराया गया अब यह वॉटर पार्क वन्यजीवों के लिए संकट बन गया है वन्यजीवो की स्वतंत्रता के आड़े आ रहा यह वॉटर जो सेंसेटिव जोन की शांति को भंग कर रहा है *कैलाश वॉटर पार्क से निकलने वाला वो वेस्ट वॉटर बन रहा जीवों के लिए खतरा* यहां से निकलने वाला प्रदूषित पानी वन्य जीवों के लिए हो घातक है क्या संरक्षित जीवों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा कैलाश वॉटर पार्क जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी चिंता का विषय है *वन्य जीवों के साथ साथ शैलानियों के लिए भी खतरनाक है कैलाश वॉटर पार्क* कैलाश वॉटर पार्क केवल वन्यजीवों के लिए ही खतरा नहीं है बल्कि उन शैलानियों के भी खतरा है जो अपने परिवार के साथ बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघ का दीदार करने पहुंचते है *अब सवाल यह है कि किसकी जिम्मेदारी है वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त आदेशों के पालन करवाने की*
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    *कैलाश वॉटर पार्क के सामने बौना नज़र आ रहा प्रधान मुख्य वन संरक्षक का आदेश*
बांधवगढ़ नेशनल पार्क के सेंसेटिव जोन में स्थापित कैलाश वॉटर पार्क अपने नियमानुसार पुनः शुरू हुआ भोपाल के प्रधान मुख्य वन्य संरक्षक के आदेश का नहीं हुआ कोई असर आखिर किसकी सह पर फिर शुरू हुआ कैलाश वॉटर पार्क या किसी विशेष आदेश का किया जा रहा पालन 
*कैलाश वॉटर पार्क नियमों की उड़ा रहा धज्जियां*
बांधवगढ़ नेशनल पार्क में स्थापित कैलाश वाटर पार्क निर्माण से लेकर अब तक वन्यजीवों के संरक्षण के नियमों का खुला उलंघन करते चला आ रहा है आखिर जब नेशनल पार्क से एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं होती है तो इस वॉटर पार्क का निर्माण कैसे संभव हुआ किस किस कार्यालय से अनुमति के बाद इस वॉटर पार्क के निर्माण कराया गया अब यह वॉटर पार्क वन्यजीवों के लिए संकट बन गया है वन्यजीवो की स्वतंत्रता के आड़े आ रहा यह वॉटर जो सेंसेटिव जोन की शांति को भंग कर रहा है 
*कैलाश वॉटर पार्क से निकलने वाला वो वेस्ट वॉटर बन रहा जीवों के लिए खतरा*
यहां से निकलने वाला प्रदूषित पानी वन्य जीवों के लिए हो घातक है क्या संरक्षित जीवों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा कैलाश वॉटर पार्क जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी चिंता का विषय है 
*वन्य जीवों के साथ साथ शैलानियों के लिए भी खतरनाक है कैलाश वॉटर पार्क*
कैलाश वॉटर पार्क केवल वन्यजीवों के लिए ही खतरा नहीं है बल्कि उन शैलानियों के भी खतरा है जो अपने परिवार के साथ बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघ का दीदार करने पहुंचते है 
*अब सवाल यह है कि किसकी जिम्मेदारी है वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त आदेशों के पालन करवाने की*
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by लोटन सिंह धुर्वे
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    Post by लोटन सिंह धुर्वे
    user_लोटन सिंह धुर्वे
    लोटन सिंह धुर्वे
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Ashok Sondhiya
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    Post by Ashok Sondhiya
    user_Ashok Sondhiya
    Ashok Sondhiya
    Paan shop Sohagpur, Shahdol•
    11 hrs ago
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