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Ashok Sondhiya
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- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। होली जैसे सांस्कृतिक पर्व के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा कथित रूप से अश्लील और आपत्तिजनक गानों पर डांस किए जाने के वीडियो सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान “लवडिया लंदन से लाएंगे”, “मुहवा डाल के चदरिया” और “लहरिया लूटा ए राजा” जैसे गानों पर छात्रों ने खुलेआम नृत्य किया। शिक्षा के केंद्र माने जाने वाले संस्थान में इस तरह के माहौल को लेकर अभिभावकों और आम नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण का प्रतीक होना चाहिए, लेकिन इस तरह के वीडियो सामने आने से संस्थान की छवि पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे होली का उत्साह बता रहे हैं, तो कई इसे अनुशासनहीनता मान रहे हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसे आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय नहीं करने चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि सांस्कृतिक आयोजनों की अनुमति देते समय उनकी गरिमा और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है, ताकि शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन कोई कदम उठाता है, तो आगे स्थिति स्पष्ट हो1
- कटनी जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ही मोटरसाइकिल पर 9 लोग सवार दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चालक सहित कई बच्चे और महिलाएं एक साथ बाइक पर बैठे हैं, जिससे गंभीर सड़क हादसे की आशंका बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह वीडियो कटनी जिले का बताया जा रहा है। बिना हेलमेट और ओवरलोडिंग के साथ चल रही बाइक ट्रैफिक नियमों की खुली धज्जियां उड़ाती नजर आ रही है। इतनी बड़ी संख्या में सवारी बैठाना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सभी की जान को खतरे में डालने जैसा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे में बदल सकती है। एक छोटी सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, खासकर जब वाहन पर बच्चे सवार हों। फिलहाल वीडियो के आधार पर पुलिस कार्रवाई की मांग उठ रही है। यदि यह मामला कटनी का है, तो स्थानीय पुलिस को जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- डिंडोरी -- फाल्गुन पूर्णिमा की पावन रात्रि में कस्बा शाहपुर सहित ग्रामीण अंचलों में होलिका दहन का पर्व श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया। जैसे ही शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा वातावरण “होलिका माता की जय” के जयघोष से गूंज उठा। होलिका दहन स्थल पर शाम से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और संतानों की दीर्घायु की कामना की। युवाओं और बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। फाग गीतों, ढोल-नगाड़ों और रंग-बिरंगी सजावट ने माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया। धार्मिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस अवसर पर कई सामाजिक संगठनों ने लोगों से आपसी वैमनस्य भुलाकर प्रेम और भाईचारे के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। कुछ स्थानों पर प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल विभिन्न स्थानों पर तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अग्निशमन दल भी सतर्कता के साथ मौजूद रहा। होलिका दहन के साथ ही रंगों के पर्व को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर पहुंच गया है। बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी जोरों पर रही। नगर में चारों ओर उत्सव का माहौल दिखाई दे रहा है, और लोग पूरे हर्षोल्लास के साथ रंगोत्सव मनाने की तैयारी में जुट गए हैं। होलिका दहन का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सद्भाव का भी संदेश देकर गया।वहीं बुधवार को रंगोत्सव ( धुलेड़ी ) हर्षोल्लासके साथ मनाया जाएगा!3
- एमसीबी जिला के केल्हारी क्षेत्र में एमपी–सीजी सीमा पर बहने वाली बरने नदी अब सिर्फ रेत के लिए नहीं, बल्कि एक युवक की मौत के कारण चर्चा में है। अवैध उत्खनन की आशंका, पुलिस पर गंभीर आरोप और ग्रामीणों का विरोध—पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सुबह रेत लेने गया, बन गया मौत का मामला ग्रामीण सोनू चक्रधारी सुबह ट्रैक्टर लेकर बरने नदी गया था। परिजनों का कहना है कि वह प्रधानमंत्री आवास (PM आवास) निर्माण के लिए रेत लेने गया था। सीमा क्षेत्र में रेत निकालना पहले से विवादों में रहा है,कुछ ही देर बाद खबर फैली कि सोनू की मौत हो गई है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज है कि युवक की मौत कथित रूप से एमपी पुलिस की पिटाई से हुई। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।मध्यप्रदेश के जैतपुर थाना की पुलिस की गाड़ी नदी किनारे फंसी मिली जिसे छत्तीसगढ़ की केल्हारी पुलिस ने थाना लाया । घटना के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जैतपुर थाना क्षेत्र की दरशीला पुलिस चौकी की एक गाड़ी बरने नदी के पास फंसी हुई मिली। वही ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस टीम वाहन छोड़कर वापस लौट गई। यह सवाल खड़ा हो रहा है कि यदि कार्रवाई हो रही थी तो पुलिस वाहन मौके पर क्यों छूटा क्या वहां किसी प्रकार की झड़प हुई? इन सवालों ने मामले को और उलझा दिया है। ग्रामीणों का फूटा गुस्सा जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण बरने नदी और आसपास के क्षेत्र में जमा हो गए। नारेबाजी और विरोध शुरू हो गया। ग्रामीणों की मांग है: मौत की न्यायिक जांच हो पोस्टमार्टम पारदर्शी तरीके से कराया जाए , यदि पिटाई से मौत हुई है तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज हो, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केल्हारी पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया गया। अवैध रेत उत्खनन का पुराना खेल बरने नदी का यह इलाका लंबे समय से रेत उत्खनन को लेकर संवेदनशील रहा है। सीमा क्षेत्र होने के कारण अधिकार क्षेत्र को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर अवैध उत्खनन चलता है। इस घटना ने फिर वही सवाल खड़ा कर दिया है— क्या रेत का कारोबार कानून से बड़ा हो गया है? क्या सीमा क्षेत्र में जवाबदेही तय करना मुश्किल है? राजनीतिक हलचल तेज घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सक्रिय हो गए हैं। पूरे मामले ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। घटनास्थल पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो पहुंच कर पीड़ित परिवार से मिलकर प्रशासन से उच्चस्तरीय जाँच की मांग की वही मौके पर पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह भी पहुंच कर सभी पहलुओं की जाँच के आदेश दिए है फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है4
- कोरिया जिले के टेंगनी प्राथमिक स्कूल के बच्चे बाथरूम एवं गंदगी के समस्या जुझ रहे सुध लेने वाला कोई नहीं1
- *केल्हारी* *पसौरी की घटना पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो पहुंचे मौके पर* *गुलाब कमरो ने पसौरी में हुई युवक की मौत की खबर मिलते ही तत्काल घटना स्थल पहुंचकर ग्रामीणजनों से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद एवं निंदनीय घटना है।* *बलरामपुर के बाद अब एमसीबी जिले के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र में इस प्रकार की घटना होना भाजपा सरकार की जनता के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।* *पूर्व विधायक ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और जिन पर जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही यदि जनता की जान लेने लगें तो यह अत्यंत चिंताजनक है।* *उन्होंने निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की।*3
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- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722, शहडोल। जिले के अमलाई ओसीएम क्षेत्र में कार्यरत कोयला मजदूर सभा (HMS) ने ठेका मजदूरों के कथित शोषण के विरोध में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने आरकेटीसी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि आरकेटीसी कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से आठ ठेका श्रमिकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उनका आरोप है कि जब मजदूर अपनी सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों और अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं, तो कंपनी प्रबंधन उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देता है। इससे श्रमिकों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है। एचएमएस ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी सब एरिया मैनेजर को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने कंपनी प्रबंधन पर श्रमिक हितों की अनदेखी करने और श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। संघ पदाधिकारियों ने पूर्व की एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित लापरवाही के चलते डोजर और ऑपरेटर सहित एक कर्मचारी की डूबने से मौत हो गई थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद कंपनी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं किए हैं। कोयला मजदूर सभा ने प्रशासन से मांग की है कि बर्खास्त किए गए श्रमिकों को तत्काल बहाल किया जाए, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और कंपनी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा.1
- एमसीबी ज़िले के केल्हारी क्षेत्र अंतर्गत पसौरी ग्राम से लगभग तीन किलोमीटर दूर मध्यप्रदेश बॉर्डर स्थित बरने नदी में एक दर्दनाक घटना सामने आया है। जहां मध्यप्रदेश पुलिस ने रेत लेजाने को लेकर सोनू चक्रधारी नामक व्यक्ति को डंडे से मार मार कर मार डाला बताया जा रहा है कि सोनू चक्रधारी अपने निजी ट्रैक्टर से आवास निर्माण के लिए रेत लेने गया था। इसी दौरान मौके पर मध्यप्रदेश पुलिस पहुंची। और रेत लेजाने को लेकर व्यक्ति से सवाल-जवाब के दौरान पुलिस ने सोनू चक्रधारी के साथ डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों का हुजूम घटनास्थल पर पहुंच गया। मृतक का शव देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और विवाद की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही केल्हारी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।1