अमलाई ओसीएम में ठेका मजदूरों के शोषण के खिलाफ एचएमएस का प्रदर्शन, एसपी कार्यालय में सौंपा ज्ञापन राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722, शहडोल। जिले के अमलाई ओसीएम क्षेत्र में कार्यरत कोयला मजदूर सभा (HMS) ने ठेका मजदूरों के कथित शोषण के विरोध में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने आरकेटीसी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि आरकेटीसी कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से आठ ठेका श्रमिकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उनका आरोप है कि जब मजदूर अपनी सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों और अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं, तो कंपनी प्रबंधन उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देता है। इससे श्रमिकों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है। एचएमएस ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी सब एरिया मैनेजर को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने कंपनी प्रबंधन पर श्रमिक हितों की अनदेखी करने और श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। संघ पदाधिकारियों ने पूर्व की एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित लापरवाही के चलते डोजर और ऑपरेटर सहित एक कर्मचारी की डूबने से मौत हो गई थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद कंपनी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं किए हैं। कोयला मजदूर सभा ने प्रशासन से मांग की है कि बर्खास्त किए गए श्रमिकों को तत्काल बहाल किया जाए, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और कंपनी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा.
अमलाई ओसीएम में ठेका मजदूरों के शोषण के खिलाफ एचएमएस का प्रदर्शन, एसपी कार्यालय में सौंपा ज्ञापन राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722, शहडोल। जिले के अमलाई ओसीएम क्षेत्र में कार्यरत कोयला मजदूर सभा (HMS) ने ठेका मजदूरों के कथित शोषण के विरोध में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने आरकेटीसी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि आरकेटीसी कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से आठ ठेका श्रमिकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उनका आरोप है कि जब मजदूर अपनी सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों और अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं, तो कंपनी प्रबंधन उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देता है। इससे श्रमिकों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है। एचएमएस ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी सब एरिया मैनेजर को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने कंपनी प्रबंधन पर श्रमिक हितों की अनदेखी करने और श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। संघ पदाधिकारियों ने पूर्व की एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित लापरवाही के चलते डोजर और ऑपरेटर सहित एक कर्मचारी की डूबने से मौत हो गई थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद कंपनी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं किए हैं। कोयला मजदूर सभा ने प्रशासन से मांग की है कि बर्खास्त किए गए श्रमिकों को तत्काल बहाल किया जाए, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और कंपनी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा.
- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। होली जैसे सांस्कृतिक पर्व के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा कथित रूप से अश्लील और आपत्तिजनक गानों पर डांस किए जाने के वीडियो सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान “लवडिया लंदन से लाएंगे”, “मुहवा डाल के चदरिया” और “लहरिया लूटा ए राजा” जैसे गानों पर छात्रों ने खुलेआम नृत्य किया। शिक्षा के केंद्र माने जाने वाले संस्थान में इस तरह के माहौल को लेकर अभिभावकों और आम नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण का प्रतीक होना चाहिए, लेकिन इस तरह के वीडियो सामने आने से संस्थान की छवि पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे होली का उत्साह बता रहे हैं, तो कई इसे अनुशासनहीनता मान रहे हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसे आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय नहीं करने चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि सांस्कृतिक आयोजनों की अनुमति देते समय उनकी गरिमा और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है, ताकि शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन कोई कदम उठाता है, तो आगे स्थिति स्पष्ट हो1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- वन परिक्षेत्र खन्नौधी के ग्राम बदरा में एक अनोखी घटना सामने आई। जंगल से भटककर आया एक हिरण कुत्तों के झुंड के हमले से घायल हो गया। अपनी जान बचाने के लिए हिरण गांव की ओर भागा और एक किसान के खेत में रखी पाइप के अंदर जाकर छिप गया। बताया जा रहा है कि कुत्ते लगातार उसका पीछा कर रहे थे, जिससे वह बुरी तरह घबरा गया था। खेत के मालिक किसान अमित सिंह चंदेल ने जब यह दृश्य देखा तो बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी। उन्होंने तुरंत वन विभाग के डिप्टी रेंजर बहादुर सिंह को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही डिप्टी रेंजर बहादुर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल हिरण का सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्राथमिक देखरेख के बाद उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। साथ ही मौके पर मौजूद चौकीदारों को हिरण पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पूरे दिन उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई। ग्रामीणों ने किसान अमित सिंह चंदेल की सतर्कता और वन विभाग की तत्परता की सराहना की। समय पर की गई सूचना और कार्रवाई से एक बेजुबान वन्य जीव की जान बच3
- Post by Shuru User1
- कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने मचलेश्वर मेला हिरदेनगर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिला रिपोर्टर: मनोज श्रीवास्तव मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में आज भी सदियों पुरानी परंपराएं जीवित हैं। होली पर्व से पहले जनकपुर क्षेत्र में बैगा समाज द्वारा निभाई जाने वाली निकारि प्रथा के जरिए गांव की सुरक्षा और खुशहाली की कामना की जाती है। ग्रामीणों का विश्वास है कि इस परंपरा से गांव आपदा और महामारी से सुरक्षित रहता है। भरतपुर विकासखंड के जनकपुर क्षेत्र में होली से पूर्व निकारि प्रथा पूरे विधि-विधान से निभाई जाती है। यह परंपरा बैगा समाज की आस्था से जुड़ी है, जिसे गांव की सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि इस अनुष्ठान से हैजा, कॉलरा जैसी गंभीर बीमारियों और नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश गांव में नहीं होता। जनकपुर निवासी पुजारी गरीबा मौर्य बताते हैं कि जब से गांव बसा है, तब से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। होली से पहले और डांग न गढ़ने के पूर्व यह विशेष अनुष्ठान किया जाता है। गांव के प्रत्येक चौक-चौराहे पर यह प्रक्रिया पूरी की जाती है, जिसमें पूरे गांव की सहभागिता रहती है। निकारि प्रथा हमारे गांव की बहुत पुरानी परंपरा है। इसे करने से गांव में बीमारी नहीं फैलती और सब लोग सुरक्षित रहते हैं। हम सब मिलकर इसमें सहयोग करते हैं। निकारि प्रथा के तहत बैगा द्वारा मुर्गी चराई जाती है और बाद में उसे गांव की सीमा के बाहर, नदी के उस पार छोड़ दिया जाता है। मान्यता है कि इससे सारी विपत्तियां गांव से बाहर चली जाती हैं। इस दौरान ग्रामीण बैगा को अखत, झाड़ू और अन्य पूजन सामग्री प्रदान करते हैं। यह परंपरा गांव को आपदा और बीमारियों से बचाने के लिए की जाती है। यह सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि गांव की एकता और सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक है।” ग्रामीणों का विश्वास है कि निकारि प्रथा से गांव में शांति, समृद्धि और निरोगी जीवन बना रहता है। जनकपुर क्षेत्र में आज भी परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी लोक आस्थाएं समाज को एक सूत्र में बांधे हुए हैं। आस्था, परंपरा और सामूहिक विश्वास—निकारि प्रथा आज भी जनकपुर गांव की पहचान बनी हुई है।1
- Post by Sandeep Namdev1
- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722, शहडोल। जिले के अमलाई ओसीएम क्षेत्र में कार्यरत कोयला मजदूर सभा (HMS) ने ठेका मजदूरों के कथित शोषण के विरोध में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने आरकेटीसी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि आरकेटीसी कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से आठ ठेका श्रमिकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उनका आरोप है कि जब मजदूर अपनी सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों और अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं, तो कंपनी प्रबंधन उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देता है। इससे श्रमिकों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है। एचएमएस ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी सब एरिया मैनेजर को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने कंपनी प्रबंधन पर श्रमिक हितों की अनदेखी करने और श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। संघ पदाधिकारियों ने पूर्व की एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित लापरवाही के चलते डोजर और ऑपरेटर सहित एक कर्मचारी की डूबने से मौत हो गई थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद कंपनी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं किए हैं। कोयला मजदूर सभा ने प्रशासन से मांग की है कि बर्खास्त किए गए श्रमिकों को तत्काल बहाल किया जाए, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और कंपनी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा.1