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Jila Anuppur Madhya Pradesh Mein boring ka kam Ban Kiya gaya hai jinko bhi Bor Karana hai to Collector Office V off PCL SDM sahab se permission Lena hoga
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Jila Anuppur Madhya Pradesh Mein boring ka kam Ban Kiya gaya hai jinko bhi Bor Karana hai to Collector Office V off PCL SDM sahab se permission Lena hoga
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- Post by Ashok Sondhiya4
- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722, शहडोल। जिले के अमलाई ओसीएम क्षेत्र में कार्यरत कोयला मजदूर सभा (HMS) ने ठेका मजदूरों के कथित शोषण के विरोध में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने आरकेटीसी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि आरकेटीसी कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से आठ ठेका श्रमिकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उनका आरोप है कि जब मजदूर अपनी सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों और अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं, तो कंपनी प्रबंधन उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देता है। इससे श्रमिकों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है। एचएमएस ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी सब एरिया मैनेजर को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने कंपनी प्रबंधन पर श्रमिक हितों की अनदेखी करने और श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। संघ पदाधिकारियों ने पूर्व की एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित लापरवाही के चलते डोजर और ऑपरेटर सहित एक कर्मचारी की डूबने से मौत हो गई थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद कंपनी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं किए हैं। कोयला मजदूर सभा ने प्रशासन से मांग की है कि बर्खास्त किए गए श्रमिकों को तत्काल बहाल किया जाए, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और कंपनी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा.1
- वन परिक्षेत्र खन्नौधी के ग्राम बदरा में एक अनोखी घटना सामने आई। जंगल से भटककर आया एक हिरण कुत्तों के झुंड के हमले से घायल हो गया। अपनी जान बचाने के लिए हिरण गांव की ओर भागा और एक किसान के खेत में रखी पाइप के अंदर जाकर छिप गया। बताया जा रहा है कि कुत्ते लगातार उसका पीछा कर रहे थे, जिससे वह बुरी तरह घबरा गया था। खेत के मालिक किसान अमित सिंह चंदेल ने जब यह दृश्य देखा तो बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी। उन्होंने तुरंत वन विभाग के डिप्टी रेंजर बहादुर सिंह को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही डिप्टी रेंजर बहादुर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल हिरण का सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्राथमिक देखरेख के बाद उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। साथ ही मौके पर मौजूद चौकीदारों को हिरण पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पूरे दिन उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई। ग्रामीणों ने किसान अमित सिंह चंदेल की सतर्कता और वन विभाग की तत्परता की सराहना की। समय पर की गई सूचना और कार्रवाई से एक बेजुबान वन्य जीव की जान बच3
- hamare gao sirkotanga me 5 saal se aaane jaane me bahut hi paresani ka saamna karna pad raha hy barsat ke dino me to paani pura sadak me bhar jaata hy jisey car bike se aane jaane waale log ko bahut hi samasya ka samna karna padta hy paidal chalne waale log ko bhi bahut paresani hoti hy kripya prasashan se niwedan hai ki hamare gao ke road ko tatkaal banwane ki Kiripya kare 🙏🙏🙏🙏3
- केरजू समिति में 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर 1.92 करोड़ का घोटाला: तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी, शाखा प्रबंधक और कैशियर सहित 8 पर FIR … अम्बिकापुर | आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित केरजू में फर्जी ऋण आहरण का एक बड़ा सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। जांच में 127 किसानों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर 1,92,82,006 रुपये (एक करोड़ बयानवे लाख बयासी हजार छह रुपये) का अवैध आहरण पाया गया है। इस वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारियों, शाखा प्रबंधक, सहायक लेखापाल और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कुल 8 संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए हैं। 127 किसानों के हक पर डाका: फर्जी हस्ताक्षर से निकाला पैसा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर की अध्यक्षता में गठित संयुक्त जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि सहकारी समिति के भीतर एक सुनियोजित तरीके से किसानों के नाम पर कर्ज निकाला गया। रिकॉर्ड के अनुसार, कुल 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और उनके खाते से करोड़ों रुपये की राशि निकाल ली गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने निम्नलिखित कर्मचारियों और अधिकारियों को सीधे तौर पर दोषी पाया है: मदन सिंह (तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी) जोगी राम (तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी) सैनाथ केरकेट्टा (वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं प्राधिकृत अधिकारी) भूपेन्द्र सिंह परिहार (तत्कालीन शाखा प्रबंधक) शिवशंकर सोनी (सहायक लेखापाल) ललिता सिन्हा (कैशियर) सुमित कुमार (सामान्य सहायक) दीपक कुमार चक्रधारी (कम्प्यूटर ऑपरेटर)1
- देवसर जियावन में पकड़ा गया बच्चा चोर ग्राम वासियों का आरोप1
- स्लग: पारंपरिक ‘निकारि’ प्रथा स्थान: मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिला रिपोर्टर: मनोज श्रीवास्तव मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में आज भी सदियों पुरानी परंपराएं जीवित हैं। होली पर्व से पहले जनकपुर क्षेत्र में बैगा समाज द्वारा निभाई जाने वाली निकारि प्रथा के जरिए गांव की सुरक्षा और खुशहाली की कामना की जाती है। ग्रामीणों का विश्वास है कि इस परंपरा से गांव आपदा और महामारी से सुरक्षित रहता है। भरतपुर विकासखंड के जनकपुर क्षेत्र में होली से पूर्व निकारि प्रथा पूरे विधि-विधान से निभाई जाती है। यह परंपरा बैगा समाज की आस्था से जुड़ी है, जिसे गांव की सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि इस अनुष्ठान से हैजा, कॉलरा जैसी गंभीर बीमारियों और नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश गांव में नहीं होता। जनकपुर निवासी पुजारी गरीबा मौर्य बताते हैं कि जब से गांव बसा है, तब से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। होली से पहले और डांग न गढ़ने के पूर्व यह विशेष अनुष्ठान किया जाता है। गांव के प्रत्येक चौक-चौराहे पर यह प्रक्रिया पूरी की जाती है, जिसमें पूरे गांव की सहभागिता रहती है। निकारि प्रथा हमारे गांव की बहुत पुरानी परंपरा है। इसे करने से गांव में बीमारी नहीं फैलती और सब लोग सुरक्षित रहते हैं। हम सब मिलकर इसमें सहयोग करते हैं। निकारि प्रथा के तहत बैगा द्वारा मुर्गी चराई जाती है और बाद में उसे गांव की सीमा के बाहर, नदी के उस पार छोड़ दिया जाता है। मान्यता है कि इससे सारी विपत्तियां गांव से बाहर चली जाती हैं। इस दौरान ग्रामीण बैगा को अखत, झाड़ू और अन्य पूजन सामग्री प्रदान करते हैं। यह परंपरा गांव को आपदा और बीमारियों से बचाने के लिए की जाती है। यह सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि गांव की एकता और सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक है।” ग्रामीणों का विश्वास है कि निकारि प्रथा से गांव में शांति, समृद्धि और निरोगी जीवन बना रहता है। जनकपुर क्षेत्र में आज भी परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी लोक आस्थाएं समाज को एक सूत्र में बांधे हुए हैं। आस्था, परंपरा और सामूहिक विश्वास—निकारि प्रथा आज भी जनकपुर गांव की पहचान बनी हुई है।4
- Post by Ashok Sondhiya2
- कटनी जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ही मोटरसाइकिल पर 9 लोग सवार दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चालक सहित कई बच्चे और महिलाएं एक साथ बाइक पर बैठे हैं, जिससे गंभीर सड़क हादसे की आशंका बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह वीडियो कटनी जिले का बताया जा रहा है। बिना हेलमेट और ओवरलोडिंग के साथ चल रही बाइक ट्रैफिक नियमों की खुली धज्जियां उड़ाती नजर आ रही है। इतनी बड़ी संख्या में सवारी बैठाना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सभी की जान को खतरे में डालने जैसा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे में बदल सकती है। एक छोटी सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, खासकर जब वाहन पर बच्चे सवार हों। फिलहाल वीडियो के आधार पर पुलिस कार्रवाई की मांग उठ रही है। यदि यह मामला कटनी का है, तो स्थानीय पुलिस को जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1