होलिका दहन पर उमड़ा जन सैलाब आस्था परंपरा और सौहार्द का दिखा अद्भुत संगम डिंडोरी -- फाल्गुन पूर्णिमा की पावन रात्रि में कस्बा शाहपुर सहित ग्रामीण अंचलों में होलिका दहन का पर्व श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया। जैसे ही शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा वातावरण “होलिका माता की जय” के जयघोष से गूंज उठा। होलिका दहन स्थल पर शाम से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और संतानों की दीर्घायु की कामना की। युवाओं और बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। फाग गीतों, ढोल-नगाड़ों और रंग-बिरंगी सजावट ने माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया। धार्मिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस अवसर पर कई सामाजिक संगठनों ने लोगों से आपसी वैमनस्य भुलाकर प्रेम और भाईचारे के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। कुछ स्थानों पर प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल विभिन्न स्थानों पर तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अग्निशमन दल भी सतर्कता के साथ मौजूद रहा। होलिका दहन के साथ ही रंगों के पर्व को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर पहुंच गया है। बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी जोरों पर रही। नगर में चारों ओर उत्सव का माहौल दिखाई दे रहा है, और लोग पूरे हर्षोल्लास के साथ रंगोत्सव मनाने की तैयारी में जुट गए हैं। होलिका दहन का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सद्भाव का भी संदेश देकर गया।वहीं बुधवार को रंगोत्सव ( धुलेड़ी ) हर्षोल्लासके साथ मनाया जाएगा!
होलिका दहन पर उमड़ा जन सैलाब आस्था परंपरा और सौहार्द का दिखा अद्भुत संगम डिंडोरी -- फाल्गुन पूर्णिमा की पावन रात्रि में कस्बा शाहपुर सहित ग्रामीण अंचलों में होलिका दहन का पर्व श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया। जैसे ही शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा वातावरण “होलिका माता की जय” के जयघोष से गूंज उठा। होलिका दहन स्थल पर शाम से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और संतानों की दीर्घायु की कामना
की। युवाओं और बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। फाग गीतों, ढोल-नगाड़ों और रंग-बिरंगी सजावट ने माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया। धार्मिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस अवसर पर कई सामाजिक संगठनों ने लोगों से आपसी वैमनस्य भुलाकर प्रेम और भाईचारे के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। कुछ स्थानों पर प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल विभिन्न स्थानों पर तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अग्निशमन दल भी सतर्कता के साथ मौजूद रहा। होलिका दहन के साथ ही रंगों के पर्व को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर पहुंच गया है। बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी जोरों पर रही। नगर में चारों ओर उत्सव का माहौल दिखाई दे रहा है, और लोग पूरे हर्षोल्लास के साथ रंगोत्सव मनाने की तैयारी में जुट गए हैं। होलिका दहन का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सद्भाव का भी संदेश देकर गया।वहीं बुधवार को रंगोत्सव ( धुलेड़ी ) हर्षोल्लासके साथ मनाया जाएगा!
- डिंडोरी -- फाल्गुन पूर्णिमा की पावन रात्रि में कस्बा शाहपुर सहित ग्रामीण अंचलों में होलिका दहन का पर्व श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया। जैसे ही शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा वातावरण “होलिका माता की जय” के जयघोष से गूंज उठा। होलिका दहन स्थल पर शाम से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और संतानों की दीर्घायु की कामना की। युवाओं और बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। फाग गीतों, ढोल-नगाड़ों और रंग-बिरंगी सजावट ने माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया। धार्मिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस अवसर पर कई सामाजिक संगठनों ने लोगों से आपसी वैमनस्य भुलाकर प्रेम और भाईचारे के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। कुछ स्थानों पर प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल विभिन्न स्थानों पर तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अग्निशमन दल भी सतर्कता के साथ मौजूद रहा। होलिका दहन के साथ ही रंगों के पर्व को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर पहुंच गया है। बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी जोरों पर रही। नगर में चारों ओर उत्सव का माहौल दिखाई दे रहा है, और लोग पूरे हर्षोल्लास के साथ रंगोत्सव मनाने की तैयारी में जुट गए हैं। होलिका दहन का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सद्भाव का भी संदेश देकर गया।वहीं बुधवार को रंगोत्सव ( धुलेड़ी ) हर्षोल्लासके साथ मनाया जाएगा!3
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- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। जिले के शासकीय अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में पिछले कई दिनों से शुगर (ब्लड ग्लूकोज़) की जांच के लिए आवश्यक टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। खासकर मधुमेह से ग्रसित मरीजों के लिए समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच अत्यंत आवश्यक होती है। लेकिन जांच सामग्री की कमी के कारण मरीजों को या तो बिना जांच के ही लौटना पड़ रहा है, या फिर निजी पैथोलॉजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। मरीजों की बढ़ी चिंता मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। शुगर जैसी गंभीर बीमारी में नियमित जांच न होने से मरीजों की स्थिति बिगड़ सकती है। कई मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन को इस कमी की जानकारी होने के बावजूद समय पर व्यवस्था नहीं की गई। स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार बेहतर सुविधाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता इन दावों पर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते शुगर जांच नहीं की गई तो मरीजों को गंभीर जटिलताओं जैसे हाई ब्लड शुगर, लो ब्लड शुगर या अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन से मांग स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल शुगर टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। अब देखना यह है कि अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और मरीजों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
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- Post by Ashok Sondhiya3