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मध्य प्रदेश व्यूरो रिपोर्ट नक्सली खात्मे के बाद एमपी के शहडोल जिले में पहली बार बैगा महोत्सव होगा।
द कहर न्यूज़ एजेंसी
मध्य प्रदेश व्यूरो रिपोर्ट नक्सली खात्मे के बाद एमपी के शहडोल जिले में पहली बार बैगा महोत्सव होगा।
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- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। होली जैसे सांस्कृतिक पर्व के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा कथित रूप से अश्लील और आपत्तिजनक गानों पर डांस किए जाने के वीडियो सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान “लवडिया लंदन से लाएंगे”, “मुहवा डाल के चदरिया” और “लहरिया लूटा ए राजा” जैसे गानों पर छात्रों ने खुलेआम नृत्य किया। शिक्षा के केंद्र माने जाने वाले संस्थान में इस तरह के माहौल को लेकर अभिभावकों और आम नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण का प्रतीक होना चाहिए, लेकिन इस तरह के वीडियो सामने आने से संस्थान की छवि पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे होली का उत्साह बता रहे हैं, तो कई इसे अनुशासनहीनता मान रहे हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसे आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय नहीं करने चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि सांस्कृतिक आयोजनों की अनुमति देते समय उनकी गरिमा और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है, ताकि शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन कोई कदम उठाता है, तो आगे स्थिति स्पष्ट हो1
- कटनी जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ही मोटरसाइकिल पर 9 लोग सवार दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चालक सहित कई बच्चे और महिलाएं एक साथ बाइक पर बैठे हैं, जिससे गंभीर सड़क हादसे की आशंका बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह वीडियो कटनी जिले का बताया जा रहा है। बिना हेलमेट और ओवरलोडिंग के साथ चल रही बाइक ट्रैफिक नियमों की खुली धज्जियां उड़ाती नजर आ रही है। इतनी बड़ी संख्या में सवारी बैठाना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सभी की जान को खतरे में डालने जैसा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे में बदल सकती है। एक छोटी सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, खासकर जब वाहन पर बच्चे सवार हों। फिलहाल वीडियो के आधार पर पुलिस कार्रवाई की मांग उठ रही है। यदि यह मामला कटनी का है, तो स्थानीय पुलिस को जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- ग्राम पंचायत नरवार 29 में ट्रांसफॉर्मर 2 मार्च यानि होलिका दहन के रात्रि में अचानक जल जाने के कारण पूरा अंधेरा ही अंधेरा छाया रहा, इसलिए एमपीईबी विभाग के अधिकारी कर्मचारियों से अपेक्षा है कि ट्रांसफार्मर को सुबह जल्द से जल्द सुधरवा दिया जाए ताकि ग्रामीणों को पीने और निस्तार का पानी मिल सके और लोग होली का यह त्यौहार मना सके जिससे लोगों को नहाने धोने एवं पानी पीने में असुविधा न हो विदित हो कि इस जरहा फीडर में तक़रीबन 15-20 गांव आते हैं जहां के ग्रामीण जन परेशान हैं।।1
- मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: रंगों के पावन पर्व होली पर इस बार नई लेटरी वार्ड नंबर 9 का गणेश पंडाल भक्ति, उल्लास और लोकसंस्कृति की मधुर स्वर लहरियों से सराबोर हो उठा। वार्ड के पार्षद विकास दीवान के प्रयासों से आयोजित विशेष फगवा गीत कार्यक्रम ने पूरे नगर को एक भावनात्मक उत्सव में बांध दिया। मशहूर उधनापुर की फगवा गीत टीम जब मंच पर पहुंची तो ढोल-मंजीरे की थाप के साथ वातावरण में ऐसा रंग घुला कि हर चेहरा मुस्कान से खिल उठा। वहीं धरती माता टीम ने भगवा कर्मा और सैला गीतों की प्रस्तुति देकर लोक परंपरा की जीवंत झलक पेश की। उनके सुरों में मिट्टी की खुशबू और संस्कृति की आत्मा साफ झलक रही थी। नई लेटरी वार्ड नंबर 9 के गणेश पंडाल में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में नगरवासियों की भारी भीड़ उमड़ी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई फगवा गीतों की मस्ती में झूमता नजर आया। तालियों की गड़गड़ाहट और “होली है” के उल्लासपूर्ण स्वर देर रात तक गूंजते रहे। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने वाला भावनात्मक उत्सव बन गया। होली की इस मधुर संध्या ने यह साबित कर दिया कि जब लोकगीतों की धुन बजती है, तो दिलों की दूरियां अपने आप मिट जाती हैं और पूरा शहर एक परिवार की तरह रंगों में रंग जाता है।4
- मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिला रिपोर्टर: मनोज श्रीवास्तव मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में आज भी सदियों पुरानी परंपराएं जीवित हैं। होली पर्व से पहले जनकपुर क्षेत्र में बैगा समाज द्वारा निभाई जाने वाली निकारि प्रथा के जरिए गांव की सुरक्षा और खुशहाली की कामना की जाती है। ग्रामीणों का विश्वास है कि इस परंपरा से गांव आपदा और महामारी से सुरक्षित रहता है। भरतपुर विकासखंड के जनकपुर क्षेत्र में होली से पूर्व निकारि प्रथा पूरे विधि-विधान से निभाई जाती है। यह परंपरा बैगा समाज की आस्था से जुड़ी है, जिसे गांव की सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि इस अनुष्ठान से हैजा, कॉलरा जैसी गंभीर बीमारियों और नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश गांव में नहीं होता। जनकपुर निवासी पुजारी गरीबा मौर्य बताते हैं कि जब से गांव बसा है, तब से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। होली से पहले और डांग न गढ़ने के पूर्व यह विशेष अनुष्ठान किया जाता है। गांव के प्रत्येक चौक-चौराहे पर यह प्रक्रिया पूरी की जाती है, जिसमें पूरे गांव की सहभागिता रहती है। निकारि प्रथा हमारे गांव की बहुत पुरानी परंपरा है। इसे करने से गांव में बीमारी नहीं फैलती और सब लोग सुरक्षित रहते हैं। हम सब मिलकर इसमें सहयोग करते हैं। निकारि प्रथा के तहत बैगा द्वारा मुर्गी चराई जाती है और बाद में उसे गांव की सीमा के बाहर, नदी के उस पार छोड़ दिया जाता है। मान्यता है कि इससे सारी विपत्तियां गांव से बाहर चली जाती हैं। इस दौरान ग्रामीण बैगा को अखत, झाड़ू और अन्य पूजन सामग्री प्रदान करते हैं। यह परंपरा गांव को आपदा और बीमारियों से बचाने के लिए की जाती है। यह सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि गांव की एकता और सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक है।” ग्रामीणों का विश्वास है कि निकारि प्रथा से गांव में शांति, समृद्धि और निरोगी जीवन बना रहता है। जनकपुर क्षेत्र में आज भी परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी लोक आस्थाएं समाज को एक सूत्र में बांधे हुए हैं। आस्था, परंपरा और सामूहिक विश्वास—निकारि प्रथा आज भी जनकपुर गांव की पहचान बनी हुई है।1
- पंडरिया। जिला कबीरधाम अंतर्गत थाना कुकदूर क्षेत्र में हाल के दिनों में तीन अलग-अलग स्थानों पर लूट की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें राह चलते लोगों को डरा-धमकाकर नगदी, मोबाईल फोन एवं मोटर सायकल जैसी संपत्ति लूट ली गई थी। इन घटनाओ के पीड़ित प्रारंभिक रूप से भय के कारण थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने से कतरा रहे थे, परंतु थाना कुकदूर पुलिस द्वारा पीड़ितों को समझाइश देकर हौसला बढ़ाया गया, सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया तथा विधिक कार्यवाही की प्रक्रिया समझाई गई, जिसके बाद पीड़ितों ने साहस दिखाते हुए विधिवत रिपोर्ट दर्ज कराई। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्काल प्रभाव से विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र बघेल एवं श्री अमित पटेल के निर्देशन में तथा एसडीओपी पंडरिया श्री भूपत सिंह धनश्री के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर सघन पतासाजी, तकनीकी साक्ष्य संकलन, संदिग्धों से पूछताछ एवं मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। पहली घटना दिनांक 07/02/2026 की है, जिसमें ग्राम कबराटोला निवासी वाहन चालक के साथ ग्राम भुरभुसपानी से लगभग 02 किलोमीटर आगे घाटी के पास डंडा दिखाकर डराने-धमकाने के बाद जेब में रखे 5000 रुपये नगद की लूट की गई थी। दूसरी घटना दिनांक 26/02/2026 की है, जिसमें ग्राम सिंगपुर निवासी युवक के साथ कुई-बदना मार्ग पर बुडूनरान नाला के पास तीन आरोपियों द्वारा मारपीट कर मोबाईल फोन एवं नगदी लूट ली गई थी तथा मोटर सायकल की चाबी भी लेकर फरार हो गए थे। तीसरी घटना दिनांक 19/02/2026 की है, जिसमें ग्राम छिन्दीडीह निवासी युवक को बहाने से मोटर सायकल में बैठाकर दमगढ़-नेऊर मार्ग पर पुल के पास रोककर मारपीट कर उसकी मोटर सायकल लूट ली गई थी। मामले में थाना कुकदूर में 3 अलग अलग अपराध क्रमांक 10/2026, 11/2026, 12/2026 दर्ज किया गया है। घटनाओं की तफ्तीश के दौरान पुलिस टीम द्वारा इलाके में लगातार दबिश दी गई, संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और तकनीकी व मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कुल 06 आरोपियों को चिन्हित किया गया, जिनमें से 01 विधि से संघर्षरत बालक है तथा 05 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कार्यवाही शेष है इसलिए उनके नाम उजागर नहीं किए जा रहे है। पहचान कार्यवाही पूर्ण होने से उनके नाम पृथक से जारी किए जाएंगे। विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत पृथक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। आरोपियों की निशानदेही पर तीनों घटनाओं में लूटा गया सामान बरामद किया गया है, जो इस प्रकार है – (01) नगद राशि (02) मोबाईल फोन (03) मोटर सायकल पूरे प्रकरण में थाना कुकदूर पुलिस की सतर्कता, सतत मेहनत एवं पेशेवर कार्यशैली से यह स्पष्ट होता है कि अपराधी चाहे जितनी भी चालाकी से वारदात को अंजाम दें, वे कानून की पकड़ से नहीं बच सकते। क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है तथा संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना होने पर भयभीत न हों, तत्काल पुलिस को सूचना दें। कबीरधाम पुलिस अपराध करने वालों के विरुद्ध आगे भी और अधिक कठोर कार्यवाही करेगी। ऐसे कृत्यों में संलिप्त अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कबीरधाम पुलिस के चंगुल से कोई भी अपराधी नहीं बच पाएगा और अपराध की राह चुनने वालों का अंतिम ठिकाना जेल ही है।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722, शहडोल। जिले के अमलाई ओसीएम क्षेत्र में कार्यरत कोयला मजदूर सभा (HMS) ने ठेका मजदूरों के कथित शोषण के विरोध में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने आरकेटीसी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि आरकेटीसी कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से आठ ठेका श्रमिकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उनका आरोप है कि जब मजदूर अपनी सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों और अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं, तो कंपनी प्रबंधन उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देता है। इससे श्रमिकों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है। एचएमएस ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी सब एरिया मैनेजर को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने कंपनी प्रबंधन पर श्रमिक हितों की अनदेखी करने और श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। संघ पदाधिकारियों ने पूर्व की एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित लापरवाही के चलते डोजर और ऑपरेटर सहित एक कर्मचारी की डूबने से मौत हो गई थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद कंपनी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं किए हैं। कोयला मजदूर सभा ने प्रशासन से मांग की है कि बर्खास्त किए गए श्रमिकों को तत्काल बहाल किया जाए, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और कंपनी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा.1
- Shahdol:-वन परिक्षेत्र खन्नौधी के ग्राम बदरा में एक अनोखी घटना सामने आई। जंगल से भटककर आया एक हिरण कुत्तों के झुंड के हमले से घायल हो गया। अपनी जान बचाने के लिए हिरण गांव की ओर भागा और एक किसान के खेत में रखी पाइप के अंदर जाकर छिप गया। बताया जा रहा है कि कुत्ते लगातार उसका पीछा कर रहे थे, जिससे वह बुरी तरह घबरा गया था। खेत के मालिक किसान अमित सिंह चंदेल ने जब यह दृश्य देखा तो बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी। उन्होंने तुरंत वन विभाग के डिप्टी रेंजर बहादुर सिंह को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही डिप्टी रेंजर बहादुर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल हिरण का सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्राथमिक देखरेख के बाद उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। साथ ही मौके पर मौजूद चौकीदारों को हिरण पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पूरे दिन उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई। ग्रामीणों ने किसान अमित सिंह चंदेल की सतर्कता और वन विभाग की तत्परता की सराहना की। समय पर की गई सूचना और कार्रवाई से एक बेजुबान वन्य जीव की जान बच सकी।3