जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही, शुगर टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस खत्म, मरीजों के जीवन से हो रहा खिलवाड़ राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। जिले के शासकीय अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में पिछले कई दिनों से शुगर (ब्लड ग्लूकोज़) की जांच के लिए आवश्यक टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। खासकर मधुमेह से ग्रसित मरीजों के लिए समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच अत्यंत आवश्यक होती है। लेकिन जांच सामग्री की कमी के कारण मरीजों को या तो बिना जांच के ही लौटना पड़ रहा है, या फिर निजी पैथोलॉजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। मरीजों की बढ़ी चिंता मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। शुगर जैसी गंभीर बीमारी में नियमित जांच न होने से मरीजों की स्थिति बिगड़ सकती है। कई मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन को इस कमी की जानकारी होने के बावजूद समय पर व्यवस्था नहीं की गई। स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार बेहतर सुविधाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता इन दावों पर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते शुगर जांच नहीं की गई तो मरीजों को गंभीर जटिलताओं जैसे हाई ब्लड शुगर, लो ब्लड शुगर या अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन से मांग स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल शुगर टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। अब देखना यह है कि अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और मरीजों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।
जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही, शुगर टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस खत्म, मरीजों के जीवन से हो रहा खिलवाड़ राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। जिले के शासकीय अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में पिछले कई दिनों से शुगर (ब्लड ग्लूकोज़) की जांच के लिए आवश्यक टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। खासकर मधुमेह से ग्रसित मरीजों के लिए समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच अत्यंत आवश्यक होती है। लेकिन जांच सामग्री की कमी के कारण मरीजों को या तो बिना जांच के ही लौटना पड़ रहा है, या फिर निजी पैथोलॉजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। मरीजों की बढ़ी चिंता मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। शुगर जैसी गंभीर बीमारी में नियमित जांच न होने से मरीजों की स्थिति बिगड़ सकती है। कई मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन को इस कमी की जानकारी होने के बावजूद समय पर व्यवस्था नहीं की गई। स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार बेहतर सुविधाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता इन दावों पर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते शुगर जांच नहीं की गई तो मरीजों को गंभीर जटिलताओं जैसे हाई ब्लड शुगर, लो ब्लड शुगर या अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन से मांग स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल शुगर टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। अब देखना यह है कि अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और मरीजों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।
- Post by Ashok Sondhiya1
- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। जिले के शासकीय अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में पिछले कई दिनों से शुगर (ब्लड ग्लूकोज़) की जांच के लिए आवश्यक टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। खासकर मधुमेह से ग्रसित मरीजों के लिए समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच अत्यंत आवश्यक होती है। लेकिन जांच सामग्री की कमी के कारण मरीजों को या तो बिना जांच के ही लौटना पड़ रहा है, या फिर निजी पैथोलॉजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। मरीजों की बढ़ी चिंता मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। शुगर जैसी गंभीर बीमारी में नियमित जांच न होने से मरीजों की स्थिति बिगड़ सकती है। कई मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन को इस कमी की जानकारी होने के बावजूद समय पर व्यवस्था नहीं की गई। स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार बेहतर सुविधाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता इन दावों पर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते शुगर जांच नहीं की गई तो मरीजों को गंभीर जटिलताओं जैसे हाई ब्लड शुगर, लो ब्लड शुगर या अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन से मांग स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल शुगर टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। अब देखना यह है कि अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और मरीजों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- वन परिक्षेत्र खन्नौधी के ग्राम बदरा में एक अनोखी घटना सामने आई। जंगल से भटककर आया एक हिरण कुत्तों के झुंड के हमले से घायल हो गया। अपनी जान बचाने के लिए हिरण गांव की ओर भागा और एक किसान के खेत में रखी पाइप के अंदर जाकर छिप गया। बताया जा रहा है कि कुत्ते लगातार उसका पीछा कर रहे थे, जिससे वह बुरी तरह घबरा गया था। खेत के मालिक किसान अमित सिंह चंदेल ने जब यह दृश्य देखा तो बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी। उन्होंने तुरंत वन विभाग के डिप्टी रेंजर बहादुर सिंह को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही डिप्टी रेंजर बहादुर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल हिरण का सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्राथमिक देखरेख के बाद उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। साथ ही मौके पर मौजूद चौकीदारों को हिरण पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पूरे दिन उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई। ग्रामीणों ने किसान अमित सिंह चंदेल की सतर्कता और वन विभाग की तत्परता की सराहना की। समय पर की गई सूचना और कार्रवाई से एक बेजुबान वन्य जीव की जान बच3
- #umaria #mp1
- ग्राम पंचायत नरवार 29 में ट्रांसफॉर्मर 2 मार्च यानि होलिका दहन के रात्रि में अचानक जल जाने के कारण पूरा अंधेरा ही अंधेरा छाया रहा, इसलिए एमपीईबी विभाग के अधिकारी कर्मचारियों से अपेक्षा है कि ट्रांसफार्मर को सुबह जल्द से जल्द सुधरवा दिया जाए ताकि ग्रामीणों को पीने और निस्तार का पानी मिल सके और लोग होली का यह त्यौहार मना सके जिससे लोगों को नहाने धोने एवं पानी पीने में असुविधा न हो विदित हो कि इस जरहा फीडर में तक़रीबन 15-20 गांव आते हैं जहां के ग्रामीण जन परेशान हैं।।1
- Post by Ashok Sondhiya1