बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नियम विरुद्ध संचालित हो रहा कैलाश वाटर पार्क *कैलाश वॉटर पार्क के सामने बौना नज़र आ रहा प्रधान मुख्य वन संरक्षक का आदेश* बांधवगढ़ नेशनल पार्क के सेंसेटिव जोन में स्थापित कैलाश वॉटर पार्क अपने नियमानुसार पुनः शुरू हुआ भोपाल के प्रधान मुख्य वन्य संरक्षक के आदेश का नहीं हुआ कोई असर आखिर किसकी सह पर फिर शुरू हुआ कैलाश वॉटर पार्क या किसी विशेष आदेश का किया जा रहा पालन *कैलाश वॉटर पार्क नियमों की उड़ा रहा धज्जियां* बांधवगढ़ नेशनल पार्क में स्थापित कैलाश वाटर पार्क निर्माण से लेकर अब तक वन्यजीवों के संरक्षण के नियमों का खुला उलंघन करते चला आ रहा है आखिर जब नेशनल पार्क से एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं होती है तो इस वॉटर पार्क का निर्माण कैसे संभव हुआ किस किस कार्यालय से अनुमति के बाद इस वॉटर पार्क के निर्माण कराया गया अब यह वॉटर पार्क वन्यजीवों के लिए संकट बन गया है वन्यजीवो की स्वतंत्रता के आड़े आ रहा यह वॉटर जो सेंसेटिव जोन की शांति को भंग कर रहा है *कैलाश वॉटर पार्क से निकलने वाला वो वेस्ट वॉटर बन रहा जीवों के लिए खतरा* यहां से निकलने वाला प्रदूषित पानी वन्य जीवों के लिए हो घातक है क्या संरक्षित जीवों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा कैलाश वॉटर पार्क जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी चिंता का विषय है *वन्य जीवों के साथ साथ शैलानियों के लिए भी खतरनाक है कैलाश वॉटर पार्क* कैलाश वॉटर पार्क केवल वन्यजीवों के लिए ही खतरा नहीं है बल्कि उन शैलानियों के भी खतरा है जो अपने परिवार के साथ बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघ का दीदार करने पहुंचते है *अब सवाल यह है कि किसकी जिम्मेदारी है वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त आदेशों के पालन करवाने की*
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नियम विरुद्ध संचालित हो रहा कैलाश वाटर पार्क *कैलाश वॉटर पार्क के सामने बौना नज़र आ रहा प्रधान मुख्य वन संरक्षक का आदेश* बांधवगढ़ नेशनल पार्क के सेंसेटिव जोन में स्थापित कैलाश वॉटर पार्क अपने नियमानुसार पुनः शुरू हुआ भोपाल के प्रधान मुख्य वन्य संरक्षक के आदेश का नहीं हुआ कोई असर आखिर किसकी सह पर फिर शुरू हुआ कैलाश वॉटर पार्क या किसी विशेष आदेश का किया जा रहा पालन *कैलाश वॉटर पार्क नियमों की उड़ा रहा धज्जियां* बांधवगढ़ नेशनल पार्क में स्थापित कैलाश वाटर पार्क निर्माण से लेकर अब तक वन्यजीवों के संरक्षण के नियमों का खुला उलंघन करते चला आ रहा है आखिर जब नेशनल पार्क से एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं होती है तो इस वॉटर पार्क का निर्माण कैसे संभव हुआ किस किस कार्यालय से अनुमति के बाद इस वॉटर पार्क के निर्माण कराया गया अब यह वॉटर पार्क वन्यजीवों के लिए संकट बन गया है वन्यजीवो की स्वतंत्रता के आड़े आ रहा यह वॉटर जो सेंसेटिव जोन की शांति को भंग कर रहा है *कैलाश वॉटर पार्क से निकलने वाला वो वेस्ट वॉटर बन रहा जीवों के लिए खतरा* यहां से निकलने वाला प्रदूषित पानी वन्य जीवों के लिए हो घातक है क्या संरक्षित जीवों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा कैलाश वॉटर पार्क जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी चिंता का विषय है *वन्य जीवों के साथ साथ शैलानियों के लिए भी खतरनाक है कैलाश वॉटर पार्क* कैलाश वॉटर पार्क केवल वन्यजीवों के लिए ही खतरा नहीं है बल्कि उन शैलानियों के भी खतरा है जो अपने परिवार के साथ बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघ का दीदार करने पहुंचते है *अब सवाल यह है कि किसकी जिम्मेदारी है वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त आदेशों के पालन करवाने की*
- Post by Ashok Sondhiya3
- राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722 शहडोल। जिले के शासकीय अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में पिछले कई दिनों से शुगर (ब्लड ग्लूकोज़) की जांच के लिए आवश्यक टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। खासकर मधुमेह से ग्रसित मरीजों के लिए समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच अत्यंत आवश्यक होती है। लेकिन जांच सामग्री की कमी के कारण मरीजों को या तो बिना जांच के ही लौटना पड़ रहा है, या फिर निजी पैथोलॉजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। मरीजों की बढ़ी चिंता मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। शुगर जैसी गंभीर बीमारी में नियमित जांच न होने से मरीजों की स्थिति बिगड़ सकती है। कई मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन को इस कमी की जानकारी होने के बावजूद समय पर व्यवस्था नहीं की गई। स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार बेहतर सुविधाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता इन दावों पर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते शुगर जांच नहीं की गई तो मरीजों को गंभीर जटिलताओं जैसे हाई ब्लड शुगर, लो ब्लड शुगर या अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन से मांग स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल शुगर टेस्ट स्ट्रिप और लैंसेट डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। अब देखना यह है कि अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और मरीजों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- जिला पंचायत सीईओ ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश देकर खत्म कराया अनशन।1
- मैहर के वार्ड क्रमांक 05 स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में समस्त संभ्रांत नागरिकों की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होलिका दहन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कॉलोनी के वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विधिवत पूजन-अर्चन के बाद शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। उपस्थित जनों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया गया। आयोजन समिति ने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने की अपील की।2
- सतना (मध्य प्रदेश): उचेहरा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक ऐसे अपराधी को दबोचा है जो पिछले एक साल से फरार चल रहा था। आरोपी न केवल लूट के मामले में वांछित था, बल्कि उस पर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का भी गंभीर आरोप है। वारदात का विवरण यह मामला 20-21 फरवरी की दरमियानी रात करीब 1:00 बजे का है। आरोपी ने एक ट्रक चालक पर फायरिंग की थी और उससे नगदी लूटकर फरार हो गया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मुख्य बिंदु: इनामी बदमाश: पुलिस ने इस आरोपी पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुराना रिकॉर्ड: आरोपी करीब एक साल से गैंगरेप के मामले में पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। पुलिस की कार्रवाई: उचेहरा थाना क्षेत्र की पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। रिपोर्टर: राहुल सोनी ब्यूरो: मध्य भारत न्यूज़1
- गाड़ी लेके निकलने वाले सावधान। नहीं ख़रीद पाएंगे पेट्रोल ,आसमान पर पहुँचे दाम, जानिए क्यों होगा ऐसा।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- जिला पंचायत सीईओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर खाद्यान्न वितरण नहीं होने के संबंध में ले रहे जानकारी।1
- *मैहर में नाली घोटाला*! *वार्ड 2 उदयपुर में लाखों की नाली बनी भ्रष्टाचार की मिसाल, विरोध के बाद भी बेलगाम ठेकेदार की दबंगई* मैहर। नगर पालिका परिषद मैहर के वार्ड क्रमांक 2 उदयपुर में चल रहा नाली निर्माण कार्य अब सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बनता नजर आ रहा है। लाखों रुपये की लागत से बनाई जा रही नाली की हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो गुणवत्ता और नियमों को खुलेआम ठेकेदार की जेब में रख दिया गया हो। 🚨 *बिना रेता, डस्ट से ढलाई — जनता के पैसों की खुली लूट*! स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि निर्माण में रेता का उपयोग ही नहीं किया गया, बल्कि डस्ट और मिट्टी मिश्रित जीआरएम से ढलाई की गई। गिट्टी के नाम पर धूल झोंकी गई और 6 एमएम की पतली रॉड लगाकर मजबूती का मजाक बना दिया गया। नाली इतनी टेढ़ी-मेढ़ी बनाई गई है कि देखने वाला भी हैरान रह जाए। ढलान इस प्रकार डाली गई है कि दोनों ओर से पानी आकर बीच में जमा हो जाएगा — यानी बस्ती का पानी बाहर नहीं, बल्कि यहीं सड़ता रहेगा! 🚨 *विरोध, निरीक्षण और आदेश... फिर भी काम जारी*! हैरानी की बात यह है कि पार्षद दीपकुमार बुनकर और वार्डवासियों द्वारा विरोध के बावजूद ठेकेदार रंजीत द्विवेदी ने काम नहीं रोका। यहां तक कि नपा इंजीनियरों ने निरीक्षण के दौरान घटिया निर्माण देख कार्य रोकने के निर्देश दिए, लेकिन ठेकेदार बेखौफ ढलाई करता रहा। क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर किसी राजनीतिक संरक्षण का परिणाम? 🚨 *मौके पर पहुंचे नपा अध्यक्ष और सांसद प्रतिनिधि* मामला तूल पकड़ने के बाद नपा अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी मौके पर पहुंचे। निर्माण की गुणवत्ता देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल कार्य रोकने के निर्देश दिए। साथ ही पूरी नाली को उखाड़कर नए सिरे से मानक अनुसार निर्माण कराने की बात कही। इस दौरान पार्षद दीपकुमार बुनकर, पवन दुबे, अजीत प्रजापति, आदर्श जायसवाल सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे। ❓ *अब सवाल सीधे सत्ता और सिस्टम से* क्या ठेकेदार पर एफआईआर होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा? क्या इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय होगी? क्या जनता के पैसों की लूट पर कड़ी कार्रवाई होगी? वार्ड 2 की यह नाली सिर्फ सीमेंट और डस्ट की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम की पोल खोलती तस्वीर है। अब देखना यह है कि यह मामला राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है या सच में भ्रष्टाचार पर बुलडोजर चलता है।4