30 साल से एक ही अध्यक्ष! शिव बाबा मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा। बुरहानपुर। जिले के ग्राम गंभीरपुरा स्थित शिव बाबा मंदिर ट्रस्ट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने ट्रस्ट को भंग करने की मांग उठाते हुए प्रशासन के सामने गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है। मामला अब जनसुनवाई तक पहुंच चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रस्ट के अध्यक्ष रूप सिंह पवार पिछले करीब 30 वर्षों से लगातार पद पर बने हुए हैं और उन्होंने ट्रस्ट में अपने परिवार के सदस्यों को ही शामिल कर रखा है। गांव के अन्य लोगों को ट्रस्ट से दूर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने मंदिर की आय को लेकर भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मंदिर को हर साल लगभग 40 लाख रुपये की आय होती है, लेकिन इस आय का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जाता। शिकायत में यह भी बताया गया कि मेले के दौरान 10 दिनों के लिए बनाई गई निगरानी समिति के सामने दान पेटियों से 8 लाख 30 हजार 120 रुपये की राशि सामने आई, लेकिन नारियल और अन्य चढ़ावे का पूरा हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
30 साल से एक ही अध्यक्ष! शिव बाबा मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा। बुरहानपुर। जिले के ग्राम गंभीरपुरा स्थित शिव बाबा मंदिर ट्रस्ट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने ट्रस्ट को भंग करने की मांग उठाते हुए प्रशासन के सामने गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है। मामला अब जनसुनवाई तक पहुंच चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रस्ट के अध्यक्ष रूप सिंह पवार पिछले करीब 30 वर्षों से लगातार पद पर बने हुए हैं और उन्होंने ट्रस्ट में अपने परिवार के सदस्यों को ही शामिल कर रखा है। गांव के अन्य लोगों को ट्रस्ट से दूर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने मंदिर की आय को लेकर भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मंदिर को हर साल लगभग 40 लाख रुपये की आय होती है, लेकिन इस आय का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जाता। शिकायत में यह भी बताया गया कि मेले के दौरान 10 दिनों के लिए बनाई गई निगरानी समिति के सामने दान पेटियों से 8 लाख 30 हजार 120 रुपये की राशि सामने आई, लेकिन नारियल और अन्य चढ़ावे का पूरा हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
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- कन्नौद के खिवनी अभ्यारण में दिखा दुर्लभ भारतीय भेड़ियाः दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली रस्टी स्पॉटेड भी नजर आई अकेले रहती है कन्नौद, कन्नौद के खिवनी वन्यजीव अभयारण्य से वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से एक सकारात्मक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। हाल ही में बाघ गणना के तहत लगाए गए कैमरा ट्रैप में दुर्लभ भारतीय भेड़िया और दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्लियों में गिनी जाने वाली रस्टी स्पॉटेड कैट के चित्र कैद हुए हैं। इन प्रजातियों की मौजूदगी अभयारण्य की समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत मानी जा रही है। खिवनी अभ्यारण्य अधीक्षक विकास माहोरे, एंव रेजर भीमसिह सिसोदिया ने बताया कि, वन विभाग द्वारा नियमित रूप से कैमरा ट्रैप के जरिए वन्यजीवों की निगरानी की जाती है। इस बार की मॉनिटरिंग में इन दुर्लभ जीवों का दिखना खास महत्व रखता है, जो क्षेत्र के प्राकृतिक आवास की गुणवत्ता को दर्शाता है। वन विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय भेड़िया घास के मैदानों का अहम शिकारी होता है। इसकी उपस्थिति यह बताती है कि यहां खाद्य श्रृंखला मजबूत है और पारिस्थितिकी संतुलित बना हुआ है। वहीं रस्टी स्पॉटेड कैट बेहद दुर्लभ और शर्मीली प्रजाति है, जिसका वजन सामान्यतः 1 किलो के आसपास होता है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट में ‘नियर थ्रेटेंड’ श्रेणी में शामिल है। यह बिल्ली रात्रिचर होती है, पेड़ों पर आसानी से चढ़ जाती है और अकेले रहना पसंद करती है। अपने छोटे आकार के बावजूद यह तेज और कुशल शिकारी मानी जाती है, इसलिए इसे “कैट्स का हमिंगबर्ड” भी कहा जाता है। इसके अलावा अभयारण्य में बाघ युवराज और बाघिन मीरा अपने शावकों के साथ लगातार देखे जा रहे हैं। वन विभाग के मुताबिक, बाघ परिवार की नियमित गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि खिवनी अब बाघों के लिए स्थायी आवास के रूप में विकसित हो रहा है। सुरक्षित वातावरण और बेहतर कॉरिडोर कनेक्टिविटी के चलते यहां बाघों की मौजूदगी लगातार मजबूत हो रही है।1
- रेणुका सिद्ध पीठ धामनगांव में 95 भक्तों ने गाड़ा खिंचकर की मन्नत पूरी, भैंसदेही भैंसदेही विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम धामनगांव में चैत्र महोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। 500 वर्षों से चलीं आ रहा परम्परा को जीवित रखने इस वर्ष भी 95 देवी भगतों ने गाड़ा खिंचकर अपनी मन्नत उतारी। *देवी भगत पांच दिन करते हैं कठिन अनुष्ठान* गांवों में आज भी पुरानी परम्पराओं को बड़ी श्रृदा और आस्था के साथ निभाया जाता है इन परम्पराओं को देखने हजारों लोग पहुंचते हैं। ऐसे की अटूट परम्परा रेणुका सिद्ध पीठ धामनगांव में देखने को मिली जहां 500 वर्षों से चली आ रही परम्परा अनुसार इस वर्ष भी बड़ी संख्या में लोग देवी के भगत बनें। शरीर पर हल्दी का लेप, पांव में घुंघरू,गले में माला, हाथों में बाजूबंद,सर पर भगवा टोपी और सोडगा धारण कर पांच दिनों तक ब्रह्मचारी व्रत का पालन करते हैं। जमीन पर सोना, नग्न पाव तप्ती धूप में नाचना,बीना आसन पर बैठ बैठना जैसे अनेक परिश्रम करते हुए यह अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है। जो व्यक्ति सच्चे मन से मां रेणुका से मन्नत मांगते हैं। और मन्नत पूरी होने पर चैत्र में भगत बनकर देवी मां के प्रति आस्था प्रगट कर भगत बनकर मन्नत पूरी करते हैं। तो वहीं महिलाएं नीम पहनकर मंदिर पहुंचकर नीम उतारकर मन्नत पूरी करती है। इस पौराणिक परम्पराओं को आज भी गांवों में देखने को मिलता है। इस कार्यक्रम में शामिल होने शहरों से लोग गांव पहुंचते हैं। *जारों श्रृंखलाओं ने रेणुका मंदिर में टेका मत्था* चैत्र के दिन रेणुका सिद्ध पीठ पर मां रेणुका के दर्शन करने तांता लग गया सुबह से लेकर देर शाम तक हजारों लोगों ने मां रेणुका के दर्शन कर पुजा अर्चना की वही भैंसदेही पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था का मोर्चा सम्भाल कर मंदिर मेले में व्यवस्था सुचारू रूप से बनाई।4
- इंदौर की कृष्णभाग कॉलोनी में रहने वाले लगभग 300 परिवार आज बेघर होने की कगार पर हैं। 20–25 साल पहले खरीदी गई जमीन, रजिस्ट्री, नोटरी, बिजली-पानी कनेक्शन, नगर निगम टैक्स—सब कुछ होने के बावजूद अब कोर्ट नोटिस भेजकर इन घरों को अवैध बताया जा रहा है। ग्राउंड रिपोर्ट में हमने देखा कि लोगों के पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, यहां तक कि कई लोगों ने बैंक से लोन लेकर मकान बनाए हैं। फिर सवाल उठता है कि अगर यह जमीन अवैध थी तो इतने सालों तक प्रशासन और नगर निगम क्या कर रहे थे? स्थानीय लोगों का आरोप है कि श्री राम बिल्डर्स द्वारा फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। कुछ घरों को तो तोड़ा भी जा चुका है, जिससे पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है। 👉 क्या 25 साल बाद किसी को अवैध कहा जा सकता है? 👉 जिम्मेदार कौन—प्रशासन, बिल्डर या सिस्टम? पूरी जानकारी यू ट्यूब चैनल पर देखे1
- ये विस्फोटक खुलासा है- हेमंत बिस्वा सरमा जी ने एक दिन के अंदर पूरे कांग्रेसी प्रोपगैंडा को उधे-ड़ डाला है। “कांग्रेस ने उनकी पत्नी के नाम पर कंपनी रजिस्टर की और पाकिस्तानी कंपनी ने इसमें फ़र्ज़ी पासपोर्ट बनवाने और कंपनी को अलाइन करने में कांग्रेस की मदद की” सब कुछ सबूत के साथ रख दिया है। मतलब पाकिस्तान असम चुनाव कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर गठबंधन करके लड़ रहा है?? 👍👍👍👍👍1
- Post by Danish Raza Khan1
- मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र में ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुकुंदपुर इलाके में एक आरोपी को 10 शीशी नशीली कफ सिरप के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी में कोडीन युक्त अवैध कफ सिरप और मोबाइल बरामद हुआ है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।1
- Post by Masood Javed Qadri1