Shikohabad: शिवालय पर गूंजते रहे शिव के जयकारे।#c20news शिकोहाबाद नगर में महाशिवरात्रि पर शिवलियों में भक्तों का सैलाब उमर पड़ा। पूरा नगर शिव के जयकारे से गूंजायमान हो उठा । लोगों ने भक्ति भाव से पूजा अर्चना की। शाम के समय शिवालयों को फूल बंगला से सजाया गया। उसके बाद भगवान का 56 प्रकार के भोग लगाये गये। रविवार को नगर के प्राचीन मंदिर चौमुखी lमहादेव मंदिर, टूइया वाले मंदिर , हीरा नगर के शिव मंदिर, गंगेश्वर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों पर सुबह 4:00 बजे से ही भक्तों का सैलाब उमर पड़ा । कबाड़ियों ने गंगा से जल चढ़ाकर भगवान का अभिषेक किया। महिलाएं और बच्चे ने सुबह भगवान शिव को शहद ,गंगाजल, दही ,दूध के साथ अभिषेक किया। भक्तगण अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए भगवान से मनौतिया मांग रहे थे । भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के साथ ही मंदिर प्रशासन ने भक्तों को बारी-बारी से मंदिर में प्रवेश दिया । मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था काफी कडी रही। जिससे भक्तों को दर्शन के लिए कोई दिक्कत ना हो देर शाम तक मंदिर पर भक्तों की भीड़ जमी रही । दिनभर मंदिरो पर प्रसाद का वितरण किया गया।
Shikohabad: शिवालय पर गूंजते रहे शिव के जयकारे।#c20news शिकोहाबाद नगर में महाशिवरात्रि पर शिवलियों में भक्तों का सैलाब उमर पड़ा। पूरा नगर शिव के जयकारे से गूंजायमान हो उठा । लोगों ने भक्ति भाव से पूजा अर्चना की। शाम के समय शिवालयों को फूल बंगला से सजाया गया। उसके बाद भगवान का 56 प्रकार के भोग लगाये गये। रविवार को नगर के प्राचीन मंदिर चौमुखी lमहादेव मंदिर, टूइया वाले मंदिर , हीरा नगर के शिव मंदिर, गंगेश्वर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों पर सुबह 4:00 बजे से ही भक्तों का सैलाब उमर पड़ा । कबाड़ियों ने गंगा से
जल चढ़ाकर भगवान का अभिषेक किया। महिलाएं और बच्चे ने सुबह भगवान शिव को शहद ,गंगाजल, दही ,दूध के साथ अभिषेक किया। भक्तगण अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए भगवान से मनौतिया मांग रहे थे । भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के साथ ही मंदिर प्रशासन ने भक्तों को बारी-बारी से मंदिर में प्रवेश दिया । मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था काफी कडी रही। जिससे भक्तों को दर्शन के लिए कोई दिक्कत ना हो देर शाम तक मंदिर पर भक्तों की भीड़ जमी रही । दिनभर मंदिरो पर प्रसाद का वितरण किया गया।
- शिकोहाबाद नगर में महाशिवरात्रि पर शिवलियों में भक्तों का सैलाब उमर पड़ा। पूरा नगर शिव के जयकारे से गूंजायमान हो उठा । लोगों ने भक्ति भाव से पूजा अर्चना की। शाम के समय शिवालयों को फूल बंगला से सजाया गया। उसके बाद भगवान का 56 प्रकार के भोग लगाये गये। रविवार को नगर के प्राचीन मंदिर चौमुखी lमहादेव मंदिर, टूइया वाले मंदिर , हीरा नगर के शिव मंदिर, गंगेश्वर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों पर सुबह 4:00 बजे से ही भक्तों का सैलाब उमर पड़ा । कबाड़ियों ने गंगा से जल चढ़ाकर भगवान का अभिषेक किया। महिलाएं और बच्चे ने सुबह भगवान शिव को शहद ,गंगाजल, दही ,दूध के साथ अभिषेक किया। भक्तगण अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए भगवान से मनौतिया मांग रहे थे । भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के साथ ही मंदिर प्रशासन ने भक्तों को बारी-बारी से मंदिर में प्रवेश दिया । मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था काफी कडी रही। जिससे भक्तों को दर्शन के लिए कोई दिक्कत ना हो देर शाम तक मंदिर पर भक्तों की भीड़ जमी रही । दिनभर मंदिरो पर प्रसाद का वितरण किया गया।2
- महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बटेश्वर धाम से जलाभिषेक कर लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ रविवार को हादसा हो गया। थाना नसीरपुर क्षेत्र के बटेश्वर रोड स्थित नौरंगी घाट के पास एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से तीनों युवक लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। घायलों में दो की हालत नाजुक बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना जसराना क्षेत्र के ग्राम नंगला झाल निवासी अभिषेक (पुत्र अज्ञात), दुर्गेश (पुत्र अज्ञात) और नंगला जाट निवासी कुलदीप बाइक पर सवार होकर बटेश्वर से कांवड़ चढ़ाकर वापस अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक नसीरपुर क्षेत्र के नौरंगी घाट के पास पहुँची, तभी सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में परिजनों ने घायलों को शिकोहाबाद के जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने कुलदीप और दुर्गेश की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर (मेडिकल कॉलेज) रेफर कर दिया है। परिजनों का बयान अस्पताल में मौजूद घायल दुर्गेश के एक परिजन ने बताया बच्चे खुशी-खुशी भोले बाबा का जलाभिषेक करने गए थे। हमें क्या पता था कि लौटते समय रास्ते में यह अनहोनी हो जाएगी। सूचना पाकर घायल के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद के साती गांव में स्थित शांतेश्वर नाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि आस्था, तपस्या और चमत्कारों का जीवंत प्रतीक है। यह मंदिर अपने पौराणिक इतिहास, अद्भुत मान्यताओं और सकारात्मक ऊर्जा के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।1
- Post by लक्ष्यसीमा पत्रिका (LSNNEWS)1
- सड़क हादसे में पुलिस विभाग में तैनात एक सिपाही की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना थाना नारखी क्षेत्र के जोधरी पुलिया के पास की है, जहां एक मोटरसाइकिल सवार युवक हादसे का शिकार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।1
- #Crime news #savdhan india1
- सड़क हादसे में शहीद सिपाही केशव देव यादव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार फतेहाबाद। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सिपाही केशव देव यादव का पार्थिव शरीर रविवार दोपहर थाना फतेहाबाद क्षेत्र के उनके पैतृक गांव अहीरपुरा पहुंचा। जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। ग्रामीणों, रिश्तेदारों और पुलिस विभाग के अधिकारियों व जवानों की बड़ी संख्या अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी। हर आंख नम थी और परिजन रो-रोकर बेहाल थे। सिपाही केशव देव यादव वर्तमान में जिला अलीगढ़ सासनी गेट थाना में तैनात थे। उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, मृतक सिपाही अपने पीछे तीन वर्षीय पुत्र देव और चार माह की पुत्री देवेसी को छोड़ गए हैं। उनकी शादी चार वर्ष पूर्व रचना से हुई थी। बताया जा रहा है कि वह रिश्तेदारी में एक शादी समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। गौरतलब है कि शनिवार शाम फिरोजाबाद के गोंदई गांव के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस बल की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस कर्मियों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। इस दौरान एसीपी फतेहाबाद अनिल कुमार एवं थाना प्रभारी फतेहाबाद तरुण धीमान मौजूद रहे और दिवंगत सिपाही को श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। पुलिस अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुटी है। गांव अहीरपुरा में हर व्यक्ति दिवंगत सिपाही को नम आंखों से याद कर रहा है।1
- महाशिवरात्रि के महापर्व पर शनिवार को सिरसागंज क्षेत्र के करहरा स्थित सुप्रसिद्ध 'सामौर बाबा धाम' महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। मंदिर परिसर में आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर क्षेत्र के 51 दंपतियों (जोड़ों) ने सामूहिक रूप से भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ अभिषेक सुबह से ही धाम पर श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। मंदिर के मुख्य पुजारी और विद्वान आचार्यों के सानिध्य में रुद्राभिषेक का अनुष्ठान विधिवत संपन्न हुआ। केसरिया और पारंपरिक परिधानों में सजे 51 जोड़ों ने एक साथ बैठकर भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और गन्ने के रस से अभिषेक किया। मंत्रोच्चार की ध्वनि और डमरूओं की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। भक्तों की अटूट आस्था कार्यक्रम के दौरान मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से भव्य रूप से सजाया गया था। रुद्राभिषेक के बाद सामूहिक आरती का आयोजन हुआ और बाबा को विशेष भोग लगाया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि सामौर बाबा धाम की मान्यता है कि यहाँ जो भी भक्त सच्चे मन से अभिषेक करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आयोजक का बयान आयोजन समिति के मुख्य सेवादार ने बताया महाशिवरात्रि के अवसर पर लोक कल्याण और क्षेत्र की खुशहाली के लिए इस सामूहिक रुद्राभिषेक का संकल्प लिया गया था। 51 जोड़ों ने जिस श्रद्धा के साथ इस अनुष्ठान में भाग लिया, वह अद्भुत है। हम चाहते हैं कि हमारी संस्कृति और अध्यात्म की यह धारा इसी तरह बहती रहे। भीड़ को देखते हुए धाम परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। वालंटियर्स और पुलिस प्रशासन की मदद से श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराए गए।1