तेंदूखेड़ा के उसी ‘खौफनाक’ पेड़ पर अब लटका मिला पुतला, अंधविश्वास या शरारत? तेंदूखेड़ा (वार्ड क्रमांक 09 में एक पुराने पेड़ पर इंसान के आकार का पुतला लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि इसी स्थान पर हाल ही में एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद से स्थानीय लोगों के बीच डर और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। जिस पेड़ से जुड़ी हैं दर्दनाक घटनाएं स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस पेड़ और इसके आसपास के क्षेत्र में पहले भी आत्महत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में उसी पेड़ पर इंसानी रूप जैसा पुतला लटका मिलने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। कुछ ग्रामीण इसे अंधविश्वास, टोने-टोटके या तांत्रिक गतिविधि से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोगों का मानना है कि किसी शरारती व्यक्ति ने जानबूझकर लोगों में भय पैदा करने के उद्देश्य से यह पुतला लटकाया होगा। हालांकि, अभी तक इसकी वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। दूर से देखने पर इंसान जैसा नजर आता है पुतला पेड़ की मोटी डाल से लटकाए गए पुतले को इस तरह तैयार किया गया है कि दूर से देखने पर वह किसी व्यक्ति के शव जैसा दिखाई देता है। पुतले को लाल रंग की महिलाओं वाली ऊनी बनियान/थर्मल पहनाई गई है। इसके नीचे पैंट और पैरों में जूते भी पहनाए गए हैं। सिर के स्थान पर मिट्टी की मटकी लगाई गई है, जबकि उसके चेहरे को कपड़े से पूरी तरह ढका गया है। इस वजह से दूर से देखने पर दृश्य बेहद डरावना नजर आता है। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग घटना सामने आने के बाद वार्ड के लोगों में भय के साथ-साथ आक्रोश भी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान से पहले ही दुखद घटनाएं जुड़ी रही हैं, वहां इस तरह का पुतला लटकाना लोगों की मानसिक शांति और इलाके के माहौल को प्रभावित कर सकता है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि पुतला किसने, कब और किस उद्देश्य से यहां लटकाया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इसके पीछे अंधविश्वास से जुड़ी कोई गतिविधि है या फिर किसी शरारती तत्व की करतूत। मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
तेंदूखेड़ा के उसी ‘खौफनाक’ पेड़ पर अब लटका मिला पुतला, अंधविश्वास या शरारत? तेंदूखेड़ा (वार्ड क्रमांक 09 में एक पुराने पेड़ पर इंसान के आकार का पुतला लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि इसी स्थान पर हाल ही में एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद से स्थानीय लोगों के बीच डर और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। जिस पेड़ से जुड़ी हैं दर्दनाक घटनाएं स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस पेड़ और इसके आसपास के क्षेत्र में पहले भी आत्महत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में उसी पेड़ पर इंसानी रूप जैसा पुतला लटका मिलने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। कुछ ग्रामीण इसे अंधविश्वास, टोने-टोटके या तांत्रिक गतिविधि से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोगों का मानना है कि किसी शरारती व्यक्ति ने जानबूझकर लोगों में भय पैदा करने के उद्देश्य से यह पुतला लटकाया होगा। हालांकि, अभी तक इसकी वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। दूर से देखने पर इंसान जैसा नजर आता है पुतला पेड़ की मोटी डाल से लटकाए गए पुतले को इस तरह तैयार किया गया है कि दूर से देखने पर वह किसी व्यक्ति के शव जैसा दिखाई देता है। पुतले को लाल रंग की महिलाओं वाली ऊनी बनियान/थर्मल पहनाई गई है। इसके नीचे पैंट और पैरों में जूते भी पहनाए गए हैं। सिर के स्थान पर मिट्टी की मटकी लगाई गई है, जबकि उसके चेहरे को कपड़े से पूरी तरह ढका गया है। इस वजह से दूर से देखने पर दृश्य बेहद डरावना नजर आता है। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग घटना सामने आने के बाद वार्ड के लोगों में भय के साथ-साथ आक्रोश भी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान से पहले ही दुखद घटनाएं जुड़ी रही हैं, वहां इस तरह का पुतला लटकाना लोगों की मानसिक शांति और इलाके के माहौल को प्रभावित कर सकता है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि पुतला किसने, कब और किस उद्देश्य से यहां लटकाया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इसके पीछे अंधविश्वास से जुड़ी कोई गतिविधि है या फिर किसी शरारती तत्व की करतूत। मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
- तेंदूखेड़ा के उसी ‘खौफनाक’ पेड़ पर अब लटका मिला पुतला, अंधविश्वास या शरारत? तेंदूखेड़ा (वार्ड क्रमांक 09 में एक पुराने पेड़ पर इंसान के आकार का पुतला लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि इसी स्थान पर हाल ही में एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद से स्थानीय लोगों के बीच डर और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। जिस पेड़ से जुड़ी हैं दर्दनाक घटनाएं स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस पेड़ और इसके आसपास के क्षेत्र में पहले भी आत्महत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में उसी पेड़ पर इंसानी रूप जैसा पुतला लटका मिलने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। कुछ ग्रामीण इसे अंधविश्वास, टोने-टोटके या तांत्रिक गतिविधि से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोगों का मानना है कि किसी शरारती व्यक्ति ने जानबूझकर लोगों में भय पैदा करने के उद्देश्य से यह पुतला लटकाया होगा। हालांकि, अभी तक इसकी वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। दूर से देखने पर इंसान जैसा नजर आता है पुतला पेड़ की मोटी डाल से लटकाए गए पुतले को इस तरह तैयार किया गया है कि दूर से देखने पर वह किसी व्यक्ति के शव जैसा दिखाई देता है। पुतले को लाल रंग की महिलाओं वाली ऊनी बनियान/थर्मल पहनाई गई है। इसके नीचे पैंट और पैरों में जूते भी पहनाए गए हैं। सिर के स्थान पर मिट्टी की मटकी लगाई गई है, जबकि उसके चेहरे को कपड़े से पूरी तरह ढका गया है। इस वजह से दूर से देखने पर दृश्य बेहद डरावना नजर आता है। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग घटना सामने आने के बाद वार्ड के लोगों में भय के साथ-साथ आक्रोश भी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान से पहले ही दुखद घटनाएं जुड़ी रही हैं, वहां इस तरह का पुतला लटकाना लोगों की मानसिक शांति और इलाके के माहौल को प्रभावित कर सकता है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि पुतला किसने, कब और किस उद्देश्य से यहां लटकाया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इसके पीछे अंधविश्वास से जुड़ी कोई गतिविधि है या फिर किसी शरारती तत्व की करतूत। मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।1
- कोतवाली, पथरिया, रनेह, मडियादो और पटेरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, अवैध शराब पर बड़ा प्रहार1
- संत रविदास जयंती पर संकल्प अभियान एवं कलश यात्रा का आयोजन,काशी की पवित्र मिट्टी लेकर बहोरीबंद पहुंची कलश यात्रा, नवीन मंदिर निर्माण की उठी मांग कटनी/बाकल। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित संकल्प अभियान एवं कलश यात्रा सोमवार को बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र पहुंची। गुरु रविदास जी की जन्मस्थली काशी (वाराणसी) से पवित्र मिट्टी कलशों में भरकर देश के विभिन्न राज्यों, जिलों एवं गांवों तक पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र पहुंची कलश यात्रा का पटोरी चौराहा स्थित संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के मंदिर में ग्रामवासियों द्वारा भव्य स्वागत एवं वंदन किया गया। कन्याओं ने कलश रखकर यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने संत रविदास जी के विचारों और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को याद किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य संत रविदास जी के समानता, सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने संत रविदास महाराज के लिए नवीन मंदिर निर्माण की मांग भी रखी। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान मंदिर काफी पुराना एवं जर्जर अवस्था में है, इसलिए यहां नवीन मंदिर का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम में सेक्टर इंजीनियर सुशील कुमार साहू, बाकल थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दिनेश तिवारी, कमल यादव, राकेश रजक, इंद्र कुमार व्यवहार, पीसीओ, भाजपा अनुसूचित जाति बाकल मंडल अध्यक्ष पवन चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि गोकुल जलसा बाई पटेल, सचिव डालचंद झरिया, सुनील पटेल, कंधी लाल चौधरी, गेंदालाल चौधरी, कमलेश चौधरी, राजू चौधरी, वार्ड पंच रम्मू चौधरी, हालू चौधरी, फागुराम चौधरी एवं विजय चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया।4
- बकौली चौराहा पर रात में लगा भीषण जाम, एक घंटे की मशक्कत के बाद यातायात पुलिस ने संभाला मोर्चा, वीडियो आया सामने दमोह। शहर में बेतरतीब यातायात व्यवस्था के चलते आए दिन घंटाघर, बकौली चौराहा, सराफा बाजार और पुराना थाना मार्ग सहित प्रमुख बाजार क्षेत्रों में जाम के हालात बन रहे हैं। रविवार रात बकौली चौराहा क्षेत्र में भी अचानक जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलते ही यातायात थाना प्रभारी दलवीर सिंह मार्को पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने करीब एक घंटे तक मशक्कत कर वाहनों को व्यवस्थित कराया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका और लोगों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि दिन के समय बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहती है, लेकिन रात में इन वाहनों की आवाजाही शुरू होने से भी कई बार यातायात का दबाव बढ़ जाता है। वहीं, जाम में फंसे लोगों का वीडियो सोमवार सुबह 7 बजे से सोशल मीडिया पर सामने आया, जो तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों ने शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं।1
- पटेरा रोड और मुक्तिधाम की समस्या को लेकर ग्राम पंचायत सिंगपुर ग्राम रामपुरा निवासियों ने जनपद पहुंचकर दिया ज्ञापन1
- जहरीली शराब से 11 मौतों पर राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी बोले- घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई जहरीली शराब से 11 मौतों पर राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी बोले- घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई दमोह। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से 11 लोगों की मौत के मामले में संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मस्व राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी की प्रतिक्रिया सामने आई है। रविवार देर शाम दमोह शहर के वर्धमान प्लाजा के उद्घाटन समारोह में शामिल होने पहुंचे राज्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा के दौरान घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। राज्यमंत्री लोधी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जरूरी है और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की भविष्य में पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों तक पहुंचना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके। बता दें कि सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने के बाद 11 लोगों की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- घमापुर की टोरिया पहाड़ी पर छात्रों की ‘तालिबानी सजा’! बेल्ट-चप्पलों से बेरहमी, वीडियो वायरल जबलपुर | घमापुर थाना क्षेत्र वायरल वीडियो में कुछ युवक दो छात्रों को घेरकर उनके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि छात्रों को अर्धनग्न कर बेल्ट और चप्पलों से पीटा गया। वीडियो में दोनों छात्र हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाते भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और घटना की पूरी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। आखिर किसी को कानून हाथ में लेकर ‘सजा’ देने का अधिकार किसने दिया? मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई। #Jabalpur #Ghampur #ToriyaPahadi #BreakingNews #ViralVideo #StudentSafety #CrimeNews #MadhyaPradesh #JabalpurNews #LawAndOrder #घमापुर #जबलपुर #ब्रेकिंगन्यूज़ #वायरलवीडियो #छात्रोंकीसुरक्षा #कानूनव्यवस्था #NewsUpdate #MPNews #CrimeNews2
- 🔴 जबलपुर | सीनियर छात्रों पर 2 नाबालिगों से मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल जबलपुर में स्कूल छात्रों के बीच वर्चस्व को लेकर दो नाबालिग छात्रों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने दोनों नाबालिगों को सिद्ध बाबा पहाड़ी पर बुलाया और उनके साथ मारपीट की। वायरल वीडियो में पीड़ित छात्रों के साथ बेल्ट से मारपीट और बाल पकड़कर घसीटने के दृश्य सामने आए हैं। वीडियो में दोनों छात्र हाथ जोड़कर उन्हें छोड़ने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्र 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं, जबकि मारपीट के आरोप में शामिल छात्र 12वीं कक्षा के बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद घमापुर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल छात्रों की पहचान कर रही है। पुलिस के अनुसार, कुछ लड़कों की पहचान की जा चुकी है और मामले की जांच जारी है। 📍 स्थान: जबलपुर, मध्य प्रदेश 🎙️ Report: Deepak Vishwakarma सच तक पत्रिका NEWS — हर खबर सच के साथ1
- 🚨 बंडा जहरीली शराब कांड: 5 मौतें, 20+ अस्पताल में! गुगरा कला पहुंचे जीतू पटवारी | Ground Report 🚨 बंडा जहरीली शराब कांड: गुगरा कला से ग्राउंड रिपोर्ट | 5 मौतें, 20+ अस्पताल में भर्ती! सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र के गुगरा कला गांव में जहरीली शराब की त्रासदी ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक गांव से 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं। जब मैं गांव पहुंचा, उस समय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान मेरी मुलाकात गांव के एक बुजुर्ग से हुई, जिन्होंने इस घटना को लेकर प्रशासन और सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं जीतू पटवारी ने भी प्रशासन द्वारा बताए जा रहे मौतों के आंकड़े पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए। ❓ जहरीली शराब गांव तक पहुंची कैसे? ❓ शराब की बिक्री पर पहले रोक क्यों नहीं लगी? ❓ मौतों का वास्तविक आंकड़ा क्या है? ❓ इस पूरे मामले में जिम्मेदार कौन है? ❓ क्या जांच सिर्फ छोटे आरोपियों तक सीमित रहेगी या पूरे नेटवर्क तक पहुंचेगी? 🎥 देखिए गुगरा कला से मेरी ग्राउंड रिपोर्ट, जहां हमने पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों की आवाज को सामने लाने की कोशिश की है। 📌 नोट: वीडियो में स्थानीय लोगों और राजनीतिक नेताओं द्वारा कही गई बातें उनके बयान/आरोप हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। अगर आपको लगता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए, तो वीडियो को LIKE करें, COMMENT में अपनी राय बताएं और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक SHARE करें।1