गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुल्हाड़ीघाट कैंप से 10 किलोमीटर दूर दड़ईपानी जंगल क्षेत्र में एक बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई की गई है। एफ/65 बटालियन सीआरपीएफ, जिला पुलिस बल और बीडीएस टीम की संयुक्त पार्टी सर्च अभियान पर निकली थी, जिसके दौरान उन्हें नक्सलियों द्वारा छिपाए गए एक संदिग्ध डंप का पता चला। यह डंप, जिसमें माओवादियों द्वारा विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, 12 जून 2026 को दोपहर 12:25 बजे बरामद किया गया। बरामद की गई सामग्री में 15 मीटर कमर्शियल कॉर्डेक्स वायर, 1.5 किलोग्राम गन पाउडर, जिलेटिन रॉड, लगभग 4 किलोग्राम का एक कुकर आईईडी, लगभग 5 किलोग्राम का एक टिफिन आईईडी, छह बीजीएल राउंड, एक एयर गन, एक इंटरसेप्टर, एक इंसास मैगजीन के साथ-साथ दवाइयां और दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री शामिल थी। बीडीएस टीम ने मौके पर ही इन आईईडी बमों और अन्य विस्फोटक सामग्री को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। यह संयुक्त कार्रवाई नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुल्हाड़ीघाट कैंप से 10 किलोमीटर दूर दड़ईपानी जंगल क्षेत्र में एक बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई की गई है। एफ/65 बटालियन सीआरपीएफ, जिला पुलिस बल और बीडीएस टीम की संयुक्त पार्टी सर्च अभियान पर
निकली थी, जिसके दौरान उन्हें नक्सलियों द्वारा छिपाए गए एक संदिग्ध डंप का पता चला। यह डंप, जिसमें माओवादियों द्वारा विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, 12 जून 2026 को दोपहर 12:25 बजे बरामद किया गया। बरामद की गई सामग्री में 15
मीटर कमर्शियल कॉर्डेक्स वायर, 1.5 किलोग्राम गन पाउडर, जिलेटिन रॉड, लगभग 4 किलोग्राम का एक कुकर आईईडी, लगभग 5 किलोग्राम का एक टिफिन आईईडी, छह बीजीएल राउंड, एक एयर गन, एक इंटरसेप्टर, एक इंसास मैगजीन के साथ-साथ दवाइयां और दैनिक
उपयोग की अन्य सामग्री शामिल थी। बीडीएस टीम ने मौके पर ही इन आईईडी बमों और अन्य विस्फोटक सामग्री को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। यह संयुक्त कार्रवाई नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
- गरियाबंद जिला प्रशासन के तत्वावधान में आज ऑक्शन हॉल में बेरोजगार युवा/युवतियों और स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय भव्य करियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिले के कलेक्टर बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, वनमंडलाधिकारी शशिगानंद, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन, अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर, डीएसपी गरिमा दादर और जिला वन अधिकारी (डीएफओ) ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया, जिसमें काफी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने सुनहरे भविष्य की राह चुनने के लिए एकत्रित हुए थे। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सफलता के लिए कोई शॉर्टकट न होने की बात कही और उन्हें समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) का महत्व समझाया। उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार करियर का चुनाव करने की सलाह दी और एक बार लक्ष्य निर्धारित होने के बाद सोशल मीडिया व अन्य भटकाव वाली चीजों से दूर रहकर पूरी एकाग्रता से पढ़ाई करने पर जोर दिया। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन सबसे जरूरी है। उन्होंने खाकी और सिविल सर्विसेज में आने की इच्छा रखने वाले छात्रों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी, साथ ही असफलता से न डरने, बल्कि उससे सीखकर दोगुनी ताकत से प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। सेमिनार के अंतिम चरण में एक खुला संवाद (ओपन सेशन) आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अधिकारियों से सीधे सवाल पूछे। छात्रों ने तनाव से निपटने और तैयारी कब शुरू करें जैसे प्रश्न किए, जिनका अधिकारियों ने बेहद सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के साथ जवाब देकर उनकी सभी शंकाओं को दूर किया।1
- बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में जिम संचालक निखिल गोस्वामी की हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों में से एक व्यक्ति मृतक की अपनी पत्नी से बातचीत को लेकर नाराज था। इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने पहले निखिल की आंखों में मिर्च पाउडर झोंका और फिर बेरहमी से उसकी पिटाई कर बड़े पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। इस मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस भी निकाला। इसके उपरांत, सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हत्या में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के अतरमुड़ा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक मकान में चल रहे कथित देह व्यापार के धंधे का भंडाफोड़ किया है। रायगढ़ एसपी के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने छापेमारी कर मौके से कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 4 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। पुलिस को लंबे समय से इस मकान में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें कई अहम सबूत भी बरामद किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, जिस्मफरोसी का यह धंधा किराए के मकान में संचालित हो रहा था। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।1
- खरोरा के ग्राम भालेसूर में नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। ग्राम के नवनिर्वाचित सरपंच नवीन कुमार वर्मा के मार्गदर्शन और निगरानी में गठित महिला संगठन ने गांव में जागरूकता रैली निकाली और नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया। इस दौरान महिलाओं ने गांव को नशामुक्त करने तथा अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का संकल्प लिया। अभियान के तहत आयोजित एक बैठक में अवैध शराब की बिक्री, चौक-चौराहों पर खुलेआम शराब का सेवन, सार्वजनिक स्थलों पर नशाखोरी और दुकानों में डिस्पोजल व पानी की आड़ में होने वाली अवैध गतिविधियों जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। महिला समूह ने निर्णय लिया है कि वे प्रतिदिन संगठित होकर गांव के विभिन्न मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों की निगरानी करेंगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पंचायत एवं संबंधित विभाग को देंगी। सरपंच नवीन कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है, और गांव को नशामुक्त बनाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। इस पहल में नीलेश्वरी धुरंधर, प्रभा वर्मा, वृंदा वर्मा, पिंकी ध्रुव, शिवकुमारी ध्रुव, चमेली वर्मा, कृष्णाबाई वर्मा, ईश्वरी रजक, प्रमिला टंडन, हीराबाई वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल थीं। सभी ने एकजुट होकर अपने गांव को नशामुक्त, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया है।4
- कोंडागांव से सामने आई खबर के अनुसार, वहाँ आदिवासियों को उनके जंगल से बेदखल किया जा रहा है। उन्हें जंगल से बाहर निकालने के लिए यह तर्क दिया जा रहा है कि उन्होंने 'औषधीय कब्जा' कर रखा है।1
- पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव का बलौदा बाजार आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। मोतीलाल वर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस स्वागत कार्यक्रम में पंडित रामसागर शुक्ला ने शंखनाद किया, वहीं महिलाओं ने आरती उतारकर उनका अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़ते हुए, गाजे-बाजे, गुलाल और फूल-मालाओं के साथ 'जिंदाबाद' के नारे लगाकर सिंहदेव का जोरदार स्वागत किया। सिंहदेव महिंद्रा ट्रैक्टर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने बलौदा बाजार पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदेश में बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त की, जिसके चलते आम जनता को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा किए गए कई वादों के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए। इस कार्यक्रम में महेंद्र कुमार वर्मा (जनपद सदस्य), प्रवीण धुरंधर, वीरेंद्र महेश्वरी, दीपक नायक, भोला वर्मा, राकेश ध्रुव, रामकुमार साहू, संदीप साहू, राकेश वैष्णव, सुमित्रा घृतलहरे, खिलेंद्र वर्मा, संतोष वर्मा, घनश्याम वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।1
- बलरामपुर जिले की सरहद पर बसंतपुर पुलिस ने एंड-टू-एंड कार्रवाई करते हुए लगभग 10.5 करोड़ रुपये का अवैध मादक पदार्थ गांजा और इसमें संलिप्त एक टाटा ट्रक जब्त किया है। पुलिस ने ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे कुल 1941.110 किलोग्राम गांजे को बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही, इस तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे टाटा ट्रक (16 चक्का वाहन) को भी जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई में दो अंतरराज्यीय तस्करों को भारी मात्रा में गांजे के साथ गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जो दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश राज्य के निवासी हैं। बलरामपुर पुलिस ने इस अभियान को गांजा तस्करी करने वाले मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में एक बड़ी सफलता बताया है। गिरफ्तार आरोपियों में से लोकेश शर्मा, थाना बसंतपुर में दर्ज एक अन्य मामले (अपराध क्रमांक 93/2026, धारा 20 (बी) एनडीपीएस एक्ट) में भी नामजद आरोपी है। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा दीपक कुमार झा (भा.पु.से.) और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर (भा.पु.से.) के कुशल मार्गदर्शन में, बलरामपुर पुलिस उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्त और एम.सी.पी. की कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारियों को मादक पदार्थों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने और इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले, दिनांक 29/12/2025 को भी थाना बसंतपुर पुलिस ने एक टाटा ट्रक में नारियल भूसी के भीतर छिपाकर ओडिशा से राजस्थान ले जाए जा रहे 1198.460 किलोग्राम गांजे को बरामद किया था और तीन आरोपियों सहित ट्रक को जब्त किया था। उस मामले में थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 228/2025, धारा 20 (बी) (ii) (सी) एनडीपीएस एक्ट दर्ज किया गया था। इस प्रकरण की विवेचना और एंड-टू-एंड कार्रवाई के दौरान ही पुलिस को मुख्य आरोपियों की तलाश में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की लगातार जानकारी मिल रही थी। इसी तारतम्य में, दिनांक 11/06/2026 की दरमियानी रात निरीक्षक जितेंद्र सोनी, थाना प्रभारी बसंतपुर को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सूचना मिली कि आरोपी लोकेश शर्मा आसपास ही है और संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने की फिराक में है। इसके बाद, रात्रि लगभग 02:30-03:00 बजे एक टाटा ट्रक वाहन क्रमांक RJ 14 GU 9078 आते हुए दिखा, जिसे थाना बसंतपुर के पास रोक कर तलाशी ली गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी लोकेश शर्मा पिता हरिश्चंद शर्मा (उम्र 46 वर्ष, निवासी जरोधापाड़ा, थाना बड़गांव, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और आमिष अंसारी पिता कल्लू अंसारी (उम्र 23 वर्ष, निवासी बड़ीकला, थाना छापर, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) हैं। बलरामपुर पुलिस ने 1941.110 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त करने की इस कार्रवाई को अपनी अब तक की सबसे बड़ी सफलता बताया है।4
- गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुल्हाड़ीघाट कैंप से 10 किलोमीटर दूर दड़ईपानी जंगल क्षेत्र में एक बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई की गई है। एफ/65 बटालियन सीआरपीएफ, जिला पुलिस बल और बीडीएस टीम की संयुक्त पार्टी सर्च अभियान पर निकली थी, जिसके दौरान उन्हें नक्सलियों द्वारा छिपाए गए एक संदिग्ध डंप का पता चला। यह डंप, जिसमें माओवादियों द्वारा विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, 12 जून 2026 को दोपहर 12:25 बजे बरामद किया गया। बरामद की गई सामग्री में 15 मीटर कमर्शियल कॉर्डेक्स वायर, 1.5 किलोग्राम गन पाउडर, जिलेटिन रॉड, लगभग 4 किलोग्राम का एक कुकर आईईडी, लगभग 5 किलोग्राम का एक टिफिन आईईडी, छह बीजीएल राउंड, एक एयर गन, एक इंटरसेप्टर, एक इंसास मैगजीन के साथ-साथ दवाइयां और दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री शामिल थी। बीडीएस टीम ने मौके पर ही इन आईईडी बमों और अन्य विस्फोटक सामग्री को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। यह संयुक्त कार्रवाई नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।4