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बाड़मेर के सेड़वा में भाजपा के निर्णय की सराहना करते हुए गर्व से कहा गया है कि किसी मंडल अध्यक्ष को विधायक (MLA) का टिकट दिया जाना केवल भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा खाली की गई सीट और आदरणीय श्री नितिन नबीन जी का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।
खटक न्यूज सेड़वा
बाड़मेर के सेड़वा में भाजपा के निर्णय की सराहना करते हुए गर्व से कहा गया है कि किसी मंडल अध्यक्ष को विधायक (MLA) का टिकट दिया जाना केवल भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा खाली की गई सीट और आदरणीय श्री नितिन नबीन जी का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।
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- आबूरोड के सांतपुर स्थित एक स्कूल के सामने बने गैरेज में रविवार को अचानक शॉर्ट सर्किट होने के कारण वहाँ खड़ी एक बाइक में आग लग गई। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद तुरंत इसकी सूचना नगर पालिका के दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही नगर पालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और तत्परता से कार्रवाई करते हुए समय रहते आग पर काबू पा लिया। दमकल कर्मियों की सतर्कता से आग को अन्य वाहनों और आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोक लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। इस दमकल अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने में फायर कर्मी जितेन्द्र खराड़िया, नवीन कुमार, गौतम बंजारा एवं कमलेश मारू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।4
- पाली के सुमेरपुर उपखंड के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बलाना में '1 करोड़ 1 सीड बॉल क्रांति शंखनाद' और 'एक व्यक्ति-एक पौधा मिशन राजस्थान' के तहत सीड बॉल महाअभियान का आयोजन किया गया। इस महाअभियान के दौरान स्कूल परिवार द्वारा तैयार की गई 3,600 सीड बॉल की जमकर सराहना की गई और स्कूल को 'सीड बॉल वीर प्रशस्ति-पत्र' देकर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य पूरण कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में ग्रीन आर्मी मैन और पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत, हार्टफुलनेस संस्था के जिला समन्वयक सीए चेतन अरोड़ा, सेवानिवृत्त वनपाल पन्नालाल वेराजेतपुरा और समाजसेवी रावाराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान सीए चेतन अरोड़ा ने विद्यार्थियों को ध्यान और योग का अभ्यास कराया। ग्रीन आर्मी मैन ओमप्रकाश कुमावत ने 'घर का बीज, जंगल पहुंचाओ' महाअभियान के तहत राजस्थान और देशभर में कार्यशालाओं के जरिए लोगों को सीड बॉल बनाने के लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि आगामी पांच वर्षों में 1 करोड़ 1 सीड बॉल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सीए चेतन अरोड़ा ने पाली, सिरोही और जालोर जिलों के सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण देकर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने की बात कही। मिशन के तहत अब तक 8 हजार से अधिक बीज सीड बॉल के माध्यम से जंगलों तक पहुंचाए जा चुके हैं, और बलाना स्कूल परिवार ने भी 21 हजार सीड बॉल तैयार कर मिशन को समर्पित करने का संकल्प लिया है। इस कार्यक्रम में मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, पूरण सिंह, राजेंद्र सिंह, रेखा सुथार, जीवाराम, राकेश कुमार, रणधीर सिंह, मांगीलाल, ईश्वर सिंह, हरिराम, विरधाराम, हरिकमल, मोटाराम, सुरेंद्र सिंह, गणपत कुमार, सुरेश कुमार, अरुणा, पिंटू कुमार, गौरव सहित स्कूल परिवार के कार्मिक उपस्थित रहे।3
- सिरोही में स्कूलों में ताले लटकने का सिलसिला जारी है, जिससे शिक्षा के मंदिर में बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। पहले वासा और अब नागानी के स्कूलों में ताले लटके होने के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा जी के अनुसार, यह लापरवाही बेहद गंभीर है। अब प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि आखिर कब तक स्कूलों में इसी तरह ताले लटकते रहेंगे और प्रशासन कब जागेगा?1
- पाली जिले के सुमेरपुर उपखंड के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बलाना में आयोजित सीड बॉल महाअभियान के दौरान विद्यालय को "सीड बॉल वीर" प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्रीन आर्मी मैन एवं पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत, हार्टफुलनेस संस्था के जिला समन्वयक सीए चेतन अरोड़ा, सेवानिवृत्त वनपाल पन्नालाल वेराजेतपुरा तथा समाजसेवी रावाराम रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सीए चेतन अरोड़ा द्वारा विद्यार्थियों को ध्यान एवं योग का अभ्यास करवाकर की गई। इसके पश्चात ग्रीन आर्मी मैन ओमप्रकाश कुमावत ने विद्यालय परिवार द्वारा तैयार किए गए 3,600 सीड बॉल की सराहना करते हुए "घर का बीज, जंगल पहुँचाओ" महाअभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं विद्यालय को "सीड बॉल वीर" प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। ओमप्रकाश कुमावत ने बताया कि इस महाअभियान के तहत राजस्थान सहित पूरे भारत में कार्यशालाएँ आयोजित कर लोगों को सीड बॉल निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। इस अभियान के तहत आगामी पाँच वर्षों में एक करोड़ एक सीड बॉल क्रांति संकल्प को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सीए चेतन अरोड़ा ने कहा कि पाली, सिरोही एवं जालोर जिले के समस्त सरकारी व निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को सीड बॉल निर्माण की तकनीकी जानकारी दी जाएगी, ताकि यह जनआंदोलन प्रत्येक विद्यालय तक पहुँचे। मिशन की ओर से अब तक 8,000 से अधिक बीजों को सीड बॉल के माध्यम से जंगलों तक पहुँचाया जा चुका है। प्रधानाचार्य पूरण कुमार ने कहा कि उनके विद्यालय में भी सीड बॉल क्रांति का शुभारंभ हुआ है और विद्यालय परिवार ने 21,000 सीड बॉल बनाकर मिशन को समर्पित करने का संकल्प लिया है। इस अवसर पर मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, पूरण सिंह, राजेंद्र सिंह, रेखा सुथार, जीवाराम, राकेश कुमार, रणधीर सिंह, मांगीलाल, ईश्वर सिंह, हरिराम, विरधाराम, हरिकमल, मोटाराम, सुरेंद्र सिंह, गणपत कुमार, सुरेश कुमार, अरुणा मैडम, पिंटू कुमार एवं गौरव सहित विद्यालय परिवार के कार्मिक उपस्थित रहे।1
- जैसलमेर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इन महिला कार्यकर्ताओं ने हनुमान चौराहे से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद, उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मीडिया से बात करते हुए रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे लगातार कई प्रकार के सरकारी कार्य कराए जाते हैं, लेकिन उसके अनुरूप उन्हें मानदेय नहीं दिया जाता है। पूरी निष्ठा से काम करने के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है। कार्यकर्ताओं ने सरकारों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले आंगनवाड़ी कर्मचारियों से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सरकार बनते ही उन वादों को भुला दिया जाता है। उन्होंने सरकार से मानदेय बढ़ाने, लंबित मांगों का जल्द समाधान करने और सम्मानजनक सुविधाएं देने की मांग की है। साथ ही कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगी।1
- जैसलमेर के पोकरण में पोकरण विधानसभा निजी विद्यालय संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी शाला संबलन आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने इस आदेश को निजी विद्यालयों की स्वायत्तता पर हस्तक्षेप बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। निजी स्कूल संचालकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो प्रदेशभर के निजी विद्यालय संचालक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र के अनेक निजी विद्यालय संचालक मौजूद रहे।1
- कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने राम मंदिर निर्माण और इसके ट्रस्ट के प्रबंधन को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मंदिर की निर्माण लागत, दान में मिली वस्तुओं और ट्रस्ट के ढांचे पर कई तीखे आरोप लगाए। राजपूत ने दावा किया कि राजस्थान के व्यवसायी दिलीप सिंह राठौड़ ने राम मंदिर के लिए मुफ्त में पत्थर देने की पेशकश की थी, लेकिन मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और बाद में ₹500 प्रति स्क्वायर फीट की दर से पत्थर खरीदे। निर्माण लागत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने पहले ₹1 में मंदिर बनाने की बात कही थी, लेकिन अब इसका खर्च ₹2100 करोड़ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सुरेंद्र राजपूत ने इस भारी अंतर पर स्पष्टीकरण की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने दान किए गए आभूषणों पर सवाल दागते हुए पूछा कि सिंधी समाज द्वारा दी गई 200 किलो चांदी की ईंटें और अन्य छोटे आभूषण कहां हैं। उन्होंने निर्मोही अखाड़े के उन पुराने आरोपों का भी हवाला दिया, जिसमें विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर आंदोलन के दौरान ₹1500 करोड़ का चंदा हड़पने का आरोप लगाया गया था। सुरेंद्र राजपूत ने सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और आरएसएस (RSS) ने मिलकर राम मंदिर ट्रस्ट को एक राजनीतिक अड्डा बना दिया है, जिसमें धर्माचार्यों को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शायद धर्माचार्यों को ट्रस्ट में इसलिए जगह नहीं दी गई क्योंकि इन्हें "लूट" मचानी थी।1
- सिरोही में कृष्णगंज के हाईवे पर एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति अचानक किसी जानवर से टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति को उपचार और मेडिकल जांच के लिए आज सिरोही के अस्पताल लाया गया। इसी दौरान अस्पताल पहुंचे एक पत्रकार ने वहां आपातकालीन वार्ड (इमरजेंसी) में तैनात डॉक्टरों की कार्यशैली को लेकर अपना एक व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। पत्रकार ने बताया कि उन्होंने अपनी खून की रिपोर्ट पहले अस्पताल के बड़े डॉक्टर साहब को दिखाई थी, लेकिन उन्हें वह रिपोर्ट समझ में नहीं आई। इसके विपरीत, आपातकालीन सेवा में तैनात एक इंटर्नशिप करने वाले डॉक्टर ने उस रिपोर्ट को तुरंत समझ लिया और इलाज के लिए केवल दो दवाइयां लिखीं, जिससे उन्हें मात्र एक दिन में ही काफी आराम मिल गया। पत्रकार ने डॉक्टर की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि वह डॉक्टर उन्हें पहचानता तक नहीं था, फिर भी उसने अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाई। हालांकि पत्रकार को उस डॉक्टर का नाम मालूम नहीं है, लेकिन उनके इस सेवा भाव को देखकर पत्रकार ने उन्हें दिल से सलाम किया है।1