समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड स्थित राजकीय कृत इंटर विद्यालय मोहिउद्दीन नगर में एक शिकायत के बाद अनुमंडल कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार ने औचक निरीक्षण किया। यह पूरा मामला बीते 2 जून का है, जब परीक्षा के दौरान क्लास रूम में एक टूटा हुआ पंखा गिर गया था। इसके बाद जब विद्यार्थियों ने शोर मचाया, तो शिक्षक तेज नारायण सिंह ने आक्रोश में आकर उन्हें व्यंग्य भरे शब्द कहे थे। इस घटना को लेकर बीस सूत्री कार्यक्रम के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद अनुमंडल प्रशासन विकास पांडे के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक शत्रुघ्न राय, शिक्षक तेज नारायण सिंह और क्लास रूम के बच्चों से पूछताछ की। पूछताछ में शिकायत सही पाई गई और शिक्षकों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। इस पर पदाधिकारी ने उन्हें कड़ी हिदायत देते हुए बच्चों के प्रति कुशल व्यवहार रखने और पठन-पाठन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। इसी दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों ने भी अपनी एक समस्या साझा की। उन्होंने बताया कि स्कूल संचालन के दौरान मैदान में बाहरी बच्चों के खेलने की वजह से कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे सभी शिक्षक डरा और सहमा हुआ महसूस करते हैं। इस पर पदाधिकारी राजीव कुमार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अपने उच्च अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड स्थित राजकीय कृत इंटर विद्यालय मोहिउद्दीन नगर में एक शिकायत के बाद अनुमंडल कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार ने औचक निरीक्षण किया। यह पूरा मामला बीते 2 जून का है, जब परीक्षा के दौरान क्लास रूम में एक टूटा हुआ पंखा गिर गया था। इसके बाद जब विद्यार्थियों ने शोर मचाया, तो शिक्षक तेज नारायण सिंह ने आक्रोश में आकर उन्हें व्यंग्य भरे शब्द कहे थे। इस घटना को लेकर बीस सूत्री कार्यक्रम के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद अनुमंडल प्रशासन विकास पांडे के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक शत्रुघ्न राय, शिक्षक तेज नारायण सिंह और क्लास रूम के बच्चों से पूछताछ की। पूछताछ में शिकायत सही पाई गई और शिक्षकों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। इस पर पदाधिकारी ने उन्हें कड़ी हिदायत देते हुए बच्चों के प्रति कुशल व्यवहार रखने और पठन-पाठन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। इसी दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों ने भी अपनी एक समस्या साझा की। उन्होंने बताया कि स्कूल संचालन के दौरान मैदान में बाहरी बच्चों के खेलने की वजह से कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे सभी शिक्षक डरा और सहमा हुआ महसूस करते हैं। इस पर पदाधिकारी राजीव कुमार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अपने उच्च अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय दशहरा का परिसर बारिश के पानी के कारण पूरी तरह से झील में तब्दील हो गया है। इस जलजमाव के कारण स्कूल में पढ़ाई करना एक बड़ी समस्या बन गया है और सबसे बड़ा संकट यह उत्पन्न हो गया है कि आखिर बच्चे और शिक्षक क्लासरूम तक जाएं तो जाएं कैसे। इस विकट परिस्थिति का सामना करते हुए स्कूल के शिक्षकों और बच्चों को मजबूरन इसी पानी को पार कर क्लासरूम में प्रवेश करना पड़ रहा है। गंदे पानी के बीच से होकर गुजरने के कारण हर समय बड़े हादसे का डर बना रहता है। ऐसी स्थिति में यदि कोई शिक्षक या छात्र फिसल कर गिर जाता है, तो हाथ-पैर टूटना बिल्कुल निश्चित है और इससे भी आगे कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इतनी बड़ी समस्या होने के बावजूद अब तक इस मामले में न तो विभागीय पदाधिकारियों ने कोई संज्ञान लिया है और न ही स्थानीय प्रशासन जागा है। प्रशासन और विभाग इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं और परिसर में इकट्ठे हो चुके पानी की निकासी के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय दशहरा का पूरा परिसर बारिश के पानी के कारण झील में तब्दील हो गया है। इस जलजमाव के बाद अब सबसे बड़ी समस्या यह खड़ी हो गई है कि आखिर क्लासरूम में जाया कैसे जाए। इस कठिन परिस्थिति का सामना करते हुए विद्यालय के शिक्षक और बच्चे मजबूरन इस झील रूपी पानी को पार करके ही अपनी क्लासों में जाने को विवश हैं। इस तरह पानी के बीच से गुजरने के कारण हर वक्त हादसे का डर बना रहता है, जिससे शिक्षकों या बच्चों के हाथ-पैर टूटने या फिर कोई और गंभीर अनहोनी होने की पूरी आशंका बनी हुई है। इस संवेदनशील मामले को लेकर अब तक विभागीय पदाधिकारियों या प्रशासन की नींद नहीं खुली है और वे पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। परिसर में जमा हुए इस पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई भी कदम नहीं उठाया गया है और न ही इस समस्या से उबरने का कोई प्रयास किया जा रहा है।1
- पटना के बाढ़ में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में गवाही देने पहुंचे माता-पिता और वकील का बयान दर्ज कर लिया गया है।1
- समस्तीपुर के विद्यापतिनगर थाने में तैनात दरोगा शक्ति सिंह को अनुशासनहीनता और अपराधियों के साथ मिलीभगत के आरोपों में निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बिहार पुलिस की वर्दी को कलंकित करते हुए एक गंभीर आपराधिक मामले के आरोपी को बचाने का प्रयास किया। मामला बंगराहा निवासी रामप्रीत यादव के पुत्र इशांत उर्फ छोटू के अपहरण और हत्या से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि दरोगा शक्ति सिंह ने न केवल आरोपी को बचाने में सीधी मदद की, बल्कि उसके लिए आवेदन तक लिखवाया। इसके अतिरिक्त, दरोगा द्वारा पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई को ही गलत ठहराने का प्रयास किया जा रहा था। इन गंभीर आरोपों के संज्ञान में आने के बाद एसपी ने शक्ति सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। इस सिलसिले में शुक्रवार की शाम 'Let's Inspire Bihar' के बैनर तले एक पैदल यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने तुर्क-अफगान सेनापति बख्तियार खिलजी के नाम पर शहर के नामकरण का कड़ा विरोध जताया और इसे बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग दोहराई। आयोजकों का कहना है कि यह मांग काफी समय से उठाई जा रही है और अब इसे एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी इस पैदल यात्रा में नगर परिषद के चेयरमैन पवन सिंह, संजय यादवेंदु, टुली सिंह, पप्पू डॉन, विद्या विनोद प्रेमी, मोहित सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक कुमार, हैप्पी राणा, अभय और सौरव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाना है। उन्होंने भविष्य में भी इस विषय पर जनजागरण अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है। फिलहाल बख्तियारपुर का नाम बदलने को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है।1
- समस्तीपुर में महज एक घंटे की बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की बदहाली को उजागर कर दिया है। शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद काशीपुर, विवेक विहार, आजाद नगर, आदर्श नगर, सरोजनी गली और बारह पत्थर जैसे कई मोहल्लों की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और उन्हें आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भाकपा माले के जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर नगर निगम की लापरवाही और भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि जलनिकासी, सड़क और नाला निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे खोखले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत इन सरकारी दावों के बिल्कुल विपरीत है, क्योंकि शहर की सड़कें पहली ही बारिश में तालाब का रूप ले लेती हैं। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मांग की है कि जिलाधिकारी इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाएं। उन्होंने इस भ्रष्टाचार में शामिल नगर निगम के आयुक्त, मेयर, उपमेयर, संबंधित पार्षदों, जेई और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर जोर दिया है। साथ ही, उन्होंने शहर के निवासियों को इस समस्या से स्थायी रूप से मुक्ति दिलाने के लिए तत्काल प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- पटना जिले के बेलछी में हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई मकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। इस अभियान के कारण प्रभावित परिवारों के बीच हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।3
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड स्थित राजकीय कृत इंटर विद्यालय मोहिउद्दीन नगर में एक शिकायत के बाद अनुमंडल कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार ने औचक निरीक्षण किया। यह पूरा मामला बीते 2 जून का है, जब परीक्षा के दौरान क्लास रूम में एक टूटा हुआ पंखा गिर गया था। इसके बाद जब विद्यार्थियों ने शोर मचाया, तो शिक्षक तेज नारायण सिंह ने आक्रोश में आकर उन्हें व्यंग्य भरे शब्द कहे थे। इस घटना को लेकर बीस सूत्री कार्यक्रम के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद अनुमंडल प्रशासन विकास पांडे के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक शत्रुघ्न राय, शिक्षक तेज नारायण सिंह और क्लास रूम के बच्चों से पूछताछ की। पूछताछ में शिकायत सही पाई गई और शिक्षकों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। इस पर पदाधिकारी ने उन्हें कड़ी हिदायत देते हुए बच्चों के प्रति कुशल व्यवहार रखने और पठन-पाठन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। इसी दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों ने भी अपनी एक समस्या साझा की। उन्होंने बताया कि स्कूल संचालन के दौरान मैदान में बाहरी बच्चों के खेलने की वजह से कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे सभी शिक्षक डरा और सहमा हुआ महसूस करते हैं। इस पर पदाधिकारी राजीव कुमार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अपने उच्च अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने का भरोसा दिया है।1