मेरठ में सोशल मीडिया पर अपने चर्चित डायलॉग "काली पन्नी" और "जा जा गुलाम" से पहचान बनाने वाले यूट्यूबर शुएब के खिलाफ सलमानी समाज का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले समाज के लोगों ने मेरठ जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा और शुएब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उसी दिन शाम के समय लिसाड़ी गेट क्षेत्र में भी एक अलग ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराया गया। समाज के लोगों का आरोप है कि शुएब यूट्यूबर ने सलमानी समाज के पारंपरिक पेशे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे समाज की भावनाएं गहरी आहत हुई हैं। इस मामले को लेकर काफी समय से सोशल मीडिया पर नाराजगी बनी हुई है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि शुएब को कई बार आपत्तिजनक वीडियो हटाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा गया, लेकिन इन अपीलों पर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस संबंध में, सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य हाजी मईन सलमानी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से बड़े विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल, सलमानी समाज ने प्रशासन से इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
मेरठ में सोशल मीडिया पर अपने चर्चित डायलॉग "काली पन्नी" और "जा जा गुलाम" से पहचान बनाने वाले यूट्यूबर शुएब के खिलाफ सलमानी समाज का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले समाज के लोगों ने मेरठ जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा और शुएब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उसी दिन शाम के समय लिसाड़ी गेट क्षेत्र में भी एक अलग ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराया गया। समाज के लोगों का आरोप है कि शुएब यूट्यूबर ने सलमानी समाज के पारंपरिक पेशे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे समाज की भावनाएं गहरी आहत हुई हैं। इस मामले को लेकर काफी समय से सोशल मीडिया पर नाराजगी बनी हुई है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि शुएब को कई बार आपत्तिजनक वीडियो हटाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा गया, लेकिन इन अपीलों पर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस संबंध में, सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य हाजी मईन सलमानी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से बड़े विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल, सलमानी समाज ने प्रशासन से इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
- मेरठ में सोशल मीडिया पर अपने चर्चित डायलॉग "काली पन्नी" और "जा जा गुलाम" से पहचान बनाने वाले यूट्यूबर शुएब के खिलाफ सलमानी समाज का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले समाज के लोगों ने मेरठ जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा और शुएब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उसी दिन शाम के समय लिसाड़ी गेट क्षेत्र में भी एक अलग ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराया गया। समाज के लोगों का आरोप है कि शुएब यूट्यूबर ने सलमानी समाज के पारंपरिक पेशे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे समाज की भावनाएं गहरी आहत हुई हैं। इस मामले को लेकर काफी समय से सोशल मीडिया पर नाराजगी बनी हुई है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि शुएब को कई बार आपत्तिजनक वीडियो हटाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा गया, लेकिन इन अपीलों पर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस संबंध में, सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य हाजी मईन सलमानी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से बड़े विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल, सलमानी समाज ने प्रशासन से इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- न्याय संकल्प फाउंडेशन ने पुरुष आयोग के गठन की मांग को तेज़ कर दिया है। संगठन द्वारा उठाई गई यह मांग अब ज़ोर पकड़ रही है।1
- यह सभी माता-पिता के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गंभीर चेतावनी है, विशेषकर आज के दौर में जब बच्चों की सुरक्षा को सबसे बड़ी जिम्मेदारी माना जाता है। एक 2 मिनट का वीडियो संदेश जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य अभिभावकों की सोच को बदलना और उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति और भी अधिक सतर्क एवं जागरूक करना है। यह वीडियो मौजूदा समय की चुनौतियों को समझते हुए, हर माता-पिता को जागरूक रहने, बच्चों को संभावित खतरों से बचाने और उन्हें सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। यह बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' जैसे संवेदनशील विषयों पर शिक्षित करने और समग्र परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और इस महत्वपूर्ण जानकारी को हर परिवार तक पहुँचाने के लिए सभी से आग्रह किया गया है कि वे इस वीडियो को अंत तक अवश्य देखें और इसे अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा करें।1
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- सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति द्वारा योगी आदित्यनाथ जी को 'गंदी गालियां' दिए जाने का वीडियो सामने आया है। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए एक अपील की गई है। अपीलकर्ता ने सीधे योगी आदित्यनाथ जी से आग्रह किया है कि इस व्यक्ति का 'जल्द से जल्द इलाज' किया जाए। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने का आह्वान भी किया गया है ताकि 'इस सुर का इलाज हो जाए' और उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।1
- यह बताया गया है कि भारत की सुरक्षा अच्छे लोगों के हाथों में सुरक्षित है। एक अधिवक्ता के विचारों से पूर्ण सहमति और समर्थन व्यक्त करते हुए, जनता से अपील की गई है कि भारत में अपराधियों को कोई जगह न मिले। इसके साथ ही, भारत सरकार से यह भी मांग की गई है कि वह ऐसे अपराधियों पर तत्काल रोक लगाए।1
- सोशल मीडिया पर 'काली पन्नी' और 'जा जा गुलाम' जैसे डायलॉग्स से चर्चित यूट्यूबर शुएब की मुश्किलें बढ़ रही हैं। मंगलवार को सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले सलमानी समाज के लोगों ने मेरठ के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके अतिरिक्त, शाम को लिसाड़ी गेट क्षेत्र में भी एक अलग से ज्ञापन देकर समाज ने अपना विरोध दर्ज कराया। समाज के लोगों का आरोप है कि शुएब यूट्यूबर ने अपने एक वीडियो में सलमानी समाज के पारंपरिक पेशे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। समाजसेवी आयान सलमानी ने इस संदर्भ में कहा कि किसी भी यूट्यूबर को प्रसिद्ध होने के लिए किसी समाज, समुदाय या वर्ग के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सोशल मीडिया का उपयोग समाज को जोड़ने और सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए किया जाना चाहिए। समाज के लोगों ने प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक महिला को सड़क पर भगा-भगा कर पीटा जा रहा है। आरोप है कि शादी के 12 साल बाद भी बच्चा न होने के कारण महिला को लगातार यातनाएँ दी जा रही हैं। यह भी आरोप है कि घटना से पहले महिला को कई दिन तक एक कमरे में भूखा-प्यासा रखा गया था।1