मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर 1 जुलाई से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के तहत प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी निस्तारण सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत, शनिवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स ने सदर तहसील के सभागार कक्ष में राजस्व लेखपालों और संबंधित कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि ऐसा हो जिससे संबंधित व्यक्ति को अपनी समस्या के लिए दोबारा शिकायत न करनी पड़े। उन्होंने भूमि और चकमार्ग अतिक्रमण से जुड़े मामलों में मौके पर पैमाइश कर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसके साथ ही, निजी भूमि विवादों का स्थायी समाधान राजस्व संहिता की धारा-24 के तहत सीमांकन कराकर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने यह भी बताया कि आईजीआरएस निस्तारण में जनपद लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। पिछले चार महीनों से हाथरस प्रदेश में दूसरे या तीसरे स्थान पर रहा है, और इस बार भी जनपद ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। तहसील सदर सभागार कक्ष में जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशांत तिवारी, उपजिलाधिकारी सदर राजबहादुर सिंह और समस्त लेखपाल उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर 1 जुलाई से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के तहत प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी निस्तारण सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत, शनिवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स ने सदर तहसील के सभागार कक्ष में राजस्व लेखपालों और संबंधित कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि ऐसा हो जिससे संबंधित व्यक्ति को अपनी समस्या के लिए दोबारा शिकायत न करनी पड़े। उन्होंने भूमि और चकमार्ग अतिक्रमण से जुड़े मामलों में मौके पर पैमाइश कर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसके साथ ही, निजी भूमि विवादों का स्थायी समाधान राजस्व संहिता की धारा-24 के तहत सीमांकन कराकर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने यह भी बताया कि आईजीआरएस निस्तारण में जनपद लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। पिछले चार महीनों से हाथरस प्रदेश में दूसरे या तीसरे स्थान पर रहा है, और इस बार भी जनपद ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। तहसील सदर सभागार कक्ष में जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशांत तिवारी, उपजिलाधिकारी सदर राजबहादुर सिंह और समस्त लेखपाल उपस्थित रहे।
- मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर 1 जुलाई से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के तहत प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी निस्तारण सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत, शनिवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स ने सदर तहसील के सभागार कक्ष में राजस्व लेखपालों और संबंधित कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि ऐसा हो जिससे संबंधित व्यक्ति को अपनी समस्या के लिए दोबारा शिकायत न करनी पड़े। उन्होंने भूमि और चकमार्ग अतिक्रमण से जुड़े मामलों में मौके पर पैमाइश कर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसके साथ ही, निजी भूमि विवादों का स्थायी समाधान राजस्व संहिता की धारा-24 के तहत सीमांकन कराकर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने यह भी बताया कि आईजीआरएस निस्तारण में जनपद लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। पिछले चार महीनों से हाथरस प्रदेश में दूसरे या तीसरे स्थान पर रहा है, और इस बार भी जनपद ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। तहसील सदर सभागार कक्ष में जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशांत तिवारी, उपजिलाधिकारी सदर राजबहादुर सिंह और समस्त लेखपाल उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी-2026) का अंतिम दिवस हाथरस में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी वातावरण में संपन्न हुआ। परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने हाथरस स्थित सेठ फूलचन्द बागला (पी.जी.) कॉलेज और श्री अक्रूर इंटर कॉलेज का दौरा कर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने स्ट्रांग रूम, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र का बारीकी से अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से विभिन्न परीक्षा कक्षों में चल रही परीक्षा प्रक्रिया एवं परीक्षार्थियों की गतिविधियों की निगरानी की। इसके उपरांत, उन्होंने स्वयं परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, जिन्हें संतोषजनक पाया गया। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कड़े निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के समय परीक्षा केंद्रों पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।4
- हाथरस में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बागला संयुक्त चिकित्सालय में प्रस्तावित नई इमरजेंसी व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान इमरजेंसी में केवल 8 से 10 बेड उपलब्ध हैं, जो मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अपर्याप्त हैं और इसके विस्तार की तत्काल आवश्यकता है। इस विस्तार योजना के तहत, नई इमरजेंसी का निर्माण 50 बेड वाले क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) के पास किया जाएगा, जिससे गंभीर मरीजों को तुरंत और बेहतर उपचार मिलना सुनिश्चित हो सकेगा। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को स्थानांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का भी जायजा लिया गया। अस्पताल के तकनीकी मूल्यांकन के बाद, टीबी अस्पताल के भूतल स्थित एक वार्ड को आधुनिक इमरजेंसी में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य आमजन को समय पर, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।1
- हाथरस जिले के सीर गाँव के वार्ड नंबर 16 में बारिश के बाद घरों के आगे गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गाँव वालों को रोज़ इसी गंदगी में से होकर गुज़रना पड़ता है। यह समस्या इसलिए विकट हो गई है क्योंकि गाँव में आगे कोई नाली या नाला नहीं है। पहले पूर्व प्रधान द्वारा एक कच्ची नाली का निर्माण कराया गया था, जिससे पानी निकलता था, लेकिन अब एक खेत मालिक ने जेसीबी से उस नाली को तोड़ दिया है। इस गंभीर स्थिति के चलते ग्रामीण प्रशासन से सीर गाँव, वार्ड नंबर 16, हाथरस में नालियों का निर्माण करने का आग्रह कर रहे हैं।1
- चंदपा थाना क्षेत्र के कछपुरा गांव में एक ही परिवार के चाचा और ताऊ के बीच ट्रैक्टर के बंटवारे को लेकर विवाद की घटना सामने आई है। इस मामले में परिवार के सदस्यों द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर चंदपा थाने में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। इस प्रकरण के संबंध में क्षेत्राधिकारी सादाबाद का बयान भी आया है।1
- हाथरस और सादाबाद तहसीलों में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने राजस्व अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आईजीआरएस पोर्टल पर पिछले एक वर्ष में प्राप्त हुए राजस्व और भूमि विवाद से संबंधित पुनर्जीवित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी निस्तारण सुनिश्चित करना था, जिसके लिए उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए ताकि वास्तविक स्थिति का सही आकलन हो सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आवश्यकतानुसार न्यायालय में वाद दायर कर कानूनी कार्यवाही की जाए, जिससे इन मामलों का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान हो सके। इसके अतिरिक्त, शासन के विशेष अभियान के तहत पुनर्जीवित प्रकरणों का समयबद्ध और संतुष्टिपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।4
- हाथरस के सादाबाद कोतवाली परिसर में पुलिस कर्मियों के लिए निर्मित आधुनिक और हवादार आरक्षी बैरक का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने किया। उद्घाटन के उपरांत, उन्होंने बैरक का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा भी लिया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस जवान दिन-रात कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, और ऐसे में उन्हें बेहतर आवासीय सुविधाएं प्रदान करना पुलिस विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि इन आधुनिक, स्वच्छ और हवादार बैरकों से जवानों को एक बेहतर वातावरण मिलेगा, जिससे निश्चित रूप से उनके मनोबल और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। इसी के साथ, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बैरक की व्यवस्थाओं का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए।3
- उत्तर प्रदेश के आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला पर अपने ही पति की हत्या करने और फिर सबूत मिटाने के लिए शव को घर के बाथरूम में दफना देने का आरोप है। कथित तौर पर, महिला ने शव के ऊपर प्लास्टर भी करा दिया था ताकि किसी को शक न हो। वारदात के बाद, महिला करीब डेढ़ महीने तक पति के लापता होने की झूठी कहानी गढ़ती रही और उसने पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी, जिससे मामला एक सामान्य गुमशुदगी की तरह दिखाई दे। हालांकि, कहानी में उस समय बड़ा मोड़ आया जब पुलिस सत्यापन के लिए महिला के घर पहुँची। इस दौरान मृतक के भाई ने महिला की गतिविधियों पर संदेह व्यक्त किया और बाथरूम की खुदाई कराने की माँग की। पुलिस ने संदेह के आधार पर खुदाई करवाई तो बाथरूम के नीचे से शव बरामद हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी महिला से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस हत्या के कारणों, पूरी साजिश और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संभावित भूमिका की भी जाँच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।1