*तापमान बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर हीटवेव से बचाव के इंतजाम तेज* *सवाई माधोपुर, 22 अप्रैल।* बढ़ते तापमान और तेज गर्मी को देखते हुए जिले में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित हीटवेव के मद्देनजर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लू के प्रभाव से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जिससे चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार लेना जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढक कर निकलें और हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनें। किसान, मजदूर एवं खुले में काम करने वाले लोग समय-समय पर छाया में विश्राम करें और पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ या ओआरएस का सेवन करते रहें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है। चिकित्सा संस्थानों में हीटवेव से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत ओपीडी रजिस्ट्रेशन एवं दवा वितरण काउंटर पर छाया की व्यवस्था, स्वच्छ और ठंडे पेयजल की उपलब्धता, वेटिंग एरिया में शेड तथा संस्थानों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही आमजन को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोग हीटवेव से बचाव के उपाय अपनाकर सुरक्षित रह सकें। ---000---
*तापमान बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर हीटवेव से बचाव के इंतजाम तेज* *सवाई माधोपुर, 22 अप्रैल।* बढ़ते तापमान और तेज गर्मी को देखते हुए जिले में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित हीटवेव के मद्देनजर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लू के प्रभाव से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जिससे चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार लेना जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढक कर निकलें और हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनें। किसान, मजदूर एवं खुले में काम करने वाले लोग समय-समय पर छाया में विश्राम करें और पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ या ओआरएस का सेवन करते रहें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है। चिकित्सा संस्थानों में हीटवेव से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत ओपीडी रजिस्ट्रेशन एवं दवा वितरण काउंटर पर छाया की व्यवस्था, स्वच्छ और ठंडे पेयजल की उपलब्धता, वेटिंग एरिया में शेड तथा संस्थानों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही आमजन को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोग हीटवेव से बचाव के उपाय अपनाकर सुरक्षित रह सकें। ---000---
- Post by जनहित आवाज1
- Post by Noshad ahmad qureshi1
- तेज रफ्तार का कहर: बदायूं में महिला की दर्दनाक मौत, बेटा घायल,#uttarpradesh #badayunnews #latestup.1
- धराड़ी प्रथा से गूंजी शहनाई, सादगीपूर्ण विवाह बना मिसाल नवदंपती व बारातियों को भेंट किए 51 पौधे, जल-जंगल-जमीन बचाने का दिया संदेश सपोटरा । क्षेत्र के ग्राम सेवियापुरा में मंगलवार को परंपरा, सादगी और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां धराड़ी प्रथा के तहत आदिवासी समाज का विवाह समारोह संपन्न कराया गया। लाड़ी शिमला आदिवासी एवं लाड़ा महेंद्र आदिवासी ने परण फेरा पद्धति से सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। विवाह समारोह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। समारोह में फिजूलखर्ची से दूर रहकर समाज सुधार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। जेजेएम टीम करौली एवं समाज प्रतिनिधियों की मौजूदगी में विवाह संस्कार वैदिक रीति से संपन्न हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समाजबंधु शामिल हुए। विवाह अवसर पर जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संदेश देते हुए नवदंपती तथा बारातियों को 51 फलदार, फूलदार और छायादार पौधे उपहार स्वरूप भेंट किए गए। इनमें आम, अमरूद, अनार, चीकू, आंवला, कटहल, संतरा, नींबू, बरगद, पीपल, जामुन, अशोक, गुलाब, चमेली, हरसिंगार सहित कई प्रजातियों के पौधे शामिल रहे। आयोजकों ने बताया कि धराड़ी प्रथा से करौली जिले में यह दूसरी शादी है, जबकि राजस्थान में अब तक 485 विवाह इस परंपरा से संपन्न कराए जा चुके हैं। टीम ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए मृत्यु भोज जैसी परंपराओं पर भी अंकुश लगाने का संकल्प दोहराया।2
- दिलीप राणावत आपनेता ने कहा देश में झूठ ना फैलाये, सच बताये भाजपा सरकार, हिम्मत है⁉️1
- कार की टक्कर से स्कूटी सवार महिला शिक्षिका की मौत, बेटा गंभीर निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित किया, बेटे को जयपुर रेफर गंगापुर सिटी। गंगापुर सिटी-करौली सड़क मार्ग पर सलेमपुर और कुड़गांव के बीच गुरुवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार महिला शिक्षिका की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार लाटा हाउस निवासी आशा मीणा (42) पत्नी श्रीमोहन मीणा अपने 17 वर्षीय बेटे कौशिक मीणा के साथ स्कूटी से स्कूल से घर लौट रही थीं। वह राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रुंडी कुड़गांव में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थीं और हाल ही में उनका व्याख्याता पद पर पदोन्नति भी हुआ था। गुरुवार को स्कूल में उनके सम्मान का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। स्कूल से लौटते समय सलेमपुर के पास घाटी में एक तेज रफ्तार कार ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को एंबुलेंस की सहायता से गंगापुर सिटी के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद आशा मीणा को मृत घोषित कर दिया। वहीं बेटे कौशिक की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।1
- 23 अप्रैल 2026, सवाई माधोपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम द्वारा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 9 मई 2026 के सफल आयोजन हेतु बैंकों एवं विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सचिव समीक्षा गौतम ने उपस्थित प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व एवं उद्देश्यों से अवगत कराया तथा अधिक से अधिक लंबित बैंक ऋण एवं वित्तीय विवादों के प्रकरणों को लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से निस्तारित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत एक प्रभावी मंच है, जहां पक्षकारों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय प्राप्त होता है। बैठक के दौरान बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने संस्थानों में लंबित मामलों की सूची तैयार कर उन्हें लोक अदालत में प्रस्तुत करें तथा पक्षकारों के साथ समझाईश कर अधिकाधिक प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही, ऋणधारकों को राहत प्रदान करने हेतु समझौते के अनुकूल प्रस्ताव भी तैयार करने एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधिगण ने भी राष्ट्रीय लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता का आश्वासन दिया एवं अधिकतम प्रकरणों के निस्तारण हेतु सहयोग देने की बात कही। आयोजित मीटिंग में एलडीएम प्रदीप कुमार सहित स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, बैंक ऑफ इण्डिया, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया, कैनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एण्ड सिंध बैंक, आईडीबीआई बैंक, राजस्थान ग्रामीण बैंक, बीएसएस सोनाटा माइक्रो क्रेडिट लिमिटेड, श्रीराम फाइनेन्स लिमिटेड के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहें।1
- Post by Noshad ahmad qureshi1
- नैनवां में सरकारी जमीन पर माफियाओं का कब्जा, सिस्टम बेबस या शामिल?,#rajasthan #bundi #nainwanews1