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कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश के फत्तेपुर मुसंगा नगर से जुड़े एक मामले में 38 आतंकियों की फाँसी की सज़ा को बरकरार रखा गया है। इसी के साथ, इस कार्रवाई में 11 अन्य लोगों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है, जिनमें मोहम्मद अनीश कुरैशी का नाम भी शामिल है, जो फत्तेपुर मुसंगा नगर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं।
MD ANISH KURAISHI
कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश के फत्तेपुर मुसंगा नगर से जुड़े एक मामले में 38 आतंकियों की फाँसी की सज़ा को बरकरार रखा गया है। इसी के साथ, इस कार्रवाई में 11 अन्य लोगों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है, जिनमें मोहम्मद अनीश कुरैशी का नाम भी शामिल है, जो फत्तेपुर मुसंगा नगर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं।
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- कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश के फत्तेपुर मुसंगा नगर से जुड़े एक मामले में 38 आतंकियों की फाँसी की सज़ा को बरकरार रखा गया है। इसी के साथ, इस कार्रवाई में 11 अन्य लोगों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है, जिनमें मोहम्मद अनीश कुरैशी का नाम भी शामिल है, जो फत्तेपुर मुसंगा नगर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं।1
- जालौन जिले के तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना में, उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी ने मंगलवार को गौशाला का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण बरसात के मौसम में गौवंश की सुरक्षा और उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था। इस दौरान, उन्होंने गौशाला में भूसे के भंडारण, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, परिसर की साफ-सफाई और गौवंश की देखभाल से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के बाद, एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान गौशाला में भूसे की किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए, सभी गौवंशों को समय पर स्वच्छ पेयजल मिलना चाहिए और परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई गौवंश बीमार या घायल पाया जाता है तो तत्काल पशु चिकित्सक से उसका उपचार कराया जाए। उपजिलाधिकारी सोनी ने दो टूक कहा कि गौवंश की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कर्मचारियों से जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने को कहा।1
- पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में कानपुर देहात में अपराध तथा अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया गया। इस व्यापक अभियान के तहत जनपद पुलिस ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 242 वाहनों का चालान किया है। अभियान के दौरान उन वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की गई, जिन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन किया था। इनमें बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने वाले, ट्रिपल राइडिंग करने वाले, हेलमेट न पहनने वाले और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने वाले लोग शामिल थे। जनपदीय पुलिस ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की है, ताकि जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके और सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।1
- कानपुर देहात में एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र न्यू झींझक में तैनात विद्युत जेई रंगलाल पाल को ₹20,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी जेई ने एक बिजली ठेकेदार से उसके कार्य के एवज में कमीशन के तौर पर यह ₹20,000 की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने एक जाल बिछाया और जेई रंगलाल पाल को मौके पर ही रिश्वत लेते समय दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए अकबरपुर थाने ले जाया गया है, जहां एंटी करप्शन टीम उससे गहन पूछताछ कर रही है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस अचानक हुई कार्रवाई से विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया है और कर्मचारियों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- कानपुर देहात के झींझक रेलवे स्टेशन के पुराने मालगोदाम परिसर में मंगलवार शाम करीब पांच बजे झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव को देखकर स्थानीय लोगों की भीड़ तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गई। इस घटना की सूचना स्टेशन मास्टर ने एक मेमो के माध्यम से झींझक जीआरपी चौकी को दी। जानकारी मिलते ही जीआरपी पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ करके मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक उसकी पहचान नहीं हो पाई। जीआरपी के अनुसार, मृतक ने काले-सफेद छींटदार शर्ट, हल्के नीले रंग की जींस और काली स्पोर्ट्स चप्पल पहन रखी थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मृतक की जींस में बेल्ट की जगह लोहे का एक पतला तार बंधा हुआ था, जिसे पुलिस अपनी जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। घटनास्थल के पास से एक झोला भी बरामद हुआ है, जिस पर "सोनी ज्वेलर्स, प्रोपराइटर संतोष कुमार" लिखा हुआ है। झोले में कुछ सामान भी मिला है, जिसकी भी पुलिस जांच कर रही है। झींझक जीआरपी चौकी प्रभारी ने मंगलवार शाम करीब छह बजे बताया कि शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल, पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है, और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच में जुटी है।1
- जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में एक बड़े बवाल की खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस और प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों की सूचना पर एक गांव में कथित तौर पर 16 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी। दावा किया जा रहा है कि यह विवाह एक अधेड़ भाजपा नेता के साथ कराया जा रहा था। पुलिस के पहुंचते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और शादी की सभी तैयारियां तुरंत रोक दी गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस व्यक्ति से नाबालिग लड़की की शादी कराए जाने का दावा किया जा रहा है, वह भाजपा किसान मोर्चा का क्षेत्रीय पदाधिकारी बताया जा रहा है। इस मामले में यह बात भी सामने आई है कि लड़की के पिता के खिलाफ पहले से ही कुठौंद अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में नामजद एफआईआर दर्ज है। आरोप है कि पुलिस टीम के सामने कुछ लोगों ने कथित तौर पर धमकी भरा व्यवहार भी किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है। फिलहाल, दोनों पक्ष कुठौंद थाने में मौजूद बताए जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर कई बड़े सवाल उठ रहे हैं कि अगर लड़की नाबालिग थी तो किसकी शह पर शादी की तैयारी चल रही थी, और क्या बाल विवाह जैसी गंभीर घटना को छिपाने की कोशिश की जा रही थी। यह भी चिंता व्यक्त की जा रही है कि क्या कानून का डर खत्म हो चुका है और पुलिस के सामने कथित धमकी देने वालों पर क्या कार्रवाई होगी। मामले में अभी तक किसी भी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह जानकारी वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों से मिली सूचना पर आधारित है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है और जांच तथा प्रशासनिक बयान के बाद ही तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे।1