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करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह राजपूत ने अयोध्या में आयोजित एक प्रेस वार्ता में यह आरोप लगाया है कि राम मंदिर चढ़ावा घोटाला कांड में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) सहित तमाम हिंदू संगठन लीपापोती कर रहे हैं।
रामानंद सागर
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह राजपूत ने अयोध्या में आयोजित एक प्रेस वार्ता में यह आरोप लगाया है कि राम मंदिर चढ़ावा घोटाला कांड में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) सहित तमाम हिंदू संगठन लीपापोती कर रहे हैं।
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- यह पोस्ट गाँव की नैसर्गिक सुंदरता और परिवार के प्रति गहरे स्नेह को दर्शाती है। इसमें अपने भाई के पुत्र और उसकी बहन का जिक्र किया गया है, जो इस प्रिय परिवेश का एक अभिन्न हिस्सा हैं।2
- करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह राजपूत ने अयोध्या में आयोजित एक प्रेस वार्ता में यह आरोप लगाया है कि राम मंदिर चढ़ावा घोटाला कांड में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) सहित तमाम हिंदू संगठन लीपापोती कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के मसौली विकास खंड स्थित ग्राम पंचायत दादरा में 'मेरा युवा भारत बाराबंकी' द्वारा 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत युवा मंडल अध्यक्ष अरुण वर्मा और उनके सदस्यों ने गांव में एक नशा मुक्त युवा रैली निकाली। इस रैली के दौरान "नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो" और "नशे की लत एक बीमारी है, इससे दूर रहना समझदारी है" जैसे विभिन्न स्लोगनों के माध्यम से युवाओं को जागरूक करने का प्रयास किया गया, साथ ही उन्हें नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आंगनबाड़ी श्रीमती सरिता देवी वर्मा जी ने युवाओं को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। आशा निर्मला देवी जी ने सभी युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की, जबकि आशा दयावती पाल जी ने उनसे 'मेरा युवा भारत' के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेकर विकसित भारत के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक विकास खंड मसौली राम रूप वर्मा ने किया। इस अवसर पर युवा मंडल अध्यक्ष दादरा अरुण वर्मा, युवती मंडल अध्यक्ष इचौलिया रजनी देवी, सदस्य सत्येंद्र कुमार, अंश कश्यप, कृष्ण कश्यप, सालवी, पारुल, गुंजा देवी, अफसाना, हर्ष चौधरी, अमन, शिवा वर्मा, राजीव गौतम, अनिकेत, बादल कुमार, आशुतोष आनंद, हर्षित कुमार, शुभम यादव, अंकित कुमार, ललित सिंह, ओम कश्यप सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश कसौधन वैश्य समाज की एक महत्वपूर्ण चिंतन बैठक रविवार को गोरखपुर के एक होटल में संपन्न हुई, जिसमें समाज के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी सितंबर माह में "कसौधन समाज राजनीतिक अधिकार सम्मेलन" का आयोजन किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर से लाखों समाजबंधुओं को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि समाज अपनी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर सके। बैठक के दौरान, वक्ताओं ने कसौधन समाज को राजनीतिक मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। प्रमुख मांगों में कसौधन समाज को पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र जारी कराना, कसौधन जाति को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल कराना, और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए जनपद स्तर पर संगठन को मजबूत बनाना शामिल रहा। मुख्य वक्ता जनार्दन गुप्ता, जो पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य भी हैं, ने समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर संगठित होने का महत्व समझाया और जनसंपर्क अभियान चलाने पर जोर दिया। कसौधन समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पवन कसौधन ने भी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। इस चिंतन बैठक में भाजपा कोषाध्यक्ष गोरखपुर शत्रुघ्न कसौधन, प्रदेश मंत्री व्यापार मंडल रामअजोर कसौधन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष कसौधन (अयोध्या) और नगर पंचायत अध्यक्ष सुकरौली राजनीति कश्यप सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। अखिल भारतवर्षीय कसौधन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.वी. गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसका संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश कसौधन ने किया। वक्ताओं ने सितंबर में प्रस्तावित सम्मेलन को समाज की एकता, जागरूकता और राजनीतिक चेतना का प्रतीक बताया। इसके लिए सभी जनपदों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि कश्यप की आरती के साथ हुआ, और अंत में समाज के हितों की रक्षा, राजनीतिक अधिकारों की प्राप्ति तथा सामाजिक उत्थान के लिए एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया गया।4
- बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील के रसूलपुर स्थित निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने इन केंद्रों पर छापेमारी की, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। छापेमारी के दौरान अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों (ओटी) में एक्सपायरी दवाएं मिलीं। साथ ही, बेसमेंट में चल रहे अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में निकासी द्वार, वेंटिलेशन सहित कई आवश्यक कमियां पाई गईं। टीम को किसी भी अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर में डॉक्टर मौजूद नहीं मिले, जिससे यह उजागर हुआ कि ये संस्थान झोलाछाप डॉक्टरों के सहारे चल रहे थे। शिकायतों के अनुसार, डायग्नोस्टिक सेंटरों पर लगातार गलत रिपोर्टिंग की जा रही थी। इस छापेमारी के दौरान, ट्रॉफी डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक द्वारा अभद्रता करने पर एसडीएम ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस संयुक्त कार्रवाई में आधा दर्जन से अधिक अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को सील कर दिया गया है। एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।1
- जनपद बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर उपजिलाधिकारी ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत आधा दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान, अभद्रता करने वाले एक डायग्नोस्टिक संचालक को भी हिरासत में ले लिया गया है। इस पूरी खबर को K न्यूज़ पर देखा जा सकता है।1
- बाराबंकी जिले के सहजनी ग्राम निवासी संदीप कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित एक दूसरा आवेदन थाने में दर्ज कराया है। यह आवेदन संभवतः डाक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।1
- राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में स्थित ललोई पावर हाउस पर शनिवार को स्थानीय ग्रामीणों ने घंटों की अघोषित बिजली कटौती से परेशान होकर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पावर हाउस परिसर में प्रवेश कर विरोध-प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। चिनहट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से बिजली की भारी किल्लत बनी हुई है, जिससे भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटने से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें लगातार अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस से बच्चों और बुजुर्गों का बुरा हाल है, और शिकायत करने पर भी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी फोन नहीं उठाते या टालमटोल करते हैं। शनिवार को भी जब अचानक बिजली गुल हुई और घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण ललोई पावर हाउस पहुंचे और वहां तैनात कर्मचारियों से जवाब-तलब करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी, जिसके बाद पावर हाउस के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी खराबी को जल्द से जल्द ठीक करके बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। फिलहाल, पावर हाउस पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, ग्रामीण प्रशासन को चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि यदि बिजली की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।1