शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 14 वां स्मरणपत्र मुख्यमंत्री के नाम सोंपा शाहपुरा विधायक के खिलाफ संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा संघर्ष समिति सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पांच सदस्य कमेटी गठित शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार जिला बहाल करो संघर्ष समिति द्वारा शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा देकर जिला बहाल करने की मांग का आंदोलन एक वर्ष सात माह बीत जाने के बाद भी निरंतर जारी है । जिला बहाल करो संघर्ष समिति महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि ब्लैक डे 28 जुलाई को उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति सदस्यों अधिवक्ताओं एवं आमजन ने शांतिपूर्ण शाहपुरा जिला बहाल करो के नारे लगाकर नारेबाजी प्रदर्शन करते हुये शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 14 वां स्मरण पत्र शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा संयोजक राम प्रसाद जाट के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी शाहपुरा को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम दिया गया और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का किया वादा याद दिलाया । विगत 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता प्रतिमाह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाती है इसी क्रम में 28 जुलाई को ब्लैक डे मनाया गया। ब्लैक डे पर अभिभाषक संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल ने शाहपुरा के न्यायालय में लिखित कार्य स्थगन पत्र पेश करते हुए शाहपुर जिले का समर्थन किया और शाहपुरा के सभी न्यायालयो में अभिभाषक संस्था शाहपुरा के अधिवक्ताओं ने शाहपुरा जिले की बहाली की मांग को लेकर संघर्ष समिति के समर्थन में कार्य स्थगन रख न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया । एक वर्ष चार माह पूर्व में जिला संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री की जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में वार्ता हुई और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था । परन्तु सरकार ने 14 महिने बीतने के बाद भी शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया जिससे आमजन में आक्रोश है। सह सयोजक सूर्यप्रकाश ओझा ने कहा कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले दर्जा नहीं मिल जाता आंदोलन अनवरत जारी रहेगा जारी रहेगा तथा पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव से पूर्व आंदोलन को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर अभिभाषक संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल उपाध्यक्ष अंकित शर्मा जिला बहाल करो संघर्ष समिति संरक्षक सत्यनारायण पाठक हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा राजेन्द्र पाण्डे प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष अजय मेहता उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल सोलंकी सुरेश घूसर कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा सह कोषाध्यक्ष प्रवीण पारीक सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू संघर्ष समिति सदस्य सुरेश गुर्जर जडस ,रमेशचंद्र मालू मदनलाल कंडारा रामप्रसाद सेन सुनील मिश्रा थानमल जीनगर नजीर मोहम्मद रामस्वरूप खटीक रामस्वरूप टेपन ओमप्रकाश सिन्धी अभय गुर्जर वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा अधिवक्ता अमन ओझा राजेश वर्मा निखिल व्यास गजेन्द्रप्रताप सिंह राणावत अंकित मालू आशीष भारद्वाज साक्षी श्रीवास्तव नाहरसिंह बंजारा सहित कई सदस्य एव शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे। संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक संपन्न जिला बहाल करो संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा की अध्यक्षता में हुई जिसमें अध्यक्ष राजोरा ने कहां की संघर्ष अनवरत जारी रहेगा आंदोलन का स्वरूप नए रूप में तय किया जाएगा आने वाले नगर निकाय चुनाव में सरकार को झुकाने के लिए संघर्ष समिति उचित समय पर निर्णय लेगी की संघर्ष समिति खुद चुनाव लड़े या फिर सरकार के विरुद्ध चुनाव लड़ने वाले जिले की मांग में साथ देने वाले प्रत्याशी को समर्थन करें। जल्द ही एक मीटिंग लेकर पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव पर वार्ड वाइज कार्य किया जाएगा। संघर्ष समिति जनता से किए वादों के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है । आंदोलन को दबाने वालों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष समिति मुकाबला करेगी। संघर्ष समिति संयोजक रामप्रसाद जाट ने कहा कि सरकार और सरकार के प्रतिनिधि विधायक द्वारा आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो लोकतंत्र में स्वीकार नहीं है संघर्ष समिति महासचिव कमलेश मुंडेतिया की बहन जिसके बच्चे का ब्रेन ट्यूमर का अहमदाबाद में ऑपरेशन हुआ और हालत गंभीर है का स्थानांतरण पंचायत समिति शाहपुरा से सहाड़ा महज संघर्ष समिति के सदस्य होने के कारण कर दिया गया जो जनप्रतिनिधि के प्रतिशोध को दर्शाता है। सरकार के जनप्रतिनिधि को लोकतंत्र में प्रतिशोध की बजाय प्रतिस्पर्धा की भावना से विकास कार्य करने चाहिए। यदि इस प्रकार की कार्रवाई सरकार के जनप्रतिनिधि द्वारा की जाती है तो संघर्ष समिति आईना दिखायेगी। सरकार और संघर्ष समिति के मध्य वार्ता एवं संघर्ष समिति के सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पांच सदस्य कमेटी का गठन किया गया जिसमें संयोजक रामप्रसाद जाट सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा उदय लाल बेरवा माधु लाल रेगर रहड़ सतनारायण पाठक प्रमुख है । इस मौके पर संरक्षक राजेंद्र पांडे कोषाध्यक्ष उदयलाल बेरवा दल्लीचंद खटीक माधु लाल रेगर सुरेश घुसर प्रवीण पारीक आज उस्मान मोहम्मद छिपा थानमल जीनगर रज्जाक मोहम्मद ने अपने विचार रखें और आने वाले चुनाव में संघर्ष समिति के निर्णय के अनुसार कार्य करने का संकल्प लिया।
शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 14 वां स्मरणपत्र मुख्यमंत्री के नाम सोंपा शाहपुरा विधायक के खिलाफ संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा संघर्ष समिति सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पांच सदस्य कमेटी गठित शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार जिला बहाल करो संघर्ष समिति द्वारा शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा देकर जिला बहाल करने की मांग का आंदोलन एक वर्ष सात माह बीत जाने के बाद भी निरंतर जारी है । जिला बहाल करो संघर्ष समिति महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि ब्लैक डे 28 जुलाई को उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति सदस्यों अधिवक्ताओं एवं आमजन ने शांतिपूर्ण शाहपुरा जिला बहाल करो के नारे लगाकर नारेबाजी प्रदर्शन करते हुये शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 14 वां स्मरण पत्र शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा संयोजक राम प्रसाद जाट के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी शाहपुरा को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम दिया गया और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का किया वादा याद दिलाया । विगत 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता प्रतिमाह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाती है इसी क्रम में 28 जुलाई को ब्लैक डे मनाया गया। ब्लैक डे पर अभिभाषक संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल ने शाहपुरा के न्यायालय में लिखित कार्य स्थगन पत्र पेश करते हुए शाहपुर जिले का समर्थन किया और शाहपुरा के सभी न्यायालयो में अभिभाषक संस्था शाहपुरा के अधिवक्ताओं ने शाहपुरा जिले की बहाली की मांग को लेकर संघर्ष समिति के समर्थन में कार्य स्थगन रख न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया । एक वर्ष चार माह पूर्व में जिला संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री की जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में वार्ता हुई और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था । परन्तु सरकार ने 14 महिने बीतने के बाद भी शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया जिससे आमजन में आक्रोश है। सह सयोजक सूर्यप्रकाश ओझा ने कहा कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले दर्जा नहीं मिल जाता आंदोलन अनवरत जारी रहेगा जारी रहेगा तथा पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव से पूर्व आंदोलन को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर अभिभाषक संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल उपाध्यक्ष अंकित शर्मा जिला बहाल करो संघर्ष समिति संरक्षक सत्यनारायण पाठक हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा राजेन्द्र पाण्डे प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष अजय मेहता उपाध्यक्ष रामेश्वर
लाल सोलंकी सुरेश घूसर कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा सह कोषाध्यक्ष प्रवीण पारीक सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू संघर्ष समिति सदस्य सुरेश गुर्जर जडस ,रमेशचंद्र मालू मदनलाल कंडारा रामप्रसाद सेन सुनील मिश्रा थानमल जीनगर नजीर मोहम्मद रामस्वरूप खटीक रामस्वरूप टेपन ओमप्रकाश सिन्धी अभय गुर्जर वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा अधिवक्ता अमन ओझा राजेश वर्मा निखिल व्यास गजेन्द्रप्रताप सिंह राणावत अंकित मालू आशीष भारद्वाज साक्षी श्रीवास्तव नाहरसिंह बंजारा सहित कई सदस्य एव शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे। संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक संपन्न जिला बहाल करो संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा की अध्यक्षता में हुई जिसमें अध्यक्ष राजोरा ने कहां की संघर्ष अनवरत जारी रहेगा आंदोलन का स्वरूप नए रूप में तय किया जाएगा आने वाले नगर निकाय चुनाव में सरकार को झुकाने के लिए संघर्ष समिति उचित समय पर निर्णय लेगी की संघर्ष समिति खुद चुनाव लड़े या फिर सरकार के विरुद्ध चुनाव लड़ने वाले जिले की मांग में साथ देने वाले प्रत्याशी को समर्थन करें। जल्द ही एक मीटिंग लेकर पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव पर वार्ड वाइज कार्य किया जाएगा। संघर्ष समिति जनता से किए वादों के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है । आंदोलन को दबाने वालों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष समिति मुकाबला करेगी। संघर्ष समिति संयोजक रामप्रसाद जाट ने कहा कि सरकार और सरकार के प्रतिनिधि विधायक द्वारा आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो लोकतंत्र में स्वीकार नहीं है संघर्ष समिति महासचिव कमलेश मुंडेतिया की बहन जिसके बच्चे का ब्रेन ट्यूमर का अहमदाबाद में ऑपरेशन हुआ और हालत गंभीर है का स्थानांतरण पंचायत समिति शाहपुरा से सहाड़ा महज संघर्ष समिति के सदस्य होने के कारण कर दिया गया जो जनप्रतिनिधि के प्रतिशोध को दर्शाता है। सरकार के जनप्रतिनिधि को लोकतंत्र में प्रतिशोध की बजाय प्रतिस्पर्धा की भावना से विकास कार्य करने चाहिए। यदि इस प्रकार की कार्रवाई सरकार के जनप्रतिनिधि द्वारा की जाती है तो संघर्ष समिति आईना दिखायेगी। सरकार और संघर्ष समिति के मध्य वार्ता एवं संघर्ष समिति के सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पांच सदस्य कमेटी का गठन किया गया जिसमें संयोजक रामप्रसाद जाट सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा उदय लाल बेरवा माधु लाल रेगर रहड़ सतनारायण पाठक प्रमुख है । इस मौके पर संरक्षक राजेंद्र पांडे कोषाध्यक्ष उदयलाल बेरवा दल्लीचंद खटीक माधु लाल रेगर सुरेश घुसर प्रवीण पारीक आज उस्मान मोहम्मद छिपा थानमल जीनगर रज्जाक मोहम्मद ने अपने विचार रखें और आने वाले चुनाव में संघर्ष समिति के निर्णय के अनुसार कार्य करने का संकल्प लिया।
- शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 14 वां स्मरणपत्र मुख्यमंत्री के नाम सोंपा शाहपुरा विधायक के खिलाफ संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा संघर्ष समिति सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पांच सदस्य कमेटी गठित शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार जिला बहाल करो संघर्ष समिति द्वारा शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा देकर जिला बहाल करने की मांग का आंदोलन एक वर्ष सात माह बीत जाने के बाद भी निरंतर जारी है । जिला बहाल करो संघर्ष समिति महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि ब्लैक डे 28 जुलाई को उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति सदस्यों अधिवक्ताओं एवं आमजन ने शांतिपूर्ण शाहपुरा जिला बहाल करो के नारे लगाकर नारेबाजी प्रदर्शन करते हुये शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 14 वां स्मरण पत्र शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा संयोजक राम प्रसाद जाट के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी शाहपुरा को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम दिया गया और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का किया वादा याद दिलाया । विगत 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता प्रतिमाह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाती है इसी क्रम में 28 जुलाई को ब्लैक डे मनाया गया। ब्लैक डे पर अभिभाषक संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल ने शाहपुरा के न्यायालय में लिखित कार्य स्थगन पत्र पेश करते हुए शाहपुर जिले का समर्थन किया और शाहपुरा के सभी न्यायालयो में अभिभाषक संस्था शाहपुरा के अधिवक्ताओं ने शाहपुरा जिले की बहाली की मांग को लेकर संघर्ष समिति के समर्थन में कार्य स्थगन रख न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया । एक वर्ष चार माह पूर्व में जिला संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री की जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में वार्ता हुई और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था । परन्तु सरकार ने 14 महिने बीतने के बाद भी शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया जिससे आमजन में आक्रोश है। सह सयोजक सूर्यप्रकाश ओझा ने कहा कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले दर्जा नहीं मिल जाता आंदोलन अनवरत जारी रहेगा जारी रहेगा तथा पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव से पूर्व आंदोलन को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर अभिभाषक संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल उपाध्यक्ष अंकित शर्मा जिला बहाल करो संघर्ष समिति संरक्षक सत्यनारायण पाठक हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा राजेन्द्र पाण्डे प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष अजय मेहता उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल सोलंकी सुरेश घूसर कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा सह कोषाध्यक्ष प्रवीण पारीक सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू संघर्ष समिति सदस्य सुरेश गुर्जर जडस ,रमेशचंद्र मालू मदनलाल कंडारा रामप्रसाद सेन सुनील मिश्रा थानमल जीनगर नजीर मोहम्मद रामस्वरूप खटीक रामस्वरूप टेपन ओमप्रकाश सिन्धी अभय गुर्जर वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा अधिवक्ता अमन ओझा राजेश वर्मा निखिल व्यास गजेन्द्रप्रताप सिंह राणावत अंकित मालू आशीष भारद्वाज साक्षी श्रीवास्तव नाहरसिंह बंजारा सहित कई सदस्य एव शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे। संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक संपन्न जिला बहाल करो संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा की अध्यक्षता में हुई जिसमें अध्यक्ष राजोरा ने कहां की संघर्ष अनवरत जारी रहेगा आंदोलन का स्वरूप नए रूप में तय किया जाएगा आने वाले नगर निकाय चुनाव में सरकार को झुकाने के लिए संघर्ष समिति उचित समय पर निर्णय लेगी की संघर्ष समिति खुद चुनाव लड़े या फिर सरकार के विरुद्ध चुनाव लड़ने वाले जिले की मांग में साथ देने वाले प्रत्याशी को समर्थन करें। जल्द ही एक मीटिंग लेकर पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव पर वार्ड वाइज कार्य किया जाएगा। संघर्ष समिति जनता से किए वादों के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है । आंदोलन को दबाने वालों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष समिति मुकाबला करेगी। संघर्ष समिति संयोजक रामप्रसाद जाट ने कहा कि सरकार और सरकार के प्रतिनिधि विधायक द्वारा आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो लोकतंत्र में स्वीकार नहीं है संघर्ष समिति महासचिव कमलेश मुंडेतिया की बहन जिसके बच्चे का ब्रेन ट्यूमर का अहमदाबाद में ऑपरेशन हुआ और हालत गंभीर है का स्थानांतरण पंचायत समिति शाहपुरा से सहाड़ा महज संघर्ष समिति के सदस्य होने के कारण कर दिया गया जो जनप्रतिनिधि के प्रतिशोध को दर्शाता है। सरकार के जनप्रतिनिधि को लोकतंत्र में प्रतिशोध की बजाय प्रतिस्पर्धा की भावना से विकास कार्य करने चाहिए। यदि इस प्रकार की कार्रवाई सरकार के जनप्रतिनिधि द्वारा की जाती है तो संघर्ष समिति आईना दिखायेगी। सरकार और संघर्ष समिति के मध्य वार्ता एवं संघर्ष समिति के सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पांच सदस्य कमेटी का गठन किया गया जिसमें संयोजक रामप्रसाद जाट सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा उदय लाल बेरवा माधु लाल रेगर रहड़ सतनारायण पाठक प्रमुख है । इस मौके पर संरक्षक राजेंद्र पांडे कोषाध्यक्ष उदयलाल बेरवा दल्लीचंद खटीक माधु लाल रेगर सुरेश घुसर प्रवीण पारीक आज उस्मान मोहम्मद छिपा थानमल जीनगर रज्जाक मोहम्मद ने अपने विचार रखें और आने वाले चुनाव में संघर्ष समिति के निर्णय के अनुसार कार्य करने का संकल्प लिया।2
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- केकड़ी क्षेत्र के काबरिया में दिन दहाड़े ट्रैक्टर चोरी की वारदात सामने आई है। केकड़ी शहर थाना क्षेत्र के काबरिया ग्राम में दिनदहाड़े घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर की चोरी का मामला सामने आया है। पीड़िता की रिपोर्ट पर केकड़ी शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार काबरिया निवासी सौभाग बैरवा पत्नी रामजीलाल बैरवा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि 25 जुलाई को उनके पति किसी काम से बाहर गए हुए थे। शाम करीब 4 बजे वह अपने बाड़े में कार्य कर रही थीं। इसी दौरान घर के बाहर खड़ा उनका ट्रैक्टर सफेद रंग की कार में सवार होकर आए कुछ लोग चोरी कर ले गए। रिपोर्ट में बताया गया कि जब उनके पति घर लौटे और ट्रैक्टर की तलाश की गई, तब जानकारी मिली कि सफेद कार में आए युवराज पुत्र सज्जनसिंह, महिपाल सिंह पुत्र सज्जनसिंह, रामलाल धाकड़ पुत्र रामनारायण धाकड़ तथा मुकेश गुर्जर पुत्र रामदेव गुर्जर, निवासी अजगरा, पुलिस थाना सरवाड़, ट्रैक्टर को अपने साथ ले गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें ट्रैक्टर ले जाते हुए संदिग्ध नजर आ रहे है। केकड़ी शहर थाना पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर चोरी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
- स्वतंत्रता से पूर्व पशु पक्षियों पर अत्याचार नहीं होते थे -आजादी के बाद बहुत हो रहे जिनमे गौ माता भी शामिल है -अनेक बुचड़ खाने खुल गए है यह देश का दुर्भाग्य है -संत जगबल्लभ राम जी केकड़ी:- सुरजपोल गेट के पास स्थित रामद्वारा में चातुर्मास के लिए पधारे अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के संत जगबल्लभराम महाराज ने सोमवार रात्रि के समय होने वाले अपने प्रवचन में कहा कि स्वतंत्रता के पहले हमारे पशु पक्षी गोमाता पर कभी अत्याचार नहीं हुआ करता था। जबकि आजादी के बाद हमारे देश में हमारी सरकार हमारे लोग हमारे चुने हुए नेता गोवंश पर पर अत्याचार होने दे रहे हैं। हमारे ही लोग बड़े-बड़े बूचड़खाने कत्ल खाने खोल कर गोवंश का संहार कर नाश कर रहे हैं यह हमारे भारत का दुर्भाग्य है। इस कारण से हमारे संत महापुरुषों ने पिछले तीन माह में से को सम्मान अभियान आंदोलन चला रखा है। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिले आंदोलन भी शांति से और अहिंसा पूर्वक चाहते हैं। इस संकल्प के साथ 27 अप्रैल को तहसील स्तर पर संतों और गोसवेकों द्वारा ज्ञापन दिया गया था और शुक्रवार 27 जुलाई को जिला स्तर पर देश के महामहिम राष्ट्रपति महोदय, प्रधानमंत्री, राज्यपाल महोदय ,मुख्यमंत्री, के नाम भी जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया है। हमारे जीवन में संस्कार का बड़ा अभाव है गौ माता में 36 करोड़ देवी देवता का वास है। मृत्यु के बाद गौ माता की पूंछ पकड़ कर ही हम वैतरणी पार कर सकते हैं। आप आशा करते हैं कि गौ माता वैतरणी पर कर दे तो आपके सामने साक्षात गौ माता दुविधा में पड़ी हुई हैं। आपको तारने के लिए उसको स्वीकार नहीं करते हो । और मृत्यु के बाद आशा रखते हैं यह कैसे संभव होगा । संत जगबल्लभराम महाराज ने कहा कि गौ माता की रक्षा होनी चाहिए हमारे पूज्यपाद राजेंद्र महाराज का कहना है कि जिस दिन इस देश की भूमि पर गौ माता का रक्त गिरना बंद हो जाएगा यह देश सोने की चिड़िया बन जाएगा। इस देश में इतनी पीड़ा इतनी दरिद्रता इस देश में इतनी समस्या उसका सारा का सारा कारण गौ माता की हत्या गौ माता का रक्त इस भारत की भूमि पर पड़ा हुआ हे ।और इस भूमि का सत्यानाश हो चुका है। इस रक्त के कारण हमारे देश की भूमि जीण सीण हो चुकी है। हमारे देश की कीर्ति समाप्त हो गई है। हमारे देश का वैभव समाप्त हो गया है। इस देश में रहने वाले लोग कभी घर के ताले नहीं लगाया करते थे। जीवन में कभी सुख समृद्धि की कमी नहीं थी। स्वर्ण रजत हीरे मोती बिखरे पड़े रहते थे। क्योंकि गौ माता की कृपा थी। गो धन ही हमारा धर्म था।और कोई के अलावा कुछ नहीं था। भगवान कृष्ण नौ लाख गायों को चराते थे पालते थे। उनकी रक्षा करते थे।और गायो को लेकर गए। इसलिएआज मुझे कहना पड़ रहा है कि वास्तव में आज की सरकार को सनातनी सरकार मानते हैं और सनातनी सरकार अपने में हिंदुओं की सुरक्षा समरसता और देश की सुरक्षा के लिए कटिबंध है तो उसको सबसे पहले एक काम करना चाहिए कि देश के अंदर गौ माता का रक्त नहीं बहे गौ माता की हत्या ना हो यह सब से पहले हो जाएगा तो यह देश अपने आप सुरक्षित और समृद्ध हो जाएगा और देश पूरे विश्व में जगतगुरु के पद पर प्रतिष्ठत हो जाएगा। *गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रामद्वारा में होंगे विभिन्न कार्यक्रम प्रातः 5:00 बजे से 6:00 तक रामधुनी, सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक संत जगबल्लभराम महाराज के प्रवचन 10:15 बजे गुरु पूजन एवं 51थाली से महा आरती का आयोजन किया जाएगा। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया जाएगा। दिन में 3:00 बजे से 5:00 बजे तक महिला मंडल द्वारा भजन कीर्तन किया जाएगा। एवं रात्रि 8:30 बजे से 9:30 बजे तक संत जग बल्लभ राम के प्रवचन होंगे।4
- उपनगर पुर में 15 वर्षों से जमे ट्रस्टियों के खिलाफ ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और लेखा-जोखा की जांच की मांग, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी किया था दौरा उसके बावजूद हालात नहीं सुधरे ,,,,,,,,,,,आखिर क्यों करना पड़ रहा है बार-बार ग्रामीणों को आंदोलन ? भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर में 15 वर्षों से जमे ट्रस्टियों के खिलाफ ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और लेखा-जोखा की जांच की मांग, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी किया था दौरा उसके बावजूद हालात नहीं सुधरे ,,,,,,,,,,,आखिर क्यों करना पड़ रहा है बार-बार ग्रामीणों को आंदोलन ? भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर कस्बे के प्राचीन श्री लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर के ट्रस्ट के खिलाफ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री एवं तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौंपकर मंदिर के जीर्णोद्धार, ट्रस्ट के लेखा-जोखा की जांच तथा ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग 15 वर्षों से ट्रस्ट के पदाधिकारी एक ही पदों पर बने हुए हैं। कई बार मंदिर निर्माण कार्य एवं आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की गई, लेकिन हर बार लोगों को टाल दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के अनुसार प्रत्येक छह माह में लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है और उसका शीघ्र जीर्णोद्धार आवश्यक है। उनका कहना है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अपने दौरे के दौरान मंदिर की स्थिति देखकर आश्चर्यचकित हुए थे और इसके निर्माण की बात कही थी, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर इस जर्जर मंदिर से कभी भी कोई बड़ा हादसा होता तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी ?इसीलिए इसके नव निर्माण के लिए सरकार तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करें ? ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री लक्ष्मीनाथ भगवान देवभूमि के नाम लगभग 83 बीघा भूमि दर्ज है, जिस पर कथित रूप से भू-माफियाओं का कब्जा है। ग्रामीणों ने सरकार से इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने मांग की कि वर्तमान ट्रस्ट के कार्यों की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए तथा पुर एवं समाज के अन्य लोगों को भी ट्रस्ट में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि मंदिर का विकास कार्य पारदर्शिता के साथ हो सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से संजय पारीक, देवीलाल तेली, भंवरलाल जाट, मंगलेश्वर राजौरा, अर्जुन (पंडित) त्रिवेदी, सुरेंद्र धाकड़, रतनलाल सेन सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।1
- आईटीआई नसीराबाद का मेगा प्रवेश अभियान तेज, 28 जुलाई अंतिम तिथि; गांव-गांव पहुंचकर विद्यार्थियों को किया जागरूक आईटीआई नसीराबाद का मेगा प्रवेश अभियान तेज, 28 जुलाई अंतिम तिथि; गांव-गांव पहुंचकर विद्यार्थियों को किया जागरूक1
- शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 14 वां स्मरणपत्र मुख्यमंत्री के नाम सोंपा शाहपुरा विधायक के खिलाफ संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा संघर्ष समिति सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पांच सदस्य कमेटी गठित शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार जिला बहाल करो संघर्ष समिति द्वारा शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा देकर जिला बहाल करने की मांग का आंदोलन एक वर्ष सात माह बीत जाने के बाद भी निरंतर जारी है । जिला बहाल करो संघर्ष समिति महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि ब्लैक डे 28 जुलाई को उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति सदस्यों अधिवक्ताओं एवं आमजन ने शांतिपूर्ण शाहपुरा जिला बहाल करो के नारे लगाकर नारेबाजी प्रदर्शन करते हुये शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 14 वां स्मरण पत्र शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा संयोजक राम प्रसाद जाट के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी शाहपुरा को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम दिया गया और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का किया वादा याद दिलाया । विगत 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता प्रतिमाह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाती है इसी क्रम में 28 जुलाई को ब्लैक डे मनाया गया। ब्लैक डे पर अभिभाषक संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल ने शाहपुरा के न्यायालय में लिखित कार्य स्थगन पत्र पेश करते हुए शाहपुर जिले का समर्थन किया और शाहपुरा के सभी न्यायालयो में अभिभाषक संस्था शाहपुरा के अधिवक्ताओं ने शाहपुरा जिले की बहाली की मांग को लेकर संघर्ष समिति के समर्थन में कार्य स्थगन रख न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया । एक वर्ष चार माह पूर्व में जिला संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री की जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में वार्ता हुई और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था । परन्तु सरकार ने 14 महिने बीतने के बाद भी शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया जिससे आमजन में आक्रोश है। सह सयोजक सूर्यप्रकाश ओझा ने कहा कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले दर्जा नहीं मिल जाता आंदोलन अनवरत जारी रहेगा जारी रहेगा तथा पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव से पूर्व आंदोलन को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर अभिभाषक संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल उपाध्यक्ष अंकित शर्मा जिला बहाल करो संघर्ष समिति संरक्षक सत्यनारायण पाठक हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा राजेन्द्र पाण्डे प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष अजय मेहता उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल सोलंकी सुरेश घूसर कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा सह कोषाध्यक्ष प्रवीण पारीक सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू संघर्ष समिति सदस्य सुरेश गुर्जर जडस ,रमेशचंद्र मालू मदनलाल कंडारा रामप्रसाद सेन सुनील मिश्रा थानमल जीनगर नजीर मोहम्मद रामस्वरूप खटीक रामस्वरूप टेपन ओमप्रकाश सिन्धी अभय गुर्जर वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा अधिवक्ता अमन ओझा राजेश वर्मा निखिल व्यास गजेन्द्रप्रताप सिंह राणावत अंकित मालू आशीष भारद्वाज साक्षी श्रीवास्तव नाहरसिंह बंजारा सहित कई सदस्य एव शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे। संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक संपन्न जिला बहाल करो संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा की अध्यक्षता में हुई जिसमें अध्यक्ष राजोरा ने कहां की संघर्ष अनवरत जारी रहेगा आंदोलन का स्वरूप नए रूप में तय किया जाएगा आने वाले नगर निकाय चुनाव में सरकार को झुकाने के लिए संघर्ष समिति उचित समय पर निर्णय लेगी की संघर्ष समिति खुद चुनाव लड़े या फिर सरकार के विरुद्ध चुनाव लड़ने वाले जिले की मांग में साथ देने वाले प्रत्याशी को समर्थन करें। जल्द ही एक मीटिंग लेकर पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव पर वार्ड वाइज कार्य किया जाएगा। संघर्ष समिति जनता से किए वादों के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है । आंदोलन को दबाने वालों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष समिति मुकाबला करेगी। संघर्ष समिति संयोजक रामप्रसाद जाट ने कहा कि सरकार और सरकार के प्रतिनिधि विधायक द्वारा आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो लोकतंत्र में स्वीकार नहीं है संघर्ष समिति महासचिव कमलेश मुंडेतिया की बहन जिसके बच्चे का ब्रेन ट्यूमर का अहमदाबाद में ऑपरेशन हुआ और हालत गंभीर है का स्थानांतरण पंचायत समिति शाहपुरा से सहाड़ा महज संघर्ष समिति के सदस्य होने के कारण कर दिया गया जो जनप्रतिनिधि के प्रतिशोध को दर्शाता है। सरकार के जनप्रतिनिधि को लोकतंत्र में प्रतिशोध की बजाय प्रतिस्पर्धा की भावना से विकास कार्य करने चाहिए। यदि इस प्रकार की कार्रवाई सरकार के जनप्रतिनिधि द्वारा की जाती है तो संघर्ष समिति आईना दिखायेगी। सरकार और संघर्ष समिति के मध्य वार्ता एवं संघर्ष समिति के सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पांच सदस्य कमेटी का गठन किया गया जिसमें संयोजक रामप्रसाद जाट सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा उदय लाल बेरवा माधु लाल रेगर रहड़ सतनारायण पाठक प्रमुख है । इस मौके पर संरक्षक राजेंद्र पांडे कोषाध्यक्ष उदयलाल बेरवा दल्लीचंद खटीक माधु लाल रेगर सुरेश घुसर प्रवीण पारीक आज उस्मान मोहम्मद छिपा थानमल जीनगर रज्जाक मोहम्मद ने अपने विचार रखें और आने वाले चुनाव में संघर्ष समिति के निर्णय के अनुसार कार्य करने का संकल्प लिया।2
- चपरासी कॉलोनी में बात करने का बहाना कर युवक को उसके घर बुलाया, दरवाजा खोलते ही रिश्तेदारों ने चाकू से किया ताबड़तोड़ हमला भीलवाड़ा। शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित चपरासी कॉलोनी में मंगलवार को पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर उसके ही घर में घुसकर चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर गांधीनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। घायल अभिषेक सेन पुत्र श्यामलाल सेन उम्र 26 वर्ष निवासी चपरासी कॉलोनी ने शाम करीब 6 बजे जिला अस्पताल में बताया कि उसकी घीसूलाल सेन निवासी लांबिया से करीब तीन वर्ष से रंजिश चल रही थी, हालांकि दोनों पक्षों के बीच पहले समझौता हो चुका था। अभिषेक का कहना है कि मंगलवार को घीसूलाल ने फोन कर कहा कि बैठकर बात करनी है और उसे उसके घर आने के लिए कहा। वह काम से आधे दिन की छुट्टी लेकर अपने घर पहुंचा। कुछ देर बाद घीसूलाल सेन निवासी लांबिया, करण सेन , मुकेश तेली, लीला देवी और घीसू लाल की पत्नी उसके घर पहुंचे और जैसे ही उसने अपने घर का दरवाजा खोला करण ने उस पर चाकू से हमला कर दिया और आंख में उंगली डालकर घायल कर दिया। इसके बाद घीसूलाल ने उसके पैर पर चाकू से वार किया, जबकि अन्य लोगों ने भी मेरे साथ मारपीट करी। घटना की सूचना पर गांधीनगर थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और घायल से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। फिलहाल पुलिस घायल के बयान के आधार पर हमलावरों की तलाश कर रही है1