उपनगर पुर में 15 वर्षों से जमे ट्रस्टियों के खिलाफ ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और लेखा-जोखा की जांच की मांग, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी किया था दौरा उसके बावजूद हालात नहीं सुधरे ,,,,,,,,,,,आखिर क्यों करना पड़ रहा है बार-बार ग्रामीणों को आंदोलन ? भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर में 15 वर्षों से जमे ट्रस्टियों के खिलाफ ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और लेखा-जोखा की जांच की मांग, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी किया था दौरा उसके बावजूद हालात नहीं सुधरे ,,,,,,,,,,,आखिर क्यों करना पड़ रहा है बार-बार ग्रामीणों को आंदोलन ? भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर कस्बे के प्राचीन श्री लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर के ट्रस्ट के खिलाफ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री एवं तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौंपकर मंदिर के जीर्णोद्धार, ट्रस्ट के लेखा-जोखा की जांच तथा ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग 15 वर्षों से ट्रस्ट के पदाधिकारी एक ही पदों पर बने हुए हैं। कई बार मंदिर निर्माण कार्य एवं आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की गई, लेकिन हर बार लोगों को टाल दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के अनुसार प्रत्येक छह माह में लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है और उसका शीघ्र जीर्णोद्धार आवश्यक है। उनका कहना है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अपने दौरे के दौरान मंदिर की स्थिति देखकर आश्चर्यचकित हुए थे और इसके निर्माण की बात कही थी, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर इस जर्जर मंदिर से कभी भी कोई बड़ा हादसा होता तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी ?इसीलिए इसके नव निर्माण के लिए सरकार तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करें ? ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री लक्ष्मीनाथ भगवान देवभूमि के नाम लगभग 83 बीघा भूमि दर्ज है, जिस पर कथित रूप से भू-माफियाओं का कब्जा है। ग्रामीणों ने सरकार से इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने मांग की कि वर्तमान ट्रस्ट के कार्यों की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए तथा पुर एवं समाज के अन्य लोगों को भी ट्रस्ट में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि मंदिर का विकास कार्य पारदर्शिता के साथ हो सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से संजय पारीक, देवीलाल तेली, भंवरलाल जाट, मंगलेश्वर राजौरा, अर्जुन (पंडित) त्रिवेदी, सुरेंद्र धाकड़, रतनलाल सेन सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
उपनगर पुर में 15 वर्षों से जमे ट्रस्टियों के खिलाफ ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और लेखा-जोखा की जांच की मांग, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी किया था दौरा उसके बावजूद हालात नहीं सुधरे ,,,,,,,,,,,आखिर क्यों करना पड़ रहा है बार-बार ग्रामीणों को आंदोलन ? भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर में 15 वर्षों से जमे ट्रस्टियों के खिलाफ ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और लेखा-जोखा की जांच की मांग, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी किया था दौरा उसके बावजूद हालात नहीं सुधरे ,,,,,,,,,,,आखिर क्यों करना पड़ रहा है बार-बार ग्रामीणों को आंदोलन ? भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर कस्बे के प्राचीन श्री लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर के ट्रस्ट के खिलाफ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री एवं तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौंपकर मंदिर के जीर्णोद्धार, ट्रस्ट के लेखा-जोखा की जांच तथा ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग 15 वर्षों से ट्रस्ट के पदाधिकारी एक ही पदों पर बने हुए हैं। कई बार मंदिर निर्माण कार्य एवं आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की गई, लेकिन हर बार लोगों को टाल दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के अनुसार प्रत्येक छह माह में लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है और उसका शीघ्र जीर्णोद्धार आवश्यक है। उनका कहना है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अपने दौरे के दौरान मंदिर की स्थिति देखकर आश्चर्यचकित हुए थे और इसके निर्माण की बात कही थी, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर इस जर्जर मंदिर से कभी भी कोई बड़ा हादसा होता तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी ?इसीलिए इसके नव निर्माण के लिए सरकार तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करें ? ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री लक्ष्मीनाथ भगवान देवभूमि के नाम लगभग 83 बीघा भूमि दर्ज है, जिस पर कथित रूप से भू-माफियाओं का कब्जा है। ग्रामीणों ने सरकार से इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने मांग की कि वर्तमान ट्रस्ट के कार्यों की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए तथा पुर एवं समाज के अन्य लोगों को भी ट्रस्ट में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि मंदिर का विकास कार्य पारदर्शिता के साथ हो सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से संजय पारीक, देवीलाल तेली, भंवरलाल जाट, मंगलेश्वर राजौरा, अर्जुन (पंडित) त्रिवेदी, सुरेंद्र धाकड़, रतनलाल सेन सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
- उपनगर पुर में 15 वर्षों से जमे ट्रस्टियों के खिलाफ ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और लेखा-जोखा की जांच की मांग, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी किया था दौरा उसके बावजूद हालात नहीं सुधरे ,,,,,,,,,,,आखिर क्यों करना पड़ रहा है बार-बार ग्रामीणों को आंदोलन ? भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर में 15 वर्षों से जमे ट्रस्टियों के खिलाफ ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और लेखा-जोखा की जांच की मांग, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी किया था दौरा उसके बावजूद हालात नहीं सुधरे ,,,,,,,,,,,आखिर क्यों करना पड़ रहा है बार-बार ग्रामीणों को आंदोलन ? भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर कस्बे के प्राचीन श्री लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर के ट्रस्ट के खिलाफ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री एवं तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौंपकर मंदिर के जीर्णोद्धार, ट्रस्ट के लेखा-जोखा की जांच तथा ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग 15 वर्षों से ट्रस्ट के पदाधिकारी एक ही पदों पर बने हुए हैं। कई बार मंदिर निर्माण कार्य एवं आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की गई, लेकिन हर बार लोगों को टाल दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के अनुसार प्रत्येक छह माह में लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है और उसका शीघ्र जीर्णोद्धार आवश्यक है। उनका कहना है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अपने दौरे के दौरान मंदिर की स्थिति देखकर आश्चर्यचकित हुए थे और इसके निर्माण की बात कही थी, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर इस जर्जर मंदिर से कभी भी कोई बड़ा हादसा होता तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी ?इसीलिए इसके नव निर्माण के लिए सरकार तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करें ? ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री लक्ष्मीनाथ भगवान देवभूमि के नाम लगभग 83 बीघा भूमि दर्ज है, जिस पर कथित रूप से भू-माफियाओं का कब्जा है। ग्रामीणों ने सरकार से इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने मांग की कि वर्तमान ट्रस्ट के कार्यों की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए तथा पुर एवं समाज के अन्य लोगों को भी ट्रस्ट में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि मंदिर का विकास कार्य पारदर्शिता के साथ हो सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से संजय पारीक, देवीलाल तेली, भंवरलाल जाट, मंगलेश्वर राजौरा, अर्जुन (पंडित) त्रिवेदी, सुरेंद्र धाकड़, रतनलाल सेन सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।1
- शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 14 वां स्मरणपत्र मुख्यमंत्री के नाम सोंपा शाहपुरा विधायक के खिलाफ संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा संघर्ष समिति सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पांच सदस्य कमेटी गठित शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार जिला बहाल करो संघर्ष समिति द्वारा शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा देकर जिला बहाल करने की मांग का आंदोलन एक वर्ष सात माह बीत जाने के बाद भी निरंतर जारी है । जिला बहाल करो संघर्ष समिति महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि ब्लैक डे 28 जुलाई को उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति सदस्यों अधिवक्ताओं एवं आमजन ने शांतिपूर्ण शाहपुरा जिला बहाल करो के नारे लगाकर नारेबाजी प्रदर्शन करते हुये शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 14 वां स्मरण पत्र शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा संयोजक राम प्रसाद जाट के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी शाहपुरा को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम दिया गया और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का किया वादा याद दिलाया । विगत 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता प्रतिमाह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाती है इसी क्रम में 28 जुलाई को ब्लैक डे मनाया गया। ब्लैक डे पर अभिभाषक संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल ने शाहपुरा के न्यायालय में लिखित कार्य स्थगन पत्र पेश करते हुए शाहपुर जिले का समर्थन किया और शाहपुरा के सभी न्यायालयो में अभिभाषक संस्था शाहपुरा के अधिवक्ताओं ने शाहपुरा जिले की बहाली की मांग को लेकर संघर्ष समिति के समर्थन में कार्य स्थगन रख न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया । एक वर्ष चार माह पूर्व में जिला संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री की जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में वार्ता हुई और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था । परन्तु सरकार ने 14 महिने बीतने के बाद भी शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया जिससे आमजन में आक्रोश है। सह सयोजक सूर्यप्रकाश ओझा ने कहा कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले दर्जा नहीं मिल जाता आंदोलन अनवरत जारी रहेगा जारी रहेगा तथा पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव से पूर्व आंदोलन को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर अभिभाषक संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल उपाध्यक्ष अंकित शर्मा जिला बहाल करो संघर्ष समिति संरक्षक सत्यनारायण पाठक हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा राजेन्द्र पाण्डे प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष अजय मेहता उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल सोलंकी सुरेश घूसर कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा सह कोषाध्यक्ष प्रवीण पारीक सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू संघर्ष समिति सदस्य सुरेश गुर्जर जडस ,रमेशचंद्र मालू मदनलाल कंडारा रामप्रसाद सेन सुनील मिश्रा थानमल जीनगर नजीर मोहम्मद रामस्वरूप खटीक रामस्वरूप टेपन ओमप्रकाश सिन्धी अभय गुर्जर वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा अधिवक्ता अमन ओझा राजेश वर्मा निखिल व्यास गजेन्द्रप्रताप सिंह राणावत अंकित मालू आशीष भारद्वाज साक्षी श्रीवास्तव नाहरसिंह बंजारा सहित कई सदस्य एव शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे। संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक संपन्न जिला बहाल करो संघर्ष समिति की समीक्षा बैठक अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा की अध्यक्षता में हुई जिसमें अध्यक्ष राजोरा ने कहां की संघर्ष अनवरत जारी रहेगा आंदोलन का स्वरूप नए रूप में तय किया जाएगा आने वाले नगर निकाय चुनाव में सरकार को झुकाने के लिए संघर्ष समिति उचित समय पर निर्णय लेगी की संघर्ष समिति खुद चुनाव लड़े या फिर सरकार के विरुद्ध चुनाव लड़ने वाले जिले की मांग में साथ देने वाले प्रत्याशी को समर्थन करें। जल्द ही एक मीटिंग लेकर पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव पर वार्ड वाइज कार्य किया जाएगा। संघर्ष समिति जनता से किए वादों के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है । आंदोलन को दबाने वालों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष समिति मुकाबला करेगी। संघर्ष समिति संयोजक रामप्रसाद जाट ने कहा कि सरकार और सरकार के प्रतिनिधि विधायक द्वारा आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो लोकतंत्र में स्वीकार नहीं है संघर्ष समिति महासचिव कमलेश मुंडेतिया की बहन जिसके बच्चे का ब्रेन ट्यूमर का अहमदाबाद में ऑपरेशन हुआ और हालत गंभीर है का स्थानांतरण पंचायत समिति शाहपुरा से सहाड़ा महज संघर्ष समिति के सदस्य होने के कारण कर दिया गया जो जनप्रतिनिधि के प्रतिशोध को दर्शाता है। सरकार के जनप्रतिनिधि को लोकतंत्र में प्रतिशोध की बजाय प्रतिस्पर्धा की भावना से विकास कार्य करने चाहिए। यदि इस प्रकार की कार्रवाई सरकार के जनप्रतिनिधि द्वारा की जाती है तो संघर्ष समिति आईना दिखायेगी। सरकार और संघर्ष समिति के मध्य वार्ता एवं संघर्ष समिति के सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए पांच सदस्य कमेटी का गठन किया गया जिसमें संयोजक रामप्रसाद जाट सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा उदय लाल बेरवा माधु लाल रेगर रहड़ सतनारायण पाठक प्रमुख है । इस मौके पर संरक्षक राजेंद्र पांडे कोषाध्यक्ष उदयलाल बेरवा दल्लीचंद खटीक माधु लाल रेगर सुरेश घुसर प्रवीण पारीक आज उस्मान मोहम्मद छिपा थानमल जीनगर रज्जाक मोहम्मद ने अपने विचार रखें और आने वाले चुनाव में संघर्ष समिति के निर्णय के अनुसार कार्य करने का संकल्प लिया।2
- सरकारी कर्मचारी नहीं, कृष्ण भक्ति में डूबे विनोद कुमार गन्ना, देखें अद्भुत भक्ति का रंग चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक कर्मचारी विनोद कुमार गन्ना की अनोखी पहचान—कार्यालय में कर्मयोगी, तो भजन संध्या में मीरा जैसी कृष्ण भक्ति में लीन होकर झूमते आए नजर1
- धोखा मिला है… लेकिन जिंदगी खत्म करने का कारण नहीं! आज समाज में एक खतरनाक ट्रेंड बढ़ रहा है —रिश्तों में धोखा, मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद के कारणकई पुरुष आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। ❓ लेकिन सवाल ये है — क्या यही समाधान है?या फिर अपने ही परिवार को आजीवन दर्द देने वाली एक और त्रासदी? 💔 सच्चाई कड़वी है, लेकिन जरूरी है समझना:किसी के गलत व्यवहार की सजा खुद को देना न्याय नहीं है।अगर पत्नी या उसके परिवार द्वारा मानसिक, आर्थिक या कानूनी दबाव बनाया जा रहा है —तो कानून और न्याय व्यवस्था आपके लिए भी है।1
- मानसिक रूप से विकृत वक्ति के परिजनों ने पेंशन शुरू करवाने के नाम पर रजिस्ट्री करवादी। भूपालसागर। उपखण्ड क्षेत्र के राणावतों की सादडी मे स्थित खेड़ी निवासी गोपी पत्नी माणा भील ने भूपालसागर तहसीलदार अपूर्व गौतम एवं पुलिस थाना भूपालसागर मे अपने पुत्र केला पुत्र माना भील सहित पहुँच रिपोर्ट पेश की जिसमे बताया की इनकी खेती की जमीन गांव मे पटवार हल्का पटोलिया तहसील भूपालसागर मे खसरा संख्या 1292/265 है जिसे अपने ही समाज और रिस्तेदार लोगों ने पेंशन शुरू करवाने का बहाना बना कर तहसील कार्यालय मे जमीन का रजिस्ट्रेशन करवा दिया था, इसके पश्चात् जब जमीन की नामांतरण प्रक्रिया की गई तब मेरे रिस्तेदार ने बताया की जमीन का नामांतरण कराया जा रहा है जमीन बेच दी क्या तब जाकर मुझे पता चला की मेरे से पुत्र केला मंदबुद्धि होकर मानसिक रूप से कमजोर होने से लोगो ने उसका गलत रूप से फ़ायदा उठा लिया है, इसको बहला-फुसलाकर कुछ लोगो ने इसकी जमीन को बेच दी हैं। जमीन खरीदने वाला सुरेश पुत्र मांगीलाल निवासी फतेहनगर,साथ में महेन्द्र पुत्र वासुदेव निवासी राणावतों की सादड़ी,रामलाल भील कल्कि मंगरी, महेन्द्र भील ओगड़ा का खेड़ा,शंकर भील सभी ने मिलकर प्राप्त रुपयों का आपस मे बाँटवारा कर लिया । पुत्र के जीने का सहारा जमीन का टुकड़ा ही हड़प लिया। बुजुर्ग महिला द्वारा न्याय की गुहार लगायी जा रही है।2
- गोगाथला में पैंथर का आतंक, घर के बाहर से कुत्ते का किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत गोगाथला में पैंथर का आतंक, घर के बाहर से कुत्ते का किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत रेलमगरा। उपखंड क्षेत्र के गोगाथला गांव में पैंथर की लगातार बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। शनिवार देर रात गोगाथला के मेन रोड स्थित भील बस्ती स्कूल के सामने बागरिया परिवार के घर के बाहर से पैंथर एक कुत्ते का शिकार कर ले गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि पैंथर की आवाजाही लगातार बनी हुई है, जिससे बच्चों, महिलाओं एवं मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने रात्रि के समय घरों से बाहर निकलने में भी सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासक छोगालाल सालवी को अवगत कराया गया। उन्होंने तत्काल क्षेत्रीय वन अधिकारी को सूचना देकर प्रभावित क्षेत्र में शीघ्र पिंजरा लगाने तथा पैंथर को सुरक्षित पकड़ने की मांग की, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या अन्य गंभीर घटना को रोका जा सके। ग्रामीणों ने वन विभाग से पैंथर की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने, आवश्यक सुरक्षा उपाय करने तथा जल्द से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाकर पैंथर को पकड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।4
- नाली अतिक्रमण विवाद ने पकड़ा तूल: मौन सत्याग्रह के बाद दूसरा पक्ष भी कलेक्ट्रेट पहुंचा, लगाए प्रताड़ना के आरोप, उधार नहीं देने पर अतिक्रमण की शिकायत करने का आरोप भवानी नगर में सरकारी नाली पर कथित अतिक्रमण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आमने-सामने की लड़ाई में बदल गया है। शुक्रवार को प्रकाश गुर्जर द्वारा जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर मौन सत्याग्रह किए जाने के बाद मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे दूसरा पक्ष भी अपने परिवार और छोटे बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा और पूरे मामले को आपसी रंजिश का परिणाम बताया। राधे प्रजापत ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि प्रकाश गुर्जर उन्हें लगातार धमका रहा है और झूठी शिकायतों के जरिए परेशान कर रहा है। प्रजापत का कहना है कि कुछ समय पहले प्रकाश गुर्जर उनकी दुकान से उधार में सामान लेने आया था। उधार देने से इनकार करने के बाद से वह रंजिश रखने लगा और विभिन्न विभागों में लगातार शिकायतें कर रहा है। प्रजापत ने दावा किया कि मौके पर सभी दुकानदार और मकान मालिक वर्षों से निर्धारित सीमा के भीतर ही हैं तथा किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया गया है। दुकान के बाहर रखा मामूली सामान भी उन्होंने स्वयं हटा दिया है। उनका आरोप है कि प्रकाश गुर्जर बेवजह उन्हें निशाना बना रहा है, जबकि उसका खुद का सर्विस सेंटर कथित रूप से अतिक्रमण में संचालित हो रहा है। साथ ही, उसने अपने मकान के पीछे भी पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर रखा है। प्रजापत ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और झूठी शिकायतों के आधार पर उन्हें प्रताड़ित नहीं किए जाने की मांग की।1
- चपरासी कॉलोनी में बात करने का बहाना कर युवक को उसके घर बुलाया, दरवाजा खोलते ही रिश्तेदारों ने चाकू से किया ताबड़तोड़ हमला भीलवाड़ा। शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित चपरासी कॉलोनी में मंगलवार को पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर उसके ही घर में घुसकर चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर गांधीनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। घायल अभिषेक सेन पुत्र श्यामलाल सेन उम्र 26 वर्ष निवासी चपरासी कॉलोनी ने शाम करीब 6 बजे जिला अस्पताल में बताया कि उसकी घीसूलाल सेन निवासी लांबिया से करीब तीन वर्ष से रंजिश चल रही थी, हालांकि दोनों पक्षों के बीच पहले समझौता हो चुका था। अभिषेक का कहना है कि मंगलवार को घीसूलाल ने फोन कर कहा कि बैठकर बात करनी है और उसे उसके घर आने के लिए कहा। वह काम से आधे दिन की छुट्टी लेकर अपने घर पहुंचा। कुछ देर बाद घीसूलाल सेन निवासी लांबिया, करण सेन , मुकेश तेली, लीला देवी और घीसू लाल की पत्नी उसके घर पहुंचे और जैसे ही उसने अपने घर का दरवाजा खोला करण ने उस पर चाकू से हमला कर दिया और आंख में उंगली डालकर घायल कर दिया। इसके बाद घीसूलाल ने उसके पैर पर चाकू से वार किया, जबकि अन्य लोगों ने भी मेरे साथ मारपीट करी। घटना की सूचना पर गांधीनगर थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और घायल से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। फिलहाल पुलिस घायल के बयान के आधार पर हमलावरों की तलाश कर रही है1