रात में बिजली गिरने से एक पेड़ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसकी चोटी से जड़ तक की खाल निकल गई। इस घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, जबकि 50 साल पहले ऐसी घटनाएं नहीं होती थीं। पोस्ट के अनुसार, इसका मुख्य कारण यह है कि घरों में बिजली तो आ गई है, लेकिन 'अर्थिंग' नहीं लगे होने के कारण बिजली को जमीन में जाने का सीधा रास्ता नहीं मिलता और वह पेड़ों के रास्ते जमीन में उतर रही है, जिससे पेड़ों को भारी नुकसान हो रहा है और वे 'मरने का टिकट' पा रहे हैं। लेखक का कहना है कि बिजली अधिकारियों को तुरंत हर घर में अर्थिंग लगाने का आदेश देना चाहिए, ताकि बिजली सीधे अर्थिंग के माध्यम से जमीन में जा सके और पेड़ों को बलिदान न देना पड़े। इस पर जल्द से जल्द अमल करने की मांग की गई है। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया है कि इस क्षतिग्रस्त पेड़ के बदले कौन नया पेड़ लगाएगा। लेखक ने आम, लीची, कटहल जैसे फलदार पेड़ों के बजाय सखुआ, महुआ, जामुन, कुसुम जैसे ऑक्सीजन देने वाले पेड़ों की योजना बनाने की वकालत की है। यदि इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में और भी पेड़ों को इसी तरह की घटनाओं में अपनी 'चमड़ी' गंवानी पड़ेगी।
रात में बिजली गिरने से एक पेड़ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसकी चोटी से जड़ तक की खाल निकल गई। इस घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, जबकि 50 साल पहले ऐसी घटनाएं नहीं होती थीं। पोस्ट के अनुसार, इसका मुख्य कारण यह है कि घरों में बिजली तो आ गई है, लेकिन 'अर्थिंग' नहीं लगे होने के कारण बिजली को जमीन में जाने का सीधा रास्ता नहीं मिलता और वह पेड़ों के रास्ते जमीन में उतर रही है, जिससे पेड़ों को भारी नुकसान हो रहा है और वे 'मरने का टिकट' पा रहे हैं। लेखक का कहना है कि बिजली अधिकारियों को तुरंत हर घर में अर्थिंग लगाने का आदेश देना चाहिए, ताकि बिजली सीधे अर्थिंग के माध्यम से जमीन में जा सके और पेड़ों को बलिदान न देना पड़े। इस पर जल्द से जल्द अमल करने की मांग की गई है। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया है कि इस क्षतिग्रस्त पेड़ के बदले कौन नया पेड़ लगाएगा। लेखक ने आम, लीची, कटहल जैसे फलदार पेड़ों के बजाय सखुआ, महुआ, जामुन, कुसुम जैसे ऑक्सीजन देने वाले पेड़ों की योजना बनाने की वकालत की है। यदि इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में और भी पेड़ों को इसी तरह की घटनाओं में अपनी 'चमड़ी' गंवानी पड़ेगी।
- झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित पोकटा गांव में पारंपरिक पत्थलगड़ी जतरा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों ग्रामीणों ने पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ भाग लिया। इस सांस्कृतिक और सामाजिक समागम में आदिवासी संस्कृति की अनूठी और समृद्ध झलक देखने को मिली, जहाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। समारोह के मुख्य अतिथि सिसई के विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने पत्थलगड़ी परंपरा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और पूर्वजों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने इसे पहचान, अधिकारों और कर्तव्यों का बोध कराने वाली तथा समाज की सबसे बड़ी धरोहर बताया, जिसे बचाए रखना और आगे बढ़ाना हम सभी का परम दायित्व है। विधायक ने युवा पीढ़ी से आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी मातृभाषा, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया, साथ ही ग्रामीणों से समाज की एकता और जागरूकता को विकास की असली नींव मानते हुए आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में योगदान देने की अपील की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक सहभागिता की मिसाल देखने को मिली। इस अवसर पर सुकरात उरांव (प्रखंड अध्यक्ष), जयंत दास (प्रखंड सचिव), रश्मि टेटे (मुखिया), सोम पहान, रोशन कुजूर जैसे गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ क्षेत्र के कई अन्य प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित थे। पूरा समारोह सामाजिक सौहार्द और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत कातिंग गांव में सोमवार को जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने लगभग 24 लाख रुपये की लागत वाली पीसीसी सड़क का विधिवत शिलान्यास किया। इस परियोजना के तहत मुख्य सड़क से गोरटो तक करीब 500 मीटर लंबा मार्ग निर्मित होगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।1
- गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला टास्क फोर्स (खनन), एनसीओआरडी (NCORD), सड़क सुरक्षा और कारा सुरक्षा से संबंधित एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर नियंत्रण, मादक पदार्थों की रोकथाम, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा मंडल कारा की सुरक्षा एवं आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद संबंधित विभागों को आवश्यक व कड़े दिशा-निर्देश दिए गए। अवैध खनन और खनिज परिवहन के विषय पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बावजूद सभी संभावित बालू घाटों और नदी क्षेत्रों में नियमित छापामारी अभियान चलाकर अवैध बालू उत्खनन और परिवहन पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में जिला टास्क फोर्स द्वारा संयुक्त रूप से नियमित निरीक्षण और कार्रवाई करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के अंतर्गत कैटेगरी-11 के 18 बालू घाटों (एक इकाई) की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया पूरी कर सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी है, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जिले में बालू उपलब्धता की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन में लगे वाहनों के चालान, ओवरलोडिंग एवं सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करने तथा खनिजों को तिरपाल से ढँककर परिवहन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी वृहत खनिज (बॉक्साइट) और लघु खनिज (पत्थर) क्षेत्रों में समाप्त हो चुके खनन पट्टों व चालू पट्टाक्षेत्र से बाहर होने वाले अवैध खनन पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। साथ ही, खनन पट्टों और क्रशर इकाइयों की नियमित जांच कर बाउंड्री पिलर, साइन बोर्ड, क्रशर कवरिंग एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की समीक्षा के दौरान, उपायुक्त ने जिले में व्यापक जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, सार्वजनिक एवं संवेदनशील स्थलों पर मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा जिले के बाहर से आने वाले मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का आह्वान किया। कारा सुरक्षा की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने मंडल कारा के नवनिर्मित भवनों को तुरंत हैंडओवर करने तथा विस्तारित कारा खंड में बंदियों को स्थानांतरित करने से पहले सीसीटीवी कैमरा और इलेक्ट्रिक फेंसिंग अनिवार्य रूप से स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने नवनिर्मित बंदी बैरकों में अधूरी निकासी व्यवस्था को पूर्ण करने, ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और प्रशासनिक भवन की छत पर क्षतिग्रस्त प्लास्टर की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में मंडल कारा का समग्र सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय भी लिया गया। सड़क सुरक्षा की समीक्षा के तहत, उपायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक जन जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता कर अस्पताल पहुँचाने वाले ‘गुड सेमेरिटन’ व्यक्तियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में गुमला-पलमा रोड और पटेल चौक से चंडाली तक सड़क निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने एनएच-78 के दुर्घटना संभावित स्थलों पर हाई मास्क लाइट लगाने, ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में साइनेज और रोड लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पेट्रोल पंपों पर ‘बिना हेलमेट तेल नहीं’ अभियान को सख्ती से लागू करने तथा प्रत्येक पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र (PUC Center) स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। परिवहन विभाग को विशेष वाहन जांच अभियान चलाने, हेलमेट चेकिंग प्वाइंट विकसित करने तथा स्कूलों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान हिट एंड रन मामलों से संबंधित लंबित आवेदनों एवं राहत प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारीगण, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जेल अधीक्षक, उत्पाद अधीक्षक, पुलिस विभाग के पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।2
- सोमवार को सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, बसिया और प्रखंड विकास पदाधिकारी, सिसई की अध्यक्षता में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को आगामी 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलने वाले घर-घर मतदाता गणना अभियान के लिए तैयार करना था, जिसमें उन्हें प्रत्येक मतदाता के घर जाकर गणना प्रपत्र देने और भरवाने की पूरी जानकारी दी गई। अभियान के दौरान बीएलओ की सहायता के लिए राजनीतिक दलों के बीएलए 2 और स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदाता से गणना प्रपत्र भरकर वापस लेते समय किसी भी प्रकार के दस्तावेज की माँग नहीं करेंगे। प्रशिक्षण में बीएलओ को गणना प्रपत्र भरने और उसे बीएलओ ऐप में अपलोड करने संबंधी विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। प्रशिक्षण सत्र में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सुधीर प्रकाश (बसिया), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी रमेश कुमार यादव (सिसई), प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी सोमराई किंडो (सिसई), निर्वाचन शाखा से सुमित केशरी (सिसई), अनुमंडल कार्यालय बसिया की निर्वाचन शाखा से सौरभ गुप्ता, निर्वाचन पर्यवेक्षक (सिसई), और सिसई प्रखंड के सभी बीएलओ उपस्थित थे।1
- जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए अब पैसे खर्च करने की ज़रूरत नहीं है। 'नेचुरल वेदा' द्वारा मुफ्त फैट लॉस का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें किसी भी प्रकार का कोई पैसा नहीं लगेगा।1
- बुढ़िया करम पर्व की पूर्व संध्या पर गुमला जिले के डुमरी स्थित सरना धूमकुड़िया भवन परिसर में एक भव्य बुजुर्ग मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पचास से अधिक बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों ने भाग लेकर समाज की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं को मजबूत करने का सशक्त संदेश दिया। समारोह के दौरान, समाज के वरिष्ठ बुद्धिजीवियों अकलू भगत, जगरनाथ भगत, रविशंकर भगत, सुमित्रा कुमारी और अन्नपूर्णा देवी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वक्ताओं ने समुदाय के लोगों से अपने विकास के प्रति सजग रहने और अपनी संस्कृति, परंपरा तथा विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने सरना धर्मस्थलों के संरक्षण, सामाजिक विकास, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ डुमरी की महिलाओं द्वारा बुजुर्गों के चरण धोकर सम्मानपूर्वक स्वागत करने के साथ हुआ। इसके उपरांत, बुजुर्गों की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और शांतिपूर्ण जीवन की कामना के लिए विशेष प्रार्थना की गई। इस समारोह को सफल बनाने में बेला देवी, मुखिया संजय उरांव, बीरेंद्र भगत, सुखमनी देवी, जसिंता देवी, बिमला कुजूर, फूलकुमारी देवी, गंगोत्री देवी, अजय भगत, मनोज उरांव, देवेश उरांव और लौंगी देवी सहित अनेक लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह कार्यक्रम समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक प्रभावी संदेश देने में सफल रहा।1
- अस्पताल में आधार कार्ड और आभा कार्ड लाने की मांग की गई है, जिसके चलते मरीजों को घंटों तक बाहर इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति से मरीज काफी परेशान हैं। इसी बीच, अस्पताल से जुड़े लोग पिछले छह महीनों से आय (इनकम) न मिलने के कारण एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। आय न मिलने की वजह से वे काम भी नहीं कर रहे हैं।4
- गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के बसिया रोड बाईपास अंडर पास के समीप एक तेज रफ्तार दूध गाड़ी ने स्कूटी सवार को सीधी और जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना के कारण स्कूटी सवार जमीन पर गिर गया, जिससे उसे हल्की चोटें आईं, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। घटनास्थल से गुजर रहे आजसू पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तुरंत स्कूटी सवार को सहारा देकर उठाया। उन्होंने दूध गाड़ी के चालक और स्कूटी सवार दोनों को सावधानीपूर्वक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी। इस दौरान आजसू युवा जिला अध्यक्ष मनीष सिंह, अजीत सह, गोलू श्रीवास्तव, अशोक सिंह, राजेश गोप, और सोनू साहु सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे।1