नागदा के जनसेवा हॉस्पिटल में अभिषेक जाट, लखन जाट और निलेश लोहार नामक तीन युवाओं ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान कर कई जिंदगियों को उम्मीद की नई किरण दी है। इस नेक काम के दौरान तीनों युवाओं के चेहरे पर मानव सेवा का संतोष साफ झलक रहा था। अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद से जुड़े अभिषेक जाट ने कहा कि उनके 10 मिनट किसी की पूरी जिंदगी बचा सकते हैं और यह सबसे बड़ा पुण्य का काम है, इसलिए हर 3 महीने में एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। लखन जाट ने युवाओं से डरने की बजाय आगे आने की अपील करते हुए बताया कि रक्तदान से कमजोरी नहीं आती, बल्कि शरीर और फ्रेश महसूस करता है। वहीं, निलेश लोहार ने भावनात्मक रूप से बताया कि अस्पताल में मरीज के परिवार की हालत देखी नहीं जाती और उन्होंने आज सिर्फ खून नहीं दिया, बल्कि किसी के घर का चिराग बुझने से बचाया है। जनसेवा हॉस्पिटल प्रबंधन ने तीनों रक्तवीरों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में ब्लड बैंकों में रक्त की भारी कमी रहती है, ऐसे में अभिषेक, लखन और निलेश जैसे युवाओं की यह पहल सैकड़ों मरीजों के लिए संजीवनी के समान है। अस्पताल ने इन तीनों रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
नागदा के जनसेवा हॉस्पिटल में अभिषेक जाट, लखन जाट और निलेश लोहार नामक तीन युवाओं ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान कर कई जिंदगियों को उम्मीद की नई किरण दी है। इस नेक काम के दौरान तीनों युवाओं के चेहरे पर मानव सेवा का संतोष साफ झलक रहा था। अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद से जुड़े अभिषेक जाट ने कहा कि उनके 10 मिनट किसी की पूरी जिंदगी बचा सकते हैं और
यह सबसे बड़ा पुण्य का काम है, इसलिए हर 3 महीने में एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। लखन जाट ने युवाओं से डरने की बजाय आगे आने की अपील करते हुए बताया कि रक्तदान से कमजोरी नहीं आती, बल्कि शरीर और फ्रेश महसूस करता है। वहीं, निलेश लोहार ने भावनात्मक रूप से बताया कि अस्पताल में मरीज के परिवार की हालत देखी नहीं जाती और उन्होंने आज सिर्फ खून
नहीं दिया, बल्कि किसी के घर का चिराग बुझने से बचाया है। जनसेवा हॉस्पिटल प्रबंधन ने तीनों रक्तवीरों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में ब्लड बैंकों में रक्त की भारी कमी रहती है, ऐसे में अभिषेक, लखन और निलेश जैसे युवाओं की यह पहल सैकड़ों मरीजों के लिए संजीवनी के समान है। अस्पताल ने इन तीनों रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
- TMC नेता सब्यसाची दत्ता को गिरफ़्तारी के बाद 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। उन्हें कस्टडी में भेजे जाने के बाद अंडे भी फेंके गए।1
- 9 जून 2026 के लिए आलोट मंडी से गेहूं और सोयाबीन के ताजा भाव जारी कर दिए गए हैं। ये भाव सीधे आलोट मंडी से प्राप्त हुए हैं, जिसमें इन दो प्रमुख कृषि उत्पादों की नवीनतम कीमतें शामिल हैं।1
- जीवन में सभी को सदैव प्रसन्न रहना चाहिए, क्योंकि मनुष्य का जीवन बार-बार प्राप्त नहीं होता है।1
- Post by Manish Dhakd1
- मोहन बड़ोदिया के ग्राम मोहना के किसान सुरेश ईटावदिया ने बदलते समय के साथ खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाकर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी हासिल कर गर्मी के मौसम में भिंडी की खेती की है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। यह दर्शाता है कि अब किसान केवल पारंपरिक अनुभवों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि डिजिटल माध्यमों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। किसान सुरेश ईटावदिया ने बताया कि जहाँ क्षेत्र के अधिकांश किसान पारंपरिक फसलें लगाते हैं, वहीं उन्होंने कुछ अलग करने का निर्णय लिया। यूट्यूब पर कृषि विशेषज्ञों और सफल किसानों के वीडियो देखकर उन्होंने गर्मी में भिंडी की खेती की योजना बनाई। इन वीडियो से उन्हें बीज चयन, खेत की तैयारी, सिंचाई प्रबंधन, उर्वरक उपयोग और रोग-कीट नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलीं, जिन्हें उन्होंने अपने खेत में सफलतापूर्वक लागू किया। उन्होंने भिंडी को कम समय में तैयार होने वाली नकदी फसल बताया, जिसकी बाज़ार में पूरे वर्ष अच्छी माँग बनी रहती है, और गर्मियों में इसकी अच्छी गुणवत्ता के बेहतर दाम भी मिलते हैं। वर्तमान में सुरेश ईटावदिया प्रतिदिन अपने खेत से भिंडी की तुड़ाई कर रहे हैं और स्थानीय बाज़ार में इसकी बिक्री से उन्हें रोज़ाना लगभग 1500 से 2000 रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि इस फसल में लागत अपेक्षाकृत कम आई है, जिससे खेती का खर्च निकलने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। सुरेश ईटावदिया का मानना है कि मोबाइल और इंटरनेट अब किसानों के लिए ज्ञान और जानकारी का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुके हैं। क्षेत्र के कृषि जानकार भी सब्जी वर्गीय फसलों को किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए कम क्षेत्रफल में भी अच्छा लाभ देने वाला मानते हैं। सुरेश ईटावदिया की यह सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो उनके खेत का निरीक्षण कर भिंडी की खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। ग्राम मोहना के इस प्रगतिशील किसान ने सिद्ध कर दिया है कि यदि किसान नई सोच, तकनीक और नवाचार को अपनाएं तो खेती को एक लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है।1
- जनसुनवाई में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से नागरिक अपनी समस्याएं एवं1
- मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एनएचएम संविदा कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इन स्वास्थ्य कर्मियों ने, जिनमें शाजापुर के संविदा स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं, अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए एक मार्मिक रास्ता अपनाया है। मंगलवार, 9 जून 2026 को दोपहर 12.51 बजे, उन्होंने अपने खून से एक भावुक पत्र लिखकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की पुरजोर मांग की। इस पत्र में स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि 'संविदा कर्मी का निवेदन, सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।' कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कोरोना जैसी भीषण महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों जिंदगियां बचाईं और प्रदेश की सेवा में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे, जब आम जनता घरों में थी। अस्पतालों, जांच केंद्रों और टीकाकरण केंद्रों पर 24 घंटे लगातार ड्यूटी देकर इन 'कोरोना योद्धाओं' ने हजारों मरीजों को मौत के मुंह से निकाला था। हालांकि, महामारी का दौर बीत जाने के बाद उन्हें लग रहा है कि सरकार उनके त्याग और बलिदान को भूल गई है, जिसके चलते वे अब असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। संविदा कर्मियों का आरोप है कि वर्षों तक स्वास्थ्य विभाग में निष्ठावान सेवा देने के बावजूद उनके भविष्य पर अनिश्चितता की तलवार लटकी हुई है। समान कार्य करने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों की तुलना में बहुत कम वेतन मिलता है, और लगातार छंटनी का डर तथा भविष्य की चिंता ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने इस कदम को कर्मचारियों की घोर हताशा का परिणाम बताया है। संघ ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि स्वास्थ्य सेवाओं को अनवरत चलाने वाले इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से नियमित कर उनका जायज हक दिया जाए, ताकि उन्हें भविष्य में ऐसे कदम उठाने पर मजबूर न होना पड़े।2
- कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बिना कोई कारण बताए रद्द कर दिया गया है।1