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*दो तहसीलों के बीच उलझा मामला महज 48 घंटे में हल: बुजुर्गों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, कहा- ‘जब तक जिएंगे, बेटा आशीर्वाद देंगे घाटमपुर। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और फाइलों के मकड़जाल में उलझने के दावों के बीच प्रशासनिक समन्वय की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने न सिर्फ दो बुजुर्गों की बड़ी समस्या का समाधान किया बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा भी मजबूत किया है। उप जिलाधिकारी अबिचल प्रताप सिंह ने बताया कि तहसील घाटमपुर और तहसील नरवल के बीच खतौनी की गड़बड़ी के कारण अटका एक मामला अधिकारियों की संवेदनशीलता के चलते महज दो दिन के अंदर पूरी तरह सुलझा लिया गया।मामला घाटमपुर तहसील के ग्राम पसेमा का है। जहाँ के रहने वाले दो वरिष्ठ नागरिक अपनी जमीन की खतौनी को लेकर लंबे समय से परेशान थे। घाटमपुर तहसील में तो उनका नाम और खतौनी बिल्कुल सही दर्ज थी, लेकिन नरवल तहसील की खतौनी में तकनीकी त्रुटि थी। इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए नरवल तहसील को पसेमा से एक आधिकारिक जाँच रिपोर्ट की जरूरत थी।परेशान बुजुर्ग 14 सितंबर को अपनी फरियाद लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय पहुंचे। मामले की गंभीरता और बुजुर्गों की उम्र को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया। उसी दिन (14 सितंबर) घाटमपुर तहसील से आवश्यक रिपोर्ट तैयार करवा ली गई। इसके अगले ही दिन यानी 15 सितंबर को यह रिपोर्ट एसडीएम नरवल सत्यपाल को भेज दी गई। साथ ही, फोन पर बात करके उन्हें पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता से अवगत कराया गया।सूचना मिलते ही एसडीएम नरवल सत्यपाल ने भी मामले में पूरी तत्परता दिखाई। उन्होंने उसी दिन खतौनी दुरुस्ती का आदेश जारी कर दिया। अधिकारियों के इस आपसी समन्वय के कारण दो तहसीलों के बीच का यह जटिल मामला बिना किसी अतिरिक्त भाग-दौड़ या असुविधा के सिर्फ दो दिन में हल हो गया। नरवल एसडीएम द्वारा खतौनी में अमलदरामद कराने के बाद बुजुर्गों को निःशुल्क खतौनी की कॉपी भी सौंप दी गई।इस त्वरित समाधान से भावुक होकर बुजुर्गों ने अधिकारियों की पीठ थपथपाई और कहा, "बेटा, जब तक जिएंगे, तुम्हें रोज आशीर्वाद देते रहेंगे।" इस सफल निस्तारण पर अधिकारियों ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अक्सर ऐसे मामले फाइलों में झूलते रहते हैं, लेकिन बेहतर समन्वय के कारण बुजुर्गों को न्याय मिला, जिससे उन्हें गहरी आत्मसंतुष्टि प्राप्त हुई है।

1 hr ago
user_Satish Kumar,9648888580
Satish Kumar,9648888580
Journalist Ghatampur, Kanpur Nagar•
1 hr ago

*दो तहसीलों के बीच उलझा मामला महज 48 घंटे में हल: बुजुर्गों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, कहा- ‘जब तक जिएंगे, बेटा आशीर्वाद देंगे घाटमपुर। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और फाइलों के मकड़जाल में उलझने के दावों के बीच प्रशासनिक समन्वय की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने न सिर्फ दो बुजुर्गों की बड़ी समस्या का समाधान किया बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा भी मजबूत किया है। उप जिलाधिकारी अबिचल प्रताप सिंह ने बताया कि तहसील घाटमपुर और तहसील नरवल के बीच खतौनी की गड़बड़ी के कारण अटका एक मामला अधिकारियों की संवेदनशीलता के चलते महज दो दिन के अंदर पूरी तरह सुलझा लिया गया।मामला घाटमपुर तहसील के ग्राम पसेमा का है। जहाँ के रहने वाले दो वरिष्ठ नागरिक अपनी जमीन की खतौनी को लेकर लंबे समय से परेशान थे। घाटमपुर तहसील में तो उनका नाम और खतौनी बिल्कुल सही दर्ज थी, लेकिन नरवल तहसील की खतौनी में तकनीकी त्रुटि थी। इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए नरवल तहसील को पसेमा से एक आधिकारिक जाँच रिपोर्ट की जरूरत थी।परेशान बुजुर्ग 14 सितंबर को अपनी फरियाद लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय पहुंचे। मामले की गंभीरता और बुजुर्गों की उम्र को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया। उसी दिन (14 सितंबर) घाटमपुर तहसील से आवश्यक रिपोर्ट तैयार करवा ली गई। इसके अगले ही दिन यानी 15 सितंबर को यह रिपोर्ट एसडीएम नरवल सत्यपाल को भेज दी गई। साथ ही, फोन पर बात करके उन्हें पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता से अवगत कराया गया।सूचना मिलते ही एसडीएम नरवल सत्यपाल ने भी मामले में पूरी तत्परता दिखाई। उन्होंने उसी दिन खतौनी दुरुस्ती का आदेश जारी कर दिया। अधिकारियों के इस आपसी समन्वय के कारण दो तहसीलों के बीच का यह जटिल मामला बिना किसी अतिरिक्त भाग-दौड़ या असुविधा के सिर्फ दो दिन में हल हो गया। नरवल एसडीएम द्वारा खतौनी में अमलदरामद कराने के बाद बुजुर्गों को निःशुल्क खतौनी की कॉपी भी सौंप दी गई।इस त्वरित समाधान से भावुक होकर बुजुर्गों ने अधिकारियों की पीठ थपथपाई और कहा, "बेटा, जब तक जिएंगे, तुम्हें रोज आशीर्वाद देते रहेंगे।" इस सफल निस्तारण पर अधिकारियों ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अक्सर ऐसे मामले फाइलों में झूलते रहते हैं, लेकिन बेहतर समन्वय के कारण बुजुर्गों को न्याय मिला, जिससे उन्हें गहरी आत्मसंतुष्टि प्राप्त हुई है।

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  • *दो तहसीलों के बीच उलझा मामला महज 48 घंटे में हल: बुजुर्गों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, कहा- ‘जब तक जिएंगे, बेटा आशीर्वाद देंगे घाटमपुर। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और फाइलों के मकड़जाल में उलझने के दावों के बीच प्रशासनिक समन्वय की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने न सिर्फ दो बुजुर्गों की बड़ी समस्या का समाधान किया बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा भी मजबूत किया है। उप जिलाधिकारी अबिचल प्रताप सिंह ने बताया कि तहसील घाटमपुर और तहसील नरवल के बीच खतौनी की गड़बड़ी के कारण अटका एक मामला अधिकारियों की संवेदनशीलता के चलते महज दो दिन के अंदर पूरी तरह सुलझा लिया गया।मामला घाटमपुर तहसील के ग्राम पसेमा का है। जहाँ के रहने वाले दो वरिष्ठ नागरिक अपनी जमीन की खतौनी को लेकर लंबे समय से परेशान थे। घाटमपुर तहसील में तो उनका नाम और खतौनी बिल्कुल सही दर्ज थी, लेकिन नरवल तहसील की खतौनी में तकनीकी त्रुटि थी। इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए नरवल तहसील को पसेमा से एक आधिकारिक जाँच रिपोर्ट की जरूरत थी।परेशान बुजुर्ग 14 सितंबर को अपनी फरियाद लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय पहुंचे। मामले की गंभीरता और बुजुर्गों की उम्र को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया। उसी दिन (14 सितंबर) घाटमपुर तहसील से आवश्यक रिपोर्ट तैयार करवा ली गई। इसके अगले ही दिन यानी 15 सितंबर को यह रिपोर्ट एसडीएम नरवल सत्यपाल को भेज दी गई। साथ ही, फोन पर बात करके उन्हें पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता से अवगत कराया गया।सूचना मिलते ही एसडीएम नरवल सत्यपाल ने भी मामले में पूरी तत्परता दिखाई। उन्होंने उसी दिन खतौनी दुरुस्ती का आदेश जारी कर दिया। अधिकारियों के इस आपसी समन्वय के कारण दो तहसीलों के बीच का यह जटिल मामला बिना किसी अतिरिक्त भाग-दौड़ या असुविधा के सिर्फ दो दिन में हल हो गया। नरवल एसडीएम द्वारा खतौनी में अमलदरामद कराने के बाद बुजुर्गों को निःशुल्क खतौनी की कॉपी भी सौंप दी गई।इस त्वरित समाधान से भावुक होकर बुजुर्गों ने अधिकारियों की पीठ थपथपाई और कहा, "बेटा, जब तक जिएंगे, तुम्हें रोज आशीर्वाद देते रहेंगे।" इस सफल निस्तारण पर अधिकारियों ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अक्सर ऐसे मामले फाइलों में झूलते रहते हैं, लेकिन बेहतर समन्वय के कारण बुजुर्गों को न्याय मिला, जिससे उन्हें गहरी आत्मसंतुष्टि प्राप्त हुई है।
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    *दो तहसीलों के बीच उलझा मामला महज 48 घंटे में हल: बुजुर्गों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, कहा- ‘जब तक जिएंगे, बेटा आशीर्वाद देंगे
घाटमपुर। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और फाइलों के मकड़जाल में उलझने के दावों के बीच प्रशासनिक समन्वय की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने न सिर्फ दो बुजुर्गों की बड़ी समस्या का समाधान किया बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा भी मजबूत किया है। उप जिलाधिकारी अबिचल प्रताप सिंह ने बताया कि तहसील घाटमपुर और तहसील नरवल के बीच खतौनी की गड़बड़ी के कारण अटका एक मामला अधिकारियों की संवेदनशीलता के चलते महज दो दिन के अंदर पूरी तरह सुलझा लिया गया।मामला घाटमपुर तहसील के ग्राम पसेमा का है। जहाँ के रहने वाले दो वरिष्ठ नागरिक अपनी जमीन की खतौनी को लेकर लंबे समय से परेशान थे। घाटमपुर तहसील में तो उनका नाम और खतौनी बिल्कुल सही दर्ज थी, लेकिन नरवल तहसील की खतौनी में तकनीकी त्रुटि थी। इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए नरवल तहसील को पसेमा से एक आधिकारिक जाँच रिपोर्ट की जरूरत थी।परेशान बुजुर्ग 14 सितंबर को अपनी फरियाद लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय पहुंचे। मामले की गंभीरता और बुजुर्गों की उम्र को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया। उसी दिन (14 सितंबर) घाटमपुर तहसील से आवश्यक रिपोर्ट तैयार करवा ली गई। इसके अगले ही दिन यानी 15 सितंबर को यह रिपोर्ट एसडीएम नरवल सत्यपाल को भेज दी गई। साथ ही, फोन पर बात करके उन्हें पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता से अवगत कराया गया।सूचना मिलते ही एसडीएम नरवल सत्यपाल ने भी मामले में पूरी तत्परता दिखाई। उन्होंने उसी दिन खतौनी दुरुस्ती का आदेश जारी कर दिया। अधिकारियों के इस आपसी समन्वय के कारण दो तहसीलों के बीच का यह जटिल मामला बिना किसी अतिरिक्त भाग-दौड़ या असुविधा के सिर्फ दो दिन में हल हो गया। नरवल एसडीएम द्वारा खतौनी में अमलदरामद कराने के बाद बुजुर्गों को निःशुल्क खतौनी की कॉपी भी सौंप दी गई।इस त्वरित समाधान से भावुक होकर बुजुर्गों ने अधिकारियों की पीठ थपथपाई और कहा, "बेटा, जब तक जिएंगे, तुम्हें रोज आशीर्वाद देते रहेंगे।" इस सफल निस्तारण पर अधिकारियों ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अक्सर ऐसे मामले फाइलों में झूलते रहते हैं, लेकिन बेहतर समन्वय के कारण बुजुर्गों को न्याय मिला, जिससे उन्हें गहरी आत्मसंतुष्टि प्राप्त हुई है।
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    Satish Kumar,9648888580
    Journalist Ghatampur, Kanpur Nagar•
    1 hr ago
  • डेयरी लोन के नाम पर कागजात पर हस्ताक्षर कराने का आरोप, दो साल बाद पहुंचा बैंक का नोटिस (ग्राम पंचायत लाखनखेड़ा के मजरा निबिया निवासी युवक ने प्रधान पति अरुण कुमार और बैंक प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप, तहसील दिवस व आईजीआरएस में की शिकायत) रिपोर्टर शुभम साहू घाटमपुर घाटमपुर/नर्वल। नर्वल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लाखनखेड़ा के मजरा निबिया निवासी एक युवक के सामने उस समय परेशानी खड़ी हो गई, जब उसके घर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा भीतरगांव की ओर से ऋण भुगतान का नोटिस पहुंचा। युवक का आरोप है कि उसने करीब दो वर्ष पहले मवेशी पालन के लिए ऋण दिलाए जाने के नाम पर कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसे ऋण स्वीकृत होने अथवा खाते में रकम आने की कोई जानकारी नहीं दी गई। अब बैंक के नोटिस में उसके नाम से डेयरी ऋण बकाया बताए जाने के बाद वह हैरान है। पीड़ित महेश कुमार पुत्र प्यारे लाल निवासी निबिया, भीतरगांव, कानपुर के अनुसार, ग्राम प्रधान शोभा देवी के पति उसे मवेशी पालने के लिए लोन दिलाने का भरोसा देकर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की भीतरगांव शाखा ले गए थे। वहां उससे विभिन्न कागजातों पर हस्ताक्षर कराए गए। महेश का कहना है कि बैंक प्रबंधक ने खेती और मवेशी नहीं होने का हवाला देते हुए उसका लोन करने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने मामले को समाप्त मान लिया और उसे ऋण स्वीकृत होने की कोई जानकारी नहीं मिली। दो साल बाद घर पहुंचा ऋण वसूली का नोटिस महेश के मुताबिक करीब दो वर्ष बीतने के बाद 1 जुलाई 2026 को उसके घर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, भीतरगांव शाखा का ऋण भुगतान संबंधी नोटिस पहुंचा। नोटिस में बैंक की ओर से उल्लेख किया गया है कि 27 मार्च 2024 को ₹1,03,740 का KCC Dairy (AH) ऋण दिया गया था। नोटिस के अनुसार 30 मार्च 2026 तक ₹1,10,379 की बकाया राशि बताई गई है, जिसमें ब्याज एवं अन्य प्रभार भी शामिल होने का उल्लेख है। बैंक के नोटिस में ऋण खाते को नियमित नहीं किए जाने पर उसके एनपीए श्रेणी में जाने की संभावना जताई गई है। साथ ही निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर ऋण वसूली की कार्रवाई किए जाने और भविष्य में संबंधित कृषि भूमि पर कुर्की की कार्रवाई का उल्लेख भी किया गया है। युवक बोला- बिना जानकारी के खुला बैंक खाता महेश का आरोप है कि उसे इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि उसके नाम से ऋण स्वीकृत हो चुका है। उसका कहना है कि उसके नाम से एक नया बैंक खाता भी खोला गया और कथित तौर पर ऋण की रकम उस खाते में आई तथा वहां से निकाल भी ली गई। महेश के अनुसार, उक्त खाते में लंबे समय से लेनदेन होने की बात सामने आ रही है, लेकिन उसके पास न तो उस खाते की पासबुक है और न ही उसने स्वयं इस प्रकार के लेनदेन की जानकारी दी है। नोटिस मिलने के बाद महेश ने पूरे मामले की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। उसका कहना है कि यदि उसके नाम पर वास्तव में ऋण स्वीकृत हुआ और रकम खाते में पहुंची, तो रकम किस खाते में गई और उसे किसने निकाला, इसकी जांच होना जरूरी है। तहसील दिवस और आईजीआरएस में शिकायत मामले को लेकर परेशान युवक ने नर्वल तहसील दिवस में अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा उसने आईजीआरएस के माध्यम से भी शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और उसे कथित ऋण से संबंधित वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। महेश ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उसके नाम से खोले गए बैंक खाते, ऋण आवेदन, हस्ताक्षरित दस्तावेज, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया और खाते में भेजी गई रकम की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि ऋण की धनराशि किस खाते में पहुंची और उसके बाद रकम की निकासी किस माध्यम से हुई। जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में बैंक रिकॉर्ड, ऋण आवेदन, केवाईसी दस्तावेज, संबंधित खाते के लेनदेन और रकम निकासी की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, ग्राम प्रधान पक्ष और बैंक प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद खबर का दूसरा पहलू भी स्पष्ट होगा।
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    डेयरी लोन के नाम पर कागजात पर हस्ताक्षर कराने का आरोप, दो साल बाद पहुंचा बैंक का नोटिस

(ग्राम पंचायत लाखनखेड़ा के मजरा निबिया निवासी युवक ने प्रधान पति अरुण कुमार और बैंक प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप, तहसील दिवस व आईजीआरएस में की शिकायत)
रिपोर्टर शुभम साहू घाटमपुर 
घाटमपुर/नर्वल। नर्वल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लाखनखेड़ा के मजरा निबिया निवासी एक युवक के सामने उस समय परेशानी खड़ी हो गई, जब उसके घर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा भीतरगांव की ओर से ऋण भुगतान का नोटिस पहुंचा। युवक का आरोप है कि उसने करीब दो वर्ष पहले मवेशी पालन के लिए ऋण दिलाए जाने के नाम पर कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसे ऋण स्वीकृत होने अथवा खाते में रकम आने की कोई जानकारी नहीं दी गई। अब बैंक के नोटिस में उसके नाम से डेयरी ऋण बकाया बताए जाने के बाद वह हैरान है।
पीड़ित महेश कुमार पुत्र प्यारे लाल निवासी निबिया, भीतरगांव, कानपुर के अनुसार, ग्राम प्रधान शोभा देवी के पति उसे मवेशी पालने के लिए लोन दिलाने का भरोसा देकर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की भीतरगांव शाखा ले गए थे। वहां उससे विभिन्न कागजातों पर हस्ताक्षर कराए गए। महेश का कहना है कि बैंक प्रबंधक ने खेती और मवेशी नहीं होने का हवाला देते हुए उसका लोन करने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने मामले को समाप्त मान लिया और उसे ऋण स्वीकृत होने की कोई जानकारी नहीं मिली।
दो साल बाद घर पहुंचा ऋण वसूली का नोटिस
महेश के मुताबिक करीब दो वर्ष बीतने के बाद 1 जुलाई 2026 को उसके घर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, भीतरगांव शाखा का ऋण भुगतान संबंधी नोटिस पहुंचा। नोटिस में बैंक की ओर से उल्लेख किया गया है कि 27 मार्च 2024 को ₹1,03,740 का KCC Dairy (AH) ऋण दिया गया था। नोटिस के अनुसार 30 मार्च 2026 तक ₹1,10,379 की बकाया राशि बताई गई है, जिसमें ब्याज एवं अन्य प्रभार भी शामिल होने का उल्लेख है।
बैंक के नोटिस में ऋण खाते को नियमित नहीं किए जाने पर उसके एनपीए श्रेणी में जाने की संभावना जताई गई है। साथ ही निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर ऋण वसूली की कार्रवाई किए जाने और भविष्य में संबंधित कृषि भूमि पर कुर्की की कार्रवाई का उल्लेख भी किया गया है।
युवक बोला- बिना जानकारी के खुला बैंक खाता
महेश का आरोप है कि उसे इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि उसके नाम से ऋण स्वीकृत हो चुका है। उसका कहना है कि उसके नाम से एक नया बैंक खाता भी खोला गया और कथित तौर पर ऋण की रकम उस खाते में आई तथा वहां से निकाल भी ली गई। महेश के अनुसार, उक्त खाते में लंबे समय से लेनदेन होने की बात सामने आ रही है, लेकिन उसके पास न तो उस खाते की पासबुक है और न ही उसने स्वयं इस प्रकार के लेनदेन की जानकारी दी है।
नोटिस मिलने के बाद महेश ने पूरे मामले की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। उसका कहना है कि यदि उसके नाम पर वास्तव में ऋण स्वीकृत हुआ और रकम खाते में पहुंची, तो रकम किस खाते में गई और उसे किसने निकाला, इसकी जांच होना जरूरी है।
तहसील दिवस और आईजीआरएस में शिकायत
मामले को लेकर परेशान युवक ने नर्वल तहसील दिवस में अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा उसने आईजीआरएस के माध्यम से भी शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और उसे कथित ऋण से संबंधित वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
महेश ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उसके नाम से खोले गए बैंक खाते, ऋण आवेदन, हस्ताक्षरित दस्तावेज, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया और खाते में भेजी गई रकम की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि ऋण की धनराशि किस खाते में पहुंची और उसके बाद रकम की निकासी किस माध्यम से हुई।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता
युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में बैंक रिकॉर्ड, ऋण आवेदन, केवाईसी दस्तावेज, संबंधित खाते के लेनदेन और रकम निकासी की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, ग्राम प्रधान पक्ष और बैंक प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद खबर का दूसरा पहलू भी स्पष्ट होगा।
    user_Shubham sahu Reporter
    Shubham sahu Reporter
    Local News Reporter घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • 🚨 बड़ी खबर | कानपुर घंटाघर पर वसूली के आरोप कानपुर नगर के घंटाघर चौराहे पर वाहन चालकों से कथित वसूली के आरोप सामने आए हैं। गाड़ी चालक नवनीत केशरवानी ने लगाये 500 रुपए लेने का आरोप है कि गाड़ियां रोककर पहले चालान का डर दिखाया जाता है और इसके बाद उनसे पैसे लिए जाते हैं। घंटाघर जैसे व्यस्त चौराहे पर सामने आए इन आरोपों ने ट्रैफिक व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर वाहन चालकों को रोककर चालान के नाम पर क्या हो रहा है—यह जांच का विषय है। क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर जांच करेंगे? देखना होगा कि इन आरोपों की सच्चाई क्या है और दोषी पाए जाने पर क्या कार्रवाई होती है।
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    🚨 बड़ी खबर | कानपुर घंटाघर पर वसूली के आरोप 

कानपुर नगर के घंटाघर चौराहे पर वाहन चालकों से कथित वसूली के आरोप सामने आए हैं। गाड़ी चालक नवनीत केशरवानी ने लगाये 500 रुपए लेने का आरोप है कि गाड़ियां रोककर पहले चालान का डर दिखाया जाता है और इसके बाद उनसे पैसे लिए जाते हैं।

घंटाघर जैसे व्यस्त चौराहे पर सामने आए इन आरोपों ने ट्रैफिक व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर वाहन चालकों को रोककर चालान के नाम पर क्या हो रहा है—यह जांच का विषय है।

क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर जांच करेंगे?
देखना होगा कि इन आरोपों की सच्चाई क्या है और दोषी पाए जाने पर क्या कार्रवाई होती है।
    user_Bhanu Pratap Sing
    Bhanu Pratap Sing
    Social Media Manager घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • भगत सिंह के अभिन्न मित्र थे महावीर सिंह, 58 दिन की भूख हड़ताल के बाद हुए शहीद हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में देश के प्रति देशभक्तों के नजरिए पर विमर्श के उद्देश्य से वर्णिता संस्था के तत्वावधान में ‘विमर्श विविधा’ के अंतर्गत ‘जिनका देश ऋणी है’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें संस्था अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने महान क्रांतिकारी शहीद महावीर सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि महावीर सिंह सही मायने में साहसी क्रांतिकारी थे। उनका जन्म 16 सितंबर 1904 को एटा जिले के अलीगंज क्षेत्र के टहला गांव में देवी सिंह और शारदा देवी के घर हुआ था। प्रारंभ से ही देशसेवा के प्रति समर्पित महावीर सिंह ने मैट्रिक के बाद कानपुर के डीएवी कॉलेज में शिक्षा ग्रहण की और क्रांतिकारी भगत सिंह के अभिन्न मित्र बने। अंग्रेज अधिकारी जे.पी. सांडर्स की हत्या के मामले में भगत सिंह और उनके साथियों के साथ महावीर सिंह का भी जुड़ाव रहा। उन्हें आजीवन कारावास की सजा देकर सेलुलर जेल भेजा गया। जेल में अमानवीय व्यवहार के विरोध में उन्होंने करीब 58 दिनों तक भूख हड़ताल की। जबरन नाक से दूध पिलाने के दौरान दूध फेफड़ों में चले जाने से उनकी हालत बिगड़ गई और करीब 29 वर्ष की उम्र में उन्होंने मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर कर दिए। कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल प्रजापति, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, रामबिहारी, प्रेम, प्रिंस, रिचा, सागर, होरीलाल, अमित, भोलू सिंह, सत्येंद्र और अखिलेश आदि मौजूद रहे।
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    भगत सिंह के अभिन्न मित्र थे महावीर सिंह, 58 दिन की भूख हड़ताल के बाद हुए शहीद
हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में देश के प्रति देशभक्तों के नजरिए पर विमर्श के उद्देश्य से वर्णिता संस्था के तत्वावधान में ‘विमर्श विविधा’ के अंतर्गत ‘जिनका देश ऋणी है’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें संस्था अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने महान क्रांतिकारी शहीद महावीर सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
उन्होंने कहा कि महावीर सिंह सही मायने में साहसी क्रांतिकारी थे। उनका जन्म 16 सितंबर 1904 को एटा जिले के अलीगंज क्षेत्र के टहला गांव में देवी सिंह और शारदा देवी के घर हुआ था। प्रारंभ से ही देशसेवा के प्रति समर्पित महावीर सिंह ने मैट्रिक के बाद कानपुर के डीएवी कॉलेज में शिक्षा ग्रहण की और क्रांतिकारी भगत सिंह के अभिन्न मित्र बने।
अंग्रेज अधिकारी जे.पी. सांडर्स की हत्या के मामले में भगत सिंह और उनके साथियों के साथ महावीर सिंह का भी जुड़ाव रहा। उन्हें आजीवन कारावास की सजा देकर सेलुलर जेल भेजा गया। जेल में अमानवीय व्यवहार के विरोध में उन्होंने करीब 58 दिनों तक भूख हड़ताल की। जबरन नाक से दूध पिलाने के दौरान दूध फेफड़ों में चले जाने से उनकी हालत बिगड़ गई और करीब 29 वर्ष की उम्र में उन्होंने मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर कर दिए।
कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल प्रजापति, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, रामबिहारी, प्रेम, प्रिंस, रिचा, सागर, होरीलाल, अमित, भोलू सिंह, सत्येंद्र और अखिलेश आदि मौजूद रहे।
    user_संतोष कुमार चक्रवर्ती
    संतोष कुमार चक्रवर्ती
    Journalist हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लोटन प्रसाद प्रेस रिपोर्टर क्राइम न्यूज़ चैनल भरुआसुमेरपुर ( हमीरपुर) दो दिवसीय बुन्देलखण्ड का मशहूर तीजा मेला में दुसरे दिन पशु बजार के मालिक एवं कमेटी द्वारा विशाल दंगल का आयोजन किया गया। जिसमें दूरदराज राजिस्थान हरियाणा, पंजाब, नेपाल, बांदा चित्रकूट महोबा मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के पहलवानों ने अपना अपना दांव पेच से हजारों दर्शकों का मनमोह लिया। सबसे ज्यादा रोमांचक कुस्ती हनुमान गढ़ी अयोध्या के बाबा रविदास पहलवान, तथा राजिस्थान के लालु पहलवान के बीच रही लगभग दस मिनट उठापटक में हनुमान गढ़ी के बाबा रविदास पहलवान ने राजिस्थान के लालू पहलवान को हराकर अपने नाम विजय दर्ज कराई। दंगल का उद्घाटन इटरा आश्रम के बाबा वेदानन्द उर्फ बलराम तथा दंगल की रेफरी बुन्देलखण्ड केशरी बाबूलाल पहलवान, सूरजपाल सिंह तोमर ने किया। दंगल के आयोजन अमरसिंह,जयकरन सिंह, जितेन्द्र सिंह तोमर, रामबरन सिंह देवांश सिंह अंकित सिंह रानू,संतू सिंह,प्रदीप सिंह तोमर आदि। हमीरपुर के सुमेरपुर में लगने वाला प्रसिद्ध तीजा मेला बुंदेलखंड की समृद्ध परंपरा, आस्था और सामाजिक सौहार्द की पहचान बना हुआ है। पहली बार इस बार बमरोधक दस्ता तैनात किया गया था। तथा हरचंदन जहां श्रीकृष्ण द्वारा नागनाथन का मंचन होता है वहां गोताखोर पी,एक,सी तैनात रही।बताया जाता है कि इस मेले की शुरुआत करीब 1850 के आसपास श्रीकृष्ण की झांकियों से हुई थी। समय के साथ यह परंपरा भव्य शोभायात्रा, नागनाथ लीला, कंस वध, रासलीला, बुंदेली लोक संस्कृति, दंगल और मनोरंजन के विभिन्न आयोजनों तक पहुंच गई। तीजा मेले की सबसे बड़ी खासियत यहां देखने को मिलने वाला आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द है। अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर मेले में सहयोग करते हैं और शोभायात्रा का स्वागत करते हैं।मेले को लेकर प्रशासन भी सफाई, रोशनी, पेयजल, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम करता है।सुमेरपुर तीजा महोत्सव गाजे बाजे के साथ निकली तीजा महोत्सव की नयनाभिराम शोभायात्रा शोभायात्रा में शामिल हुई 35 झांकियां द्रोपदी चीरहरण की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र । इसी के साथ तीन दिवसीय तीजा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी तीजा महोत्सव के नयनाभिराम शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा का नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे एवं श्रीकृष्ण लीला तीजा महोत्सव कमेटी अध्यक्ष जयप्रकाश दीक्षित बब्बू भैया ने भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह की आरती उतार कर किया। शोभा यात्रा 3:00 बजे चांद थोक के श्रीकृष्ण मंदिर से प्रारंभ होकर नरही मार्ग, नेहा चौराहा, हाईवे में चढ़ कर बस स्टैंड पहुंची। बस स्टैंड से वापस थाना चौराहा होकर मैथिली शरण गुप्त मार्ग से गुजर कर कमलेश तिराहा होते हुए छोटी बाजार पहुंची। यहां से श्रीकृष्ण भगवान की झांकी को हरचंदन तालाब ले जाया गया। यहां पर नागनाथन लीला का मंचन हुआ। नागनाथन लीला के उपरांत छोटी बाजार में कंस वध के साथ शोभा यात्रा संपन्न हुई। शोभा यात्रा में 35 झांकियां शामिल की गई थी। ज्यादातर झांकियां श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से ओतप्रोत थी।इसके अलावा राष्ट्र भक्ति, पर्यावरण संरक्षण की झांकियां को भी शामिल किया गया। शोभायात्रा में पूर्व विधायक युवराज सिंह, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह, रामदत्त पांडे, दीपा तिवारी, नवलदाऊ,कल्लू यादव, श्यामबाबू पांडे, सुरेश यादव,बदलू फौजी, सपा नेता रामप्रकाश प्रजापति, कुंजबिहारी पांडे, संजीव पांडे, रणवीर सिंह लाला, अभिषेक सिंह छोटू,अखिलेश साहू,बृजेश शर्मा, राघवेंद्र पांडे, परशुराम प्रजापति, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता दीपू,श्यामजी गुप्ता आदि हजारों लोग शामिल रहे। सुरक्षा का जिम्मा एएसपी अरविंद कुमार वर्मा, एसडीएम सदर अभिषेक कुमार, सीओ सदर यशपाल सिंह, थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने संभाल रखा था। दुसरे दिन नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे उर्फ धीरु अधिशाषी अधिकारी दिनेश आर्य द्वारा रामलीला मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आल्हा गायन का कार्यक्रम आयोजन किया गया। जिसमें दर्जनों आल्हा गायकों ने भाग लिया। आयोजन कमेटी द्वारा आल्हा का व्याह, नैनागढ़ की लडाई पर गायन दिया गया। जिसमें दूरदराज से आए आल्हा गायकों में रामकिशोर,महावीर, उमाशंकर, चन्द्रभान सिंह, चरणसिंह, अनुरुद्ध सिंह अर्पित यादव सहित सभी ने अपने मधुर संगीत ऊंचे स्वर से उपस्थिति विशाल समूह का मनमोह लिया। लोटन प्रसाद प्रेस रिपोर्टर क्राइम न्यूज़ चैनल भरुआसुमेरपुर ( हमीरपुर) दो दिवसीय बुन्देलखण्ड का मशहूर तीजा मेला में दुसरे दिन पशु बजार के मालिक एवं कमेटी द्वारा विशाल दंगल का आयोजन किया गया। जिसमें दूरदराज राजिस्थान हरियाणा, पंजाब, नेपाल, बांदा चित्रकूट महोबा मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के पहलवानों ने अपना अपना दांव पेच से हजारों दर्शकों का मनमोह लिया। सबसे ज्यादा रोमांचक कुस्ती हनुमान गढ़ी अयोध्या के बाबा रविदास पहलवान, तथा राजिस्थान के लालु पहलवान के बीच रही लगभग दस मिनट उठापटक में हनुमान गढ़ी के बाबा रविदास पहलवान ने राजिस्थान के लालू पहलवान को हराकर अपने नाम विजय दर्ज कराई। दंगल का उद्घाटन इटरा आश्रम के बाबा वेदानन्द उर्फ बलराम तथा दंगल की रेफरी बुन्देलखण्ड केशरी बाबूलाल पहलवान, सूरजपाल सिंह तोमर ने किया। दंगल के आयोजन अमरसिंह,जयकरन सिंह, जितेन्द्र सिंह तोमर, रामबरन सिंह देवांश सिंह अंकित सिंह रानू,संतू सिंह,प्रदीप सिंह तोमर आदि। हमीरपुर के सुमेरपुर में लगने वाला प्रसिद्ध तीजा मेला बुंदेलखंड की समृद्ध परंपरा, आस्था और सामाजिक सौहार्द की पहचान बना हुआ है। पहली बार इस बार बमरोधक दस्ता तैनात किया गया था। तथा हरचंदन जहां श्रीकृष्ण द्वारा नागनाथन का मंचन होता है वहां गोताखोर पी,एक,सी तैनात रही।बताया जाता है कि इस मेले की शुरुआत करीब 1850 के आसपास श्रीकृष्ण की झांकियों से हुई थी। समय के साथ यह परंपरा भव्य शोभायात्रा, नागनाथ लीला, कंस वध, रासलीला, बुंदेली लोक संस्कृति, दंगल और मनोरंजन के विभिन्न आयोजनों तक पहुंच गई। तीजा मेले की सबसे बड़ी खासियत यहां देखने को मिलने वाला आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द है। अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर मेले में सहयोग करते हैं और शोभायात्रा का स्वागत करते हैं।मेले को लेकर प्रशासन भी सफाई, रोशनी, पेयजल, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम करता है।सुमेरपुर तीजा महोत्सव गाजे बाजे के साथ निकली तीजा महोत्सव की नयनाभिराम शोभायात्रा शोभायात्रा में शामिल हुई 35 झांकियां द्रोपदी चीरहरण की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र । इसी के साथ तीन दिवसीय तीजा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी तीजा महोत्सव के नयनाभिराम शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा का नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे एवं श्रीकृष्ण लीला तीजा महोत्सव कमेटी अध्यक्ष जयप्रकाश दीक्षित बब्बू भैया ने भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह की आरती उतार कर किया। शोभा यात्रा 3:00 बजे चांद थोक के श्रीकृष्ण मंदिर से प्रारंभ होकर नरही मार्ग, नेहा चौराहा, हाईवे में चढ़ कर बस स्टैंड पहुंची। बस स्टैंड से वापस थाना चौराहा होकर मैथिली शरण गुप्त मार्ग से गुजर कर कमलेश तिराहा होते हुए छोटी बाजार पहुंची। यहां से श्रीकृष्ण भगवान की झांकी को हरचंदन तालाब ले जाया गया। यहां पर नागनाथन लीला का मंचन हुआ। नागनाथन लीला के उपरांत छोटी बाजार में कंस वध के साथ शोभा यात्रा संपन्न हुई। शोभा यात्रा में 35 झांकियां शामिल की गई थी। ज्यादातर झांकियां श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से ओतप्रोत थी।इसके अलावा राष्ट्र भक्ति, पर्यावरण संरक्षण की झांकियां को भी शामिल किया गया। शोभायात्रा में पूर्व विधायक युवराज सिंह, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह, रामदत्त पांडे, दीपा तिवारी, नवलदाऊ,कल्लू यादव, श्यामबाबू पांडे, सुरेश यादव,बदलू फौजी, सपा नेता रामप्रकाश प्रजापति, कुंजबिहारी पांडे, संजीव पांडे, रणवीर सिंह लाला, अभिषेक सिंह छोटू,अखिलेश साहू,बृजेश शर्मा, राघवेंद्र पांडे, परशुराम प्रजापति, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता दीपू,श्यामजी गुप्ता आदि हजारों लोग शामिल रहे। सुरक्षा का जिम्मा एएसपी अरविंद कुमार वर्मा, एसडीएम सदर अभिषेक कुमार, सीओ सदर यशपाल सिंह, थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने संभाल रखा था। दुसरे दिन नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे उर्फ धीरु अधिशाषी अधिकारी दिनेश आर्य द्वारा रामलीला मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आल्हा गायन का कार्यक्रम आयोजन किया गया। जिसमें दर्जनों आल्हा गायकों ने भाग लिया। आयोजन कमेटी द्वारा आल्हा का व्याह, नैनागढ़ की लडाई पर गायन दिया गया। जिसमें दूरदराज से आए आल्हा गायकों में रामकिशोर,महावीर, उमाशंकर, चन्द्रभान सिंह, चरणसिंह, अनुरुद्ध सिंह अर्पित यादव सहित सभी ने अपने मधुर संगीत ऊंचे स्वर से उपस्थिति विशाल समूह का मनमोह लिया।
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    लोटन प्रसाद 
प्रेस रिपोर्टर क्राइम न्यूज़ चैनल 
भरुआसुमेरपुर ( हमीरपुर)
दो दिवसीय बुन्देलखण्ड का मशहूर तीजा मेला में दुसरे दिन पशु बजार के मालिक एवं कमेटी द्वारा विशाल दंगल का आयोजन किया गया। जिसमें दूरदराज राजिस्थान हरियाणा, पंजाब, नेपाल, बांदा चित्रकूट महोबा मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के पहलवानों ने अपना अपना दांव पेच से हजारों दर्शकों का मनमोह लिया। सबसे ज्यादा रोमांचक कुस्ती हनुमान गढ़ी अयोध्या के बाबा रविदास पहलवान, तथा राजिस्थान के लालु पहलवान के बीच रही लगभग दस मिनट उठापटक में हनुमान गढ़ी के बाबा रविदास पहलवान ने राजिस्थान के लालू पहलवान को हराकर अपने नाम विजय दर्ज कराई। दंगल का उद्घाटन इटरा आश्रम के बाबा वेदानन्द उर्फ बलराम तथा दंगल की रेफरी बुन्देलखण्ड केशरी बाबूलाल पहलवान, सूरजपाल सिंह तोमर ने किया। दंगल के आयोजन अमरसिंह,जयकरन सिंह, जितेन्द्र सिंह तोमर, रामबरन सिंह देवांश सिंह अंकित सिंह रानू,संतू सिंह,प्रदीप सिंह तोमर आदि।
हमीरपुर के सुमेरपुर में लगने वाला प्रसिद्ध तीजा मेला  बुंदेलखंड की समृद्ध परंपरा, आस्था और सामाजिक सौहार्द की पहचान बना हुआ है। पहली बार इस बार बमरोधक दस्ता तैनात किया गया था। तथा हरचंदन जहां श्रीकृष्ण द्वारा नागनाथन का मंचन होता है वहां गोताखोर पी,एक,सी तैनात रही।बताया जाता है कि इस मेले की शुरुआत करीब 1850 के आसपास श्रीकृष्ण की झांकियों से हुई थी। समय के साथ यह परंपरा भव्य शोभायात्रा, नागनाथ लीला, कंस वध, रासलीला, बुंदेली लोक संस्कृति, दंगल और मनोरंजन के विभिन्न आयोजनों तक पहुंच गई।
तीजा मेले की सबसे बड़ी खासियत यहां देखने को मिलने वाला आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द है। अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर मेले में सहयोग करते हैं और शोभायात्रा का स्वागत करते हैं।मेले को लेकर प्रशासन भी सफाई, रोशनी, पेयजल, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम करता है।सुमेरपुर तीजा महोत्सव गाजे बाजे के साथ निकली तीजा महोत्सव की नयनाभिराम शोभायात्रा शोभायात्रा में शामिल हुई 35 झांकियां द्रोपदी चीरहरण की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
। इसी के साथ तीन दिवसीय तीजा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी तीजा महोत्सव के नयनाभिराम शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा का नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे एवं श्रीकृष्ण लीला तीजा महोत्सव कमेटी अध्यक्ष जयप्रकाश दीक्षित बब्बू भैया ने भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह की आरती उतार कर किया। शोभा यात्रा 3:00 बजे चांद थोक के श्रीकृष्ण मंदिर से प्रारंभ होकर नरही मार्ग, नेहा चौराहा, हाईवे में चढ़ कर बस स्टैंड पहुंची। बस स्टैंड से वापस थाना चौराहा होकर मैथिली शरण गुप्त मार्ग से गुजर कर कमलेश तिराहा होते हुए छोटी बाजार पहुंची। यहां से श्रीकृष्ण भगवान की झांकी को हरचंदन तालाब ले जाया गया। यहां पर नागनाथन लीला का मंचन हुआ। नागनाथन लीला के उपरांत छोटी बाजार में कंस वध के साथ शोभा यात्रा संपन्न हुई। शोभा यात्रा में 35 झांकियां शामिल की गई थी। ज्यादातर झांकियां श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से ओतप्रोत  थी।इसके अलावा राष्ट्र भक्ति, पर्यावरण संरक्षण की झांकियां को भी शामिल किया गया।  शोभायात्रा में पूर्व विधायक युवराज सिंह, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह, रामदत्त पांडे, दीपा तिवारी, नवलदाऊ,कल्लू यादव, श्यामबाबू पांडे, सुरेश यादव,बदलू फौजी, सपा नेता रामप्रकाश प्रजापति, कुंजबिहारी पांडे, संजीव पांडे, रणवीर सिंह लाला, अभिषेक सिंह छोटू,अखिलेश साहू,बृजेश शर्मा, राघवेंद्र पांडे, परशुराम प्रजापति, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता दीपू,श्यामजी गुप्ता आदि हजारों लोग शामिल रहे। सुरक्षा का जिम्मा एएसपी अरविंद कुमार वर्मा, एसडीएम सदर अभिषेक कुमार, सीओ सदर यशपाल सिंह, थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने संभाल रखा था। दुसरे दिन नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे उर्फ धीरु अधिशाषी अधिकारी दिनेश आर्य द्वारा रामलीला मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आल्हा गायन का कार्यक्रम आयोजन किया गया। जिसमें दर्जनों आल्हा गायकों ने भाग लिया। आयोजन कमेटी द्वारा आल्हा का व्याह, नैनागढ़ की लडाई पर गायन दिया गया। जिसमें दूरदराज से आए आल्हा गायकों में रामकिशोर,महावीर, उमाशंकर, चन्द्रभान सिंह, चरणसिंह, अनुरुद्ध सिंह अर्पित यादव सहित सभी ने अपने मधुर संगीत ऊंचे स्वर से उपस्थिति विशाल समूह का मनमोह लिया।
लोटन प्रसाद 
प्रेस रिपोर्टर क्राइम न्यूज़ चैनल 
भरुआसुमेरपुर ( हमीरपुर)
दो दिवसीय बुन्देलखण्ड का मशहूर तीजा मेला में दुसरे दिन पशु बजार के मालिक एवं कमेटी द्वारा विशाल दंगल का आयोजन किया गया। जिसमें दूरदराज राजिस्थान हरियाणा, पंजाब, नेपाल, बांदा चित्रकूट महोबा मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के पहलवानों ने अपना अपना दांव पेच से हजारों दर्शकों का मनमोह लिया। सबसे ज्यादा रोमांचक कुस्ती हनुमान गढ़ी अयोध्या के बाबा रविदास पहलवान, तथा राजिस्थान के लालु पहलवान के बीच रही लगभग दस मिनट उठापटक में हनुमान गढ़ी के बाबा रविदास पहलवान ने राजिस्थान के लालू पहलवान को हराकर अपने नाम विजय दर्ज कराई। दंगल का उद्घाटन इटरा आश्रम के बाबा वेदानन्द उर्फ बलराम तथा दंगल की रेफरी बुन्देलखण्ड केशरी बाबूलाल पहलवान, सूरजपाल सिंह तोमर ने किया। दंगल के आयोजन अमरसिंह,जयकरन सिंह, जितेन्द्र सिंह तोमर, रामबरन सिंह देवांश सिंह अंकित सिंह रानू,संतू सिंह,प्रदीप सिंह तोमर आदि।
हमीरपुर के सुमेरपुर में लगने वाला प्रसिद्ध तीजा मेला  बुंदेलखंड की समृद्ध परंपरा, आस्था और सामाजिक सौहार्द की पहचान बना हुआ है। पहली बार इस बार बमरोधक दस्ता तैनात किया गया था। तथा हरचंदन जहां श्रीकृष्ण द्वारा नागनाथन का मंचन होता है वहां गोताखोर पी,एक,सी तैनात रही।बताया जाता है कि इस मेले की शुरुआत करीब 1850 के आसपास श्रीकृष्ण की झांकियों से हुई थी। समय के साथ यह परंपरा भव्य शोभायात्रा, नागनाथ लीला, कंस वध, रासलीला, बुंदेली लोक संस्कृति, दंगल और मनोरंजन के विभिन्न आयोजनों तक पहुंच गई।
तीजा मेले की सबसे बड़ी खासियत यहां देखने को मिलने वाला आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द है। अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर मेले में सहयोग करते हैं और शोभायात्रा का स्वागत करते हैं।मेले को लेकर प्रशासन भी सफाई, रोशनी, पेयजल, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम करता है।सुमेरपुर तीजा महोत्सव गाजे बाजे के साथ निकली तीजा महोत्सव की नयनाभिराम शोभायात्रा शोभायात्रा में शामिल हुई 35 झांकियां द्रोपदी चीरहरण की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
। इसी के साथ तीन दिवसीय तीजा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी तीजा महोत्सव के नयनाभिराम शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा का नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे एवं श्रीकृष्ण लीला तीजा महोत्सव कमेटी अध्यक्ष जयप्रकाश दीक्षित बब्बू भैया ने भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह की आरती उतार कर किया। शोभा यात्रा 3:00 बजे चांद थोक के श्रीकृष्ण मंदिर से प्रारंभ होकर नरही मार्ग, नेहा चौराहा, हाईवे में चढ़ कर बस स्टैंड पहुंची। बस स्टैंड से वापस थाना चौराहा होकर मैथिली शरण गुप्त मार्ग से गुजर कर कमलेश तिराहा होते हुए छोटी बाजार पहुंची। यहां से श्रीकृष्ण भगवान की झांकी को हरचंदन तालाब ले जाया गया। यहां पर नागनाथन लीला का मंचन हुआ। नागनाथन लीला के उपरांत छोटी बाजार में कंस वध के साथ शोभा यात्रा संपन्न हुई। शोभा यात्रा में 35 झांकियां शामिल की गई थी। ज्यादातर झांकियां श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से ओतप्रोत  थी।इसके अलावा राष्ट्र भक्ति, पर्यावरण संरक्षण की झांकियां को भी शामिल किया गया।  शोभायात्रा में पूर्व विधायक युवराज सिंह, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह, रामदत्त पांडे, दीपा तिवारी, नवलदाऊ,कल्लू यादव, श्यामबाबू पांडे, सुरेश यादव,बदलू फौजी, सपा नेता रामप्रकाश प्रजापति, कुंजबिहारी पांडे, संजीव पांडे, रणवीर सिंह लाला, अभिषेक सिंह छोटू,अखिलेश साहू,बृजेश शर्मा, राघवेंद्र पांडे, परशुराम प्रजापति, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता दीपू,श्यामजी गुप्ता आदि हजारों लोग शामिल रहे। सुरक्षा का जिम्मा एएसपी अरविंद कुमार वर्मा, एसडीएम सदर अभिषेक कुमार, सीओ सदर यशपाल सिंह, थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने संभाल रखा था। दुसरे दिन नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे उर्फ धीरु अधिशाषी अधिकारी दिनेश आर्य द्वारा रामलीला मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आल्हा गायन का कार्यक्रम आयोजन किया गया। जिसमें दर्जनों आल्हा गायकों ने भाग लिया। आयोजन कमेटी द्वारा आल्हा का व्याह, नैनागढ़ की लडाई पर गायन दिया गया। जिसमें दूरदराज से आए आल्हा गायकों में रामकिशोर,महावीर, उमाशंकर, चन्द्रभान सिंह, चरणसिंह, अनुरुद्ध सिंह अर्पित यादव सहित सभी ने अपने मधुर संगीत ऊंचे स्वर से उपस्थिति विशाल समूह का मनमोह लिया।
    user_लोटन प्रसाद आर्य
    लोटन प्रसाद आर्य
    Yoga instructor हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • BREAKING NEWS: कानपुर के मसवानपुर में सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों ने बढ़ाई आफत, BREAKING NEWS: कानपुर के मसवानपुर में सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों ने बढ़ाई आफत, मसवानपुर में लगा भीषण जाम कानपुर। रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम सब-स्टेशन अंतर्गत मसवानपुर इलाके में बिजली विभाग की लापरवाही राहगीरों और स्थानीय निवासियों पर भारी पड़ रही है। इलाके में ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद जब उसे बदलने का काम शुरू किया गया, तो मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण जाम की स्थिति बन गई। घंटों लोग जाम में फंसे रहे और आवागमन पूरी तरह चरमरा गया। : स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य मार्ग पर पहले से ही एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर आधी सड़क घेर कर रखा गया है, जिससे रास्ता बेहद संकरा हो चुका है। इलाके में जाम की यह समस्या सिर्फ आज की नहीं है; सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों के कारण यहां आए दिन यही स्थिति बनी रहती है। : एक ही जगह पर सड़क घेरकर दो-दो ट्रांसफार्मर लगाने की क्या मजबूरी है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के इस लचर प्रबंधन को लेकर भारी आक्रोश है। घंटों की मशक्कत के बाद भी सड़क पर यातायात सामान्य कराने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। - अनूप कुमार निषाद, वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़, कानपुर
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    BREAKING NEWS: कानपुर के मसवानपुर में सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों ने बढ़ाई आफत,
BREAKING NEWS: कानपुर के मसवानपुर में सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों ने बढ़ाई आफत, मसवानपुर में लगा भीषण जाम
कानपुर। रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम सब-स्टेशन अंतर्गत मसवानपुर इलाके में बिजली विभाग की लापरवाही राहगीरों और स्थानीय निवासियों पर भारी पड़ रही है। इलाके में ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद जब उसे बदलने का काम शुरू किया गया, तो मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण जाम की स्थिति बन गई। घंटों लोग जाम में फंसे रहे और आवागमन पूरी तरह चरमरा गया।
: स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य मार्ग पर पहले से ही एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर आधी सड़क घेर कर रखा गया है, जिससे रास्ता बेहद संकरा हो चुका है।
इलाके में जाम की यह समस्या सिर्फ आज की नहीं है; सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों के कारण यहां आए दिन यही स्थिति बनी रहती है।
: एक ही जगह पर सड़क घेरकर दो-दो ट्रांसफार्मर लगाने की क्या मजबूरी है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के इस लचर प्रबंधन को लेकर भारी आक्रोश है।
घंटों की मशक्कत के बाद भी सड़क पर यातायात सामान्य कराने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- अनूप कुमार निषाद, वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़, कानपुर
    user_Anoop Nishad Kanpur
    Anoop Nishad Kanpur
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बिठूर विधानसभा के हरबतपुर मे किसानो के हालत खराब, नाला नाली, साफ न होने पर किसानो की फसल डूब गई, वही संसद, विधायक को किसानो से कोई मतलब नही, विकास के नाम पर जनता को झूठे सहारे मिले, कल हो जायेगा, परसो, हो जायेगा, विकास, मदद केवल जाति देखकर, किया गया, इस बार विधायक कि कुर्सी..........? बिठूर विधानसभा के हरबतपुर मे किसानो के हालत खराब, नाला नाली, साफ न होने पर किसानो की फसल डूब गई, वही संसद, विधायक को किसानो से कोई मतलब नही, विकास के नाम पर जनता को झूठे सहारे मिले, कल हो जायेगा, परसो, हो जायेगा, विकास, मदद केवल जाति देखकर, किया गया, इस बार विधायक कि कुर्सी..........?
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    बिठूर विधानसभा के हरबतपुर मे किसानो के हालत खराब, नाला नाली, साफ न होने पर किसानो की फसल डूब गई, वही संसद, विधायक को किसानो से कोई मतलब नही, विकास के नाम पर जनता को झूठे सहारे मिले, कल हो जायेगा, परसो, हो जायेगा, विकास, मदद केवल जाति देखकर, किया गया, 

इस बार विधायक कि कुर्सी..........? 
बिठूर विधानसभा के हरबतपुर मे किसानो के हालत खराब, नाला नाली, साफ न होने पर किसानो की फसल डूब गई, वही संसद, विधायक को किसानो से कोई मतलब नही, विकास के नाम पर जनता को झूठे सहारे मिले, कल हो जायेगा, परसो, हो जायेगा, विकास, मदद केवल जाति देखकर, किया गया, 
इस बार विधायक कि कुर्सी..........?
    user_सत्यम गोस्वामी  (पत्रकार)
    सत्यम गोस्वामी (पत्रकार)
    Media company कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सजेती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार घाटमपुर।सजेती थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है।सजेती पुलिस ने एनबीडब्ल्यू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।सजेती थाना पुलिस ने (बलात्कार/पॉक्सो एक्ट) रमाबाई नगर, कानपुर देहात द्वारा जारी एनबीडब्ल्यू वारंट के आधार पर कार्रवाई की है। पुलिस ने स्पेशल ट्रायल पॉक्सो एक्ट से संबंधित अभियुक्त छन्नीलाल (उम्र करीब 30 वर्ष), पुत्र मंगली, निवासी ग्राम गुरैयनपुर, थाना सजेती, कानपुर नगर को उसके घर के बाहर से हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपी को वारंट से अवगत कराते हुए गिरफ्तार कर लिया और थाने लाकर नियमानुसार दाखिल किया। आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली सजेती थाने की टीम में सजेती थानाध्यक्ष अनुज कुमार,उप-निरीक्षक रवि शर्मा व आरक्षी हरीश शर्मा मौजूद रहे।
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    सजेती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार
घाटमपुर।सजेती थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है।सजेती पुलिस ने एनबीडब्ल्यू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।सजेती थाना पुलिस ने (बलात्कार/पॉक्सो एक्ट) रमाबाई नगर, कानपुर देहात द्वारा जारी एनबीडब्ल्यू वारंट के आधार पर कार्रवाई की है। पुलिस ने स्पेशल ट्रायल पॉक्सो एक्ट से संबंधित अभियुक्त छन्नीलाल (उम्र करीब 30 वर्ष), पुत्र मंगली, निवासी ग्राम गुरैयनपुर, थाना सजेती, कानपुर नगर को उसके घर के बाहर से हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपी को वारंट से अवगत कराते हुए गिरफ्तार कर लिया और थाने लाकर नियमानुसार दाखिल किया। आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली सजेती थाने की टीम में सजेती थानाध्यक्ष अनुज कुमार,उप-निरीक्षक रवि शर्मा व आरक्षी हरीश शर्मा मौजूद रहे।
    user_Satish Kumar,9648888580
    Satish Kumar,9648888580
    Journalist Ghatampur, Kanpur Nagar•
    12 hrs ago
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