जनपद बाराबंकी के हासेमऊ में सीसी रोड निर्माण के उद्घाटन व जनसभा के दौरान आर्मी जवान को पीटने का आरोप बाराबंकी में सपा के विधायक सुरेश यादव द्वारा हासेमऊ में एक सीसी रोड का उद्धाटन करने पहुंचे थे। एक छोटी सी जनसभा भी रखी गई थी। उस सभा में सपा समर्थकों पर एक आर्मी के जवान को पीटने जाने का आरोप है। आर्मी के जवान विकास दीप कहते हैं, मैं 18 साल से आर्मी में हूं। छुट्टी पर घर आया था। गांव में जनसभा हो रही थी, किसकी जनसभा थी, मुझे नहीं पता। उस सभा में मंच पर माइक के जरिए लगातार पीएम मोदी पर टिप्पणी की जा रही थी। विकास कहते हैं, माइक से कहा जा रहा था कि मोदी ने 14 साल में क्या किया। उनके कार्यकाल में गैस तक नहीं मिल रही। इस तरह देश की मौजूदा स्थिति के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया जा रहा था। विकास मंच पर चढ़कर माइक लेने लगे तभी उनके साथ मारपीट हो गई। उनके सिर, हाथ, पैर व शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट आई है। विकास ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। कार्यक्रम के आयोजक शेर बहादुर सिंह ने कहा- भीड़ ज्यादा थी, विकास माइक छीनने लगे तो उनके साथ धक्का-मुक्की हुई। मारपीट नहीं हुई। ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
जनपद बाराबंकी के हासेमऊ में सीसी रोड निर्माण के उद्घाटन व जनसभा के दौरान आर्मी जवान को पीटने का आरोप बाराबंकी में सपा के विधायक सुरेश यादव द्वारा हासेमऊ में एक सीसी रोड का उद्धाटन करने पहुंचे थे। एक छोटी सी जनसभा भी रखी गई थी। उस सभा में सपा समर्थकों पर एक आर्मी के जवान को पीटने जाने का आरोप है। आर्मी के जवान विकास दीप कहते हैं, मैं 18 साल से आर्मी में हूं। छुट्टी पर घर आया था। गांव में जनसभा हो रही थी, किसकी जनसभा थी, मुझे नहीं पता। उस सभा में मंच पर माइक के जरिए लगातार पीएम मोदी पर
टिप्पणी की जा रही थी। विकास कहते हैं, माइक से कहा जा रहा था कि मोदी ने 14 साल में क्या किया। उनके कार्यकाल में गैस तक नहीं मिल रही। इस तरह देश की मौजूदा स्थिति के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया जा रहा था। विकास मंच पर चढ़कर माइक लेने लगे तभी उनके साथ मारपीट हो गई। उनके सिर, हाथ, पैर व शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट आई है। विकास ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। कार्यक्रम के आयोजक शेर बहादुर सिंह ने कहा- भीड़ ज्यादा थी, विकास माइक छीनने लगे तो उनके साथ धक्का-मुक्की हुई। मारपीट नहीं हुई। ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
- बाराबंकी, 10 अप्रैल। इस अवसर पर स्व० मोहसिना किदवई जी के चित्र पर पूर्व सांसद श्री पी०एल० पुनिया एवं सांसद श्री तनुज पुनिया ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सांसद श्री तनुज पुनिया ने कहा कि स्व० मोहसिना किदवई जी भारत की एक अत्यंत प्रतिष्ठित राजनीतिज्ञ थीं। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रहीं और उन्होंने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार बड़ी कुशलता से संभाला। आज उनकी कमी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए अपूरणीय क्षति है। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री पी०एल० पुनिया ने उन्हें नमन करते हुए उनके जीवन और कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार दोनों में मंत्री के रूप में कार्य किया। स्व० राजीव गांधी जी के कार्यकाल में उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन तथा शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनसे भारतीय राजनीति में उनका प्रभावशाली व्यक्तित्व उभरकर सामने आया। वर्ष 1978 में आजमगढ़ से उपचुनाव में उनकी ऐतिहासिक जीत ने कांग्रेस और देश की राजनीति को नई दिशा प्रदान की। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री मोहम्मद मोहसिन ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि जनपद बाराबंकी में स्व० रफी अहमद किदवई जी के बाद यदि किसी ने कांग्रेस और देश में बाराबंकी की पहचान को निरंतर बनाए रखने का कार्य किया है, तो वह स्व० मोहसिना किदवई जी हैं। वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हम कांग्रेसजनों के दिलों में सदैव जीवित रहेंगी और उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए हम सभी कांग्रेसजन संकल्पबद्ध हैं। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से पुष्प अर्पित करने वालों में पूर्व सांसद ए०पी० गौतम, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष नईम सिद्दीकी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव शिव शंकर शुक्ला, पूर्व प्रवक्ता सरजू शर्मा, नगर अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, के०सी० श्रीवास्तव, मोहम्मद जीशान, पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, महिला कांग्रेस अध्यक्ष शबनम वारसी, इरफान कुरैशी, अजीत वर्मा, एड० मोहम्मद इजहार, एड० वीरेंद्र यादव, शिव बहादुर वर्मा, मोइनुद्दीन अंसारी, फरहान किदवई, राहमहरख रावत, संजीव मिश्र, एड० राकेश तिवारी, रमेश कश्यप, आर०डी० रावत, सुशील वर्मा, सुरेश यादव, आमिर किदवई, अनुराग यादव, गोपी कनौजिया, मोहम्मद शीबू, एड० राजेश पाठक, एड० साईस्ता अख्तर, जितेंद्र वर्मा आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो चीफ रामानंद सागर3
- 📍 दर्दनाक हादसा | आंध्र प्रदेश Alluri Sitarama Raju District के मुल्लुंगुम्मी वॉटरफॉल में स्कूल की छुट्टियों के दौरान घूमने गई तीन नाबालिग लड़कियों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी सहेलियां मिलकर वॉटरफॉल पर एन्जॉय कर रही थीं और रील्स बना रही थीं। इसी दौरान अचानक गहरे पानी में जाने से हादसा हो गया। डूबते समय का वीडियो भी सामने आया है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। 🕯️ मृतक छात्राओं की पहचान: ▪️ ट्रिशा (17 वर्ष) ▪️ रत्ना कुमारी (16 वर्ष) ▪️ पवित्रा (16 वर्ष) घटना के वक्त साथ में मौजूद उनकी दो सहेलियां सुरक्षित हैं। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि प्राकृतिक जलस्रोतों पर जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। 🙏 ईश्वर दिवंगत बेटियों की आत्मा को शांति दे और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे। #Accident #WaterFall #AndhraPradesh #SafetyFirst1
- बाराबंकी में दबंगों के हौसले बुलंद महिला-किशोरी पर जानलेवा हमला पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार बाराबंकी। जनपद के मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है , जहां घर में घुसकर महिला और किशोरी पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया सूत्रों के अनुसार बताते चलें कि पीड़ित गुलाम नवी के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे वह घर से बाहर था। घर पर उसकी भाभी ननकुन्नी उर्फ जैबुलनिशा और भतीजी राबिया मौजूद थीं। आरोप है कि पड़ोस के दबंग लोग पुरानी रंजिश के चलते ईंट, लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से लैस होकर घर में घुस आए। हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए दोनों पर हमला कर दिया। राबिया के चेहरे पर ईंट से वार किया गया, जिससे उसका होंठ फट गया और जबड़ा प्रभावित हुआ। वहीं ननकुन्नी के सिर पर लोहे की रॉड से प्रहार किया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। दोनों घायल मौके पर ही बेहोश हो गए घायलों को सूरतगंज सीएचसी और फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके सिर और चेहरे पर टांके लगे हैं। इसके बावजूद पीड़ित का आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट को “नॉर्मल” दिखाया गया और पुलिस ने भी गंभीर धाराओं के बजाय मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। उनका कहना है कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज होना चाहिए था, उन्हें नहीं लगाया गया पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं—“मुकदमा वापस ले लो, हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे।” इससे परिवार दहशत में है। क्या पीड़ित को न्याय के बजाय दबाव झेलना पड़ रहा है? पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मुकदमे में गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं, निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। फिलहाल पीड़ित परिवार जिला अस्पताल में इलाज करा रहा है, लेकिन न्याय की उम्मीद में दर-दर भटकने को मजबूर है। अब देखना है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और पीड़ितों को कब न्याय मिल पाता है1
- बाराबंकी बाराबंकी जिले तहसील नवाबगंज के दाउदपुर गांव में किसान बलराम यादव की साढ़े तीन बीघा गेहूं की फसल शुक्रवार करीब11 बजे जलकर राख हो गई। यह घटना सतरिख थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई, जिससे किसान परिवार पर आजीविका का संकट गहरा गया है। आग लगने का कारण कथित तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही से हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, राम नारायण के पुत्र बलराम यादव की यह पूरी फसल नष्ट हो गई। यह फसल उनके आठ सदस्यीय परिवार के जीवन यापन का मुख्य साधन थी। फसल के साथ-साथ इससे मिलने वाला भूसा भी जल गया, जो उनके चार भैंसों के लिए लगभग छह माह तक चारे का प्रमुख स्रोत था।घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय हल्का लेखपाल भानुप्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।वहीं, इस संबंध में जब बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी अनुभव श्रीवास्तव को अवगत कराया गया, तो उन्होंने भी जेई को मौके पर भेजकर जांच कराने की बात कही है।1
- Post by Mohd Aamir2
- बाराबंकी के फतेहपुर थाना क्षेत्र के रसूलपनाह गांव में एक खेत में अचानक आग लग गई। इस घटना में किसान देवराज की करीब दो बीघा फसल जलकर राख हो गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आग देवराज के खेत में अज्ञात कारणों से भड़की और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के ग्रामीण घबरा गए और तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को भी बुलाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पास के तालाब से बाल्टियों और अन्य साधनों से पानी भरकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले सामूहिक प्रयासों के बाद आखिरकार आग पर नियंत्रण पा लिया गया। हालांकि, तब तक खेत में खड़ी पूरी फसल जल चुकी थी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है, लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई। घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।1
- बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में चौकाघाट रेलवे स्टेशन के पीछे वन विभाग की जमीन पर आग लग गई। आग लगने का मुख्य कारण बिजली के तारों को जलाकर धातु निकालने का प्रयास बताया जा रहा है। वन विभाग की जमीन के पास स्थित खेत के मालिक रामनरेश यादव ने धुआं उठते देखा। उन्होंने तत्काल वन विभाग और पुलिस हेल्पलाइन 112 को सूचना दी। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलने लगी। हालांकि, सूचना मिलते ही दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझाए जाने से क्षेत्र में लाखों बीघे में खड़ी गेहूं की फसल जलने से बच गई। मौके पर मौजूद वन दरोगा रोली अवस्थी ने भी आग लगने का कारण बिजली के तारों को जलाना बताया। पुलिस और वन विभाग इस घटना के लिए जिम्मेदार आरोपियों की तलाश कर रहे हैं।3
- तहसील रामनगर की कोतवाली थाना क्षेत्र मड़ना चौकाघाट के पास ओवर ब्रिज निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों मे आक्रोश देखने को मिला था ओवर ब्रिज निर्माण को लेकर किसानों और विभागीय कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग व उत्तर प्रदेश राज्यसेतु निगम और राजस्व की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर किसानों की मौजूदगी में ओवरब्रिज निर्माण में पड़ रही जमीन की पैमाइश का समस्या का समाधान कर दिया निर्माण के दौरान वन विभाग के द्वारा सड़क के दायरे में आने वाले पेड़ों की कटाई की जा रही थी लेकिन बिना पैमाइश के पेड़ों की कटाई पर किसानों ने आपत्ति जताई थी और हंगामा शुरू कर दिया था किसानों का या कहना था कि यह जो पेड़ लगे हैं वह हमारे हैं और हमने देखरेख कल तैयार किया है किसानो की शिकायत के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पैमाइश कर जिसमें लगभग 10 मीटर भूमि सड़क क्षेत्र में चिह्नित की गई संबंधित विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि केवल सड़क सीमा में ही पडने वाले पेड़ों की कटाई की जाएगी किसानों की निजी भूमि पर लगे पेड़ों को नहीं काटा जाएगा किसानों की सहमति से स्थल मेमो तैयार किया गया जिसमें खेत के स्वामियों द्वारा जिसमें अजय कुमार गणेश मिश्रा राजेश अवस्थी रामू दीक्षित मुरारी गौतम सहित अन्य खेत स्वामियों ने हस्ताक्षर किए तहसीलदार के निर्देश पर 3 सदस्य टीम ने जांच की अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया की आगे की प्रक्रिया के लिए उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय बुलाकर बैठक की जाएगी प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद शांतिपूर्ण समाधान हो गया और किसानों और वन विभाग के बीच सहमति बन गई ब्यूरो चीफ रामानंद सागर4