रक्षाबंधन पर घर पहुंचा भाई का शव, खुशियां बदलीं मातम में… ट्रेन से गिरकर 19 वर्षीय रोशन की मौत रक्षाबंधन का त्योहार… घर में भाई के आने का इंतजार… बहनें राखी बांधने की तैयारी में थीं। लेकिन जिस भाई के हाथ में राखी बांधने का इंतजार था, उसी का शव रक्षाबंधन के दिन घर पहुंचा। बेतिया में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। मामला जगदीशपुर थाना क्षेत्र के रामनगर गांव का है, जहां 19 वर्षीय रोशन चौधरी की ट्रेन से गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। रोशन, बच्चा चौधरी का पुत्र था और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शादी के बाद मजदूरी करने तमिलनाडु चला गया था। रोशन की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी और उसकी आठ महीने की मासूम बेटी भी है। रक्षाबंधन के मौके पर वह तमिलनाडु से ट्रेन के जरिए अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान कप्तानगंज और हुगली के बीच अचानक वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। हादसे में रोशन गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में रोशन को स्थानीय लोगों ने देखा। उसके पास मिले मोबाइल फोन के जरिए घटना की सूचना दी गई। इसके बाद रेल पुलिस मौके पर पहुंची और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मोबाइल के माध्यम से उसके परिजनों से संपर्क कर हादसे की जानकारी दी। घटना की खबर मिलते ही रोशन के चाचा बृजकिशोर चौधरी आनन-फानन में कप्तानगंज पहुंचे। रोशन की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर के शिवम हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे रोशन ने आखिरकार दम तोड़ दिया। रोशन की मौत की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। जिस रक्षाबंधन पर बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधनी थी, उसी दिन भाई का शव घर पहुंचा। पत्नी की आंखों के सामने पति का शव और आठ महीने की मासूम बच्ची का सिर से पिता का साया उठ जाना—इस दर्दनाक मंजर ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। रक्षाबंधन की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं। गांव में भी शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
रक्षाबंधन पर घर पहुंचा भाई का शव, खुशियां बदलीं मातम में… ट्रेन से गिरकर 19 वर्षीय रोशन की मौत रक्षाबंधन का त्योहार… घर में भाई के आने का इंतजार… बहनें राखी बांधने की तैयारी में थीं। लेकिन जिस भाई के हाथ में राखी बांधने का इंतजार था, उसी का शव रक्षाबंधन के दिन घर पहुंचा। बेतिया में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। मामला जगदीशपुर थाना क्षेत्र के रामनगर गांव का है, जहां 19 वर्षीय रोशन चौधरी की ट्रेन से गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। रोशन, बच्चा चौधरी का पुत्र था और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शादी के बाद मजदूरी करने तमिलनाडु चला गया था। रोशन की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी और उसकी आठ महीने की मासूम बेटी भी है। रक्षाबंधन के मौके पर वह तमिलनाडु से ट्रेन के जरिए अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान कप्तानगंज और हुगली के बीच अचानक वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। हादसे में रोशन गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में रोशन को स्थानीय लोगों ने देखा। उसके पास मिले मोबाइल फोन के जरिए घटना की सूचना दी गई। इसके बाद रेल पुलिस मौके पर पहुंची और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मोबाइल के माध्यम से उसके परिजनों से संपर्क कर हादसे की जानकारी दी। घटना की खबर मिलते ही रोशन के चाचा बृजकिशोर चौधरी आनन-फानन में कप्तानगंज पहुंचे। रोशन की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर के शिवम हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे रोशन ने आखिरकार दम तोड़ दिया। रोशन की मौत की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। जिस रक्षाबंधन पर बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधनी थी, उसी दिन भाई का शव घर पहुंचा। पत्नी की आंखों के सामने पति का शव और आठ महीने की मासूम बच्ची का सिर से पिता का साया उठ जाना—इस दर्दनाक मंजर ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। रक्षाबंधन की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं। गांव में भी शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
- रक्षाबंधन पर घर पहुंचा भाई का शव, खुशियां बदलीं मातम में… ट्रेन से गिरकर 19 वर्षीय रोशन की मौत रक्षाबंधन का त्योहार… घर में भाई के आने का इंतजार… बहनें राखी बांधने की तैयारी में थीं। लेकिन जिस भाई के हाथ में राखी बांधने का इंतजार था, उसी का शव रक्षाबंधन के दिन घर पहुंचा। बेतिया में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। मामला जगदीशपुर थाना क्षेत्र के रामनगर गांव का है, जहां 19 वर्षीय रोशन चौधरी की ट्रेन से गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। रोशन, बच्चा चौधरी का पुत्र था और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शादी के बाद मजदूरी करने तमिलनाडु चला गया था। रोशन की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी और उसकी आठ महीने की मासूम बेटी भी है। रक्षाबंधन के मौके पर वह तमिलनाडु से ट्रेन के जरिए अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान कप्तानगंज और हुगली के बीच अचानक वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। हादसे में रोशन गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में रोशन को स्थानीय लोगों ने देखा। उसके पास मिले मोबाइल फोन के जरिए घटना की सूचना दी गई। इसके बाद रेल पुलिस मौके पर पहुंची और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मोबाइल के माध्यम से उसके परिजनों से संपर्क कर हादसे की जानकारी दी। घटना की खबर मिलते ही रोशन के चाचा बृजकिशोर चौधरी आनन-फानन में कप्तानगंज पहुंचे। रोशन की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर के शिवम हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे रोशन ने आखिरकार दम तोड़ दिया। रोशन की मौत की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। जिस रक्षाबंधन पर बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधनी थी, उसी दिन भाई का शव घर पहुंचा। पत्नी की आंखों के सामने पति का शव और आठ महीने की मासूम बच्ची का सिर से पिता का साया उठ जाना—इस दर्दनाक मंजर ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। रक्षाबंधन की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं। गांव में भी शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- रक्षा बंधन के पावन अवसर पर पश्चिम चम्पारण की जिविका दीदीओं ने राखी बांधी। 28 August. जिला पदाधिकारी श्री तरण जोत सिंह और उप विकास आयुक्त श्री काजले वैभव नितिन को जिविका दीदीओं ने राखी बांधी। 28.08.2026.1
- गंडक नदी की स्थिति का मंत्री ने लिया जायजा, निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील बैरिया। बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रत्नेश सदा ने शुक्रवार को बैरिया प्रखंड क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर गंडक नदी की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पूजहा एवं सिंगही गंडक नदी घाट तथा घोड़हिया गंडक ऑफिस के समीप पहुंचकर अधिकारियों से जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि फिलहाल गंडक नदी की स्थिति सामान्य है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नेपाल की त्रिशूली नदी में भूस्खलन के बाद उत्पन्न स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार पूरी तरह अलर्ट है। प्रशासन और आपदा विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी या किसी भी तरह की आपात स्थिति की सूचना मिलने पर प्रशासन का सहयोग करें और सुरक्षित स्थानों पर जाने में देरी न करें। राहत एवं बचाव कार्य के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। बाढ़ प्रबंधन के सवाल पर मंत्री ने कहा कि पूर्व में भेजे गए पत्र और संबंधित तिथियों के आधार पर मुख्यमंत्री से बातचीत कर पक्कीकरण की दिशा में पहल की जाएगी। मौके पर सूर्यपुर पंचायत के मुखिया इस्लाम गद्दी, पखनाहा-डुमरिया पंचायत के मुखिया हरिलाल राम, समाज सेवी रुपेष कुशवाहा, आनंद जायसवाल सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी व स्थानीय कर्मी मौजूद रहे।1
- पति की मौत के एक माह बाद सड़क हादसे में पत्नी की भी गई जान, चार बेटे-बेटी हुए अनाथ ।। मझौलिया। थाना क्षेत्र के सतभीड़वा दलित बस्ती वार्ड संख्या-14 में गुरुवार को सड़क हादसे में 46 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान स्व. बाला मांझी की पत्नी सियाती देवी के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। करीब एक माह पूर्व ही बीमारी के कारण उसके पति की मौत हुई थी। अब पत्नी की भी सड़क दुर्घटना में मौत होने से उसके चार बेटे और एक बेटी बेसहारा हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सियाती देवी गुरुवार को घर बनाने के लिए एस्बेस्टस खरीदने दुकान जा रही थीं। इसी दौरान नानोसती-मझौलिया मुख्य मार्ग पर दलित बस्ती के समीप तेज गति से आ रहे अनियंत्रित ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना के बाद चालक ऑटो लेकर मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने आनन-फानन में घायल महिला को मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसीएच, बेतिया रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फरार ऑटो और चालक की तलाश में जुटी है। पड़ोसी झापस मांझी ने बताया कि मृतका के चार बेटे धर्मेंद्र कुमार (18), मंदीप कुमार (13), मंजीत कुमार (10) और एक अन्य पुत्र तथा 15 वर्षीय बेटी धर्मशीला कुमारी हैं। पति की मौत के बाद अब मां के चले जाने से बच्चे पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ऑटो और चालक की तलाश की जा रही है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
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- महावीरी झण्डा मे उमड़ जन सैलाब भगवान महावीर के जयघोष से वातावरण गुजमान नौतन प्रखंड क्षेत्र के मंगलपुर खेल मैदान पर शुक्रवार देर शाम तक ठोल नाकारा के साथ भक्ति भाव से झुमे श्रद्धालू1
- तमिलनाडु से घर लौट रहे युवक की ट्रेन से गिरकर मौत। ----घुघली व कप्तानगंज के बीच हुआ हादसा, इलाज के दौरान गोरखपुर में तोड़ा दम नौतन।तमिलनाडु से ट्रेन से अपने घर लौट रहे जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बरदाहा पंचायत के हरिनगर वार्ड नंबर-2 निवासी 25 वर्षीय रौशन कुमार की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई।हादसा गुरुवार की सुबह करीब नौ से दस बजे के बीच घुघली और कप्तानगंज के बीच हुआ। गंभीर रूप से घायल रौशन को इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव के घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।मृतक के चाचा बृजकिशोर चौधरी ने बताया कि रौशन कुमार तमिलनाडु में रहकर मजदूरी करता था। वह रक्षाबंधन के अवसर पर ट्रेन से तमिलनाडु से अपने घर लौट रहा था।इसी दौरान घुघली और कप्तानगंज के बीच वह ट्रेन से गिर गया।घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर उसका मोबाइल गिरा मिला।मोबाइल पर आए फोन के माध्यम से किसी व्यक्ति ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन वहां पहुंचे। गंभीर हालत में रौशन का इलाज गोरखपुर में कराया जा रहा था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।इसके बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे। जगदीशपुर थानाध्यक्ष नितेश कुमार ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर जीएमसीएच में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। *डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी शादी* परिजनों के अनुसार रौशन कुमार की शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बिदाउती कुमारी से हुई थी। उसकी सात माह की एक बच्ची है। परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए रौशन तमिलनाडु में मजदूरी करता था।मौत से पत्नी बिदाउती कुमारी समेत पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं परिजनों ढांढस बंधाने में पंचायत के मुखिया राजहरण कुमार उपस्थित रहे।4
- रक्षाबंधन पर बेतिया पुलिस की खास पहल, महिलाओं की सुरक्षा के लिए रवाना हुई ‘अभया ब्रिगेड’ रक्षाबंधन के पावन अवसर पर पश्चिम चंपारण की बेतिया पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बेतिया से पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस दीदी पेट्रोलिंग टीम यानी ‘अभया ब्रिगेड’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पेट्रोलिंग टीम अब क्षेत्र में नियमित रूप से भ्रमण और पेट्रोलिंग करेगी। टीम की मौजूदगी से महिलाओं और छात्राओं में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें किसी भी परेशानी की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने अभया ब्रिगेड की टीम को महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, जागरूकता और सहायता के लिए सक्रिय, संवेदनशील और तत्पर होकर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही आम लोगों, खासकर महिलाओं और बालिकाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। अभया ब्रिगेड की टीम क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करेगी। किसी महिला या बालिका को किसी प्रकार की परेशानी, असुरक्षा या आपात स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो पुलिस टीम तत्काल सहायता पहुंचाने की दिशा में काम करेगी। रक्षाबंधन के मौके पर शुरू की गई यह पहल सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के बीच विश्वास, सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। बेतिया पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षित माहौल बनाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय रहेगी और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर बेतिया पुलिस की ‘अभया ब्रिगेड’ ने एक मजबूत संदेश दिया है—महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए पुलिस हमेशा उनके साथ खड़ी है।1